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यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO विश्वभूषण मिश्रा का तबादला

यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO विश्वभूषण मिश्रा का तबादला
Sep 14, 2026, 03:12 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी: उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं गतिशील बनाने के लिए बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया है। शासन की ओर से 34 PCS अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, जबकि 14 IAS अधिकारियों के दायित्वों में भी बदलाव किया गया है। तबादला सूची में वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर एवं विशिष्ट विकास परिषद के कार्यपालक मुख्य अधिकारी (CEO) विश्वभूषण मिश्रा का नाम प्रमुख रूप से शामिल है।


विश्वभूषण मिश्रा को कार्यपालक मुख्य अधिकारी, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर एवं विशिष्ट विकास परिषद, वाराणसी के पद से स्थानांतरित कर उपसचिव, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) बनाया गया है। कुछ माह पहले ही उन्हें उनकी प्रशासनिक दक्षता और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर IAS कैडर में पदोन्नति मिली थी। उनके स्थानांतरण को वाराणसी के प्रशासनिक हलकों में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।


वहीं, शासन ने बरखा सिंह का भी तबादला किया है। उन्हें उपनिदेशक (प्रशासन), रेशम निदेशालय के पद से हटाकर अपर नगर आयुक्त, नगर निगम वाराणसी की जिम्मेदारी दी गई है। इससे वाराणसी नगर निगम के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव हुआ है।


कई जिलों के अपर जिलाधिकारी बदले


तबादला सूची में कई जिलों के अपर जिलाधिकारी स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। जंग बहादुर यादव को अपर नगर आयुक्त, नगर निगम गाजियाबाद से संयुक्त आयुक्त (प्रशासन), कार्यालय आयुक्त ग्राम्य विकास भेजा गया है।


संजय कुमार पाण्डेय को अपर जिलाधिकारी (नजूल), प्रयागराज/उपसंचालक चकबंदी, प्रयागराज से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), गौतमबुद्धनगर बनाया गया है। वहीं मंगलेश दुबे को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), गौतमबुद्धनगर से उपसंचालक चकबंदी, प्रयागराज भेजा गया है।\


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अमित कुमार को अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बहराइच से प्रधान प्रबंधक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ बनाया गया है, जबकि विनीत उपाध्याय को अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बागपत से इसी पद पर प्रधान प्रबंधक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ भेजा गया है।


राम शंकर को अपर जिलाधिकारी (वि/रा), देवरिया से उपायुक्त (प्रशासन), कार्यालय आयुक्त खाद्य एवं रसद बनाया गया है। दिग्विजय प्रताप सिंह को अपर जिलाधिकारी (वि/रा), कासगंज से उपनिदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद भेजा गया है।


संगम लाल को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), एटा से अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति), मिर्जापुर की जिम्मेदारी दी गई है। योगेंद्र सिंह को अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), जालौन से उपनिदेशक (प्रशासन), रेशम निदेशालय भेजा गया है।


नगर निगमों और जिलों में भी बदलाव


पंकज प्रकाश राठौड़ को नगर मजिस्ट्रेट, मुजफ्फरनगर से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), देवरिया बनाया गया है। दीपक कुमार पाल को उपजिलाधिकारी, बुलंदशहर से नगर मजिस्ट्रेट, मुजफ्फरनगर भेजा गया है। रेणु को उपजिलाधिकारी, हापुड़ से अपर नगर आयुक्त, नगर निगम गाजियाबाद की जिम्मेदारी मिली है।


इसके अलावा अजय आनंद वर्मा को उपजिलाधिकारी औरैया से उपजिलाधिकारी आजमगढ़, रेणु मिश्रा को उपजिलाधिकारी सिद्धार्थनगर से उपजिलाधिकारी फर्रुखाबाद और प्रदीप कुमार सिंह को उपजिलाधिकारी गोंडा से उपजिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर भेजा गया है।


दिव्या सिकरवार को उपजिलाधिकारी आजमगढ़ से उपजिलाधिकारी औरैया तथा प्रद्युम्न कुमार को उपजिलाधिकारी कानपुर देहात से उपजिलाधिकारी बस्ती बनाया गया है।


इसके अलावा वंदना त्रिवेदी को उपसचिव, UPSSSC से उपनिदेशक, डॉ. राम मनोहर लोहिया प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी भेजा गया है। अरुण कुमार को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), बदायूं से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बहराइच तथा मानवेंद्र सिंह (आरआर 2019) को उपजिलाधिकारी सहारनपुर से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), बदायूं बनाया गया है। राजीव कुमार राय को उपनिदेशक, कृषि उत्पादन मंडी परिषद से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बागपत की जिम्मेदारी दी गई है।


इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब वाराणसी समेत प्रदेश के कई जिलों में प्रशासनिक स्तर पर नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों की तैनाती देखने को मिलेगी।

स्वीटजरलैंड के नागरिक का १० लाख का खोया कैमरा मिला
स्वीटजरलैंड के नागरिक का १० लाख का खोया कैमरा मिला
वाराणसी : स्विट्जरलैंड से वाराणसी घूमने आए जोनस बेंजामिन ईहले नामक व्यक्ति द्वारा भारत में फोटोग्राफी करने के लिए काफी अच्छी गुणवत्ता का Leica कंपनी का लगभग 10 लाख रुपए कीमत का कैमरा लेकर आए थे, जिसको वह घाट के पास रखकर कही भूल गए तथा अपने स्तर से काफी खोजने का काफी प्रयास किए किंतु असफल रहे. जिसके पश्चात उनके द्वारा घटना की सूचना दशाश्वमेध चौकी पर जाकर चौकी प्रभारी दशाश्वमेध अनुज मणि तिवारी को दिया, जिसके पश्चात पुलिस द्वारा तत्परता करते हुए सीसीटीवी कैमरा व अन्य माध्यमों से महज 2 घंटे के अंदर कैमरा खोज कर जोनस बेंजामिन ईहले को सुपुर्द किया गया। पुलिस की इतनी तत्परता से कार्यवाही करते हुए अपने काफी महंगे कैमरे को वापस पाकर जोनस बेंजामिन द्वारा वाराणसी पुलिस का अपने शब्दों में कृतज्ञता व्यक्त किया गया। पुलिस टीम में चौकी प्रभारी दशाश्वमेध अनुज मणि तिवारी, उप निरीक्षक शिव स्वरूप पाण्डेय, का. देवेंद्र प्रताप सिंह, भूपेंद्र सिंह, संजय यादव व संजीव कुमार शामिल थे।ALSO READ : प्रो. राजनाथ बने डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सदस्य
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वाराणसी: सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष एवं पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. राजनाथ को लखनऊ स्थित डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद का सदस्य नामित किया गया है।उत्तर प्रदेश राज्यपाल सचिवालय की ओर से 30 सितंबर 2026 को जारी आदेश के तहत डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 की धारा 14(1)(छ) के अंतर्गत यह नामांकन किया गया है। उनका कार्यकाल पत्र जारी होने की तिथि से दो वर्ष अथवा अग्रिम आदेश तक, जो भी पहले हो, निर्धारित किया गया है।प्रो. राजनाथ वर्तमान में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष के साथ पुस्तकालयाध्यक्ष का दायित्व भी संभाल रहे हैं। विश्वविद्यालय परिवार ने उनके नामांकन पर प्रसन्नता जताते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। कुलानुशासक प्रो. जितेन्द्र कुमार, प्रो. महेन्द्र पाण्डेय, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग समेत विश्वविद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की।ALSO READ: बीएचयू के दक्षिणी परिसर में APACON-2026 का शुभारंभ, सतत पशुधन उत्पादन पर वैज्ञानिक मंथन
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वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन APACON-2026 का सोमवार को शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का विषय ‘सतत पशुधन उत्पादकता की दिशा में पशु शरीर क्रिया विज्ञान के उभरते प्रतिमान : विकसित भारत की ओर’ रखा गया है। दक्षिणी परिसर में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय की ओर से यह पहला राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन है।उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय ने आधारभूत संरचना और संकाय से जुड़ी चुनौतियों को लगातार दूर करते हुए प्रगति की है। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन वैज्ञानिकों और युवा शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और संवाद का मंच उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने वैज्ञानिक संस्थानों के बीच सहयोग, संयुक्त शोध परियोजनाओं, उद्योगों के साथ साझेदारी, नवाचार, पेटेंट और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर जोर दिया।विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (NIAB), हैदराबाद के निदेशक डॉ. रवि कुमार गंधम ने पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता और ताप सहनशीलता जैसे शारीरिक लक्षणों के आनुवंशिक और बाह्य स्तर पर समग्र अध्ययन की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि प्रयोगशालाओं में हो रहे शोध को किसानों के लिए उपयोगी समाधानों में बदलना वैज्ञानिकों की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने मीथेन उत्सर्जन को मापने और उसका डेटाबेस तैयार करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।राजीव गांधी दक्षिणी परिसर के आचार्य प्रभारी प्रो. बी. एम. एन. कुमार ने कहा कि सतत पशुधन उत्पादन में पशु चिकित्सा शरीर क्रिया विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका है। वहीं कृषि विज्ञान संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. सतीश कुमार सिंह ने सटीक पोषण और वास्तविक समय स्वास्थ्य निगरानी को पशुधन स्वास्थ्य सुधार तथा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी के लिए महत्वपूर्ण बताया।APA के अध्यक्ष डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने पशुधन उत्पादकता, स्वास्थ्य, कल्याण और जलवायु-सहिष्णुता में पशु शरीर क्रिया विज्ञान की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। APA के महासचिव एवं ICAR-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. विकास चंद्र ने APA 2025 के विभिन्न पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की।सम्मेलन के पहले दिन पशुधन प्रजनन, प्रजनन जैव प्रौद्योगिकी, तनाव शरीर क्रिया विज्ञान, ताप तनाव निगरानी, जलवायु-सहिष्णुता, जीनोम इंजीनियरिंग, क्रायोसंरक्षण, पुनर्योजी चिकित्सा और सतत पशुधन उत्पादन जैसे विषयों पर वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए। इसमें युवा शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को वरिष्ठ वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से संवाद का अवसर मिला।सम्मेलन में जर्मनी के लाइबनिज इंस्टीट्यूट फॉर एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एंड बायोइकोनॉमी (ATB), पॉट्सडैम की डॉ. गुंडुला हॉफमैन ने ऑनलाइन माध्यम से बीज वक्तव्य दिया। इसके अलावा डॉ. बी. एस. प्रकाश और अमेरिका के डॉ. आशीष रंजन ने भी व्याख्यान दिए।इस अवसर पर Compendium of Abstracts – APACON-2026, Compendium of Lead Papers – APACON-2026 तथा Fundamentals of Livestock and Poultry Management पुस्तकों का विमोचन किया गया।सम्मेलन के दौरान APA Lifetime Achievement Award-2025 प्रो. बी. एस. प्रकाश को प्रदान किया गया। APA Fellow Awards डॉ. आशीष मिश्रा और डॉ. बी. रामबाबू नाइक को, जबकि APA Best Teacher Awards डॉ. सोहन वीर सिंह, डॉ. निशांत कुमार और डॉ. राकेश कुमार सिंह को दिए गए। इसके अलावा APA Best Girl Student Award, APA Best PhD Thesis Award, Prof. A. K. Pal Best MVSc Thesis Award और APA Best Research Paper Award भी प्रदान किए गए।ALSO READ : वाराणसी में मंत्री के क्षेत्र में लकड़ी का पुल बना आवागमन का सहारा, जलभराव से जीना दुष्‍करपशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. अमित राज गुप्ता ने स्वागत संबोधन में कहा कि पशुधन उत्पादन के भविष्य के लिए मौलिक शरीर क्रिया विज्ञान को जीनोमिक्स, जैव प्रौद्योगिकी, सहायक प्रजनन तकनीक, सटीक पशुधन पालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा विज्ञान जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ना जरूरी है। आयोजन सचिव डॉ. मनीष कुमार ने सम्मेलन की आगामी गतिविधियों की जानकारी दी। उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. उत्कर्ष कुमार त्रिपाठी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. तुलसीरामन पी. ने किया।पहले दिन का समापन वैज्ञानिक चर्चाओं, शोध प्रस्तुतियों और विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के बीच संवाद के साथ हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञों और युवा शोधकर्ताओं की भागीदारी से सतत पशुधन उत्पादन तथा विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर नए शोध और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर मंथन हुआ।