विजय माल्या को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार! दिया अल्टीमेटम...

Vijay Mallya Case: शराब कारोबारी विजय माल्या की बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुश्किले और भी बड़ा दी है. जी हां, कोर्ट ने बीते गुरुवार को सुनवाई कर भगोड़े आर्थिक अपराधी विजय माल्या को भारत आकर यह बताने का एक आखिरी मौका दिया है कि वह भारत आएंगे या नहीं. जहां कोर्ट ने कहा कि कानून की वैलिडिटी को चुनौती देने वाला केस लड़ने के लिए किसी भी हाल में भारत आना ही होगा. बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड़ की पीठ ने कहा कि आपको वापस आना होगा. अगर आपने कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर वापस नहीं आए तो हम इस याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकते है. अभी तक कोर्ट ने विजय माल्या की उस याचिका पर सुनवाई की थी, जिसमें उन्होंने एफईओ अधिनियम और भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की कार्यवाही को चुनौती दी थी.

भारत लौटने के इरादे में नहीं माल्या
कार्ट द्वारा दिए गए इन निर्देशों के बावजूद भी आरोपी विजय माल्या भारत लौटने के मामले में अपना हलफनामा पेश करने में नाकाम साबित हुए थे. ये नाकामी ये साफ जाहिर कर रही है कि, माल्या का भारत लौटने का कोई भी इरादा नहीं है. उनके इस रवैये से नाराज अदालत ने कड़ा रूख अपनाते हुए साफ कहा कि, न्यायालय के आदेशों का माल्या उल्लंघन कर रहे है, जिसके चलते आप भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम को चुनौती देने वाली वर्तमान याचिका का लाभ नहीं उठा सकते है.

माल्या के वकील ने कही बड़ी बात
दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि, विजय माल्या ने एक हलफनामा दायर किया है, जिसमें उन्होंने ये दावा किया है कि बैंकों द्वारा उनसे पैसे की मांग करना गलत था और वह मामले को वसूली की कार्यवाही में बदलने की कोशिश कर रहा, ऐसे में उन्होंने तर्क दिया कि माल्या ने 2018 के अधिनियम को तभी चुनौती दी जब वह भगोड़ा बन चुका था, साथ ही वो भारत लंदन में प्रत्यर्पण कार्यवाही के अंतिम फेज में भी चल रहा था.

ऐसे में उसका भारत आकर ही कोर्ट के सामने सभी बातों पर चर्चा करना ही बेहतर माना जाएगा, लेकिन उसे भारतीय कानून पर अविश्वास नहीं करना चाहिए और फिर भी न्याय का दावा करना चाहिए...इन सभी बयानों के बीच माल्या के वकील अमित देसाई ने कहना है कि माल्या को भारत आए बिना भी सुनवाई का अवसर दिया जा सकता है. हालांकि, बेंच ने इस बात पर जोर दिया कि माल्या को यह बताने का निर्देश देने वाला एक मौजूदा आदेश है कि वह कब लौटने का प्रस्ताव रखते हैं. जिस पर कोर्ट ने कहा, “आपके साथ न्याय करते हुए हम आपको एक और अवसर दे रहे हैं.
जानिए क्या है मामला
गौरतलब है कि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने भगोड़े व्यवसायी विजय माल्या को फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट (FEOA) 2018 के तहत खुद को भगोड़ा घोषित करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए भारत लौटने का अल्टीमेटम दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक वह स्वदेश नहीं लौटते, उनकी याचिका पर कोई सुनवाई नहीं होगी. विजय माल्या ब्रिटेन में फरार हैं. जिसके चलते वो फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट 2018 के तहत फरार आर्थिक अपराधी घोषित किए गए हैं.
ये एक्ट ऐसे लोगों के खिलाफ लगाया जाता है जो बड़े कर्ज डिफॉल्ट करके देश छोड़कर भाग जाते हैं. माल्या किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज न चुकाने के मामले में ही आरोपी हैं. बैंक से हजारों करोड़ का लोन लिया था जो आज तक वापस नहीं किया गया है. भारत सरकार उनकी प्रत्यर्पण यानी एक्सट्राडिशन की कोशिश कर रही है. लंदन में सुनवाई अंतिम चरण में है.



