पूजा के बाद भी दूर नहीं हुई आर्थिक समस्या तो पेंचकस से गोदकर ली तांत्रिक की जान

वाराणसी : पूजा के बाद भी आर्थिक समस्या और बीमारी तो दूर नहीं हुई तो यजमान ने पीटकर और पेंचकस से गोदकर तांत्रिक की जान ले ली. उसकी लाश को झाड़ियों में फेंक दिया था.
एडीसीपी वरुणा जोन ने बताया कि मूलरूप से मीरजापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के प्रेमापुर का रहने वाला सोनू मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के कंचनपुर में धीरज सिंह के मकान में किराए पर रहता है. उसके परिवार में लंबे समय से आर्थिक तंगी थी और भाई विकास भी बीमार रहता था. ऊपरी साया होने के संदेह में उसने तंत्र-मंत्र कराने के लिए लालपुर-पाण्डेयपुर थाना क्षेत्र निवासी अनीश उपाध्याय से संपर्क किया. चार-पांच दिन तक पूजा-पाठ कराने के बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ. इसी दौरान विकास गौड़ की तबीयत और बिगड़ गई, जिसका इलाज कानपुर में कराया गया. इससे नाराज होकर सोनू ने भाइयों व दोस्तों के साथ मिलकर अनीश की हत्या की योजना बना ली. योजना के अनुसार बीते 30 जून को
सोनू ने अपने साथी साहिल पर साया होने का बहाना बनाकर अनीश को बुलाया. उसे मंडुवाडीह क्षेत्र के कंचनपुर स्थित किराये के मकान में ले गया. वहां पहले से मौजूद उसके भाइयों व दोस्तों ने लकड़ी के स्टूल, गैस सिलेंडर और लोहे की राड से हमला कर उसकी हत्या कर दी. हत्या के दौरान शोर बाहर न जाए, इसके लिए कमरे में म्यूजिक सिस्टम पर तेज आवाज में गाने बजाने लगे. वारदात के बाद आरोपियों ने खून के निशान साफ किए और दुर्गंध छिपाने के लिए रूम फ्रेशनर व बाडी स्प्रे का इस्तेमाल किया. एक सप्ताह तक अनीश के नहीं लौटने पर उसकी पत्नी प्रियंका उर्फ गुंजा ने संपर्क करने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली. उसने सोनू को काल किया तो उसने बताया कि पूजा चल रही है. पूजा के बाद अनीश लौटेगा. इसके बाद किसी से कोई संपर्क नहीं हो सका. बीते नौ जुलाई को अनीश की पत्नी ने लालपुर पांडेयपुर थाना में गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया. पुलिस अनीश की तलाश में मृतक के साले की कार से 25 जुलाई को कानपुर के नवाबगंज गई थी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. परिजन 45 दिनों तक थाने चौकी के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. बीते बीते 12 अगस्त को लंका थाने से तीन किलोमीटर दूर कोलकाता-प्रयागराज हाईवे पर झाड़ियों में पड़े शव में बदबू आने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने शव को बरामद करके अशंकावश अनीश की पत्नी को बुलाया. उसने हाथ पर बने टैटू से अनीश उपाध्याय पहचान की. हत्या के बाद आरोपियों ने शव को झाड़ियों में फेंक दिया था. इस मामले में पुलिस ने सोनू के साथ उसके भाई विकास, विशाल साथी साहिल, रोहित कश्यप और मोहित कश्यप को गिरफ्तार कर लिया.
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