वाराणसी में महिलाएं तैयार कर रहीं लाखों तिरंगे, आत्मनिर्भर भारत के तहत हो रहीं सशक्त

वाराणसी : देश अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है. इसको लेकर वाराणसी में जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं. कही तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है तो ‘हर घर तिरंगा अभियान’ चल रहा है. इसी के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं 800 हिंदू-मुस्लिम महिलाएं देश की आन-बान-शान तिरंगा बनाने में लगी हुई हैं. मातृशक्ति इस वर्ष तिरंगा बनाकर खुद को सशक्त करने के साथ ही साथ देश को भी महिला शक्ति और महिला सशक्तिकरण का संदेश देंगी.
आठ ब्लॉकों में तिरंगा पहुंचाने की तैयारी
महिलाएं ‘वंदे मातरम्’ के भाव के साथ करीब 3 लाख राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने में जुटी हैं. इससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को लगभग 6 से 9 लाख रुपये की आय होने का अनुमान है.
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया वाराणसी के आठ ब्लॉक में कुल 694 ग्राम पंचायतें हैं. इन सभी ग्राम पंचायतों तक तिरंगा पहुंचाने की तैयारी की जा रही है. सभी 694 ग्राम पंचायतों को लगभग 270,000, बेसिक शिक्षा विभाग को 25,000 और जिला युवा कल्याण विभाग को 5000 झंडे आवंटित किये जाने का लक्ष्य है. अभियान के माध्यम से जहां स्वतंत्रता दिवस पर हर घर तिरंगा पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा, वहीं महिलाओं को रोजगार और आय का अवसर भी मिल रहा है.

महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं घर बैठे राष्ट्रीय ध्वज तैयार कर रही हैं. तिरंगा बनाकर उन्हें रोजगार के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिल रहा है. उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने के साथ ही महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति देगा. उनके परिश्रम से तैयार हर एक तिरंगा देश के प्रति सम्मान और गौरव का प्रतीक होने के साथ काशी की मातृशक्ति की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता की कहानी भी कहेगा.
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उपायुक्त स्वतः रोजगार पवन कुमार सिंह ने बताया राष्ट्रीय ध्वज निर्धारित मानकों के अनुरूप ही तैयार किए जा रहे हैं. काशी की धरती से तैयार होकर घर-घर पहुंचने वाले ये तिरंगे स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति का संदेश देंगे. धर्मनगरी काशी से जब घर-घर तिरंगा लहराएगा तो उसमें देशभक्ति के रंग के साथ मातृशक्ति के श्रम, स्वाभिमान और सशक्तिकरण की झलक भी दिखाई देगी.
देशभक्ति के साथ मुस्लिम महिलाऐं भी कर रही काम
वाराणसी की चौबेपुर के धरहरा गांव की दरक्शा बानों भी स्वयं सहायता समूह चलाती हैं. उन्होंने बताया की हमारे यहां भी राष्ट्रीय ध्वज बनाया जा रहा है. हमें 2000 राष्ट्रीय ध्वज बनाने हैं. जिसका आधे से अधिक कार्य पूरा कर लिया गया है. पिछले 2 महीने से यह कार्य चल रहा है. जिसे समूह की हिंदू-मुस्लिम महिलाएं मिलकर राष्ट्रभक्ति के गीत गाते हुए बना रहीं हैं. हमारी जैसी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं घर बैठे राष्ट्रीय ध्वज तैयार कर आय अर्जित कर रही हैं. सेवापुरी ब्लॉक ग्राम अर्जुनपुर के पिता परमेश्वर स्वयं सहायता समूह की नेहा ने बताया – हम सभी महिलाएं सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम गाते और सुनते हुए तिरंगे तैयार कर रहे हैं. तिरंगा बनाने के दौरान पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंगा है. हमारे लिए यह सिर्फ रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान और गर्व व्यक्त करने का अवसर भी है.



