जीवन में पहली बार शहर देखी पंडी गांव की महिलाएं, काशी विश्वनाथ के दर्शन की मनोकामना भी हुई पूरी...

वाराणसी : चंदौली के नौगढ़ विकासखंड का पंडी गांव आज भी ऐसी दुनिया में जी रहा है, जहां के लोगों ने शहर की सूरत तक नहीं देखी. करीब 80 घरों वाले इस गांव की महिलाएं और पुरुष कभी गांव और जंगल की सीमाओं से बाहर नहीं निकले. अब उनकी वर्षों पुरानी इच्छा पूरी हुई है.
सोमवार 29 जून को पंडी गांव की 40 महिलाएं और 10 पुरुष पुलिस की बस से वाराणसी आए और काशी विश्वनाथ सहित प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन किए. यह पहल पुलिस विभाग के मिशन शक्ति अभियान के तहत की जा रही है. कुछ दिन पहले डीआईजी वैभव कृष्ण जब पंडी गांव पहुंचे तो उन्होंने वहां की महिलाओं से बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने आज तक शहर नहीं देखा है। यह सुनकर डीआईजी कुछ क्षण के लिए आश्चर्यचकित रह गए. उन्होंने महिलाओं से पूछा, यदि उन्हें कहीं ले जाया जाए तो वे क्या देखना चाहेंगी। इस पर महिलाओं ने बिना झिझक कहा कि वे काशी विश्वनाथ मंदिर, संकटमोचन मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन करना चाहती हैं.
महिलाओं की इस इच्छा ने वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों को भी भावुक कर दिया. मौके पर ही डीआईजी ने चंदौली पुलिस को निर्देश दिया कि मिशन शक्ति के तहत इन महिलाओं और गांव के कुछ पुरुषों को वाराणसी ले जाकर दर्शन-पूजन करवाएं.
चंदौली के एसपी आकाश पटेल ने बताया कि सोमवार सुबह नौ बजे पुलिस की विशेष बस पंडी गांव पहुंची बस में गांव की दुर्गावती देवी (46), सरस्वती (70), कलावती( 42) पुष्प (35), प्रभावती( 45) सहित 40 महिलाओं और 10 पुरुषों को वाराणसी लाया गया । एक छोटे वाहन में दो इंस्पेक्टर और चार उपनिरीक्षक भी साथ थे .
एसपी ने बताया कि सभी श्रद्धालु पहले बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचें. इसके बाद संकटमोचन मंदिर, दुर्गाकुंड मंदिर भी गए . काशी के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा. वहीं, ग्रामीणों में इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह है.
बोले डीआईजी वाराणसी जोन
नौगढ़ क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान पंडी गांव की महिलाओं से बातचीत हुई थी. उन्होंने बताया कि उन्होंने आज तक शहर नहीं देखा है. उनकी इच्छा थी कि उन्हें काशी विश्वनाथ सहित प्रमुख मंदिरों के दर्शन कराए जाएं. मिशन शक्ति के तहत उनकी इस इच्छा को पूरा किया जा रहा है. सोमवार को 40 महिलाओं और 10 पुरुषों को काशी ले जाकर प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन कराया गया . यह समाज के दूरस्थ और वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने का एक प्रयास है.-वैभव कृष्ण, डीआईजी
डीआईजी के निर्देशानुसार मिशन शक्ति के तहत पंडी गांव के 50 ग्रामीणों के लिए काशी दर्शन कार्यक्रम तैयार किया गया है. सोमवार सुबह पुलिस की बस उन्हें लेकर वाराणसी आई . यात्रा के दौरान सुरक्षा और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं. - आकाश पटेल, पुलिस अधीक्षक, चंदौली
बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे पंडी के लोग
पहाड़ों और जंगलों से घिरे पंडी गांव की तस्वीर आज भी विकास से कोसों दूर नजर आती है. लगभग 80 घरों की आबादी वाला यह गांव बुनियादी सुविधाओं के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है. गर्मी के दिनों में गांव के प्राकृतिक जलस्रोत सूख जाते हैं, जिससे पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो जाता है. कई परिवारों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है.
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गांव में मोबाइल नेटवर्क लगभग नहीं के बराबर है. संचार व्यवस्था बाधित रहने से लोग बाहरी दुनिया से कटे रहते हैं. अधिकांश ग्रामीण मजदूरी और जंगल से मिलने वाले संसाधनों पर निर्भर हैं. उनकी आय इतनी सीमित है कि परिवार का दो वक्त का भोजन और कपड़ों का खर्च मुश्किल से निकल पाता है.



