भारत में कब से शुरू होगा रमजान, जाने चांद की खासियत

रमजान का पाक महीना हर साल अपने साथ रहमत, बरकत और मगफिरत की सौगात लेकर आता है. 19 फरवरी से रमजान का पाक महीना शुरु होने वाला है. ये वक्त सिर्फ़ रोज़ा रखने का नहीं, बल्कि अपने दिल-दिमाग को पाक करने, सब्र सीखने और इंसानियत को और मजबूत करने का महीना होता है. रमजान का चांद देखने के बाद से ही हर मुसलमान एक दूसरे को रजमान की मुबारकबाद देते हैं और गले लगते हैं. अगर आप भी अपने परिवार, दोस्तों और खास लोगों को रमजान की मुबारबाद देना चाहते हैं तो, ये आर्टिकल आपके लिए है. यहां हम आपके लिए रमजान की बेस्ट विशेज, कोट्स और शायरी लेकर आए हैं.

रमजान महीना मुस्लिम समुदाय की इबादत
इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र महीने रमजान की आहट के साथ ही दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय में उत्साह और इबादत का माहौल बन गया है. रमजान की तारीख का निर्धारण चांद के दीदार पर निर्भर करता है. इस महीने में मुसलमान रोजा रखते हैं और इबादत करते हैं. सऊदी अरब में रमजान का चांद दिख गया है, जिसका मतलब है कि सऊदी में यह पवित्र महीना 18 फरवरी से शुरू हो गया है. इसी कड़ी में आइए जानते हैं कि, भारत में रमजान की शुरुआत कब होगी.

शाबान महीने के चांद की ये है खासियत
रमजान के महीने की शुरुआत शाबान महीने की 29वीं रात को चांद दिखाई देने के बाद होती है. इसके अलावा अगर किसी कारण से इस दिन चांद नहीं दिखता है तो शाबान महीने के 30वें दिन चांद देखा जाता है और अगले दिन से रमजान की शुरुआत हो जाती है. ऐसे में सऊदी अरब में शाबान महीने की 29वीं रात 17 फरवरी को मानी गई है. सऊदी अरब के एक दिन भारत में रमजान की शुरुआत होती है. इस कारण 19 फरवरी से भारत में भी माह-ए-रमजान का आगाज हो जाएगा. इस्लामी हिजरी कैलेंडर में कुल 12 महीने होते हैं. इन 12 महीनों के नाम मुहर्रम, सफर, रबीउल अव्वल, रबीउल आखिर, जमादिउल अव्वल, जमादिउल आखिर, रजब, शाबान, रमजान, शव्वाल, जिलकद और जिलहिज्जा हैं.

जाने चांद देखते ही मुसलमान भाई क्या करते हैं
ऐसे में सवाल उठता है कि रमजान का चांद देखने के बाद मुसलमान क्या करते हैं? रमजान का चांद नजर आते ही सबसे पहला अमल दुआ है. मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से साबित है कि चांद देखकर यह दुआ पढ़ी जाए, "अल्लाहुम्मा अहिल्लहु अलैना बिल-अम्ने वल-ईमान, वस्सलामति वल-इस्लाम, रब्बी वा रब्बोकल्लाह (اے اللہ ! آپ ہمیں امن و ایمان ، سلامتی اور اسلام کا چاند دیکھائیے اور اے چاند ! میرا اور تیرا رب اللہ ہی ہے) ." जिसके मायने हैं, "ऐ अल्लाह! आप हमें अमन व ईमान, सलामती और इस्लाम का चांद दिखाइए, और ऐ चांद! मेरा और तुम्हारा रब अल्लाह ही है."



