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गैस सिलेंडर : किल्लत तो कुछ अफवाह, लोगों की परेशानी को दे रहे हवा

गैस सिलेंडर : किल्लत तो कुछ अफवाह, लोगों की परेशानी को दे रहे हवा
Mar 11, 2026, 11:29 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: इन दिनों शहर में बस एक ही चर्चा आम है. गैस सिलेंडर नही मिल रहा. खाड़ी युद्ध के बढ़ने के साथ ही गैस किल्लत की चर्चा को अफवाहों के पंख लग गए. नतीजा गैस एजेंसियों पर लगने लगी लाइन. गैस आपूर्ति को लेकर केंद्र सरकार से लेकर स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया कुछ उपाय शुरू कर दिए. इसके बावजूद इसका बहुत प्रभाव नहीं दिख रहा है. लोग एक सप्ताह से 10 दिनों से दूसरा गैस बुकिंग कराकर सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं. अब लोग फोन पर संपर्क से लेकर गैस एजेंसी व गोदाम तक पहुंचकर चक्कर लगा रहे हैं. जबकि प्रशासन ने साफ किया है कि 25 दिन बाद बुकिंग और 26वें दिन गैस सिलेंडर घर पहुंच रहा है.


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गैस को लेकर टकटकपुर स्थित वाराणसी गैस गोदाम पर सुबह सात बजे के करीब 20 लोग पर्ची व सिलेंडर लेकर पहुंचे. इसमें कुछ लोग तो ऐसे थे जिनके पास एक ही सिलेंडर था. वह अधिकतर आते रहते हैं. यह संख्या आम दिनों में 10 से कम होती है. कुछ लोग ऐसे थे जिनका दूसरा सिलेंडर खाली हो गया था. उनका कहना था युद्ध को देखते हुए वह दूसरा सिलेंडर भरवा लेना चाहते हैं. इस कारण गोदाम पर आ गए.


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नहीं आ रहा कामर्शियल सिलेंडर


गोदाम इंचार्ज दशरथ सोनकर ने बताया कि प्रतिदिन एक ट्रक आ रहा है. कोई दिक्कत नहीं है. नियमित रूप से ट्रालीमैन सिलेंडर लेकर जा रहे हैं. उनकी एजेंसी के उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत नहीं है. उनको क्रम से नियमित गैस पहुंच रही है. बताया कि कामर्शियल सिलेंडर नहीं आ रहा है. इस कारण उसकी सप्लाई नहीं की जा रही है. लोग अपने सगे संबंधियों और पड़ोसियों से गैस पहुंचने के संबंध में पूछताछ कर रहे हैं.


घरेलू गैस पीएनजी पर कोई प्रभाव नहीं


इस बीच पाइप से घर तक पहुंचने वाली घरेलू गैस पीएनजी पर कोई प्रभाव नहीं है. वह अवाध रूप से घरों तक पहुंच रही है. कामर्शियल सिलेंडर प्रयोग करने वाले लान संचालक, होटल, रेस्टोरेंट और कैटरर परेशान हैं. अधिकतर जगह दूसरी कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण उनके सामने संकट की स्थिति है. कुछ ने तो कहा कि वह आज कल में काम बंद कर देंगे. एक कैटरर ने बताया कि उन्होंने दो बुकिंग वालों को घरेलू सिलेंडर का इंतजाम करने को कह दिया है.


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"बुकिंग के अगले दिन मिलेगा सिलेंडर"


एडीएम आपूर्ति अमित कुमार ने बताया कि पहले की जो बुकिंग की पेंडेंसी है उसे खत्म कर रहे हैं. प्रयास है कि सभी को उपलब्ध करा दिया जाए. सभी को एक दो दिन में उपलब्ध करा दिया जाएगा. उसके बाद जो गाइडलाइन आई है कि 25 दिन पर बुकिंग होगी तो बुकिंग कराते ही अगले दिन सिलेंडर मिल जाएगा. गैस की कमी नहीं है. यह सारे इंतजाम केवल जमाखोरी रोकने के लिए किए गए हैं. केवल कामर्शियल सिलेंडर पर रोक लगी है. पीएनजी की घरेलू और कामर्शियल आपूर्ति पूरी तरह नियमित है. अफवाहों पर ध्‍यान न दें.


गैस एजेंसियों ने कर दिया मोबाइल आफ


लोगों के लगातार गैस के संबंध में पूछताछ करने की वजह से गैस एजेंसियों के मालिक और मैनेजर ने अपना मोबाइल आफ कर दिया है. वह अपनी जरूरत के अनुसार मोबाइल आन कर रहे हैं और जरूरी बात कर फिर आफ कर दे रहे हैं. कुछ वाट्सएप काल भी नहीं उठ रहा है. कुछ ने तो मोबाइल में ऐसी सेटिंग कर दिए हैं कि लोगों के काल न आ सके. लोग परेशान न हों और संग्रह न करें इसके लिए एजेसियां मैसेज भेजने लगी हैं.


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वाराणसी में गैस वितरण


जनपद में कुल एलपीजी गैस उपभोक्ता- 1065634

कुल कामर्शियल एलपीजी गैस उपभोक्ता-5255

जनपद में पीएनजी उपभोक्ता-65000

उद्योगों में पीएनजी उपभोक्ता-31

स्मार्ट काशी ऐप से घर बैठे कराएं पालतू कुत्‍तों-बिल्‍ली का रजिस्ट्रेशन, वरना खैर नहीं
स्मार्ट काशी ऐप से घर बैठे कराएं पालतू कुत्‍तों-बिल्‍ली का रजिस्ट्रेशन, वरना खैर नहीं
Register your pet dogs and cats from home using the Smart Kashi app, or you'll be in trouble.​वाराणसी: यदि आप भी पशु प्रेमी हैं और घर में कुत्ता या बिल्ली पालने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए खास है. नगर निगम अब पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण (श्वान प्रजनन एवं विपणन) नियम 2017 को कड़ाई से अनुपालन कराने की तैयारी कर रहा है. इसके तहत शहरी सीमा में पालतू कुत्तों और बिल्लियों का पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है. नियमों की अनदेखी करने वाले पशुपालकों को न केवल आर्थिक दंड भुगतना होगा, बल्कि उन पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं नगर निगम पशुपालकों की सुविधा के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है. ऐसे में अब स्मार्ट काशी ऐप के माध्यम से घर बैठे ही अपने पालतू जानवरों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. ​पशु कल्याण एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष पाल ने बताया कि पालतू जानवरों का पंजीकरण कराने के लिए पशुपालकों को ऑनलाइन व आफलाइन दोनों सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है. इस नियम का मुख्य उद्देश्य पशुओं की सुरक्षा और शहर में पालतू जानवरों का सटीक डेटा रखना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण न कराने की स्थिति में पशुपालकों पर 500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. साथ ही गंभीर उल्लंघन के मामलों में पशु को जब्त करने जैसी कानूनी कार्रवाई भी संभव है.Also Read: वैशाख पूर्णिमा पर नमामि गंगे ने जगाई स्वच्छता की अलख, गंगा को स्वच्छ रखने का दिया संदेशकुछ नस्लों पर विशेष पाबंदीनगर निगम ने पिटबुल, रॉटवीलर, डोगो अर्जेंटीनो, तोसा, फाइला ब्रासीलियो जैसे आक्रामक माने जाने वाले कुत्तों के पालतूकरण को प्रतिबंधित किया है. " कुत्तों और बिल्लियों के पंजीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए इसे पूरी तरह डिजिटल किया गया है. ऐसे में समय रहते अपने पालतू पशुओं का विवरण दर्ज करा लें, ताकि जुर्माने से बचा जा सके. - हिमांशु नागपाल, नगर आयुक्तhttps://www.youtube.com/watch?v=yk_vEG6WMTk
वैशाख पूर्णिमा पर नमामि गंगे ने जगाई स्वच्छता की अलख, गंगा को स्वच्छ रखने का दिया संदेश
वैशाख पूर्णिमा पर नमामि गंगे ने जगाई स्वच्छता की अलख, गंगा को स्वच्छ रखने का दिया संदेश
On Vaishakh Purnima, Namami Gange raised awareness about cleanliness and gave the message of keeping the Ganga clean.वाराणसी: वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर नमामि गंगे ने शूक्रवार को अस्सी घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया. भगवान बुद्ध द्वारा दिए गए पर्यावरण संरक्षण के संदेश को ध्वनि विस्तारक यंत्र से जन-जन तक पहुंचाकर गंगा को स्वच्छ रखने का संदेश दिया. कार्यक्रम का नेतृत्व नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने किया. इस दौरान गंगा घाट पर पहुंची नमामि गंगे की टीम द्वारा गंगा की तलहटी और किनारे पड़ी गंदगी को उठाकर कूड़ेदान तक पहुंचाया गया. पॉलिथीन कचरा तथा गंगा में श्रद्धालुओं द्वारा विसर्जित की गयी पूजा सामग्री के अवशेषों को निकाला गया.नमामि गंगे परियोजना का विवरण दर्शातीश्रमदान में अन्य श्रद्धालुओं ने भी सहयोग किया. इस दौरान नमामि गंगे टीम ने सुबह ए बनारस के मंच पर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित नमामि गंगे परियोजना का विवरण दर्शाती पत्रिका का वितरण किया. बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सुबह ए बनारस के मंच पर स्वच्छता के स्वर गूंजे. संयोजक राजेश शुक्ला ने बताया कि तथागत भगवान बुद्ध ने पर्यावरण के संरक्षण का संदेश दिया है. वह कहते थे कि मनुष्य को अपने किसी भी कृत्य से पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए. कहा कि भारतीय जनजीवन में नदियों का महत्व इसी से जाना जा सकता है कि धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक, व्यापारिक, पर्यटन, स्वास्थ्य , कृषि, शैक्षिक, औषधि, पर्यावरण और न जाने कितने क्षेत्र हैं जो हमारी नदियों से सीधे-सीधे जुड़े हुए हैं.Also Read: ताइक्वांडो कप 2026: नन्हे खिलाड़ियों की दमदार किक, वाराणसी बना चैंपियनवसुधैव कुटुंबकम का संदेश कहा कि हमारी पवित्र नदियां विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम का संदेश देती हैं वैसे ही भगवान बुद्ध का संदेश हमें सत्य, अहिंसा, प्रेम, करुणा और शांति के मार्ग पर चलकर मानवता की सेवा करने की प्रेरणा देता है. हम सब बुद्ध के सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात कर सामाजिक समरसता का संकल्प लें. आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक वह नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, डॉ रत्नेश वर्मा, फैजल, अमन, शिव आदि उपस्थित रहे.https://www.youtube.com/watch?v=yk_vEG6WMTk
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