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वाराणसी में महिलाएं तैयार कर रहीं लाखों तिरंगे, आत्मनिर्भर भारत के तहत हो रहीं सशक्त

वाराणसी में महिलाएं तैयार कर रहीं लाखों तिरंगे, आत्मनिर्भर भारत के तहत हो रहीं सशक्त
Aug 11, 2026, 09:33 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : देश अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है. इसको लेकर वाराणसी में जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं. कही तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है तो ‘हर घर तिरंगा अभियान’ चल रहा है. इसी के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं 800 हिंदू-मुस्लिम महिलाएं देश की आन-बान-शान तिरंगा बनाने में लगी हुई हैं. मातृशक्ति इस वर्ष तिरंगा बनाकर खुद को सशक्त करने के साथ ही साथ देश को भी महिला शक्ति और महिला सशक्तिकरण का संदेश देंगी.


आठ ब्लॉकों में तिरंगा पहुंचाने की तैयारी


महिलाएं ‘वंदे मातरम्’ के भाव के साथ करीब 3 लाख राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने में जुटी हैं. इससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को लगभग 6 से 9 लाख रुपये की आय होने का अनुमान है.

मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया वाराणसी के आठ ब्लॉक में कुल 694 ग्राम पंचायतें हैं. इन सभी ग्राम पंचायतों तक तिरंगा पहुंचाने की तैयारी की जा रही है. सभी 694 ग्राम पंचायतों को लगभग 270,000, बेसिक शिक्षा विभाग को 25,000 और जिला युवा कल्याण विभाग को 5000 झंडे आवंटित किये जाने का लक्ष्य है. अभियान के माध्यम से जहां स्वतंत्रता दिवस पर हर घर तिरंगा पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा, वहीं महिलाओं को रोजगार और आय का अवसर भी मिल रहा है.


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महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति


मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं घर बैठे राष्ट्रीय ध्वज तैयार कर रही हैं. तिरंगा बनाकर उन्हें रोजगार के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिल रहा है. उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने के साथ ही महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति देगा. उनके परिश्रम से तैयार हर एक तिरंगा देश के प्रति सम्मान और गौरव का प्रतीक होने के साथ काशी की मातृशक्ति की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता की कहानी भी कहेगा.


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उपायुक्त स्वतः रोजगार पवन कुमार सिंह ने बताया राष्ट्रीय ध्वज निर्धारित मानकों के अनुरूप ही तैयार किए जा रहे हैं. काशी की धरती से तैयार होकर घर-घर पहुंचने वाले ये तिरंगे स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति का संदेश देंगे. धर्मनगरी काशी से जब घर-घर तिरंगा लहराएगा तो उसमें देशभक्ति के रंग के साथ मातृशक्ति के श्रम, स्वाभिमान और सशक्तिकरण की झलक भी दिखाई देगी.


देशभक्ति के साथ मुस्लिम महिलाऐं भी कर रही काम


वाराणसी की चौबेपुर के धरहरा गांव की दरक्शा बानों भी स्वयं सहायता समूह चलाती हैं. उन्होंने बताया की हमारे यहां भी राष्ट्रीय ध्वज बनाया जा रहा है. हमें 2000 राष्ट्रीय ध्वज बनाने हैं. जिसका आधे से अधिक कार्य पूरा कर लिया गया है. पिछले 2 महीने से यह कार्य चल रहा है. जिसे समूह की हिंदू-मुस्लिम महिलाएं मिलकर राष्ट्रभक्ति के गीत गाते हुए बना रहीं हैं. हमारी जैसी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं घर बैठे राष्ट्रीय ध्वज तैयार कर आय अर्जित कर रही हैं. सेवापुरी ब्लॉक ग्राम अर्जुनपुर के पिता परमेश्वर स्वयं सहायता समूह की नेहा ने बताया – हम सभी महिलाएं सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम गाते और सुनते हुए तिरंगे तैयार कर रहे हैं. तिरंगा बनाने के दौरान पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंगा है. हमारे लिए यह सिर्फ रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान और गर्व व्यक्त करने का अवसर भी है.

लोलार्क कुंड व सुरहिया मेले में श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधाएं,महापौर व नगर आयुक्त ने तैयारियों का लिया जायजा
लोलार्क कुंड व सुरहिया मेले में श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधाएं,महापौर व नगर आयुक्त ने तैयारियों का लिया जायजा
वाराणसी : भदैनी स्थित ऐतिहासिक लोलार्क कुंड पर 16 और 17 सितंबर को आयोजित होने वाले लोलार्क छठ मेले तथा लक्सा स्थित लक्ष्मी कुंड पर 19 सितंबर को सजने वाले सुरहिया मेले की तैयारियों को लेकर नगर निगम पूरी तरह अलर्ट मोड में है।सोमवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने विभागीय अधिकारियों एवं क्षेत्रीय पार्षदों के साथ दोनों मेला स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ​निरीक्षण के दौरान महापौर ने कहा कि पूर्वांचल समेत देश के विभिन्न कोनों से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था, सुरक्षा, सुगमता और सुविधा में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेले से पूर्व ही सफाई, सीवर, पेयजल, मार्ग प्रकाश, सड़क मरम्मत, गड्ढामुक्त इंटरलॉकिंग और अतिक्रमण हटाने से संबंधित सभी कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिए जाएं।ALSO READ: अन्विति में ‘रंगों की उड़ान’ ने भरी कल्पना की उड़ान, 15 सितंबर को संजय मिश्र के साथ होगा हिंदी दिवस समारोह​महापौर ने अधिकारियों के साथ लोलार्क कुंड और लक्ष्मी कुंड को जाने वाले गलियों व मुख्य मार्गों का पैदल जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मेला परिसर, कुंड के आसपास और संपर्क मार्गों पर निरंतर विशेष सफाई अभियान चलाकर अतिरिक्त कूड़ेदान रखे जाएं। मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए चूना, एंटी-लार्वा का छिड़काव और नियमित फॉगिंग सुनिश्चित की जाए। जलकल विभाग को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, आवश्यकतानुसार वाटर टैंकर की उपलब्धता और सीवर लीकेज को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए पर्याप्त संख्या में मोबाइल शौचालय और खराब स्ट्रीट लाइटों की त्वरित मरम्मत कराने पर भी जोर दिया गया।कहा कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ​सफल संचालन और पर्यवेक्षण के लिए नगर आयुक्त ने लोलार्क कुंड मेले के लिए अपर नगर आयुक्त अमित कुमार तथा सुरहिया मेले के लिए अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा को नोडल अधिकारी नामित किया है। ​निरीक्षण के दौरान लोलार्क कुंड पर पार्षद राजेश यादव, विजय द्विवेदी, सहायक अभियंता (जलकल) विकास निषाद, अवर अभियंता (सिविल) पंकज पटेल, सफाई निरीक्षक शिवेश तिवारी, अवर अभियंता (जलकल) दीपक कुमार सिंह और अवर अभियंता (मार्ग प्रकाश) हरीश मिश्रा उपस्थित रहे। वहीं लक्ष्मी कुंड (लक्सा) के निरीक्षण में जोनल अधिकारी (दशाश्वमेध), अवर अभियंता (सिविल) नागेंद्र कुमार, सफाई निरीक्षक वेद प्रकाश राय, अवर अभियंता (जलकल) कुमारी चंदन यादव, अवर अभियंता (मार्ग प्रकाश) हरीश मिश्रा तथा वेलस्पन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अन्विति में ‘रंगों की उड़ान’ ने भरी कल्पना की उड़ान, 15 सितंबर को संजय मिश्र के साथ होगा हिंदी दिवस समारोह
अन्विति में ‘रंगों की उड़ान’ ने भरी कल्पना की उड़ान, 15 सितंबर को संजय मिश्र के साथ होगा हिंदी दिवस समारोह
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग स्थित एसपीआरसी हाल में आयोजित ‘अन्विति हिंदी सप्ताह’ का पांचवां और अंतिम आयोजन ‘रंगों की उड़ान’ चित्रकला प्रतियोगिता के साथ संपन्न हुआ। हिंदी प्रकाशन समिति की ओर से आयोजित इस श्रृंखला में विद्यार्थियों ने शब्दों के बजाय रंगों और रेखाओं के माध्यम से विज्ञान, तकनीक, प्रकृति और भविष्य की अपनी कल्पनाओं को कैनवास पर उकेरा।हिंदी सप्ताह की शुरुआत सात सितंबर को ‘काव्य सरिता’ से हुई थी। इसके बाद आठ सितंबर को ‘कथा सृजन’, नौ सितंबर को वाद-विवाद और दस सितंबर को ‘ज्ञान प्रभा’ का आयोजन किया गया। इन आयोजनों के बाद 12 सितंबर को विद्यार्थियों ने चित्रकला प्रतियोगिता में अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।सेमिनार कॉम्प्लेक्स परिसर में लगाए गए कैनवासों पर विद्यार्थियों ने भविष्य की दुनिया, अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पर्यावरण और विज्ञान से जुड़े विविध चित्र बनाए। मंगल ग्रह पर कृषि और मानव बस्तियां, ऑक्सीजन सिलेंडरों वाला नगर, गुंबदनुमा हरित आवास, भारतीय ध्वज के साथ अंतरिक्ष यात्री, रोबोट, उड़न तश्तरी, डीएनए की सर्पिल संरचना, एआई और पौधों से भरे बल्ब जैसे विषय चित्रों में नजर आए।स्वीकृति कुमारी, श्रुति पाठक, अंकिता बिंद, प्राची तिवारी, सत्य राव और वैष्णवी बजाज सहित अनेक विद्यार्थियों ने विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को कला के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया। कुछ चित्रों में मंगल ग्रह पर भविष्य की बस्तियों और कृषि की कल्पना दिखाई दी तो कुछ में पृथ्वी से दूर विकसित होती काल्पनिक नगरियां नजर आईं। कई चित्रों में तकनीक और प्रकृति के बीच संतुलन का संदेश दिया गया।प्रतियोगिता में एक ओर प्रदूषण और धुएं से घिरे शहर तथा ऑक्सीजन सिलेंडर दिखाई दिए, तो दूसरी ओर हरित गुंबदों, अंतरिक्ष यानों और भविष्य की प्रयोगशालाओं के जरिए एक बेहतर और टिकाऊ दुनिया की कल्पना प्रस्तुत की गई। यही विरोधाभास प्रतियोगिता की प्रमुख विशेषताओं में रहा।ALSO READ: हिंदी दिवस पर BHU में शिक्षामंत्री के संदेश का हुआ वाचन, कार्यालयी कामकाज में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोरअब ‘अन्विति हिंदी सप्ताह’ का समापन 15 सितंबर को हिंदी दिवस समारोह के साथ होगा। कार्यक्रम महामना हॉल, सेमिनार कॉम्प्लेक्स, विज्ञान संकाय में दोपहर 2:45 बजे आयोजित किया जाएगा। समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात अभिनेता संजय मिश्र होंगे। इस अवसर पर ‘अचिंत्य’ पत्रिका की नई कड़ी ‘क्षितिज से परे’ का विमोचन भी प्रस्तावित है।
हिंदी दिवस पर BHU में शिक्षामंत्री के संदेश का हुआ वाचन, कार्यालयी कामकाज में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर
हिंदी दिवस पर BHU में शिक्षामंत्री के संदेश का हुआ वाचन, कार्यालयी कामकाज में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर
वाराणसी : हिंदी दिवस के अवसर पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में सोमवार को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। केंद्रीय कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का संदेश पढ़कर सुनाया।शिक्षामंत्री ने अपने संदेश में कहा कि हिंदी दिवस केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित रहने का अवसर नहीं है, बल्कि हिंदी को दैनिक कार्य-व्यवहार का स्वाभाविक माध्यम बनाने का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, शोध, नवाचार और डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हिंदी के व्यापक उपयोग से ज्ञान को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का कार्य और अधिक मजबूत होगा।कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी का संदेश भी पढ़ा गया। हिंदी अधिकारी डॉ. शिव कुमार त्रिपाठी ने कुलपति का संदेश वाचन किया। कुलपति ने विश्वविद्यालय परिवार को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सभी अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी अपने कार्यालयी कामकाज का अधिकाधिक हिस्सा हिंदी में करें। साथ ही, सहयोगियों को भी हिंदी के प्रयोग के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।ALSO READ:हरितालिका तीज पर मां मंगलागौरी मंदिर में उमड़ी महिलाओं की भीड़, विधि-विधान से किया पूजनकार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रमेश सिंह ने किया। इस अवसर पर विधि प्रकोष्ठ समन्वयक प्रो. रजनीश कुमार सिंह, आंतरिक अंकेक्षण अधिकारी उदय शंकर उपाध्याय, संयुक्त कुलसचिव (लेखा) डॉ. संजय कुमार, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजेश सिंह, उपकुलसचिव (शिक्षण) डॉ. रंजीत शांडिल्य, सहायक कुलसचिव (सामान्य प्रशासन) अशोक कुमार शर्मा सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और अन्य सदस्य मौजूद रहे। राजभाषा प्रकोष्ठ के अंशुमान पटेल, रामजी त्रिपाठी सहित अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।