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भारत में कब से शुरू होगा रमजान, जाने चांद की खासियत

भारत में कब से शुरू होगा रमजान, जाने चांद की खासियत
Feb 18, 2026, 01:16 PM
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Posted By Preeti Kumari

रमजान का पाक महीना हर साल अपने साथ रहमत, बरकत और मगफिरत की सौगात लेकर आता है. 19 फरवरी से रमजान का पाक महीना शुरु होने वाला है. ये वक्त सिर्फ़ रोज़ा रखने का नहीं, बल्कि अपने दिल-दिमाग को पाक करने, सब्र सीखने और इंसानियत को और मजबूत करने का महीना होता है. रमजान का चांद देखने के बाद से ही हर मुसलमान एक दूसरे को रजमान की मुबारकबाद देते हैं और गले लगते हैं. अगर आप भी अपने परिवार, दोस्तों और खास लोगों को रमजान की मुबारबाद देना चाहते हैं तो, ये आर्टिकल आपके लिए है. यहां हम आपके लिए रमजान की बेस्ट विशेज, कोट्स और शायरी लेकर आए हैं.


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रमजान महीना मुस्लिम समुदाय की इबादत


इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र महीने रमजान की आहट के साथ ही दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय में उत्साह और इबादत का माहौल बन गया है. रमजान की तारीख का निर्धारण चांद के दीदार पर निर्भर करता है. इस महीने में मुसलमान रोजा रखते हैं और इबादत करते हैं. सऊदी अरब में रमजान का चांद दिख गया है, जिसका मतलब है कि सऊदी में यह पवित्र महीना 18 फरवरी से शुरू हो गया है. इसी कड़ी में आइए जानते हैं कि, भारत में रमजान की शुरुआत कब होगी.


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शाबान महीने के चांद की ये है खासियत


रमजान के महीने की शुरुआत शाबान महीने की 29वीं रात को चांद दिखाई देने के बाद होती है. इसके अलावा अगर किसी कारण से इस दिन चांद नहीं दिखता है तो शाबान महीने के 30वें दिन चांद देखा जाता है और अगले दिन से रमजान की शुरुआत हो जाती है. ऐसे में सऊदी अरब में शाबान महीने की 29वीं रात 17 फरवरी को मानी गई है. सऊदी अरब के एक दिन भारत में रमजान की शुरुआत होती है. इस कारण 19 फरवरी से भारत में भी माह-ए-रमजान का आगाज हो जाएगा. इस्लामी हिजरी कैलेंडर में कुल 12 महीने होते हैं. इन 12 महीनों के नाम मुहर्रम, सफर, रबीउल अव्वल, रबीउल आखिर, जमादिउल अव्वल, जमादिउल आखिर, रजब, शाबान, रमजान, शव्वाल, जिलकद और जिलहिज्जा हैं.


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जाने चांद देखते ही मुसलमान भाई क्या करते हैं


ऐसे में सवाल उठता है कि रमजान का चांद देखने के बाद मुसलमान क्या करते हैं? रमजान का चांद नजर आते ही सबसे पहला अमल दुआ है. मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से साबित है कि चांद देखकर यह दुआ पढ़ी जाए, "अल्लाहुम्मा अहिल्लहु अलैना बिल-अम्ने वल-ईमान, वस्सलामति वल-इस्लाम, रब्बी वा रब्बोकल्लाह (اے اللہ ! آپ ہمیں امن و ایمان ، سلامتی اور اسلام کا چاند دیکھائیے اور اے چاند ! میرا اور تیرا رب اللہ ہی ہے) ." जिसके मायने हैं, "ऐ अल्लाह! आप हमें अमन व ईमान, सलामती और इस्लाम का चांद दिखाइए, और ऐ चांद! मेरा और तुम्हारा रब अल्लाह ही है."

महिला से मंगलसूत्र छीनने के मामले का खुलासा, आरोपी माल समेत गिरफ्तार...
महिला से मंगलसूत्र छीनने के मामले का खुलासा, आरोपी माल समेत गिरफ्तार...
वाराणसी : शिवपुर थाना क्षेत्र में महिला के गले से मंगलसूत्र छीनने की घटना का पुलिस ने एक सप्‍ताह बाद खुलासा किया है. स्नेचिंग करने वाले की पहचान अरविंद पाल (24) निवासी होलापुर, शिवपुर के तौर पर हुई. आरोपी को पुलिस ने शुक्रवार की शाम काशीराम आवास के आगे पुलिया के पास से गिरफ्तार किया. उसके पास से मंगलसूत्र बरामद हुआ है. 24 अप्रैल को छतरीपुर की गायत्री धाम कॉलोनी फेज-1 निवासी चंदगीराम यादव ने थाना शिवपुर में तहरीर दी थी.बताया कि उनकी पत्नी आशा यादव बाजार से सब्जी लेकर घर लौट रही थीं, तभी घर के पास पीछे से बाइक सवार एक बदमाश ने झपट्टा मारकर गले से मंगलसूत्र छीन लिया. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने 24 अप्रैल की शाम महिला को रोककर मंगलसूत्र छीना था.विरोध करने पर उसने महिला को धमकाया और फिर मंगलसूत्र लेकर भाग गया. वह लूटे गए मंगलसूत्र को बेचने की फिराक में था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया. थाना प्रभारी अजीत वर्मा ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया.ALSO READ : कफ सिरप प्रकरण में शुभम समेत नौ आरोपियों पर गैंगस्‍टर, भोला प्रसाद गैंग लीडर घोषित...दरवाजे पर बैठी महिला से चेन छीनने की कोशिशवाराणसी मिर्जामुराद क्षेत्र के कल्लीपुर गांव में शुक्रवार शाम मंजू देवी घर के बाहर बैठी थीं तभी उनके गले से उचक्के ने चेन छीनने की कोशिश की. छीनाझपटी के दौरान चेन टूट कर जमीन पर गिर गई, जबकि आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला. मलाड ईस्ट मुंबई निवासी मंजू देवी (55) एक सप्ताह पहले अपने मायके कल्लीपुर आई थीं. वह घर के दरवाजे पर बैठी थीं. इस दौरान घटना हुई. सूचना के बाद डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की निशानदेही पर एक संदिग्ध को पकड़ लिया. थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
कफ सिरप प्रकरण में शुभम समेत नौ आरोपियों पर गैंगस्‍टर, भोला प्रसाद गैंग लीडर घोषित...
कफ सिरप प्रकरण में शुभम समेत नौ आरोपियों पर गैंगस्‍टर, भोला प्रसाद गैंग लीडर घोषित...
वाराणसी : अरबों के कफ सीरप तस्करी प्रकरण में रोहनिया पुलिस ने कायस्थ टोला प्रह्लाद घाट थाना आदमपुर निवासी शुभम जायसवाल और उसके गिरोह के नौ सदस्यों को गैंगस्‍टर एक्ट में निरुद्ध किया है. पुलिस ने शुभम के पिता भोला प्रसाद को गैंग का लीडर घोषित किया है. गैंगस्‍टर एक्ट के नए मुकदमे का आरोपितों को न सिर्फ सामना करना पड़ेगा, बल्कि पुलिस गिरोह के एक-एक सदस्य की बची-कुची संपत्ति भी धारा 14 (3) में सीज करेगी. रोहनिया पुलिस ने बीते 19 नवंबर को भदवर स्थित जिम के तहखाने में छिपा कर रखे गए 500 पेटी से ज्यादा कफ सीरप की बरामदगी मामले में तस्करों का नेटवर्क सामने आने के बाद गैंगस्‍टर एक्ट लगाया है.इस मामले में सभी नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पहले से ही लग चुकी है. रोहनिया पुलिस ने भदवर स्थित जिम में बरामद 18,600 सीसी फेंसाडिल और 75,150 सीसी स्कफ सीरप की जांच शुरू की तो आरोपितों के तार गाजियाबाद, त्रिपुरा तक फैला मिला. इंस्पेक्टर राजू सिंह ने जांच शुरू की तो जिम के तहखाने से एक ई-वेबिल मिला. जिसकी जांच में पता चला कि कफ सीरप गाजियाबाद की दवा फर्म आरएस फार्मा ने चंदौली के सिंह मोडिकोज को भेजा था.ई-वेबिल से उस ट्रक नंबर का पता चला, जिसके कफ सीरप ढोया गया था. जांच आगे बढ़ी तो गाजियाबाद निवासी आरएस फार्मा का मालिक सौरभ त्यागी, शिवाकांत उर्फ शिवा, कृष्णा नगर चंधासी थाना मुगलसराय चंदौली निवासी व सिंह मेडिकोज के मालिक स्वप्निल केसरी, सप्तसागर मैदागिन थाना कोतवाली निवासी दिनेश यादव, ईश्वरगंगी थाना जैतपुरा निवासी आशीष यादव का नाम सामने आया था.एसीपी संजीव शर्मा ने बताया कि सौरभ त्यागी और शिवाकांत उर्फ शिवा ने आरएस फार्मा से कफ सीरप स्वप्निल केसरी के फर्म को भेजा था. स्वप्निल केसरी ने पूछताछ में शुभम जायसवाल के करीब दिनेश यादव व आशीष यादव की संलिप्तता बताई. उधर, बरामद फैंसाडील के बैच नंबर के आधार पर कफ सीरप बनाने वाली कंपनी एबाट से रिपोर्ट मांगी गई तो पता चला कि उसने शुभम के पिता भोला प्रसाद की फर्म शैली ट्रेडर्स को आपूर्ति की की थी.जबकि 19 नवंबर को कफ सीरप बरामदगी के शुभम, महेश सिंह (भदवर के ग्राम प्रधान के पति महेश जिसके तहखाने में कफ सीरप बरामद था.) और रमाकान्त नगर सिगरा के आजाद जायसवाल के खिलाफ नामजद केस दर्ज था. इस तरह पुलिस ने सभी नौ आरोपियों का गिरोह सामने आने पर गैंगस्‍टर एक्ट में निरुद्ध किया गया.कफ सिरप प्रकरण में कब क्‍या हुआ19 नवंबर 2025 को रोहनिया पुलिस ने 500 पेटी से ज्यादा कफ सीरप बरामदगी का केस किया.22 जनवरी को गैर जमानती वारंट जारी हुआ.24 फरवरी को कुर्की पूर्व का उद्घोषणा नोटिस जारी हुआ.26 फरवरी को नोटिस सहजदृश्य स्थान पर नोटिस चस्पा किया.27 फरवरी को विभिन्न अखबारों में इश्तेहार प्रकाशित कराए गए.30 मार्च को अदालत ने उपस्थित होने का अंतिम अवसर मिला.01 अप्रैल को कोतवाली पुलिस ने कोर्ट में पेश न होने का केस दर्ज किया।05 अप्रैल को पुलिस की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया.01 मई को गैंगस्‍टर एक्ट की कार्रवाई हुई.also read:ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर गेरुआ पेंटिंग को लेकर विवाद, शहर मुफ्ती ने किया विरोधकोतवाली और सारनाथ पुलिस भी गैंगस्‍टर लगाने की तैयारी मेंवाराणसी में कोतवाली और सारनाथ पुलिस भी शुभम, भोला और अन्य आरोपितों के खिलाफ गैंगस्‍टर लगाने की तैयारी में हैं. पुलिस एक- एक तस्कर की कुंडली तैयार कर रही है. पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है. डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि गैंगस्‍टर की धारा 14 (1) में संपत्ति जब्त करने का प्रविधान है. गैंगस्‍टर लगने के साथ ही पुलिस आगे के प्रयास में जुट गई है. सारनाथ पुलिस भी तेजी से जांच कर रही है.
ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर गेरुआ पेंटिंग को लेकर विवाद, शहर मुफ्ती ने किया विरोध
ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर गेरुआ पेंटिंग को लेकर विवाद, शहर मुफ्ती ने किया विरोध
Controversy erupts over saffron painting on the wall of Gyanvapi Mosque, city Mufti protestsवाराणसी: अति संवेदनशील ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर गेरुआ रंग से की गई पेंटिंग को लेकर विवाद सामने आया है. शहर मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी साहब ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि मस्जिद की दीवार पर इस तरह की पेंटिंग धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ है. उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि इसे नहीं हटाया गया, तो विरोध जारी रहेगा. शर मुफ्ती ने इसे परंपराओं के खिलाफ बताया. कहा कि पहले भी विरोध किया गया था. वहीं नमाज़ अदा करके निकले स्थानीय शकील अहमद ‘जादूगर’ ने इस मामले में अलग राय रखते हुए कहा कि उन्हें इस पेंटिंग से कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा कि आमतौर पर मस्जिदों का रंग सफेद या हरा होता है, जबकि गेरुआ रंग मंदिरों से जुड़ा माना जाता है. ऐसे में धार्मिक स्थलों की परंपरा और पहचान का ध्यान रखना जरूरी है.वहीं, जुमे की नमाज को देखते हुए शुक्रवार को वाराणसी में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया. काशी विश्वनाथ मंदिर–ज्ञानवापी क्षेत्र सहित संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई. एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि नमाज़ के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो.इस पूरे मामले पर प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल जुम्मे की नमाज़ को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना रही. वहीं पुलिस अधिकारियों से इस मुद्दे पर पूछे जाने पर वे खुलकर कुछ कहने से बचते नजर आए और सुरक्षा व्यवस्था पर ही जोर देते रहे. इधर, सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी और एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 पर भारी पुलिस बल तैनात रहा.Also Read: विश्‍व मजदूर दिवस पर पीएम आदर्श गांव में बुलंद की आवाज, मजदूरी बढ़ाने की उठाई मांगमौके पर डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, एडीसीपी काशी वैभव बाँगर और अन्य अधिकारी मौजूद रहे और लगातार निगरानी करते दिखे. फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह के विवाद को बढ़ने से रोका जा सके.https://www.youtube.com/watch?v=yk_vEG6WMTk