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जीरो-एमिशन टेक्नोलॉजी, वाराणसी में शुरू हुआ देश का पहला स्वदेशी हाइड्रोजन पोत...

जीरो-एमिशन टेक्नोलॉजी, वाराणसी में शुरू हुआ देश का पहला स्वदेशी हाइड्रोजन पोत...
Jun 05, 2026, 05:56 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: भारत ने हरित परिवहन और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. देश का पहला स्वदेशी हाइड्रोजन चालित पोत (Hydrogen Vessel) अब वाराणसी में परिचालन शुरू कर चुका है. यह पहल भारत को जीरो-एमिशन परिवहन प्रणाली की दिशा में आगे बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी नई मजबूती प्रदान करेगी.


केंद्र सरकार के ग्रीन टग ट्रांजिशन प्रोग्राम (Green Tug Transition Programme) के तहत पारंपरिक डीजल चालित टग बोट्स को चरणबद्ध तरीके से जीरो-एमिशन विकल्पों से प्रतिस्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य बंदरगाहों और जल परिवहन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन को कम करना तथा स्वच्छ ऊर्जा आधारित तकनीकों को बढ़ावा देना है.


इसी क्रम में सरकार ने वर्ष 2030 तक 800 से अधिक जीरो-एमिशन ट्रकों को तैनात करने की भी योजना बनाई है. इन ट्रकों के संचालन से डीजल की खपत में उल्लेखनीय कमी आएगी और बंदरगाहों से जुड़े लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को अधिक स्वच्छ, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा सकेगा.


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विशेषज्ञों का मानना है कि हाइड्रोजन आधारित परिवहन तकनीक भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी अहम भूमिका निभाएगी. वाराणसी में स्वदेशी हाइड्रोजन पोत का संचालन भारत की आत्मनिर्भरता, नवाचार और हरित विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है.

यह पहल न केवल देश के जल परिवहन क्षेत्र में नई क्रांति लाएगी, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्र में अग्रणी देशों की श्रेणी में भी स्थापित करने में मदद करेगी.

सेंट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल की यूनिफॉर्म बदली, नीला जैकेट-ट्राउजर और चेक वाला कुर्ता नई पहचान
सेंट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल की यूनिफॉर्म बदली, नीला जैकेट-ट्राउजर और चेक वाला कुर्ता नई पहचान
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) द्वारा संचालित सेंट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल की छात्राओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए विद्यालय की यूनिफॉर्म में बदलाव किया गया है। स्कूल बोर्ड की ओर से नई यूनिफॉर्म को स्वीकृति दे दी गई है। नई यूनिफॉर्म में नीले रंग का जैकेट, ट्राउजर और नीले चेक वाला कुर्ता शामिल किया गया है।विद्यालय की ओर से खेलकूद के लिए भी चार हाउस के अनुसार अलग-अलग रंगों की यूनिफॉर्म को मंजूरी दी गई है। वर्तमान में छात्राओं के लिए सफेद रंग की यूनिफॉर्म लागू है। सफेद यूनिफॉर्म से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए छात्राओं की ओर से लंबे समय से यूनिफॉर्म में बदलाव की मांग की जा रही थी।नई यूनिफॉर्म के लिए नवप्रवेशित छात्राओं को 30 सितंबर तक का समयविद्यालय की कक्षा 6, 8 और 11 में नवप्रवेशित छात्राओं को नई यूनिफॉर्म बनवाने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया गया है। वहीं, विद्यालय में पहले से अध्ययनरत छात्राओं के लिए फिलहाल नई यूनिफॉर्म लेना अनिवार्य नहीं किया गया है। वे अपनी सुविधा के अनुसार नई यूनिफॉर्म अपना सकती हैं या वर्तमान सफेद यूनिफॉर्म में ही पढ़ाई जारी रख सकती हैं।विद्यालय की सभी छात्राओं के लिए अप्रैल 2028 से नई यूनिफॉर्म अनिवार्य कर दी जाएगी।छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया निर्णयस्कूल बोर्ड की उपाध्यक्ष प्रो. नंदिता घोषाल ने बताया कि यूनिफॉर्म में बदलाव का निर्णय कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि नई यूनिफॉर्म को लेकर छात्राओं में काफी उत्साह है।ALSO READ: जिला स्तरीय चयन में पहलवानों ने दिखाया दमखमविद्यालय की प्रधानाचार्या प्रो. मधु कुशवाहा ने कहा कि यूनिफॉर्म डिजाइन समिति ने बालिका विद्यार्थियों के सरोकारों और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई यूनिफॉर्म तैयार की है। नई यूनिफॉर्म को स्वीकृति मिलने के बाद विद्यालय में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
जिला स्तरीय चयन में पहलवानों ने दिखाया दमखम
जिला स्तरीय चयन में पहलवानों ने दिखाया दमखम
वाराणसी : खेल विभाग उत्तर प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ के समन्वय से जूनियर बालक, कुश्ती प्रतियोगिता का दिनांक 3 से 5 अक्टूबर तक आयोजन जनपद इटावा में किया जा रहा है . इसमें वाराणसी मंडल की टीम प्रतिभाग करेगी जिसके लिए वाराणसी कुश्ती संघ एवं एवं क्षेत्रीय खेल कार्यालय वाराणसी के समन्वय से जनपद का चयन ट्रायल डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम सिगरा में किया गया.फ्रीस्टाइल के 57 किलो में जिला जीत यादव गया सेठ,61 किलो में दीक्षित यादव माहनाग,65 किलो में दीपू यादव माहनाग,70 किलो में बजरंगी यादव महनाग,74 किलो में विशाल यादव बरेका,79 किलो में अश्वनी यादव गया सेठ, 86 किलो में शिवम यादव बरेका,92 किलो में हिमांशु यादव गया सेठ,97 किलो में आदर्श यादव बनियापुर 125 किलो में अभिषेक यादव मुर्दहा चुने गए.ग्रीको रोमन के 55 किलो में प्रेम बिन्द सिगरा,60 किलो में यशपाल सिगरा,63 किलो में पीयूष यादव सिगरा,67 किलो में विशाल यादव डुहिया,72 किलो में अनुकल्प यादव सिगरा,77 किलो में गोविंद भारद्वाज अजगर,82 किलो में विष्णु गुप्ता सिगरा,87 किलो में दीपू यादव मुर्दहा,97 किलो में अभय यादव मुर्दहा, 130 किलो में अमित यादव बनियापुर चुने गए.ALSO READ: बरेका में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत चला विशेष सफाई अभियान, लोगो को किया गया जागरूक.सभी चयनित पहलवान वाराणसी जनपद का प्रतिनिधित्व करेंगे.वाराणसी मंडल का चयन ट्रायल 24 सितंबर को सुबह 9:00 से डॉक्टर संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम सिगरा वाराणसी में किया जाएगानिर्णायक की भूमिका में सुरेंद्र यादव, दिव्यांश सिंह, बेबी सिंह, उमेश कुमार, रामाश्रय यादव, उमेश यादव रहे.
बरेका में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत चला विशेष सफाई अभियान, लोगो को किया गया जागरूक.
बरेका में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत चला विशेष सफाई अभियान, लोगो को किया गया जागरूक.
वाराणसी। रेल मंत्रालय के दिशा-निर्देशों और बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत के मार्गदर्शन में बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत लगातार स्वच्छता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में मंगलवार को बरेका परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया।अभियान के तहत बरेका परिसर में स्थापित सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों और सोलर पैनलों की विशेष साफ-सफाई की गई। उपकरणों पर जमा धूल-मिट्टी और गंदगी को हटाने के साथ उनकी कार्यशीलता की भी जांच की गई। आवश्यकता के अनुसार रखरखाव संबंधी कार्य किए गए। अधिकारियों ने सौर ऊर्जा उपकरणों को नियमित रूप से स्वच्छ और क्रियाशील रखने पर जोर दिया।इसके अलावा बरेका के ऑफिसर्स गेस्ट हाउस (OGH) और ऑफिसर्स रेस्ट हाउस (ORH) के किचन क्षेत्रों और डस्टबिन की विशेष सफाई की गई। किचन परिसर में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया।बरेका के आवासीय और वाणिज्यिक परिसरों में भी व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। जलालीपट्टी मार्केट में सार्वजनिक शौचालयों और नालियों की सफाई की गई। नालियों में जमा कचरे और गंदगी को हटाकर जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया।अभियान के दौरान स्थानीय लोगों और दुकानदारों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने और आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।बरेका प्रशासन के अनुसार, ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के माध्यम से स्वच्छ परिसर, स्वच्छ कॉलोनी और स्वच्छ वातावरण के निर्माण के साथ लोगों को स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया जा रहा है।ALSO READ:IMA बनारस का कार्यकाल ऐतिहासिक उपलब्धियों के लिए याद रखा जाएगा --- डॉ. अनुराग टंडन