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काशी में शक्ति की आराधना, पहले दिन शैलपुत्री में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

काशी में शक्ति की आराधना, पहले दिन शैलपुत्री में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
Sep 22, 2025, 09:50 AM
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Posted By Anurag Sachan

वाराणसी – महादेव की नगरी काशी में शारदीय नवरात्र 2025 की शुरुआत आस्था और श्रद्धा के रंगों के साथ हुई. देवी मंदिरों में ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. श्रद्धालु हाथों में नारियल और फूल माला लेकर माता के चरणों में हाजिरी लगाने पहुंचे.

नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व होता है. वाराणसी के अलईपुरा स्थित शैलपुत्री मंदिर में इस अवसर पर बडी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. पूरा मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंजता रहा. इस दौरान सुरक्षा को देखते हुए बडी संख्याा में फोर्स की तैनाती की गई है. महिला पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं.



हिमायल के घर पुत्री के रूप में अवतरित हुईं शैलपुत्री


जगदम्बा मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में अवतरित हुई थीं. कालांतर में यही स्वरूप पार्वती के नाम से भगवान शंकर की अर्धांगिनी बनीं. मान्यता है कि मां शैलपुत्री की पूजा से यश, कीर्ति, धन और विद्या की प्राप्ति होती है. भक्तों का विश्वास है कि इनकी आराधना मात्र से मोक्ष की प्राप्ति संभव है.


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बंगाल के रंग काशी


काशी में शक्ति पूजन उतने ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है जितना शिव पूजन. इस बार नवरात्र दस दिन का है. इन दिनों तक पूरी नगरी भक्तिमय वातावरण में डूबी रहती है. हर गली, हर मोहल्ला और हर मंदिर “जय माता दी” के उद्घोष से गूंज उठता है. साथ ही बंगाल का भी रंग शहर में उतरने लगा है. शारदीय नवरात्र के पहले दिन की यह छटा वाराणसी की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को और भी जीवंत कर देती है.

वाराणसी एयरपोर्ट पर यात्रियों को तंग करने वाले टैक्‍सी चालकों पर कसा शिकंजा, पुलिस की गिरफ्त में तीन
वाराणसी एयरपोर्ट पर यात्रियों को तंग करने वाले टैक्‍सी चालकों पर कसा शिकंजा, पुलिस की गिरफ्त में तीन
वाराणसी: लाल बहादुर शास्‍त्री अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट परिसर में यात्रियों को घेरकर सवारियों को परेशान करने वाले टैक्‍सी और आटो चालकों पर कमिश्‍नरेट पुलिस ने शिकंजा कसा है. जबरदस्‍ती दबाव बनाने वालों के विरुद्ध जबरदस्‍त कार्रवाई की गई. इस संबंध में 03 चालक गिरफ्तार, 40 चार पहिया वाहनों का चालान व 01 वाहन सीज किए गए हैं.सख्त कार्रवाई में जुटी पुलिसएयरपोर्ट परिसर में यात्रियों को घेरकर जबरन सवारी के लिए दबाव बनाने तथा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए गोमती जोन के डीसीपी आकाश पटेल के निर्देशन में थाना फूलपुर पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है. उल्लेखनीय है कि दिनांक नौ मार्च को थाना फूलपुर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन करते हुए यात्रियों को घेरकर सवारी के लिए दबाव बनाने वाले 04 चालकों को गिरफ्तार किया गया था.यह भी पढ़ें: गैस सिलेंडर आपूर्ति के दावों पर जमीनी हकीकत भारी, बंद हुए एजेंसी वालों के मोबाइल फोनबता दें, 02 वाहनों को जब्त किया गया था. इसके बावजूद, पूर्व में दी गई हिदायतों एवं उक्त कार्रवाई के बाद भी कुछ चालकों द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था. इसी के दृष्टिगत यात्रियों की सुविधा एवं व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एयरपोर्ट परिसर में 04 पुलिसकर्मियों की स्थायी ड्यूटी लगाई गई है, जिन्हें ऐसे चालकों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमित रूप से आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.फूलपुर पुलिस की गठित टीमइसी क्रम में मंगलवार को थाना फूलपुर पुलिस की गठित टीम द्वारा एयरपोर्ट परिसर में पुनः चेकिंग एवं निगरानी की कार्रवाई की गई. इस दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए यात्रियों को घेरकर सवारी के लिए दबाव बनाने वाले 03 चालकों को गिरफ्तार किया गया. साथ ही चार पहिया 40 वाहनों का चालान किया गया तथा 01 वाहन को सीज किया गया.ऑटो चालकों को सख्त हिदायत सभी टैक्सी/ऑटो चालकों को पुनः सख्त हिदायत दी गई है कि वे केवल निर्धारित पार्किंग क्षेत्र में ही अपने वाहन खड़े करें तथा किसी भी यात्री को घेरकर सवारी के लिए दबाव न बनाएं. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित चालकों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. एयरपोर्ट परिसर में यात्रियों की सुविधा एवं सुव्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी. पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान टैक्‍सी चालकों में अफरा तफरी मची रही.
गैस सिलेंडर आपूर्ति के दावों पर जमीनी हकीकत भारी,  बंद हुए एजेंसी वालों के मोबाइल फोन
गैस सिलेंडर आपूर्ति के दावों पर जमीनी हकीकत भारी, बंद हुए एजेंसी वालों के मोबाइल फोन
वाराणसी: खाड़ी युद्ध के कारण गैस सिलेंडर की आपूर्ति के दावों पर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. आपूर्ति पर पड़े प्रभाव को लेकर केंद्र सरकार से लेकर स्थानीय प्रशासन घरेलू गैस आपूर्ति को प्राथमिकता को तय कर दिया है. इसके बावजूद इसका बहुत प्रभाव नहीं दिख रहा है. लोग एक सप्ताह से 10 दिनों से दूसरा गैस बुकिंग कराकर सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं. अब लोग फोन पर संपर्क से लेकर गैस एजेंसी व गोदाम तक पहुंचकर चक्कर लगा रहे हैं. जबकि प्रशासन ने साफ किया है कि 25 दिन बाद बुकिंग और 26वें दिन गैस सिलेंडर घर पहुंच रहा है.यह भी पढ़ें: SIR ड्यूटी में तैनात BLO की मौत, सामने आई बीमारी की वजहगैस को लेकर टकटकपुर स्थित वाराणसी गैस गोदाम पर सुबह सात बजे के करीब 20 लोग पर्ची व सिलेंडर लेकर पहुंचे. इसमें कुछ लोग तो ऐसे थे जिनके पास एक ही सिलेंडर था. वह अधिकतर आते रहते हैं. यह संख्या आम दिनों में 10 से कम होती है. कुछ लोग ऐसे थे जिनका दूसरा सिलेंडर खाली हो गया था. उनका कहना था युद्ध को देखते हुए वह दूसरा सिलेंडर भरवा लेना चाहते हैं. इस कारण गोदाम पर आ गए.नहीं आ रहा कामर्शियल सिलेंडर गोदाम इंचार्ज दशरथ सोनकर ने बताया कि प्रतिदिन एक ट्रक आ रहा है. कोई दिक्कत नहीं है. नियमित रूप से ट्रालीमैन सिलेंडर लेकर जा रहे हैं. उनकी एजेंसी के उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत नहीं है. उनको क्रम से नियमित गैस पहुंच रही है. बताया कि कामर्शियल सिलेंडर नहीं आ रहा है. इस कारण उसकी सप्लाई नहीं की जा रही है. लोग अपने सगे संबंधियों और पड़ोसियों से गैस पहुंचने के संबंध में पूछताछ कर रहे हैं.घरेलू गैस पीएनजी पर कोई प्रभाव नहींइस बीच पाइप से घर तक पहुंचने वाली घरेलू गैस पीएनजी पर कोई प्रभाव नहीं है. वह अवाध रूप से घरों तक पहुंच रही है. कामर्शियल सिलेंडर प्रयोग करने वाले लान संचालक, होटल, रेस्टोरेंट और कैटरर परेशान हैं. अधिकतर जगह दूसरी कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण उनके सामने संकट की स्थिति है. कुछ ने तो कहा कि वह आज कल में काम बंद कर देंगे. एक कैटरर ने बताया कि उन्होंने दो बुकिंग वालों को घरेलू सिलेंडर का इंतजाम करने को कह दिया है."बुकिंग के अगले दिन मिलेगा सिलेंडर"एडीएम आपूर्ति अमित कुमार ने बताया कि पहले की जो बुकिंग की पेंडेंसी है उसे खत्म कर रहे हैं. प्रयास है कि सभी को उपलब्ध करा दिया जाए. सभी को एक दो दिन में उपलब्ध करा दिया जाएगा. उसके बाद जो गाइडलाइन आई है कि 25 दिन पर बुकिंग होगी तो बुकिंग कराते ही अगले दिन सिलेंडर मिल जाएगा. गैस की कमी नहीं है. यह सारे इंतजाम केवल जमाखोरी रोकने के लिए किए गए हैं. केवल कामर्शियल सिलेंडर पर रोक लगी है. पीएनजी की घरेलू और कामर्शियल आपूर्ति पूरी तरह नियमित है. अफवाहों पर ध्‍यान न दें.गैस एजेंसियों ने कर दिया मोबाइल आफलोगों के लगातार गैस के संबंध में पूछताछ करने की वजह से गैस एजेंसियों के मालिक और मैनेजर ने अपना मोबाइल आफ कर दिया है. वह अपनी जरूरत के अनुसार मोबाइल आन कर रहे हैं और जरूरी बात कर फिर आफ कर दे रहे हैं. कुछ वाट्सएप काल भी नहीं उठ रहा है. कुछ ने तो मोबाइल में ऐसी सेटिंग कर दिए हैं कि लोगों के काल न आ सके. लोग परेशान न हों और संग्रह न करें इसके लिए एजेसियां मैसेज भेजने लगी हैं.वाराणसी में गैस वितरणजनपद में कुल एलपीजी गैस उपभोक्ता- 1065634कुल कामर्शियल एलपीजी गैस उपभोक्ता-5255जनपद में पीएनजी उपभोक्ता-65000उद्योगों में पीएनजी उपभोक्ता-31
SIR ड्यूटी में तैनात BLO की मौत, सामने आई बीमारी की वजह
SIR ड्यूटी में तैनात BLO की मौत, सामने आई बीमारी की वजह
वाराणसी: एसआईआर ड्यूटी में तैनात एक बीएलओ की आज बुधवार की सुबह मौत हो गई. मौत की वजह बीमारी बताई जा रही है. हालांकि परिजनों का आरोप है कि गंभीर रूप से बीमार होने के बावजूद उन्हें ड्यूटी से राहत नहीं मिली और इलाज के अभाव में उन्होंने तड़पते हुए दम तोड़ दिया. घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है. मृतक की पहचान चौबेपुर थाना क्षेत्र के कौवापुर गांव निवासी बीएलओ शेख मुहम्मद अजगर अली के रूप में हुई है.बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे. परिवार के लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से छुट्टी लेकर इलाज कराने की अनुमति मांगी थी लेकिन उनकी गुहार पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया. परिजनों के अनुसार बीमारी की स्थिति में भी उन्हें लगातार विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े कार्यों में लगाया जाता रहा जिससे उनकी सेहत पर लगातार असर पड़ता गया.यह भी पढ़ें: बुजुर्ग समेत दो लोगों ने लगाई फांसी, वजह जान आप भी रह जाएंगे हैरानपरिवार के मुताबिक जब उनकी तबीयत अधिक बिगड़ने लगी तो उन्हें स्थानीय डॉक्टर के पास दिखाया गया. जांच के बाद डॉक्टर ने ज्वाइंडिस यानी पीलिया के गंभीर संक्रमण की आशंका जताई थी और तुरंत अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराने की सलाह दी थी. इसके बावजूद परिस्थितियों और ड्यूटी के दबाव के कारण उन्हें समय पर समुचित इलाज नहीं मिल सका.पीड़ित परिजनों का आरोपपरिवार का कहना है कि इसी कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः बुधवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया. परिजनों का आरोप है कि अजगर अली ने कई बार अधिकारियों और अपने सुपरवाइजर से छुट्टी की मांग की थी. उनका कहना है कि बीमारी को गंभीरता से लेने के बजाय इसे टाल दिया गया और उन्हें भरोसा दिया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने और मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद उन्हें अवकाश दे दिया जाएगा.हालांकि इससे पहले ही उनकी हालत इतनी बिगड़ गई कि बुधवार सुबह उनकी मौत हो गई. इस घटना ने चुनावी कार्यों में लगे कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.