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10 लाख की धोखाधड़ी में कुख्यात ठग की पत्नी व बेटी के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

10 लाख की धोखाधड़ी में कुख्यात ठग की पत्नी व बेटी के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
Dec 05, 2025, 08:51 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसीः कई बड़े व्यापारियों के साथ ठगी व धोखाधड़ी कर करोड़ों रूपये डकारने के मामले में जेल में निरुद्ध चौक स्थित स्टेशनरी और कंप्यूटर व्यापारी शरद भार्गव की पत्नी व बेटी भी इस मामले में पीछे नहीं है. इन दोनों के द्वारा भी रघुनाथ नगर तुलसीपुर निवासी मॉड्यूलर किचन व्यवसाई विकास मेहरोत्रा के साथ 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई. इस मामले में चेतगंज थाना में शरद भार्गव की पत्नी ऋचा भार्गव और उसकी पुत्री देवांशी भार्गव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है. फिलहाल मां-बेटी फरार है जिनकी तलाश में पुलिस जुट गई है.


हरियाणा से गिरफ्तार हुआ था शरद भार्गव


बता दें कि लंका थाने की पुलिस ने दीपावली से दो दिन पूर्व हरिय़ाणा से शरद भार्गव को उसके रेस्टोंरेट से पकड़ा था. इसके खिलाफ बनारस के चेतगंज, चौक, लंका, कोतवाली थानों में एक दर्जन से अधिक ठगी व धोखाधड़ी का मामला दर्ज है. चौक स्थित स्टेशनरी और कंप्यूटर का व्यापारी शरद भार्गव कई बड़े व्यापारियों से दोस्ती कर उनसे बिजनेस के नाम पर करोड़ों रुपये ले लिए थे. इसके अलावा अपने लंका स्थित फ्लैट को भी बेचने के नाम पर दो लोगों से अलग-अलग डेढ़ करोड़ की राशि ले ली थी. इसी फ्लैट को बेचने के लिए उसने आईएएस अधिकारी के ऱिश्तेदार बीएचयू के प्रोफेसर से दो बार में लगभग 80 लाख रुपये की रकम ऐंठकर फरार हो गया था.


पुलिस ने किए थे बड़े-बड़े दावे

10 लाख की धोखाधड़ी में कुख्यात ठग की पत्नी व बेटी के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

इस शातिर ठग की गिरफ्तारी होने पर लंका पुलिस ने भव्य प्रेस कांफ्रेस कर अपनी उपलब्धि गिनाई थी. इस मौके पर एक बड़े अधिकारी ने घोषणा की थी कि शरद भार्गव के खिलाफ सभी केसों को लेकर उसके तथा उसकी पत्नी, बेटी व अन्य साथियों पर गैंगस्टर लगाया जाएगा. साथ ही उसे रिमांड पर लेकर व्यापारियों द्वारा हड़पे रूपयों के एड़ी-चोटी का जोर लगाकर वापस कराएगी. दूसरी ओर सवाल उठने लगा है कि आखिर शरद भार्गव के खिलाफ इतने संगीन मामले दर्ज होने तथा गैंग बनाकर लगातार धोखाधड़ी व ठगी करने की कई घटनाओं को अंजाम देने के बावजूद पुलिस आखिर क्यों नहीं गैंगस्टर की कार्रवाई कर रही है.


गिरफ्तारी पर स्टे को बना रखा था भार्गव ने हथियार


गौरतलब है कि अपने खिलाफ दर्ज हुए कई मुकदमों में गिरफ्तारी न हो इसके लिए उसने हाइकोर्ट से स्टे ले रखा जिसके चलते पुलिस उसपर हाथ नहीं डाल रही थी. वहीं दीपावली के तीन दिन पहले दर्ज एक मुकदमें में पुलिस ने उसे हरियाणा से दबोच लिया था जिसके बाद वह जेल में है. उस दौरान उसकी पत्नी फरार हो जाने में कामयाब रही थी.


अब पुलिस कर सकती है प्रभावी कार्रवाई

वैसे इस प्रकरण में अब शरद भार्गव की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी व बेटी के खिलाफ दर्ज मामले में फिलहाल पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई संग दोनों की गिरफ्तारी का प्रयास कर सकती है. वैसे सूत्रों की माने तो जिला जेल में निरुद्ध शरद भार्गव से मिलने उसकी पत्नी व बेटी लगातार मिलने आती हैं.


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ऑटो चालक के बेटे अभय ने हांगकांग में रचा इतिहास, जीता कांस्य पदक
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काशी में बढ़ रही नावों की संख्या, नहीं मिला किसी को भी लाइसेंस
काशी में बढ़ रही नावों की संख्या, नहीं मिला किसी को भी लाइसेंस
The number of boats is increasing in Kashi, but no one has got a license.Varanasi News: वाराणसी में नावों के पंजीकरण की प्रक्रिया एक वर्ष से चल रही है, लेकिन अब तक एक भी नाव का पंजीकरण नहीं हो सका है. गंगा में नावों की संख्या लगातार बढ़ रही है. प्रशासन एक लाइसेंस पर 10 नावों के संचालन की व्यवस्था लागू करने के साथ 100 इलेक्ट्रिक और मोटरबोट को सीएनजी में परिवर्तित कर चलाने की योजना बना रहा है.एक साल से चल रही प्रक्रिया, फिर भी नहीं मिला लाइसेंस गंगा में चल रही नावों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया एक साल से चल रही है, लेकिन एक भी नाव को लाइसेंस नहीं मिला है. पुराने एक नाव के लाइसेंस पर नाविक 5 से 10 नाव चला रहे हैं. इस कारण गंगा में ट्रैफिक भी बढ़ा है. स्थानीय पुलिस इनकी नाव जब्त भी नहीं कर पा रही है. गंगा में बेलगाम नावों की संख्या से आए दिन घटनाएं और मारपीट किसी भी दिन बड़े हादसे का रूप ले सकती है, नौका विहार में बंपर कमाई के चलते कई नई बड़ी नावें गंगा में उतरने के लिए लाइन में हैं. नगर निगम की ओर से महज 1217 नावों को ही लाइसेंस जारी किया गया है, जबकि संचालन 4000 से अधिक नावों का हो रहा है.नावों का चालान हुआ है पहचानना मुश्किलदरअसल, लाइसेंस देने का अधिकार पहले नगर निगम को था. डेढ़ साल से आरटीओ और आईडब्ल्यूएआई को जिम्मेदारी दी गई है, जब से काम इन दो विभागों को मिला है तभी से लाइसेंस की प्रक्रिया शिथिल पड़ गई है, हालांकि, नाविकों की मनमानी पर कार्रवाई में जल पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ रही. आए दिन नावों का चालान किया जा रहा है. पुलिस को यह समस्या हो रही है कि नावों को जब्त करने की कोई जगह नहीं है. नाविक सभी नावों को एक जैसा रंग दे रहे हैं जिससे किस नाव का चालान हुआ है पहचानना मुश्किल हो जा रहा है.नाव की संख्या बढ़ने से गंगा में बढ़ा ट्रैफिक गंगा में नावों की संख्या बढ़ने से ट्रैफिक बढ़ गया है, इस समय मौसम सामान्य न होने से बहुत नावें नहीं दिख रही हैं. ट्रैफिक और सवारियों की ओवरलोडिंग के कारण आए दिन घटनाएं हो रही हैं. इस साल की शुरुआत से अब तक तीन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं. 100 इलेक्ट्रिक और सीएनजी बोट चलाने की सरकारी योजना के तहत गंगा में आने वाले समय में 100 इलेक्ट्रिक नावों को लांच किया जाएगा. मोटरबोट को सीएनजी में परिवर्तित किया जाएगा. इसे माझी व नाविक समाज के लोगों की सहभागिता से योजना से जोड़ा जाएगा, इसके लिए बीते दिनों मंडलायुक्त की अध्यक्षता में बैठक भी हुई है.मोटर बोट का हल नहींगंगा में लाख प्रयासों के बाद भी प्रशासन और अन्य विभागों को मोटर बोट का विकल्प नहीं मिल पाया है. इसके लिए पिछले 10 वर्षों से प्रयास किए जा रहे हैं, वर्ष 2017 में नावों पर सोलर सिस्टम और 2021 से 2023 तक सीएनजी इंजन लगाए गए, लेकिन इनमें से कोई भी प्रयोग सफल नहीं हो सका. मौजूदा समय में गंगा में डीजल वाली मोटर बोट ही संचालित हो रही हैं, जिनसे होने वाले प्रदूषण का अब तक कोई प्रभावी समाधान नहीं निकल पाया है. वर्ष 2017 में टाटा की एसोसिएट कंपनी टेरा की ओर से 40 नावों का चयन कर उन पर सोलर पैनल लगाए गए थे, इसमें प्रति नाव करीब सात लाख रुपये खर्च हुए.Also Read: क्वींस कॉलेज में प्रधानाचार्य का तबादला, चित्रकूट से आएंगे नए प्राचार्य
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Principal of Queens College transferred, new principal will come from Chitrakootवाराणसी: उत्तर प्रदेश शिक्षा निदेशालय ने प्रशासनिक आधार पर माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रधानाचार्यों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं.इसी क्रम में वाराणसी के ऐतिहासिक क्वींस कॉलेज (राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज) के प्रधानाचार्य सुमित कुमार श्रीवास्तव का तबादला चित्रकूट मंडल स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज, हरदौली कला में कर दिया गया है.वहीं, चित्रकूट में कार्यरत प्रधानाचार्य विशेष्वर सिंह को स्थानांतरित कर क्वींस कॉलेज वाराणसी का नया प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया है.शिक्षा निदेशालय ने दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं. क्वींस कॉलेज में अपने कार्यकाल के दौरान सुमित कुमार श्रीवास्तव ने शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कई प्रयास किए.Also Read: वाराणसी में सेवा निवृत्त हो रहे पुलिस कर्मियों को दी गई भावभीनी विदाईउनकी कार्यशैली और सक्रियता को लेकर विद्यालय से जुड़े लोगों और छात्रों के बीच सकारात्मक छवि बनी रही.स्थानांतरण की खबर सामने आने के बाद विद्यालय परिसर और स्थानीय शिक्षा जगत में उनकी कार्यशैली को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं. शिक्षा विभाग की ओर से जारी इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब क्वींस कॉलेज को नए नेतृत्व के रूप में विशेष्वर सिंह मिलेंगे, जिनसे विद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक विकास को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है.