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नमो घाट हत्याकांड के बाद शपथ पत्र भरवाने को लेकर वेंडरों में नाराजगी, सुरक्षा की उठी मांग

नमो घाट हत्याकांड के बाद शपथ पत्र भरवाने को लेकर वेंडरों में नाराजगी, सुरक्षा की उठी मांग
Jun 02, 2026, 12:45 PM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: नमो घाट पर पर्यटक राजेश उर्फ चिंटू की पिटाई के बाद हुई मौत के मामले ने घाट की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन प्रणाली को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. घटना के बाद घाट का संचालन कर रही कंपनी ने यहां व्यवसाय कर रहे वेंडरों, दुकानदारों और अन्य संचालकों से शपथ पत्र भरवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस कदम को लेकर घाट परिसर में काम करने वाले व्यवसायियों के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है.


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व्यवसायियों पर अतिरिक्त शर्तें लागू करना उचित नहीं


वेंडरों का कहना है कि वे हर महीने 20 हजार से 50 हजार रुपये तक किराया, जीएसटी और कमर्शियल बिजली शुल्क का भुगतान करते हैं, लेकिन इसके बावजूद घाट पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं. उनका आरोप है कि पूर्व में कई बार दुकानों और झूलों में चोरी तथा तोड़फोड़ की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए. ऐसे में पर्यटक की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के बजाय व्यवसायियों पर अतिरिक्त शर्तें लागू करना उचित नहीं है.


नमो घाट का संचालन निजी कंपनी के हाथों में है, जिसने विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों के लिए घाट परिसर को अलग-अलग हिस्सों में बांट रखा है. अब हालिया घटना के बाद प्रबंधन की ओर से वेंडरों को शपथ पत्र देकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो.


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शपथ पत्र में क्या मांगा जा रहा है?


वेंडरों को दिए जा रहे शपथ पत्र में उनसे यह घोषणा कराई जा रही है कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है, वे किसी प्रकार की मारपीट या अभद्रता में शामिल नहीं होंगे तथा नमो घाट प्रबंधन और वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा निर्धारित सभी नियमों का पालन करेंगे. साथ ही किसी भी नियम उल्लंघन की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी स्वयं लेने की बात भी शपथ पत्र में शामिल की गई है.


पर्यटक की मौत के बाद बढ़ी निगरानी


गौरतलब है कि 25 मई की भोर में सोनभद्र निवासी राजेश उर्फ चिंटू की नमो घाट के गेट नंबर-1 पर सुरक्षा कर्मियों से कहासुनी हो गई थी. आरोप है कि विवाद के बाद सुरक्षा गार्डों ने उसकी बेल्ट और डंडों से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना में उसके साथ मौजूद युवकों के साथ भी मारपीट की बात सामने आई थी. मामले में पुलिस ने चार सुरक्षा गार्डों और सुरक्षा एजेंसी संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.


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संचालन कंपनी भी जांच के घेरे में


घटना के बाद वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से घाट के कथित लापरवाहीपूर्ण संचालन को लेकर संचालन कंपनी और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया है. जांच एजेंसियां पूरे प्रकरण की पड़ताल कर रही हैं. इस बीच वेंडरों का कहना है कि घाट की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और जवाबदेही तय करना अधिक जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.


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क्यूआर कोड व्यवस्था पुनः लागू करने की मांग, पुलिस आयुक्त को सौंपा ज्ञापन...
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वाराणसी : उत्तर प्रदेश ऑटो रिक्शा/थ्री व्हीलर चालक यूनियन, वाराणसी के जिला अध्यक्ष ईश्वर सिंह ने पुलिस आयुक्त वाराणसी को ज्ञापन देकर शहर में पूर्व में लागू क्यूआर कोड व्यवस्था को पुनः प्रभावी ढंग से लागू करने तथा कथित अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है.ज्ञापन में कहा गया है कि कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा पूर्व में लागू की गई क्यूआर कोड व्यवस्था के कारण शहर की यातायात व्यवस्था काफी हद तक व्यवस्थित हो गई थी तथा जाम की समस्या में भी उल्लेखनीय कमी आई थी. इससे आम नागरिकों, वाहन चालकों तथा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को भी राहत मिली थी.यूनियन का आरोप है कि वर्तमान समय में क्यूआर कोड व्यवस्था पूरी तरह प्रभावहीन हो चुकी है और विभिन्न क्षेत्रों में बिना परमिट एवं नियम विरुद्ध वाहन खुलेआम संचालित हो रहे हैं. साथ ही कुछ एजेंटों द्वारा ऐसे वाहनों से प्रति वाहन लगभग दो हजार रुपये प्रतिमाह की कथित अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं.ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब भी किसी क्षेत्र में जांच अथवा चेकिंग अभियान चलाया जाता है, उसकी सूचना पहले ही कुछ लोगों तक पहुंच जाती है.इसके लिए कथित रूप से व्हाट्सएप ग्रुप संचालित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से बिना परमिट अथवा नियम विरुद्ध संचालित वाहनों को पहले ही सतर्क कर दिया जाता है.इससे कार्रवाई का उद्देश्य प्रभावित होता है और वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती.ईश्वर सिंह ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच कराए जाने पर अवैध वसूली तथा नियम विरुद्ध वाहन संचालन से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है.ALSO READ : वाराणसी में ऑनलाइन बेटिंग और जुआ कारोबार के दो आरोपी गिरफ्तार...ज्ञापन में पुलिस आयुक्त से मांग की गई है कि क्यूआर कोड व्यवस्था को पुनः लागू किया जाए, बिना परमिट संचालित वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए, कथित अवैध वसूली करने वालों एवं उनके संरक्षकों की जांच कर कार्रवाई की जाए, सूचना लीक करने वाले व्हाट्सएप ग्रुपों की जांच कराई जाए तथा बिना पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण एवं चेकिंग अभियान चलाकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराया जाए.
वाराणसी में ऑनलाइन बेटिंग और जुआ कारोबार के दो आरोपी गिरफ्तार...
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वाराणसी : साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन माध्यम से जुआ और सट्टे का कारोबार संचालित करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब पांच लाख रुपये की धनराशि दो बैंक खातों में सीज कराई है. सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) विदुष सक्सेना ने बताया कि साइबर क्राइम थाना की टीम को ऑनलाइन बेटिंग और जुआ संचालन की सूचना मिली थी. जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया.गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान दीपक सिंह, निवासी थाना गोविंद नगर, कानपुर तथा नवनीत सिंह, निवासी कानपुर के रूप में हुई है. तलाशी के दौरान उनके कब्जे से नौ मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग कथित रूप से ऑनलाइन सट्टा और जुआ संचालन में किया जा रहा था. पुलिस के अनुसार, आरोपियों के बैंक खातों में मौजूद करीब पांच लाख रुपये की संदिग्ध धनराशि को सीज कराया गया है. बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्डों की जांच कर ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है.ALSO READ : बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर में अब मिलेगी मुफ्त वाई-फाई सेवा, जान लें तरीका...गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक विजय नारायण मिश्र, निरीक्षक उदयवीर सिंह, उपनिरीक्षक विवेक सिंह, उपनिरीक्षक आलोक कुमार यादव, कांस्टेबल चंद्रशेखर यादव, कांस्टेबल देवेंद्र यादव, अवनीश सिंह तथा कांस्टेबल अनिल मौर्य शामिल रहे. पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के अवैध कारोबार में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी. पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे विभिन्न बेटिंग वेबसाइटों के लिए ग्राहकों को आइडी उपलब्ध कराते थे तथा जमा-निकासी (पे-इन और पे-आउट) की प्रक्रिया संचालित करते थे. इसके लिए फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों का उपयोग किया जाता था. पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है.
बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर में अब मिलेगी मुफ्त वाई-फाई सेवा, जान लें तरीका...
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वाराणसी : नगर निगम काशी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ-साथ अब इसे डिजिटल रूप से भी सशक्त बनाने में जुटी हुई है. इस क्रम में शहर में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए गुरुवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी ने सर सुंदर लाल चिकित्सालय (बीएचयू) और बीएचयू ट्रामा सेंटर में नि:शुल्क वाई-फाई सेवा का विधिवत शुभारंभ किया.नगर निगम ने इस महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल का आगाज़ सबसे पहले अस्सी घाट व दशाश्वमेध घाट से किया था. इसके बाद दूसरे चरण में पूर्वांचल के सबसे बड़े अस्पताल बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर को भी हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा से जोड़ा गया.ऐसे में अब शहर के कुल चार प्रमुख और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लोगों को मुफ्त हाई-स्पीड वाई-फाई की सुविधा मिलने लगी है. महापौर ने कहा कि यह परियोजना वाराणसी को एक आधुनिक और स्मार्ट सिटी बनाने के हमारे संकल्प का एक अहम हिस्सा है, क्योंकि वर्तमान समय में इंटरनेट एक बुनियादी आवश्यकता बन चुका है. महापौर ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्होंने अनुभव किया था कि इस चिकित्सा संस्थान में इंटरनेट वाई फाई की अत्यधिक आवश्यकता है.आम नागरिकों और युवाओं की सहूलियत के लिए निगम ने इन सभी वाई-फाई ज़ोन में विशेष बोर्ड लगाए हैं. इन बोर्ड्स पर एक क्यूआर कोड दिया गया है. अस्पताल आने वाले तीमारदार, मरीज या विश्वविद्यालय के छात्र और शोधार्थी अपने मोबाइल से इस क्यूआर कोड को स्कैन करके बेहद आसानी से मुफ्त इंटरनेट सेवा का लाभ उठा सकते हैं. वाई-फाई व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएन) को सौंपी गई है.ALSO READ : वाराणसी में जहर खिलाकर बहू की हत्या करने के आरोपित ससुर, पति और देवर गिरफ्तार...बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि निगम की इस डिजिटल पहल से सूचनाओं का आदान-प्रदान तो सुगम होगा ही साथ में मरीजों के परिजन के लिए काफी सुविधा होगी. ट्रामा सेंटर के प्रभारी डा. सौरभ सिंह ने कहा कि वर्तमान समय पूरी तरह से डिजिटल क्रांति का है, जो हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित कर रहा है. ऐसे में निगम की ओर से उपलब्ध कराई जा रही मुफ्त वाई-फाई की सुविधा आम नागरिकों को सीधे डिजिटल कनेक्टिविटी से जोड़ने में सहायक साबित होगी. बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि इस नेटवर्क की स्पीड और रेंज को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि अस्पताल या घाटों पर अत्यधिक भीड़ होने के दौरान भी कनेक्टिविटी में कोई रुकावट न आए और सुचारू रूप से डेटा ट्रांसफर होता रहे. कार्यक्रम का संचालन नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने किया. इस अवसर पर पार्षद रवींद्र सिंह, पार्षद अक्षैवर सिंह, पार्षद ‍सुरेश पटेल सहित नगर निगम के संयुक्त नगर आयुक्त कृष्ण चंद्र, चिकित्सा अधीक्षक के के गुप्ता, बीएसएनएल के उप मंडल अभियंता अभिजित कुमार साहा सहित निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे.