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BHU के प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार ज्योति जल शक्ति मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति में बने सदस्य

BHU के प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार ज्योति जल शक्ति मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति में बने सदस्य
Jun 08, 2026, 03:52 PM
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Posted By Prashant Sharma

वाराणसी: भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने हिंदी के प्रचार-प्रसार और राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपनी हिंदी सलाहकार समिति का पुनर्गठन किया है.नई समिति में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. अशोक कुमार ज्योति को सदस्य के रूप में नामित किया गया है। इस मनोनयन को हिंदी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है


38 सदस्यीय इस समिति की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल करेंगे, जबकि केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और राज भूषण चौधरी को उपाध्यक्ष बनाया गया है. समिति में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है.

दरभंगा जिले के ढाँगा गांव के मूल निवासी डॉ. अशोक कुमार ज्योति पिछले तीन दशकों से हिंदी भाषा, साहित्य और शोध के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उनके द्वारा लिखित, संपादित और अनूदित 21 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं. हिंदी के वैश्विक प्रचार-प्रसार से जुड़े कार्यक्रमों में भी उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी रही है.


डॉ. ज्योति नेपाल, मॉरीशस, सिंगापुर, मलेशिया तथा फीजी सहित कई देशों की शैक्षणिक यात्राएं कर चुके हैं. वे विश्व हिंदी सम्मेलन में भारत सरकार के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा भी रहे हैं. इसके अलावा वे सुलभ साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के उपाध्यक्ष तथा सुलभ इंटरनेशनल के सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.


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शोध और अकादमिक क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनके 30 से अधिक शोध आलेख प्रकाशित हो चुके हैं तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में 35 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जा चुके हैं. हिंदी सलाहकार समिति में उनकी नियुक्ति को हिंदी जगत और शैक्षणिक समुदाय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है.

150 वाहनों के काफिले के साथ निकला मदहे सहाबा का जुलूस, ‘सरकार की आमद मरहबा’ से गूंजा शहर
150 वाहनों के काफिले के साथ निकला मदहे सहाबा का जुलूस, ‘सरकार की आमद मरहबा’ से गूंजा शहर
वाराणसी. ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बुधवार को शहर में मदहे सहाबा का जुलूस निकाला गया। करीब 150 वाहनों के काफिले के साथ रेवड़ी तालाब से शुरू हुआ जुलूस जैसे-जैसे आगे बढ़ा, रास्ते में अकीदतमंदों की भीड़ जुड़ती गई। जुलूस में शामिल लोगों ने नात और धार्मिक नारों के जरिए अपनी आस्था का इजहार किया। ‘सरकार की आमद मरहबा’ के नारों से शहर की सड़कें गूंजती रहीं।जुलूस में बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं। वाहनों को झंडों और धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया है। रास्ते में जगह-जगह लोग जुलूस को देखने के लिए खड़े नजर आए। ईद मिलादुन्नबी को लेकर पहले से की गई सजावट ने भी माहौल को खास बना दिया है।रेवड़ी तालाब से बेनियाबाग तक जाएगा काफिलामदहे सहाबा का जुलूस रेवड़ी तालाब से शुरू होकर भेलूपुर, मदनपुरा, जंगमबाड़ी, गोदौलिया, बांसफाटक, चौक, नीचीबाग, मैदागिन, लोहटिया, कबीरचौरा और पियरी होते हुए बेनियाबाग पहुंचेगा। आयोजकों के अनुसार जुलूस के करीब 10 बजे तक बेनियाबाग पहुंचने की संभावना है।शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त इलाकों से जुलूस गुजरने के कारण रास्ते में लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। हालांकि, पुलिसकर्मी प्रमुख चौराहों और जुलूस के मार्ग पर व्यवस्था संभाल रहे हैं।एक हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, ड्रोन से निगरानीजुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि जुलूस के पूरे रास्ते में करीब एक हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगाई गई है।उन्होंने बताया कि जुलूस की निगरानी ड्रोन कैमरों से भी की जा रही है। पुलिस अधिकारी लगातार पूरे रूट पर नजर बनाए हुए हैं। जुलूस के आयोजकों से भी प्रशासन की ओर से निर्धारित नियमों का पालन करने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है।ALSO READ : भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का दशाश्वमेध व्यापार मंडल ने किया स्वागदलमंडी से पीलीकोठी तक रोशनी से सजी सड़केंईद मिलादुन्नबी को लेकर दलमंडी, नई सड़क, बेनिया, लोहता, सरैया, ककरमत्ता, मदनपुरा, रेवड़ी तालाब और पीलीकोठी समेत कई इलाकों में आकर्षक सजावट की गई है। नई सड़क पर रंग-बिरंगी झालरों और रोशनी से की गई सजावट लोगों का ध्यान खींच रही है।बारिश के बाद जुलूस देर से रवाना हुआ, लेकिन मौसम की चुनौती भी अकीदतमंदों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। जुलूस में शामिल लोग पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ रहे हैं। बुजुर्गों के साथ युवाओं और बच्चों की मौजूदगी ने आयोजन को नई पीढ़ी की भागीदारी का भी रंग दिया। धार्मिक नारों, सजी हुई गलियों और वाहनों के काफिले के बीच शहर में ईद मिलादुन्नबी की रौनक नजर आ रही है।
भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का दशाश्वमेध व्यापार मंडल ने किया स्वाग
भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का दशाश्वमेध व्यापार मंडल ने किया स्वाग
वाराणसी. चालिया महोत्सव के समापन पर पूज्य झूलेलाल भक्त सेवा समिति की ओर से भगवान झूलेलाल की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। लक्सा स्थित झूलेलाल मंदिर से शुरू हुई यात्रा गिरजाघर, गोदौलिया और दशाश्वमेध होते हुए राजेंद्र प्रसाद घाट पहुंची।यात्रा शुरू होने से पहले मंदिर में भगवान झूलेलाल और हिंगलाज माता की प्रतिमा के समक्ष दीपदान और पल्लव प्रार्थना की गई। इसके बाद सिंधी समाज के प्रमुख जय प्रकाश बालानी ने भगवान झूलेलाल की ध्वजा उठाकर शोभायात्रा को रवाना किया। इसमें सिंधी समाज की महिलाओं ने भजन और पारंपरिक डोकला नृत्य प्रस्तुत किया।रास्ते में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। दशाश्वमेध व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुरेश तुलस्यान, सचिव दीपक वासवानी, मनु जेसवानी, विनय यादव, दीपक राजदेव, तुलसी खान चंदानी, प्रदीप नरसिंहानी, विक्की खान चंदानी, कोषाध्यक्ष भगवान दास जजानी, अशोक जायसवाल और नारायण खेमका समेत अन्य पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया।ALSO READ : प्रेम, प्रेरणा और प्रोत्साहन’ से राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन का संदेशराजेंद्र प्रसाद घाट पर भगवान झूलेलाल के छायाचित्र की आरती की गई और मां गंगा का पूजन हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं को सिंधी व्यंजन दाल पकवान, साई भाजी और सिंधी कढ़ी प्रसाद के रूप में वितरित की गई।आयोजन में जेपी बालानी, अनिल शर्मा, रोहित बलानी, गोपाल सचदेवा, सतीश छाबड़ा, चंद्रा सचदेवा, वासुदेव नागवानी, मुस्कान शर्मा, अमृता अठवानी, अजय रूपेजा, देवानंद, मोनिका, कृष्णा होतवानी, घनश्याम लालवानी और कन्हैया टेक चंदानी सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा।
प्रेम, प्रेरणा और प्रोत्साहन’ से राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन का संदेश
प्रेम, प्रेरणा और प्रोत्साहन’ से राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन का संदेश
वाराणसी. काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय की राजभाषा समिति के तत्वावधान में मंगलवार को ‘कार्यालयी कामकाज में राजभाषा हिंदी का क्रियान्वयन’ विषय पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से कार्यालयी कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक और प्रभावी प्रयोग के लिए कर्मचारियों को प्रेरित किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ। संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष प्रो. सुनील कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन समन्वयिका डॉ. छाया सोनी ने किया।ALSO READ : त्योहारों पर वाराणसी पुलिस का मेगा प्लान, चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजरमुख्य वक्ता राजभाषा प्रकोष्ठ के हिंदी अधिकारी डॉ. शिव कुमार त्रिपाठी ने राजभाषा हिंदी के संवैधानिक और कार्यालयी महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यालयी पत्राचार, टिप्पणियों तथा द्विभाषी कार्यप्रणाली में हिंदी के प्रभावी प्रयोग की जानकारी दी।राजभाषा प्रकोष्ठ, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के श्री रमेश ने ‘प्रेम, प्रेरणा और प्रोत्साहन’ के माध्यम से हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कर्मचारियों को हिंदी प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं और तकनीकी प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता के लिए भी प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में अनुभाग अधिकारी श्री अशोक कुमार वर्मा, श्री मनोज कुमार मिश्रा, श्री काशीनाथ समेत संकाय के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में राजभाषा समिति के सदस्य डॉ. मुदित पाण्डेय ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और उपस्थित कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।