31 मार्च तक नहीं जमा किया टैक्स तो भरना होगा जुर्माना, 12 दिनों का मिला मौका

वाराणसी: टैक्स चोरी ही नहीं, टैक्स में देरी करना भी अब महंगा पड़ेगा. यदि 31 मार्च तक गृहकर, जलकर और सीवरकर नहीं जमा किए तो अगले वित्तीय वर्ष में आपको मूल राशि के साथ भारी ब्याज और विलंब शुल्क का सामना करना पड़ेगा. ऐसे में अतिरिक्त आर्थिक चपत व विधिक कार्रवाई से बचने के लिए तत्काल टैक्स जमा करना ही बेहतर होगा. नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति से पहले कर वसूली अभियान में पूरी ताकत झोंक दी है.
यह जानकारी गुरुवार को नगर निगम सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने दी.

भवन स्वामियों से वसूले गए करोड़ों का टैक्स
उन्होंने बताया कि वर्तमान वर्ष संपत्ति कर वसूली के लिए 225 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष 18 मार्च तक 1.80 लाख भवन स्वामियों से 192.23 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है. कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब महज 12 दिन शेष हैं. ऐसे में जिन भवन स्वामियों ने अब तक टैक्स जमा नहीं किया है, वे 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से भुगतान कर दें.

यदि इस अवधि तक कर जमा नहीं होता है, तो अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के बिल में पिछला बकाया ब्याज सहित जोड़कर वसूला जाएगा तथा साथ ही नियमानुसार विधिक रूप से कड़ी कार्यवाही भी की जाएगी. इसके अतिरिक्त, करेत्तर मदों जैसे दुकानों के किराए और लाइसेंस शुल्क में देरी होने पर मूल धनराशि पर 50 प्रतिशत विलंब शुल्क लगाया जाएगा.
सरचार्ज छूट का हजारों ने उठाया लाभ
नगर आयुक्त ने बताया कि सदन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार 63,414 भवन स्वामियों को सरचार्ज के रूप में 72.07 करोड़ रुपये की छूट दी गई थी. इसी क्रम में फरवरी 2026 से 18 मार्च तक चले विशेष अभियान में 27,352 लोगों ने 36.19 करोड़ रुपये जमा किए, जिससे उन्हें 15.88 करोड़ रुपये की छूट का सीधा लाभ मिला.
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नगर निगम की वेबसाइट www.nnvns.org.in पर जाकर घर बैठे आनलाइन टैक्स जमा किया जा सकता है. इसके लिए सभी जोनों पर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक कंप्यूटरीकृत टैक्स कलेक्शन सेंटर संचालित हैं. वहीं राजस्व निरीक्षक एम-पॉस डिवाइस के साथ घर-घर जाकर भी कर संग्रह कर रहे हैं.

50 प्रतिशत देना होगा विलंब शुल्क
नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम की 1924 दुकानों और अन्य 23 मदों (होटल, लॉज, अस्पताल, विज्ञापन आदि) से भी राजस्व वसूली तेज कर दी गई है. पिछले वित्तीय वर्ष में इन मदों से 71.32 करोड़ की वसूली हुई थी, जबकि इस वर्ष 101.94 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 88.78 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं. दुकानों के किराए के लिए क्यूआर कोड की सुविधा भी दी गई है. कोड की सुविधा प्रदान की गयी है, जिसके माध्यम से दुकानदारों के द्वारा अपना मासिक किराया जमा किया जाता है. उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक दुकानों का किराया, अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) शुल्क जमा नही किया जाता है तो अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में मूल धनराशि पर, विलंब शुल्क 50 प्रतिशत जोड़कर वसूली की जायेगी.


