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करसड़ा प्लांट में सात माह में 35.5% बढ़ा कूड़ा निस्तारण, जुलाई में 31,940 टन कचरा हुआ प्रोसेस

करसड़ा प्लांट में सात माह में 35.5% बढ़ा कूड़ा निस्तारण, जुलाई में 31,940 टन कचरा हुआ प्रोसेस
Aug 23, 2026, 02:43 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : ‘स्वच्छ काशी, सुंदर काशी’ के संकल्प के तहत नगर निगम की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के प्रयासों का असर अब कूड़ा प्रसंस्करण के आंकड़ों में भी दिखने लगा है। करसड़ा स्थित वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट में जनवरी की तुलना में जुलाई 2026 तक कूड़ा निस्तारण में करीब 35.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जनवरी में जहां 23,569.8 टन कचरे का प्रसंस्करण हुआ था, वहीं जुलाई में यह बढ़कर 31,940 टन पहुंच गया।


नगर निगम के अनुसार, जनवरी से जुलाई 2026 तक करसड़ा प्लांट में कुल 1,87,720.5 टन कचरे का प्रसंस्करण किया गया। माहवार आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में 24,056.4 टन, मार्च में 26,272.5 टन, अप्रैल में 24,924.7 टन, मई में 28,774.8 टन और जून में 28,182.2 टन कचरे का निस्तारण किया गया।


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वित्तीय वर्ष 2025-26 में करसड़ा स्थित वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट से करीब 50 हजार टन जैविक खाद (कंपोस्ट) का उत्पादन किया गया। इसे विभिन्न फर्टिलाइजर कंपनियों को बिक्री के लिए भेजा गया। इसी अवधि में प्लांट से करीब 52 हजार टन रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (आरडीएफ) भी तैयार हुआ, जिसे देश की विभिन्न सीमेंट फैक्ट्रियों और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स को ईंधन के तौर पर सप्लाई किया गया।


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नगर निगम के मुताबिक वाराणसी शहर में प्रतिदिन करीब 1000 से 1300 टन ठोस कचरा निकलता है। इसके निस्तारण के लिए शहर में अलग-अलग क्षमता वाले प्रोसेसिंग प्लांट संचालित किए जा रहे हैं। करसड़ा स्थित वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 600 मीट्रिक टन कचरे के प्रसंस्करण की है।


इसके अलावा रमना स्थित वेस्ट टू-चारकोल प्लांट में प्रतिदिन करीब 600 टन ठोस कचरे से लगभग 200 टन कोयला बनाने की क्षमता है। रमना में ही निर्माण सामग्री और मलबे से ईंट व टाइल्स तैयार करने के लिए सीएंडडी प्लांट संचालित है, जिसकी क्षमता 200 मीट्रिक टन है। पहाड़िया मंडी, भवानिया पोखरी और आईडीएच कॉलोनी में स्थापित सीबीजी प्लांटों में वेस्ट-टू-एनर्जी प्रक्रिया के तहत प्रतिदिन करीब 500 किलोग्राम सीबीजी का उत्पादन किया जा रहा है।


नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शहरवासियों से काशी को स्वच्छ और हरित बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने लोगों से घरों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग बाल्टी या डस्टबिन में रखकर सफाईकर्मियों को देने का आग्रह किया है। नगर निगम का कहना है कि स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण होने से उसके प्रसंस्करण और निस्तारण को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

बरेका के अजय कुमार बिंद ने अखिल भारतीय रेलवे एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता रजत पदक
बरेका के अजय कुमार बिंद ने अखिल भारतीय रेलवे एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता रजत पदक
वाराणसी : बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के एथलीट और टेक्नीशियन (फिटर) अजय कुमार बिंद ने 91वीं अखिल भारतीय रेलवे एथलेटिक्स (पुरुष/महिला) चैंपियनशिप 2026-27 में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया है। उन्होंने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में 14 मिनट 04.36 सेकेंड का उत्कृष्ट समय दर्ज कर प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया।11 से 13 सितंबर तक SAI, ईस्टर्न सेंटर, साल्ट लेक, कोलकाता में आयोजित प्रतियोगिता में रेलवे के विभिन्न जोनों और उत्पादन इकाइयों के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अजय कुमार बिंद ने अपनी गति, फिटनेस और धैर्य का शानदार प्रदर्शन करते हुए 5000 मीटर की दौड़ पूरी की और रजत पदक हासिल किया।बरेका में टेक्नीशियन (फिटर) के पद पर कार्यरत अजय कुमार बिंद लगातार मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ एथलेटिक्स में अपनी पहचान बना रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर की रेलवे प्रतियोगिता में उनका यह प्रदर्शन बरेका के लिए गौरव की उपलब्धि माना जा रहा है।ALSO READ: नगर आयुक्त ने करसड़ा सॉलिड वेस्ट प्लांट का किया निरीक्षण, अतिरिक्त ट्रॉमेल लगाने के निर्देशअजय की सफलता पर बरेका के खेल जगत में खुशी का माहौल है। बरेका प्रशासन के अनुसार, यह उपलब्धि संस्थान में खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के साथ-साथ खिलाड़ी की निरंतर मेहनत और समर्पण का परिणाम है।बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने अजय कुमार बिंद को रजत पदक जीतने पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना की। उन्होंने आगामी प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
नगर आयुक्त ने करसड़ा सॉलिड वेस्ट प्लांट का किया निरीक्षण, अतिरिक्त ट्रॉमेल लगाने के निर्देश
नगर आयुक्त ने करसड़ा सॉलिड वेस्ट प्लांट का किया निरीक्षण, अतिरिक्त ट्रॉमेल लगाने के निर्देश
वाराणसी : शहर में रोजाना निकलने वाले कूड़े की मात्रा में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए नगर निगम ने करसड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की क्षमता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। रविवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने करसड़ा प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया और कचरे की बढ़ती आवक के अनुरूप प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए।नगर आयुक्त ने बताया कि पहले शहर से प्रतिदिन करीब 600 से 700 टन कूड़ा करसड़ा प्लांट पहुंचता था, लेकिन अब इसकी मात्रा बढ़कर लगभग 1100 टन प्रतिदिन हो गई है। ऐसे में प्लांट पर अतिरिक्त ट्रॉमेल लगाए जाएंगे, जिससे कचरे के प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ाई जा सके। उन्होंने आरडीएफ लाइन को भी जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार आरडीएफ लाइन से संबंधित पूरा सामान प्लांट में पहुंच चुका है।निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट (एलटीपी) को पूरी तरह फंक्शनल बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा। इसके साथ ही प्लांट में तैयार होने वाली कंपोस्ट खाद के सुरक्षित भंडारण के लिए पक्का फ्लोर और शेड बनाने के निर्देश दिए गए।ALSO READ: काशिका–रंग और राग’ से गूंजा काशी का सांस्कृतिक वैभव, राम की शक्तिपूजा ने मोहा मनउन्होंने वेस्ट टू वेस्टर्न मार्ग की वेस्ट स्टेम सड़क के किनारे जमा कचरे को ट्रीट कर हटाने को भी कहा, ताकि सड़क को चौड़ा किया जा सके और कचरा वाहनों के आवागमन में किसी तरह की बाधा न हो।नगर आयुक्त ने प्लांट में तैयार होने वाली खाद की नियमित लैब जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्लांट की कार्यप्रणाली और सफाई व्यवस्था की गुणवत्ता की निगरानी के लिए हर महीने पूरे प्लांट परिसर का ड्रोन सर्वे कराने को कहा। स्थानीय कार्यालय के मेंटेनेंस और रखरखाव में भी सुधार के निर्देश दिए गए।निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, सहायक नगर आयुक्त इंद्र विजय समेत नगर निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
‘काशिका–रंग और राग’ से गूंजा काशी का सांस्कृतिक वैभव, राम की शक्तिपूजा ने मोहा मन
‘काशिका–रंग और राग’ से गूंजा काशी का सांस्कृतिक वैभव, राम की शक्तिपूजा ने मोहा मन
वाराणसी : काशी की शाश्वत सांस्कृतिक परंपरा, संगीत, कला और आध्यात्मिक चेतना को नई पीढ़ी एवं देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘काशिका–रंग और राग’ नियमित सांस्कृतिक उत्सव का रविवार को शुभारंभ हुआ। टाउनहॉल स्थित अल्को प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में काशी की साहित्यिक, नाट्य और शास्त्रीय संगीत परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला।आयोजन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कालजयी काव्यकृति ‘राम की शक्तिपूजा’ पर आधारित एकाग्र नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। प्रस्तुति का निर्देशन व्योमेश शुक्ल ने किया। नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से साहित्य, रंगमंच और काशी की सांस्कृतिक चेतना को प्रभावी ढंग से मंच पर उतारा गया।इसके पश्चात पद्मभूषण पंडित साजन मिश्र और स्वरांश मिश्र ने शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति देकर वातावरण को सुरमय कर दिया। गायन में संवादिनी पर पंडित धर्मनाथ मिश्र और तबले पर राजेश मिश्र ने संगत की। शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति ने श्रोताओं को काशी की समृद्ध संगीत परंपरा से रूबरू कराया।कार्यक्रम में महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल अतिथि के रूप में मौजूद रहे। महापौर ने कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कला, संगीत और आध्यात्मिक चेतना की जीवंत पहचान है। ‘काशिका–रंग और राग’ जैसे आयोजन काशी की समृद्ध विरासत को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।ALSO READ: चाय स्टॉल में घुसकर मारपीट, लूट का आरोप दो दिन पहले दी थी दुकान चलाने के लिए रुपये देने की धमकीनगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि नगर निगम काशी की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। ऐसे आयोजन काशी की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करने में सहायक होंगे।आयोजकों के अनुसार, जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद, नगर निगम वाराणसी और नागरी प्रचारिणी सभा के संयुक्त तत्वावधान में शुरू किया गया यह उत्सव काशी की कला, साहित्य और संगीत परंपरा को नियमित मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में कलाकारों, संस्कृति प्रेमियों और गणमान्य लोगों ने उत्सव की सराहना की। संचालन नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ला ने किया।