118वां गणेशोत्सव, सात दिनों तक होंगे विविध कार्यक्रम

वाराणसी : नूतन बालक गणेशोत्सव समाज सेवा मंडल की ओर से स्थानीय गणेश भवन, गणेश दीक्षित लेन में 118वें सप्तदिवसीय गणेशोत्सव का आयोजन किया जाएगा। सात दिवसीय महोत्सव में गणेश पूजन, सहस्रनामार्चन, भजन-कीर्तन, प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विद्वत सत्कार और संगीत सम्मेलन समेत कई आयोजन होंगे।

महोत्सव की शुरुआत 14 सितंबर को गणेशोत्सव के उद्घाटन समारोह से होगी। इस अवसर पर महापौर अशोक तिवारी मुख्य अतिथि होंगे। वेदमूर्ति वीरेश्वर नारायण दातार और पंडित हेमंत जोशी के आचार्यत्व में उत्सव मंत्री अनिरुद्ध कृष्ण घाणेकर गणेश प्रतिमा की स्थापना करेंगे। इसके बाद दूर्वा से सहस्रनामार्चन किया जाएगा। शाम को वैदिक ब्राह्मणों द्वारा वसंत पूजा और नारदीय हरिकीर्तन का आयोजन होगा।
15 सितंबर को गणेश पूजन के साथ लावा से सहस्रनामार्चन किया जाएगा। शाम को विद्वत सत्कार कार्यक्रम में वेदमूर्ति गोविन्द गंगाधर शिधोरे, पंडित कोमल शर्मा और प्रोफेसर प्रदीप नारायण डोंगरे का सम्मान किया जाएगा।

16 सितंबर को किशमिश से सहस्रनामार्चन के बाद 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए नृत्य प्रतियोगिता आयोजित होगी। 17 सितंबर को बादाम से सहस्रनामार्चन, महिलाओं के भजन एवं हल्दी-रोली कार्यक्रम के साथ कनिष्ठ पद्यगान और स्व. सौ. मनोरमा बाई पुराणिक स्मृति वरिष्ठ पद्यगान प्रतियोगिता होगी।
18 सितंबर को काजू से सहस्रनामार्चन के बाद सौरभ प्रभाकर शुक्ल, अहमदाबाद द्वारा ‘ओह माय फ्रॉड’ स्टोरी टेलिंग शो प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद स्व. सुबोध पालन्दे की स्मृति में एलसीडी प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रश्न मंच का आयोजन होगा।
19 सितंबर को मखाना से सहस्रनामार्चन के बाद पुरस्कार वितरण समारोह होगा। इसके बाद संगीत सम्मेलन में प्राप्ति पुराणिक शास्त्रीय गायन प्रस्तुत करेंगी। उनके साथ तबले पर डॉ. संदीप केवले और हारमोनियम पर प्रवीण सिंह संगत करेंगे। इसके बाद सिद्धि कस्तुरे द्वारा कथक नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी।
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महोत्सव के अंतिम दिन 20 सितंबर को मोदकों से सहस्रनामार्चन और गणेश अथर्वशीर्ष सहस्त्रावर्तन का आयोजन होगा। इसके बाद महानैवेद्य अर्पित किया जाएगा। दोपहर में भव्य शोभायात्रा के साथ सात दिवसीय गणेशोत्सव का समापन होगा।



