मजदूर की मौत पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कार्रवाई ना होने पर थाने का किया घेराव

वाराणसी: सारनाथ थाना क्षेत्र में एक मजदूर की मौत के मामले में अब तक कार्रवाई नहीं होन से नाराज ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया. ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया. बतादें कि यह घटना घुरहूपुर सारनाथ के रहने वाले विकास उर्फ विक्की राजभर से संबंधित है. उनकी मौत एक निर्माणाधीन मकान की शटरिंग गिरने से हुई थी. मजदूर के पिता दिनेश राजभर की तहरीर पर मकान मालिक और ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था.

आरोपियों को बचाने में लगी पुलिस
दिनेश राजभर ने आरोप लगाया कि पुलिस विपक्षियों से मिली हुई है और उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है. इस कथित निष्क्रियता से नाराज होकर मृतक के परिजनों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों ने सारनाथ थाने पर प्रदर्शन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए. सूचना के बाद कार्यवाहक थाना प्रभारी अजय शुक्ला मौके पर पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों को 48 घंटे के भीतर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया.
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मृतक के साथी ने बताई आपबीती
मृतक के साथी संदीप राजभर ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि होली से एक दिन पहले, 3 मार्च को, वह अपने दोस्त दशरथ और विकास उर्फ विक्की के साथ बैठा था. इस बीच गांव का शुभम राजभर उन्हें नई बाजार पतेरवाँ स्थित एक निर्माणाधीन मकान पर मजदूरी के लिए ले गया. मिट्टी गीली और कच्ची होने के कारण सभी ने काम करने से इनकार कर दिया था. संदीप के अनुसार, मकान मालिक बमबम सिंह ने मजदूरों को धमकाकर जबरदस्ती काम करने को मजबूर किया.

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इसी दौरान मकान की शटरिंग अचानक गिर गई, जिससे संदीप, दशरथ, शुभम और विकास उर्फ विक्की घायल हो गए. सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने विकास उर्फ विक्की राजभर को मृत घोषित कर दिया. संदीप राजभर ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के 10 दिन बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण ग्रामीणों ने आज थाने का घेराव किया.



