जब कान्हा नहीं रहे तो मैं जी कर क्या करूंगी, मूर्ति चोरी से आहत छात्रा ने लिखा पत्र और घर छोड़ दिया

वाराणसी: भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अगाध प्रेम रखने वाली छात्रा ने मूर्ति चोरी होने से आहत होकर घर छोड़ दिया. स्वजन को उसका एक पत्र मिला जिसमें लिखा है कि मैं मर जाऊंगी, जब मेरे कान्हा नहीं रहे तब मैं रहकर क्या करूंगी. इस पत्र से परिजन परेशान हैं और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया है.
बुलानाला स्थित डिग्री कालेज में पढ़ने वाली छात्रा धरसौना स्थित अपने बुआ के घर रहती है. बीते शुक्रवार को कालेज जाने के लिए घर से निकली थी. इसके बाद घर नहीं लौटी. छात्रा के अचानक लापता होने से परिजनों में हड़कंप मच गया. उसकी तलाश करने के लिए परिचितों, रिश्तेदारों, दोस्तों से संपर्क किया लेकिन कहीं पता नहीं चला.
परिजनों ने छात्रा के कमरे की तलाश की तो उसमें एक पत्र मिला. पत्र में लिखा था कि वह मर जाएगी, उसके कान्हा नहीं रहे तो वह जी कर क्या करेगी. इस पत्र ने परिजनों की चिंता और बढ़ा दी. उन्होंने छात्रा की तलाश के लिए पुलिस से संपर्क किया. पुलिस ने सीसीटीवी फुजेट व सर्विलांस के जरिए छात्रा की तलाश शुरू की. पता चला कि बीते शुक्रवार को छात्रा पांडेयपुर जाने के लिए धरसौना नहर के पास से आटो में सवार हुई थी.
इसके बाद वह अपने घर कैथी या बुआ के घर नहीं पहुंची. परिजनों ने कालेज प्रबंधन से भी संपर्क किया लेकिन वहां से भी कोई जानकरी नहीं मिली. परिजनों के अनुसार छात्रा का भगवान श्रीकृष्ण के प्रति गहरी प्रेम है. वह घर में रखी कान्हा की मूर्ति की खूब सेवा करती थी. कुछ दिनों पहले घर में चोरी हुई तो चोर कान्हा की मूर्ति भी उठा ले गए. इससे छात्रा काफी ज्याजा आहत हुई.
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मूर्ति चोरी होने का असर उस पर इतना गहरा पड़ा कि वह काफी परेशान रहने लगी. परिजनों के अनुसार, घटना के बाद छात्रा को लेकर परिवार के लोग भी चिंतित थे. इसी बीच छात्रा लापता हो गई.



