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मशीनों और बाजार की मार से जूझते बुनकर, हुनरमंद हाथों पर मंडराया संकट

मशीनों और बाजार की मार से जूझते बुनकर, हुनरमंद हाथों पर मंडराया संकट
Feb 20, 2026, 10:00 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी की पहचान बनारसी साड़ी और उसे बनाने वाले बुनकर आज मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. कभी करघों की आवाज से गूंजने वाली गलियां अब धीरे - धीरे शांत होती जा रही है. हाथ से बुनाई करने वाले कारीगर बदलते बाजार , मशीनों और बड़े व्यापार के बीच अपनी रोजी रोटी बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.


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मशीन से बनी साड़ियों की बढ़ी साडियां


कारीगर बताते हैं कि पहले करधे पर काम की कमी नहीं थी, और मेहनत का सही पैसा भी मिल जाता था. परिवार सम्मानपूर्वक चल जाता था, लेकिन अब मशीन से बानी साड़ियों की संख्या बढ़ गई है. जिससे पारम्परिक बुनकरों का काम घट गया और आमदनी लगातार कम होती चली गई. सालों से बुनाई कर रहे कारीगर बताते हैं, हाथ से बनाने वाली साडी में बहुत मेहनत लगती है.


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कई बार महीने लग जाते हैं, लेकिन उससे मिलने वाले पैसे बहुत कम होते हैं. दिन भर करधे पर काम करने के बावजूद घर चलाना बहुत मुश्किल हो गया है. बुनकरों का कहना है की बाजार में ऊँचे दाम में बिकने वाली हैंडलूम साडी के दाम का बहुत छोटा सा हिस्सा उनको मिलता है.


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कमाई घटने का असर कई परिवारों पर दिखा


कमाई घटने का असर सीधे उनके परिवारों पर देखने को मिल रहा है. कई बुनकरों को दूसरा काम का मजदूरी करनी पड़ रही है. बच्चो की पढाई , इलाज़ का दाम निकालना तक मुश्किल हो गया है. नई पीढ़ी भी इस काम में अधिक दिलचस्पी नहीं ले रही है क्योंकि इसमें कोई स्थाई कमाई नहीं है. धीरे - धीरे यह हुनर अपना अस्तित्व खोने के कगार पर है.


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बाजार और तकनीक तेजी से आगे बढ़ गए लेकिन हस्तकरघा बुनकर उस रफ़्तार से आगे नहीं बढ़ पाए. वो ना तो बाजार तक अपनी सही पहुंच बना सके और ना ही अपनी श्रम का उचित मेहनताना तय कर सके. यही कारण है कि बनारस की पहचान रही बुनाई कला और बुनकर विलुप्त होने के कगार पर है.

अधूरी तैयारी के साथ शुरू हुआ तेलियाना अंडरपास रोशनी और सुरक्षा का अभाव, जिम्मेदार कौन?...
अधूरी तैयारी के साथ शुरू हुआ तेलियाना अंडरपास रोशनी और सुरक्षा का अभाव, जिम्मेदार कौन?...
वाराणसी: जालालीपुरा स्थित तेलियाना फाटक को अधूरे निर्माण कार्य के साथ स्थानीय लोगों के लिए खोल दिया गया है और आवगमन शुरू कर दिया गया. जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.फाटक पर न तो पर्याप्त लाइट की व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम हैं. अंधेरे के कारण साइकिल सवारों, पैदल यात्रियों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों के लिए यह रास्ता खतरे से खाली नहीं है.फाटक के आसपास लोहे के सरिए् खुले में पड़ी हैं, जो कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं.सबसे चिंताजनक बात यह है कि छोटे-छोटे बच्चे भी इसी जगह पर खेलते हुए नजर आ रहे है, जिस कारण उनको चोट लगने और दुर्घटना होने की स्थिति साफ देखी जा सकती है.स्थानीय ने क्या कहा स्थानीय राहगीर आलोक पांडेय ने बताया कि फाटक पर काम अभी अधूरा है, इसके बावजूद इसे चालू कर दिया गया है, जो लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है.वहीं राहगीर शंकर का कहना है कि अंदर से साइकिल पर आने में बड़ी दिक्कत होती है .चारों तरफ अंधेरा छाया रहता है चोरों उचकों का गिरोह भी सक्रिय रहता है .इलाके में आए दिन छिनैती और छोटी-बड़ी घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन यहां न तो पुलिस की गश्त है और न अंडरपास के अंदर लाइट की कोई व्यवस्था है.राहगीर यश पांडेय ने भी चिंता जताते हुए कहा कि फाटक के पास बिखरे लोहे के सरिए और अंधेरा बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है. उन्होंने बताया कि मोहल्ले के बच्चे अक्सर यहीं खेलते हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है.ALSO READ:नजरबंदी के आरोपों के बीच महिला आरक्षण बिल पर सपा का हमला, विष्णु शर्मा बोले—आवाज नहीं दबेगी....स्थानीय बच्चन यादव का कहना है कि इस फाटक के खुलने से जाम की समस्या से लोगों को राहत तो मिली है लेकिन शाम होते ही अंदर एक दम अंधेरा छा जाता है जिससे आने जाने में रोज डर लगता है.लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द अंडरपास का निर्माण कार्य पूरा करे उसके अंदर लाइट, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी भी अनहोनी से पहले हालात को सुधारा जा सके.
नजरबंदी के आरोपों के बीच महिला आरक्षण बिल पर सपा का हमला, विष्णु शर्मा बोले—आवाज नहीं दबेगी....
नजरबंदी के आरोपों के बीच महिला आरक्षण बिल पर सपा का हमला, विष्णु शर्मा बोले—आवाज नहीं दबेगी....
वाराणसी: सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने प्रशासन और सरकार पर एक साथ कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं.उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के दौरे से पहले समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को हाउस अरेस्ट या नजरबंद कर दिया जाता है, ताकि वे आम जनता की समस्याओं को उनके सामने न रख सकें. उनके अनुसार यह कदम लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन है और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है.विष्णु शर्मा ने कहा कि सपा कार्यकर्ता “लोहिया के सिपाही” हैं और किसी भी दबाव से डरने वाले नहीं हैं. “हमें नजरबंद कर देने से हमारी आवाज नहीं रुकेगी.हम बिना डरे जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे,” उन्होंने प्रशासन से इस तरह की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की.इसी क्रम में उन्होंने महिला आरक्षण बिल का मुद्दा भी उठाया और कहा कि महिलाओं को अधिकार देने की बातें तो की जा रही हैं, लेकिन हकीकत यह है कि अब तक यह बिल पास नहीं हो सका है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा.also read:यूपी का सबसे ठंडा शहर बना 'वाराणसी', आंधी-बारिश का यलो अलर्टउन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है, तो महिला आरक्षण बिल को जल्द से जल्द पारित किया जाना चाहिए। विष्णु शर्मा ने जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र में न तो विपक्ष की आवाज दबाई जानी चाहिए और न ही महिलाओं के अधिकारों को टालना चाहिए, बल्कि दोनों मुद्दों पर ईमानदारी से काम होना जरूरी है.
यूपी का सबसे ठंडा शहर बना 'वाराणसी', आंधी-बारिश का यलो अलर्ट
यूपी का सबसे ठंडा शहर बना 'वाराणसी', आंधी-बारिश का यलो अलर्ट
Varanasi becomes the coldest city in Uttar Pradesh, yellow alert issued for thunderstorm and rainदेशभर में इन दिनों मौसम का मिजाज काफी बदलता नजर आ रहा है. वाराणसी की काशी नगरी लगातार दूसरे दिन भी बारिश और तेज हवा की चपेट में रही. वहीं बुधवार को आई आंधी से शहर अभी तक पूरी तरह उबर नहीं सका है, बीते 36 घंटे में पारा 30.3 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं जा सका, बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 9.9 डिग्री नीचे रहा, वहीं न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रहा. बनारस का मौसम पूरे प्रदेश में शीतल सुहाना हो गया, मौसम विज्ञान विभाग का पूर्वानुमान है कि अब शुक्रवार से तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होगी और अगले तीन-चार दिनों में यह 4-5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ेगा. इसके बाद चार या पांच मई के बाद फिर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव आएगा और बादल बुन्नी का वातावरण बनेगा, इस तरह अगले सप्ताह में भी लू के प्रचंड कहर से राहत मिलने की पूरी संभावना है.धूल भरी आंधी के साथ तेज बारिश की संभावना वहीं हवा के झोके इतने तेज थे कि 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रही. बीते 24 घंटे में 11 मिलीमीटर बारिश हुई, वाराणसी में 4 और 5 मई को दोबारा बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है, बिजली चमकने और धूल भरी आंधी के साथ तेज बारिश की संभावना जताई गई है, 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है, बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से ही धूप धुंधली होने लगी और 9 बजे तक अंधेरा छा गया, बादलों की गर्जना के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई. बीच-बीच में रुक-रुककर कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होती रही, हालांकि दोपहर में हल्की धूप की भी झलक दिखी, बुधवार को साढ़े तीन बजे के बाद गिरा पारा बृहस्पतिवार को शाम चार बजे तक 28 डिग्री को भी पार नहीं कर सका.109 किमी प्रति घंटा के वेग से आई आंधीजानकारी के मुताबिक, बीते एक दिन पहले 109 किमी प्रति घंटा के वेग से आई आंधी और कुल 11.4 मिमी वर्षा के बाद बीते गुरुवार की सुबह भी तेज गरज के साथ पड़ी हल्की फुहारों ने 0.5 मिमी पानी गिराया. सुबह से दोपहर तक बादलों का साया बना रहा, दोपहर बाद धूप खिली लेकिन उसमें नरमाहट बनी रही, वर्षा के चलते मौसम में पर्याप्त आर्द्रता से तापमान में तेजी से गिरावट आई और 24 घंटे में अधिकतम तापमान ने 11.3 डिग्री सेल्सियस का गोता लगाया. यह सामान्य से लगभग 10 डिग्री नीचे 30.3 डिग्री सेल्सियस पर आ गया. न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस नीचे 22.8 पर रहा और बनारस का मौसम पूरे प्रदेश में शीतल सुहाना हो गया.लू का खतरा अभी टला, पुरवा मजबूतआपको बता दें, इस बिगड़ते मौसम को देखते हुए यूपी के आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश से तापमान में 12 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है, इससे लू की स्थितियां फिलहाल समाप्त हो गई हैं, उन्होंने बताया कि उत्तरी पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू-कश्मीर के आसपास चक्रवात के रूप में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में पुरवा हवा का भी प्रभाव बना हुआ है. मई के शुरुआती 2-3 दिनों में प्रदेश में जारी बेमौसम बारिश में कमी आ सकती है, जिससे तापमान में 4 से 6 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं 4-5 मई को अगले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से फिर से बारिश बढ़ने और तापमान में गिरावट आने की संभावना है, आगामी सप्ताह में लू से राहत मिलने की उम्मीद है.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ