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सारनाथ में विश्‍व बैंक की टीम ने विकास कार्यों का किया निरीक्षण, सूखे पौधे और गंदगी देख जताई नाराजगी

सारनाथ में विश्‍व बैंक की टीम ने विकास कार्यों का किया निरीक्षण, सूखे पौधे और गंदगी देख जताई नाराजगी
Sep 22, 2026, 01:04 PM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : विश्व बैंक की टीम ने मंगलवार को सारनाथ पहुंचकर प्रो-पुअर प्रोजेक्ट के तहत कराए गए विकास कार्यों और प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान जगह-जगह गंदगी और संग्रहालय परिसर के आसपास लगाए गए पौधों के सूखे मिलने पर टीम के सदस्यों ने नाराजगी जताई. टीम ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए.


विश्व बैंक की टीम सुबह करीब 10:19 बजे सारनाथ पहुंची. सबसे पहले पुरातात्विक संग्रहालय के आसपास के क्षेत्रों का जायजा लिया. गैदरिंग प्लाजा के आसपास अवैध दुकानों को देखकर टीम ने इसकी जानकारी पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को दी. संग्रहालय परिसर के आसपास लगाए गए पौधों के सूखे होने पर भी टीम ने चिंता जताई. इसके बाद टीम ने व्याख्यान कक्ष का निरीक्षण किया और वहां प्रदर्शित प्राचीन चित्रों के माध्यम से सारनाथ के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी ली. पुरातात्विक संग्रहालय की हिंदू गैलरी में टीम ने देवी-देवताओं की प्रतिमाओं और कलाकृतियों का अवलोकन किया तथा उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी प्राप्त की.


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संग्रहालय के कॉमन रूम में रखे भारत के राष्ट्रीय चिह्न चार सिंह शीर्ष को भी टीम ने देखा और उसके ऐतिहासिक महत्व की जानकारी ली. राष्ट्रीय चिह्न की कलाकृति और चमक को देखकर टीम के सदस्य प्रभावित नजर आए. इसके बाद बुद्ध गैलरी में भगवान बुद्ध से संबंधित प्रतिमाओं का अवलोकन किया. निरीक्षण के अंतिम चरण में टीम पुरातात्विक उत्खनित स्थल परिसर पहुंची. यहां धर्मराजिका स्तूप, अशोक की लाट, मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर के अवशेष और धमेख स्तूप का निरीक्षण किया गया. अधिकारियों ने टीम को इन ऐतिहासिक स्मारकों की पृष्ठभूमि और उनके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी.

एचपीवी टीकाकरण को लेकर बीएचयू में जागरूकता कार्यक्रम, 11 एमबीबीएस छात्रों को लगी वैक्सीन की पहली डोज.
एचपीवी टीकाकरण को लेकर बीएचयू में जागरूकता कार्यक्रम, 11 एमबीबीएस छात्रों को लगी वैक्सीन की पहली डोज.
वाराणसी: ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण को लेकर मंगलवार को सर सुंदरलाल अस्पताल, IMS-BHU के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एडोलसेंट हेल्थ एंड डेवलपमेंट (Model-AFHC), OPD-201 में जागरूकता कार्यक्रम सह स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को HPV संक्रमण से होने वाली बीमारियों, विशेष रूप से सर्वाइकल कैंसर से बचाव में टीकाकरण की भूमिका के प्रति जागरूक करना रहा।कार्यक्रम का आयोजन IMS-BHU के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष एवं Centre of Excellence for Adolescent Health and Development की नोडल अधिकारी प्रो. (डॉ.) संगीता राय के मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण में किया गया।इस दौरान गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रो. (डॉ.) डी.पी. यादव ने छात्रों और प्रतिभागियों को HPV टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि HPV से संबंधित बीमारियों की रोकथाम के लिए टीकाकरण एक महत्वपूर्ण निवारक उपाय है। उन्होंने छात्रों से अपने सहपाठियों, परिवार और समुदाय के लोगों के बीच भी HPV टीकाकरण को लेकर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।11 एमबीबीएस छात्रों को लगी पहली डोजस्वास्थ्य शिविर के दौरान IMS-BHU के 11 एमबीबीएस छात्रों को HPV वैक्सीन की पहली खुराक दी गई। आयोजकों के अनुसार, यह युवा वर्ग में निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।कार्यक्रम में प्रतिभागियों को HPV वैक्सीनेशन की खुराक और समय-सारणी के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि 9 से 14 वर्ष की आयु में टीकाकरण शुरू करने वालों को सामान्यतः दो खुराक दी जाती हैं, जबकि 14 वर्ष की आयु के बाद टीकाकरण शुरू करने वाले व्यक्तियों को सामान्यतः तीन खुराक की आवश्यकता होती है। यह संबंधित टीकाकरण दिशानिर्देशों के अनुसार है।ALSO READ:महापौर ने इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण का किया शिलान्यास, गुणवत्‍तापूर्ण विकास पर दिया जोरकार्यक्रम के सफल आयोजन में हर्ष कुमार सिंह, सौम्या मिश्रा और मज़ाहिर अब्बास हैदरी की समन्वित भूमिका रही। उनके सहयोग से छात्रों के बीच HPV टीकाकरण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का संचालन किया गया।
महापौर ने इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण का किया शिलान्यास, गुणवत्‍तापूर्ण विकास पर दिया जोर
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वाराणसी : शहर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से वाराणसी के विकास कार्यों को निरंतर गति दी जा रही है. इसी क्रम में त्वरित आर्थिक विकास योजना वर्ष 2025-26 के अंतर्गत वार्ड खजुरी में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य का आज महापौर अशोक कुमार तिवारी द्वारा शिलान्यास किया गया. उक्त सड़क निर्माण कार्य रवि मौर्या के मकान से पूर्व सांसद राजेश मिश्र के मकान होते हुए नीरज के मकान तक कराया जाएगा.इस कार्य पर लगभग 11.39 लाख रुपये की लागत आएगी. शिलान्यास के अवसर पर महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में मूलभूत नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सड़क, नाली, प्रकाश एवं अन्य विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जनसुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.ALSO READ: वाराणसी में इस ई-कामर्स प्‍लेटफार्म ने खोला पहला पूर्ति और छँटाई केंद्र, मिलेगी तेज डिलीवरीइस अवसर पर क्षेत्रीय पार्षद अशोक मौर्या, संदीप रघुवंशी, दिनेश यादव, भाजपा कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे. स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण कार्य के शिलान्यास पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए महापौर एवं नगर निगम के प्रति आभार जताया. क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि सडक निर्माण से राहत मिलेगी और यातायात व्‍यवस्‍था भी प्रभावित नहीं होगी.
वाराणसी में इस ई-कामर्स प्‍लेटफार्म ने खोला पहला पूर्ति और छँटाई केंद्र, मिलेगी तेज डिलीवरी
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वाराणसी : त्योहारों के मौसम से ठीक पहले ई-कॉमर्स कंपनी अमेजान ने वाराणसी में अपना पहला फुलफिलमेंट और सॉर्ट सेंटर शुरू किया है. इस नए सेंटर में एक लाख क्यूबिक फीट सामान रखने की क्षमता है. इससे पूर्वांचल के ग्राहकों को सामान की डिलीवरी अब और तेजी से मिलेगी. अमेजन के इस नए कदम से स्थानीय स्तर पर सैकड़ों लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. कंपनी इस साल अपने लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 2800 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रही है. इससे छोटे शहरों में व्यापार को बढ़ावा मिलेगा.वाराणसी के साथ-साथ कंपनी रायपुर और रांची जैसे गैर-मेट्रो शहरों में भी नए केंद्र खोल रही है. अब देश के 118 से ज्यादा शहरों में ग्राहकों को उसी दिन सामान मिलने की सुविधा मिलेगी. इस विस्तार से पूरे उत्तर प्रदेश में कंपनी का नेटवर्क और मजबूत हो गया है. इन सुविधाओं के शुरू होने से वाराणसी और आसपास के इलाकों के ग्राहकों को अमेजॉन के पैकेट ज्‍यादा तेजी और भरोसे के साथ मिलेंगे. साथ ही, इससे सैकड़ों स्थानीय लोगों को नौकरियां भी मिलेंगी. इन केंद्रों को लॉजिस्टिक्स उद्योग की प्रमुख पार्टनर कंपनियां चलाएंगी. अब पूरे उत्तर प्रदेश में अमेजॉन के पास एक फुलफिलमेंट सेंटर, एक सॉर्ट सेंटर और दो डिलीवरी स्टेशन हो गए हैं.ALSO READ:सारनाथ में विश्‍व बैंक की टीम ने विकास कार्यों का किया निरीक्षण, सूखे पौधे और गंदगी देख जताई नाराजगीयह शुरुआत अमेजॉन के पूरे भारत में अपने नेटवर्क को बढ़ाने के कदम का हिस्सा है. कंपनी भारत भर में 20 नए एफसी, 6 नए सॉर्ट सेंटर और 150 नए डिलीवरी स्टेशन जोड़ रही है. इस नए विस्तार से एमेजॉन की सामान रखने की कुल क्षमता 50% बढ़कर 64 मिलियन (6.4 करोड़) क्यूबिक फीट हो गई है—जो 720 से अधिक ओलंपिक स्विमिंग पूल के बराबर है.