Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

दुर्गाकुंड मंदिर में खोया कैमरा, पुलिस ने खोजा- विदेशी पर्यटक ने कहा- थैंक्यू वाराणसी पुलिस

 दुर्गाकुंड मंदिर में खोया कैमरा, पुलिस ने खोजा- विदेशी पर्यटक ने कहा- थैंक्यू वाराणसी पुलिस
Mar 22, 2026, 09:58 AM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसी: चैत्र नवरात्र के मौके पर दुर्गाकुंड स्थित मां कुष्मांडा मंदिर में उमड़ी भीड़ के बीच एक विदेशी पर्यटक का कैमरा खो गया. हालांकि, दुर्गाकुंड पुलिस की तत्परता के चलते कुछ ही घंटों में कैमरा बरामद कर विदेशी पर्यटक को सौंप दिया गया.


जानकारी के अनुसार, इटली के रोम शहर से आए दो पर्यटक मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान मंदिर परिसर में उनका कैमरा कहीं गुम हो गया. परेशान पर्यटकों ने तत्काल दुर्गाकुंड पुलिस चौकी पर इसकी सूचना दी.


सीसीटीवी की मदद से मिला कैमरा


सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी विकास मिश्रा सक्रिय हो गए और अपनी टीम के साथ मंदिर परिसर व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते जल्द ही कैमरे का पता लगा लिया गया और उसे सुरक्षित बरामद कर पर्यटकों को वापस सौंप दिया गया.अपना खोया सामान वापस पाकर विदेशी पर्यटक अलेक्सेंडर ने वाराणसी पुलिस का आभार जताते हुए कहा, ‘थैंक यू वाराणसी पुलिस… इन इंडिया एवरीथिंग इज़ पॉसिबल.

काशी विश्वनाथ धाम से गूंजा शांति का संदेश, ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की कामना
काशी विश्वनाथ धाम से गूंजा शांति का संदेश, ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की कामना
वाराणसी: अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर रविवार को काशी विश्वनाथ धाम से विश्व में शांति, सौहार्द और भाईचारे की कामना की गई। बाबा विश्वनाथ के दरबार में लोगों ने युद्ध, हिंसा और अशांति से जूझ रही दुनिया के लिए शांति की प्रार्थना की और मानवता के कल्याण का संदेश दिया।नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के संयोजन में श्री काशी विश्वनाथ धाम में स्थापित भारत माता की प्रतिमा के समक्ष शांति प्रार्थना की गई। इस दौरान ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ का मंत्र दोहराते हुए सभी के सुखी और स्वस्थ रहने की कामना की गई।राजेश शुक्ला ने कहा कि काशी केवल आस्था और अध्यात्म की नगरी नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को मानवता, करुणा और सहअस्तित्व का संदेश देने वाली धरती है। भारतीय संस्कृति सदैव ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रही है। आज जब दुनिया के कई हिस्से युद्ध और हिंसा की पीड़ा झेल रहे हैं, ऐसे समय में काशी से शांति और भाईचारे का संदेश और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ के धाम से यही प्रार्थना है कि दुनिया में हिंसा का अंत हो और लोगों के बीच प्रेम, करुणा तथा आपसी सद्भाव बढ़े। मानवता को टकराव के बजाय संवाद और सहअस्तित्व का रास्ता अपनाना चाहिए।ALSO READ: कैंट विधानसभा के दो वार्डों में 225 करोड़ की विकास परियोजनाएं शुरू, सीवर-पेयजल के साथ सड़कों का होगा पुनर्निर्माणशांति प्रार्थना में शिवानंद दीक्षित, विश्वनाथ धवन, रेखा दीक्षित, श्रीनिवास, अन्नपूर्णा देवी, विकास कुमार समेत बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। श्रद्धालुओं और नागरिकों ने विश्व शांति तथा सभी के कल्याण की कामना की।
कैंट विधानसभा के दो वार्डों में 225 करोड़ की विकास परियोजनाएं शुरू, सीवर-पेयजल के साथ सड़कों का होगा पुनर्निर्माण
कैंट विधानसभा के दो वार्डों में 225 करोड़ की विकास परियोजनाएं शुरू, सीवर-पेयजल के साथ सड़कों का होगा पुनर्निर्माण
वाराणसी: मानसून की विदाई के साथ काशी में रुकी हुई बड़ी विकास परियोजनाएं अब धरातल पर उतरने लगी हैं। कैंट विधानसभा क्षेत्र के सरायनंदन और बिरदोपुर/शीशमहल वार्ड में रविवार को करीब 225 करोड़ रुपये की लागत से सीवर, पेयजल और सड़क पुनर्निर्माण परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। महापौर अशोक कुमार तिवारी और कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने भूमि पूजन कर निर्माण कार्य शुरू कराया।उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की देखरेख में होने वाले इन कार्यों से दोनों क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही सीवर, पेयजल और सड़क से जुड़ी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है।सरायनंदन में 110 करोड़ से बिछेगी 55 किमी सीवर-पेयजल लाइनसरायनंदन वार्ड के दशमी रामलीला मैदान क्षेत्र में करीब 110 करोड़ रुपये की लागत से 55 किलोमीटर लंबी सीवर और पेयजल लाइन बिछाने के साथ सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में सीवर व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के साथ सड़कों का भी पुनर्निर्माण किया जाएगा।बिरदोपुर में 115 करोड़ की परियोजनाबिरदोपुर क्षेत्र के कैलाश मठ और गिरी नगर एकता पार्क के पास करीब 115 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना का शुभारंभ हुआ। इसमें 58 करोड़ रुपये सीवर लाइन तथा 57 करोड़ रुपये पेयजल लाइन और गृह संयोजन के कार्य पर खर्च किए जाएंगे।सात महीने की परेशानी, दशकों तक समाधान का दावाभूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि सीवर और पेयजल की नई पाइपलाइन बिछाने के दौरान करीब सात महीने तक नागरिकों को आवागमन में अस्थायी परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह असुविधा लंबे समय के स्थायी समाधान के लिए है। उनके अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद आने वाले दशकों तक सीवर जाम और ओवरफ्लो की समस्या से राहत मिलने के साथ शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा के मार्गदर्शन में काशी में विकास कार्यों को गति दी जा रही है।अमृत-2.0 के तहत 22 वार्डों में होंगे बड़े कामनगर निगम के अनुसार शहरी क्षेत्र के अत्यधिक प्रभावित 22 वार्डों की बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए अमृत-2.0 योजना के तहत कुल 2161 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रस्तावित हैं। इसके तहत 353.13 किलोमीटर सीवर लाइन और 651.64 किलोमीटर पेयजल पाइपलाइन बिछाई जानी है।ALSO READ :बरेका में आरपीएफ का 42वां स्थापना दिवस, ‘रन फॉर यूनिटी’ से दिया एकता और सुरक्षा का संदेशसरायनंदन और बिरदोपुर में आयोजित अलग-अलग भूमि पूजन कार्यक्रमों में क्षेत्रीय पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम का संचालन क्रमशः राहुल सिंह और अशोक पटेल ने किया।
बरेका में आरपीएफ का 42वां स्थापना दिवस, ‘रन फॉर यूनिटी’ से दिया एकता और सुरक्षा का संदेश
बरेका में आरपीएफ का 42वां स्थापना दिवस, ‘रन फॉर यूनिटी’ से दिया एकता और सुरक्षा का संदेश
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) परिसर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का 42वां स्थापना दिवस रविवार को उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान आरपीएफ अधिकारियों और जवानों ने विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।स्थापना दिवस के अवसर पर आरपीएफ की ओर से ‘रन फॉर यूनिटी’, योग कार्यक्रम, वृक्षारोपण और ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का आयोजन किया गया। ‘रन फॉर यूनिटी’ के माध्यम से एकता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया गया। वहीं योग कार्यक्रम में स्वस्थ जीवनशैली के साथ शारीरिक और मानसिक फिटनेस के महत्व को रेखांकित किया गया।बैरक परिसर में किया गया वृक्षारोपणपर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए आरपीएफ कर्मियों ने बैरक परिसर में पौधरोपण किया। इस दौरान अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। इसके साथ ही ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत बैरक परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया।20 सितंबर 1985 से मिला वर्तमान स्वरूपरेलवे सुरक्षा बल को 20 सितंबर 1985 को संघ के सशस्त्र बल का दर्जा प्रदान किया गया था। रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम, 1957 में संशोधन के बाद यह प्रावधान 20 सितंबर 1985 से प्रभावी हुआ। आरपीएफ का प्रमुख दायित्व रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के साथ यात्रियों और यात्री क्षेत्रों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।स्थापना दिवस के अवसर पर बरेका में प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ के निरीक्षकगण और बल के सदस्य मौजूद रहे।‘बड़ा खाना’ का भी आयोजनस्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आरपीएफ कर्मियों के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारा मजबूत करने के उद्देश्य से रात में बैरक परिसर में ‘बड़ा खाना’ का आयोजन किया गया।ALSO READ : काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागतआरपीएफ अधिकारियों ने कहा कि स्थापना दिवस केवल वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि कर्तव्य, अनुशासन, साहस और सेवा भावना के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है। बरेका आरपीएफ रेल यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के अपने दायित्व को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।