चौकाघाट में दिखेगा डिज्नीलैंड का प्रतिरूप, 15 फीट के मिकी माउस और कार्टून कैरेक्टर होंगे आकर्षण...
वाराणसी : धर्मनगरी काशी में दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में आकर्षक पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में चौकाघाट के संजय नगर कॉलोनी स्थित कॉटन मिल परिसर में इस बार डिज्नीलैंड की थीम पर भव्य पंडाल बनाया जा रहा है। न्यू यूथ स्पोर्टिंग क्लब की ओर से आयोजित दुर्गोत्सव में बच्चों के मनोरंजन का खास ध्यान रखा गया है। पंडाल में डिज्नीलैंड के साथ मिकी माउस और अन्य प्रसिद्ध कार्टून कैरेक्टर भी नजर आएंगे। क्लब पिछले 16 वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन कर रहा है।
पंडाल की खास बात यह है कि बाहर से यह डिज्नीलैंड का प्रतिरूप दिखाई देगा, जबकि अंदर काशी के घाटों की झलक देखने को मिलेगी। करीब 65 फीट ऊंचे और 60 फीट चौड़े पंडाल को तैयार करने में 18 कारीगर जुटे हुए हैं। इसकी सजावट और लाइटिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आकर्षक रोशनी के साथ लेजर लाइट का इस्तेमाल भी किया जाएगा। पंडाल को खूबसूरत पर्दों से सजाने की तैयारी है।
यहां स्थापित होने वाली मां दुर्गा की प्रतिमा भी खास होगी। करीब 15 फीट ऊंची प्रतिमा में मां दुर्गा भैंसे पर सवार दिखाई देंगी, जबकि महिषासुर को गैंडे के पेट से निकलते हुए दर्शाया जाएगा। मां के श्रृंगार के लिए विशेष साड़ी तैयार कराई जा रही है। समिति हर साल मां के लिए अलग डिजाइन की साड़ी बनवाती है, जो प्रतिमा की सजावट को खास बनाती है।
दुर्गोत्सव के तहत सप्तमी से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। दशमी के दिन कन्या पूजन और डांडिया कार्यक्रम होगा। कन्या पूजन के दौरान करीब 200 कन्याओं को भोजन कराया जाएगा। आयोजकों को उम्मीद है कि डिज्नीलैंड की थीम, कार्टून कैरेक्टर और काशी के घाटों की झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और बच्चे पहुंचेंगे।
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वहीं, नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि के दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है। वाराणसी में विश्वनाथ कॉरिडोर के पास मीरघाट स्थित कालिका गली में मां कालरात्रि का मंदिर है। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में सातवें स्वरूप की पूजा सप्तमी को की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि नकारात्मक शक्तियों और भय का नाश करने वाली देवी हैं। भक्त लाल चुनरी, सिंदूर और प्रसाद अर्पित कर मां से सुख-समृद्धि और निर्भयता का आशीर्वाद मांगते हैं।



