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वाराणसी में अवैध निर्माण के खिलाफ VDA का एक्शन प्लान, अधिकारियों को कड़े निर्देश

वाराणसी में अवैध निर्माण के खिलाफ VDA का एक्शन प्लान, अधिकारियों को कड़े निर्देश
Jan 06, 2026, 05:45 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : शहर में बढ़ती अवैध प्लाटिंग एवं बिना स्वीकृत मानचित्र के हो रहे निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. सोमवार को VDA सभागार में उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के निर्देशानुसार जोनल अधिकारियों, अवर अभियंताओं (जेई) एवं सुपरवाइजरों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फील्ड स्तर पर कार्यरत कार्मिकों को उनके दायित्वों के प्रति और अधिक सक्षम एवं जागरूक बनाना तथा अवैध गतिविधियों पर प्रारंभिक स्तर पर ही प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा.


नियोजित विकास में बाधा हैं अवैध निर्माण


प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए VDA उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि अवैध प्लाटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण न केवल शहर के नियोजित विकास में बाधा उत्पन्न करते हैं, बल्कि भविष्य में आम नागरिकों के लिए गंभीर समस्याएं भी खड़ी करते हैं. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जोनल अधिकारी, जेई एवं सुपरवाइजर अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करें और अवैध गतिविधियों पर सतत निगरानी बनाए रखें.


अवैध गतिविधियों की पहचान और तत्काल कार्रवाई


प्रशिक्षण के दौरान सुपरवाइजरों को विशेष रूप से यह जानकारी दी गई कि अवैध प्लाटिंग अथवा निर्माण की पहचान किस प्रकार की जाए, मौके पर तत्काल क्या कार्रवाई की जाए तथा संबंधित प्रकरणों की रिपोर्टिंग उच्चाधिकारियों को किस तरह से की जाए. उपाध्यक्ष ने निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन में आए बिना नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.


आम जनता को जागरूक करना भी जरूरी


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उपाध्यक्ष ने कहा कि केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आम जनमानस को जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है. उन्होंने फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए कि स्थानीय नागरिकों, कॉलोनाइजरों एवं बिल्डरों को यह स्पष्ट जानकारी दी जाए कि बिना मानचित्र एवं लेआउट स्वीकृति के कोई भी निर्माण या प्लाटिंग अवैध है. स्वीकृत मानचित्र के अनुसार निर्माण कराने से नागरिकों को भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.


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215 नए गांवों को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश


विकास प्राधिकरण द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि विकास क्षेत्र में हाल ही में सम्मिलित किए गए 215 गांव, जिनका भू-उपयोग महायोजना–2031 के अंतर्गत अभी तक अभिसूचित नहीं हुआ है, वहां कृषि योग्य भूमि पर प्लाटिंग की अनुमति दी जाएगी. हालांकि, यह अनुमति VDA से लेआउट स्वीकृत कराए जाने के उपरांत ही मान्य होगी.


  1. प्लॉट की पहुँच मार्ग (एक्सेस रोड) की न्यूनतम चौड़ाई 09 मीटर हो
  2. यदि प्लाटिंग का कुल क्षेत्रफल 3000 वर्ग मीटर या उससे अधिक है, तो कुल क्षेत्रफल का कम से कम 15 प्रतिशत भाग पार्क/हरित क्षेत्र के रूप में आरक्षित किया जाए.
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में पसरा मातम
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में पसरा मातम
A student preparing for competitive exams committed suicide by hanging himself, leaving his family in mourning.वाराणसी: सारनाथ क्षेत्र में किराए पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने मंगलवार को फांसी लगाकर जान दे दी. सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. छात्र की पहचान गाजीपुर निवासी 20 वर्षीय विशाल यादव के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार आत्‍महत्‍या की वजह स्‍पष्‍ट नहीं हो सकी है. घटना से जुडे सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. छात्र की मौसेरी बहन आकृति यादव ने बताया कि विशाल अपनी बड़ी बहन सरिता और उनके साथ सारनाथ थाना क्षेत्र की अटल नगर कॉलोनी स्थित एक किराए के मकान में रहते थे. वे सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे.आकृति के अनुसार, उनके मौसा रमेश यादव दुबई में रहते हैं और विशाल गाजीपुर से स्‍नातक का छात्र था. आकृति ने बताया कि घटना वाले दिन वह सुबह मंदिर दर्शन के लिए गई थीं, जबकि विशाल की बड़ी बहन सरिता कोचिंग चली गई थी. दोपहर करीब 12:30 बजे जब आकृति मंदिर से लौटीं, तो विशाल के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था. उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने विशाल के मोबाइल पर कई बार कॉल किया, जो रिसीव नहीं हुई.डायल 112 को दी सूचना अनहोनी की आशंका होने पर आकृति ने खिड़की से झांक कर देखा तो विशाल के गले में स्टॉल से फंदा लगा था और वह बेड पर लटका हुआ था. यह देखते ही आकृति जोर से चीख पड़ीं. उसकी चीख-पुकार सुनकर मकान मालिक और अन्य किराएदार भी मौके पर आ गए. लोगों ने दरवाजा तोड़कर विशाल को फंदे से नीचे उतारा और अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं. इसके बाद परिजनों और डायल 112 को घटना की सूचना दी गई.यह भी पढ़ें: रोहनिया हाईवे पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के चलते घंटों बाधित रहा यातायात, वाहनों की लगी कतारसारनाथ पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की. सारनाथ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा.थाना प्रभारी सारनाथ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है. मृतक के मोबाइल को फोरेंसिक टीम ने जांच के लिए कब्जे में ले लिया है. परिजनों द्वारा तहरीर दिए जाने पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी.
रोहनिया हाईवे पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के चलते घंटों बाधित रहा यातायात, वाहनों की लगी कतार
रोहनिया हाईवे पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के चलते घंटों बाधित रहा यातायात, वाहनों की लगी कतार
वाराणसी: रोहनिया के मोहनसराय हाईवे स्थित चौराहे पर पैदल राहगीरों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे फुट ओवर ब्रिज के निर्माण कार्य के दौरान मंगलवार की सुबह यातायात लगभग दो घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा. इस दौरान हाईवे और सर्विस रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.रोका गया वाहनों का आवागमन निर्माण एजेंसी की टीम ने भोर से ही तैयारी शुरू कर दी थी. पहले से बगल की जमीन पर लोहे के गटर को दो भागों में वेल्डिंग करके तैयार किया गया था. सुबह करीब 5 बजे से 7 बजे तक चार क्रेन की मदद से इन भारी-भरकम गटरों को हाईवे के दोनों तरफ बने पिलरों पर सेट किया गया. क्रेन से सेटिंग का काम चलने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था. इस दौरान दोनों तरफ सैकड़ों वाहन खड़े हो गए और यातायात जाम की स्थिति बन गई. राहगीर पैदल चौराहा पार करने में भी दिक्कत महसूस कर रहे थे.लगभग दो घंटे की मेहनत के बाद सफलतापूर्वक गार्डर की सेटिंग पूरी होने के बाद सुबह 7 बजे यातायात को सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया. इस फुट ओवर ब्रिज के बनने से मोहनसराय चौराहे पर पैदल यात्रियों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने की सुविधा मिलेगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी.यह भी पढ़ें: BHU अस्‍पताल में जूनियर डाक्‍टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों ने संभाला कामकाजस्थानीय लोगों ने निर्माण टीम की कुशलता की प्रशंसा की, लेकिन साथ ही यातायात बाधित होने के दौरान बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था की मांग भी की है ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी न हो. रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
 BHU अस्पताल में  जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों  से संभाला कामकाज
BHU अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों से संभाला कामकाज
वाराणसी: बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में जूनियर डाक्‍टरों (जेआर1) की हड़ताल से कामकाज प्रभावित होने लगा है. जिससे मरीजों और तीतारदारों को इलाज में दुश्‍वारियों का सामना करना पड़ रहा है. जूनियर डाक्टरों ने अपनी हड़ताल का कारण एक महिला रेजिडेंट की आत्महत्या की कोशिश का विरोध बताया है. वहीं सीनियर रेजिडेंट ने मोर्चा संभाला लिया है. वहीं जूनियर डाक्‍टर अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं. धरने पर बैठे डा. अंबुज ने आरोप लगाया कि इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्रशासन की ओर से संतोषजनक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.आरोपित चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाईडाक्टरों की प्रमुख मांगों में जूनियर रेजिडेंट्स के लिए निश्चित ड्यूटी आवर तय करना, अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुचारु करना और महिला जूनियर डाक्टर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपित चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है. इस बीच, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज प्रशासन का कहना है कि जांच समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. सर सुंदरलाल अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट डाक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल के करीब 28 वार्डों में तैनात लगभग 85 जूनियर रेजिडेंट्स ने कामकाज ठप कर दिया है, जिससे मरीजों को इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.धरना पर बैठा जूनियर रेजिडेंटों का समूह जूनियर रेजिडेंटों का एक समूह इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मुख्य द्वार पर धरना दे रहा है. उनका कहना है कि प्रशासन को मामले में की गई कार्रवाई को लेकर लिखित रूप से स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए. डा. अंबुज ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे. वहीं इस मामले में आईएमएस निदेशक ने कहा है कि पूरे मामले की जांच के लिए गठित कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी.यह भी पढ़ें: BHU में अब चार वर्षीय B.Ed कोर्स, 12वीं के बाद शिक्षक बनने का सुनहरा मौकारिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस स्थिति के चलते मरीजों को इलाज में हो रही परेशानियों को देखते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द समाधान निकालने की कोश‍िश कर रहा है. इस हड़ताल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को चुनौती दी है और मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है. हालांकि सीनियर डाक्‍टरों ने कामकाज संभाल रखा है.