नगर निगम और रक्षा-रेलवे विभाग के बीच होगा 227.5 बीघा भूमि का आदान-प्रदान, विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार

वाराणसी: शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जनसुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में नगर निगम वाराणसी ने बड़ा कदम उठाया है. नगर निगम, रक्षा संपदा विभाग और रेलवे के बीच 227.5 बीघा (57.6 हेक्टेयर) से अधिक भूमि के आदान-प्रदान की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है. इस प्रस्ताव को नगर निगम की कार्यकारिणी और सदन से मंजूरी मिल चुकी है.
नगर निगम द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का उपयोग पार्किंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट, सार्वजनिक सुविधाओं और विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए किया जाएगा. इससे शहर की बढ़ती यातायात समस्याओं के समाधान के साथ नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
प्रस्ताव के अनुसार नगर निगम को कैंटोनमेंट स्थित गुडशेड बाजार की 1.2286 हेक्टेयर भूमि, फुलवरिया फ्लाईओवर के नीचे की 3.8121 हेक्टेयर भूमि, डोमरी और सूजाबाद क्षेत्र की 19.6690 हेक्टेयर भूमि तथा कैंटोनमेंट स्थित 160 एकड़ भूमि में रेलवे के कब्जे को छोड़कर शेष 34.259 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है.
इसके बदले नगर निगम रेलवे को मौजा घौसाबाद स्थित रेलवे भूमि (2830 वर्गमीटर), मंडुआडीह मार्ग स्थित रेलवे भूमि (2029.30 वर्गमीटर) तथा गुडशेड बाजार स्थित गोल्डन पीकॉक के पीछे लगभग 4100 वर्गमीटर भूमि हस्तांतरित करेगा. भूमि विनिमय समान मूल्य के आधार पर किया जाएगा.
ALSO READ :BHU के प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार ज्योति जल शक्ति मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति में बने सदस्य
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इस संबंध में रक्षा संपदा अधिकारी, प्रयागराज को पत्र भेजकर पूर्व से चली आ रही प्रशासनिक अस्पष्टताओं को दूर करने का अनुरोध किया है, ताकि एकीकृत शहरी विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए.
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि शहर के चहुंमुखी विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए यह भूमि विनिमय अत्यंत महत्वपूर्ण है. इससे प्रशासनिक अड़चनें दूर होंगी और ट्रैफिक, पार्किंग तथा जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान निकल सकेगा.
नगर निगम का मानना है कि इस पहल से वाराणसी में विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी और शहर की आधारभूत संरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा.



