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31 मार्च तक नहीं जमा किया टैक्स तो भरना होगा जुर्माना, 12 दिनों का मिला मौका

31 मार्च तक नहीं जमा किया टैक्स तो भरना होगा जुर्माना,   12 दिनों का मिला मौका
Mar 19, 2026, 12:27 PM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: टैक्‍स चोरी ही नहीं, टैक्‍स में देरी करना भी अब महंगा पड़ेगा. यदि 31 मार्च तक गृहकर, जलकर और सीवरकर नहीं जमा किए तो अगले वित्तीय वर्ष में आपको मूल राशि के साथ भारी ब्याज और विलंब शुल्क का सामना करना पड़ेगा. ऐसे में अतिरिक्त आर्थिक चपत व विधिक कार्रवाई से बचने के लिए तत्काल टैक्स जमा करना ही बेहतर होगा. नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति से पहले कर वसूली अभियान में पूरी ताकत झोंक दी है.

यह जानकारी गुरुवार को नगर निगम सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने दी.


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भवन स्वामियों से वसूले गए करोड़ों का टैक्स


उन्होंने बताया कि वर्तमान वर्ष संपत्ति कर वसूली के लिए 225 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष 18 मार्च तक 1.80 लाख भवन स्वामियों से 192.23 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है. कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब महज 12 दिन शेष हैं. ऐसे में जिन भवन स्वामियों ने अब तक टैक्स जमा नहीं किया है, वे 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से भुगतान कर दें.


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यदि इस अवधि तक कर जमा नहीं होता है, तो अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के बिल में पिछला बकाया ब्याज सहित जोड़कर वसूला जाएगा तथा साथ ही नियमानुसार विधिक रूप से कड़ी कार्यवाही भी की जाएगी. इसके अतिरिक्त, करेत्तर मदों जैसे दुकानों के किराए और लाइसेंस शुल्क में देरी होने पर मूल धनराशि पर 50 प्रतिशत विलंब शुल्क लगाया जाएगा.


​सरचार्ज छूट का हजारों ने उठाया लाभ


नगर आयुक्‍त ने बताया कि सदन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार 63,414 भवन स्वामियों को सरचार्ज के रूप में 72.07 करोड़ रुपये की छूट दी गई थी. इसी क्रम में फरवरी 2026 से 18 मार्च तक चले विशेष अभियान में 27,352 लोगों ने 36.19 करोड़ रुपये जमा किए, जिससे उन्हें 15.88 करोड़ रुपये की छूट का सीधा लाभ मिला.


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नगर निगम की वेबसाइट www.nnvns.org.in पर जाकर घर बैठे आनलाइन टैक्स जमा किया जा सकता है. इसके लिए सभी जोनों पर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक कंप्यूटरीकृत टैक्स कलेक्शन सेंटर संचालित हैं. वहीं राजस्व निरीक्षक एम-पॉस डिवाइस के साथ घर-घर जाकर भी कर संग्रह कर रहे हैं.


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​50 प्रतिशत देना होगा विलंब शुल्क


नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम की 1924 दुकानों और अन्य 23 मदों (होटल, लॉज, अस्पताल, विज्ञापन आदि) से भी राजस्व वसूली तेज कर दी गई है. पिछले वित्तीय वर्ष में इन मदों से 71.32 करोड़ की वसूली हुई थी, जबकि इस वर्ष 101.94 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 88.78 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं. दुकानों के किराए के लिए क्यूआर कोड की सुविधा भी दी गई है. कोड की सुविधा प्रदान की गयी है, जिसके माध्यम से दुकानदारों के द्वारा अपना मासिक किराया जमा किया जाता है. उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक दुकानों का किराया, अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) शुल्क जमा नही किया जाता है तो अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में मूल धनराशि पर, विलंब शुल्क 50 प्रतिशत जोड़कर वसूली की जायेगी.

इंटर फैकल्टी वॉलीबॉल प्रतियोगिता का शानदार आगाज, पहले दिन कला, विज्ञान और आरजीएससी ने दर्ज की जीत
इंटर फैकल्टी वॉलीबॉल प्रतियोगिता का शानदार आगाज, पहले दिन कला, विज्ञान और आरजीएससी ने दर्ज की जीत
वाराणसी: विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के तत्वावधान में आयोजित इंटर फैकल्टी वॉलीबॉल प्रतियोगिता का मंगलवार को शानदार आगाज हुआ। प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए खेल भावना और अनुशासन का परिचय दिया। प्रतियोगिता का आधिकारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के डीन प्रो. सुजीत कुमार दुबे ने किया।कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद की उपाध्यक्ष प्रो. अर्चना सिंह द्वारा मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करने के साथ हुई। परिषद के महासचिव प्रो. ए.के. नेमा ने स्वागत भाषण देते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन सचिव डॉ. रोबिन कुमार सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में कुल नौ पुरुष टीमें खिताब के लिए हिस्सा ले रही हैं। उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. प्रमोद कुमार यादव ने किया।प्रतियोगिता के पहले दिन कुल छह मुकाबले खेले गए। पहले मुकाबले में कला संकाय ने वाणिज्य संकाय को सीधे सेटों में 25-13 और 25-18 से हराकर जीत दर्ज की। दूसरे मुकाबले में विज्ञान संस्थान ने एसवीडीवी को 25-18 और 25-14 से पराजित किया।तीसरे मुकाबले में डीएवी कॉलेज और सामाजिक विज्ञान के बीच मुकाबला हुआ। सामाजिक विज्ञान की टीम ने बेहतर खेल का प्रदर्शन करते हुए डीएवी कॉलेज को 25-21 और 25-16 से शिकस्त दी। चौथे मैच में राजीव गांधी दक्षिणी परिसर (आरजीएससी), बरकच्छा ने एग्रीकल्चर साइंस को 25-21 और 25-19 से हराया।दिन का सबसे रोमांचक मुकाबला एसवीडीवी और शिक्षा संकाय के बीच हुआ। दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। तीन सेट तक चले मुकाबले में एसवीडीवी ने 2-1 से जीत हासिल की। एसवीडीवी ने पहला सेट 25-15 से जीता, जबकि शिक्षा संकाय ने दूसरे सेट में 25-22 से वापसी की। निर्णायक तीसरे सेट में एसवीडीवी ने 25-19 से बाजी मार ली।प्रतियोगिता के दौरान वॉलीबॉल के अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह, प्रो. निर्मला होरो, प्रो. मीनू लकरा, प्रो. संजय सोनकर, डॉ. किरण आर्या (बरकच्छा) समेत कई संकाय सदस्य और गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।ALSO READ:हिन्दू बुनकर कल्याण समिति का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला, "बनारस ब्रांड" विकसित करने का आया सुझावप्रतियोगिता के सफल आयोजन में सचिव डॉ. कविता वर्मा, उप निदेशक डॉ. राजीव कुमार सिंह, डॉ. खुर्शीद अहमद, डॉ. धीरेन्द्र तिवारी, डॉ. प्रदीप खालको, सहायक निदेशक डॉ. हरिराम यादव, डॉ. प्रियंका यादव और डॉ. वैभव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, एसआरके से दिलीप और आदर्श ने भी आयोजन में सहयोग किया। मैचों के निष्पक्ष संचालन के लिए रेफरी मंडल में आशीष तिवारी, शिव शंकर यादव, नितेश यादव, आनंद शुक्ला, प्रिय रंजन सिंह और राहुल यादव 'बाबा' शामिल रहे। क्रीड़ा परिषद के कर्मचारी दल ने भी प्रतियोगिता के सुचारू संचालन में सहयोग दिया।
हिन्दू बुनकर कल्याण समिति का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला, "बनारस ब्रांड" विकसित करने का आया सुझाव
हिन्दू बुनकर कल्याण समिति का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला, "बनारस ब्रांड" विकसित करने का आया सुझाव
वाराणसी : हिन्दू बुनकर कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग, वाराणसी परिक्षेत्र कुसुम सिंह से मिला. इस बैठक में बनारस के हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया. प्रतिनिधिमंडल ने बुनकरों और कारीगरों के हित में आवश्यक कदम उठाने और समस्याओं के समाधान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया. "बनारस ब्रांड" विकसित करने का सुझाव भी आया.बैठक के दौरान रमना टेक्सटाइल पार्क की प्रगति और वहां बुनकरों एवं छोटे वस्त्र उद्यमियों के लिए उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी भी साझा की गई. प्रतिनिधिमंडल ने जोर दिया कि टेक्सटाइल पार्क का लाभ अधिक से अधिक स्थानीय बुनकरों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों तक पहुंचाया जाना चाहिए. समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार जायसवाल ने कहा कि बनारस के पारंपरिक हथकरघा उद्योग को मजबूत करने के लिए बुनकरों को उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल, सरकारी योजनाओं का सरल एवं पारदर्शी लाभ, बेहतर बाजार और आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है. उन्होंने यह भी कहा कि बुनकरों को आर्थिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ सरलता से मिलना चाहिए.समिति के महासचिव अनिल मूंदड़ा ने बनारसी वस्त्रों के लिए प्रभावी विपणन व्यवस्था विकसित करने, आधुनिक डिजाइन और प्रशिक्षण सुविधाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया. उपाध्यक्ष विमलेश मौर्य ने जरी और कढ़ाई से जुड़े कारीगरों के विकास और उनके लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया. कोषाध्यक्ष विनोद मौर्य ने बुनकरों को सरकारी योजनाओं का लाभ सरलता से उपलब्ध कराने की मांग की.ALSO READ:अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्‍टर से सियासी उफान, सपा कार्यकर्ताओं ने पत्रक सौंप कर उठाई ये मांगप्रतिनिधिमंडल के सदस्य सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने "बनारस ब्रांड" विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे बनारसी वस्त्रों की देश-विदेश में विशिष्ट पहचान को और मजबूत किया जा सके. उन्होंने कहा कि बनारस की साड़ी और अन्य पारंपरिक वस्त्रों को एक सशक्त ब्रांड के रूप में स्थापित कर उनकी गुणवत्ता, मौलिकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सकती है. इससे बुनकरों और कारीगरों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने में मदद मिलेगी. बैठक में कुसुम सिंह ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखे गए सभी सुझावों और समस्याओं को गंभीरता से सुना और आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया. प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि विभागीय स्तर पर सकारात्मक पहल से बनारस के पारंपरिक हथकरघा और वस्त्र उद्योग को नई गति मिलेगी और इससे जुड़े बुनकरों और कारीगरों को इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा.इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार जायसवाल, महासचिव अनिल मूंदड़ा, उपाध्यक्ष विमलेश मौर्य, कोषाध्यक्ष विनोद मौर्य, सर्वेश कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे.
अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्‍टर से सियासी उफान, सपा कार्यकर्ताओं ने पत्रक सौंप कर उठाई ये मांग
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वाराणसी : विधानसभा चुनाव की आहट के बीच यूपी में राजधानी से लेकर पूर्वांचल तक समाजवादी पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए बैनर, पोस्टर लगाए गए. अचानक विभिन्न शहरों में लगे पोस्टर के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है. वाराणसी में भी विभिन्न स्थानों पर पोस्‍टर लगाए गए थे. इसके बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस आयुक्‍त को ज्ञापन देते हुए मामले में संबंधितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है. इससे सियासत गर्म हो गई है.समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव राजू यादव ने इस मामले में सत्‍ता पक्ष पर सवाल उठाए और कहा कि वाराणसी में पांडेयपुर और सिगरा के कई इलाकों में पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर को जोड़कर आपत्तिजनक और भ्रामक राजनीतिक बैनर पोस्टर लगाए गए थे. पूरे शहर की निगरानी सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से की जा रही है, यहां तक कि वाहनों का चालान भी सीसीटीवी के जरिए ही किया जा रहा है. ऐसे में पोस्टर लगाए जाने वाले लोगों को तुरंत ही चिन्हित करके उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाना चाहिए.उन्होंने पुलिस आयुक्‍त को ज्ञापन देते हुए कहा है कि इस बैनर को सुनियोजित तरीके से अखिलेश यादव के सार्वजनिक और राजनीतिक छवि को धूमिल करने के लिए लगाया गया था. उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव की छवि को खराब करने के लिए स्लोगन लिखे गए थे. इसके साथ ही अतीक अहमद और मुन्ना बजरंगी जैसे लोगों के साथ अखिलेश यादव को पोस्टर में दर्शाया गया था.ALSO READ:विश्‍व पर्यटन सप्‍ताह: पर्यटकों ने फैम ट्रिप में किया धार्मिक स्थलों का भ्रमणराजू यादव ने मांग की है कि पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति को तत्काल ही चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. बता दें कि अखिलेश यादव का पोस्टर लखनऊ के अलावा उन्नाव वाराणसी, इटावा, सीतापुर, बरेली, मेरठ, आजमगढ़ और गाजीपुर समेत कई शहरों में लगाए गए थे. इन पोस्टरों पर अलग-अलग आपराधिक मामलों में चर्चित नाम का जिक्र भी किया गया था. पोस्टर पर एक स्लोगन भी लिखा गया था. इसमें 'अतीक अहमद और मुख्तार, यही चलाते थे सरकार' और 'अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश' जैसे स्लोगन भी इस पोस्टर पर लिखे गए थे. पोस्टर के जरिए समाजवादी पार्टी के शासनकाल को लेकर गंभीर आरोपों लगाए गए थे. हालांकि, अभी तक इस बात की जानकारी नहीं हो पाई है कि इन पोस्टरों को किसी संगठन या किसी व्यक्ति ने लगाया था.