BHU के प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार ज्योति जल शक्ति मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति में बने सदस्य

वाराणसी: भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने हिंदी के प्रचार-प्रसार और राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपनी हिंदी सलाहकार समिति का पुनर्गठन किया है.नई समिति में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. अशोक कुमार ज्योति को सदस्य के रूप में नामित किया गया है। इस मनोनयन को हिंदी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है
38 सदस्यीय इस समिति की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल करेंगे, जबकि केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और राज भूषण चौधरी को उपाध्यक्ष बनाया गया है. समिति में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है.
दरभंगा जिले के ढाँगा गांव के मूल निवासी डॉ. अशोक कुमार ज्योति पिछले तीन दशकों से हिंदी भाषा, साहित्य और शोध के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उनके द्वारा लिखित, संपादित और अनूदित 21 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं. हिंदी के वैश्विक प्रचार-प्रसार से जुड़े कार्यक्रमों में भी उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी रही है.
डॉ. ज्योति नेपाल, मॉरीशस, सिंगापुर, मलेशिया तथा फीजी सहित कई देशों की शैक्षणिक यात्राएं कर चुके हैं. वे विश्व हिंदी सम्मेलन में भारत सरकार के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा भी रहे हैं. इसके अलावा वे सुलभ साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के उपाध्यक्ष तथा सुलभ इंटरनेशनल के सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
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शोध और अकादमिक क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनके 30 से अधिक शोध आलेख प्रकाशित हो चुके हैं तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में 35 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जा चुके हैं. हिंदी सलाहकार समिति में उनकी नियुक्ति को हिंदी जगत और शैक्षणिक समुदाय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है.



