नए साल में 200 स्टार्टअप आइडिया को युवा देंगे आकार, एमएसएमई करेगा प्रचार

वाराणसी : नए साल के साथ ही जिले में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की जा रही है. वर्ष 2026 में करीब 200 स्टार्टअप आइडिया को आकार देकर युवाओं को उद्यमी बनाने की योजना तैयार की गई है. इस अभियान में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के विभागों की अहम भूमिका होगी. विभाग के ओर से युवाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम किया जाएगा. इसका उद्देश्य पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
एमएसएमई के क्षेत्रीय सहायक निदेशक राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि महीने में एक दिन युवाओं के लिए कार्यशाला आयोजित करके युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसमें उद्योग विशेषज्ञ, बैंक अधिकारी, एमएसएमई के तकनीकी सलाहकार और प्रशासनिक अधिकारी युवाओं को प्रशिक्षण देंगे.
रोजगार सृजन पर होगा मंथन
इन कार्यशालाओं में स्टार्टअप की बुनियादी समझ, बिजनेस प्लान तैयार करना, बाजार की मांग, लागत और मुनाफे का आकलन, डिजिटल मार्केटिंग, जीएसटी पंजीकरण, ब्रांडिंग और फंडिंग जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी. हर महीने कम से कम 15 से 20 नए स्टार्टअप आइडिया को प्राथमिक स्तर पर चयनित किया जाएगा. जिसके अंतर्गत युवाओं को उद्योग विभाग से लोन दिलाकर उन्हें उद्यमी बनाने का प्रयास किया जाएगा.
एमएसएमई विभाग की ओर से युवाओं को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना, क्रेडिट गारंटी स्कीम और टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन स्कीम जैसी योजनाओं से जोड़ा जाएगा. आंकड़ों के मुताबिक, 2024 जिले में एमएसएमई के माध्यम से करीब 1500 से अधिक युवाओं को स्वरोजगार मिला, जबकि नए साल में यह संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है. अधिकारियों का मानना है कि अगर 200 स्टार्टअप सफल होते हैं तो इससे सीधे तौर पर 2000 से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकता है.
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आईटी सर्विस, ई-कॉमर्स, टूरिज्म और ग्रीन एनर्जी पर होगा फोकस
राजेश चौधरी ने बताया कि इस पहल में कृषि आधारित उद्योग, हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, आईटी सर्विस, ई-कॉमर्स, टूरिज्म और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों पर खास फोकस रहेगा. युवाओं को स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और कम लागत में अधिक लाभ वाले व्यवसायों के लिए प्रेरित किया जाएगा. यह योजना युवाओं को आर्थिक मजबूती देने के साथ जिले को उद्यमिता के हब के रूप में स्थापित करने में भी मददगार साबित होगी.



