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वाराणसी में भी होगी पानी वाले जहाजों की मरम्‍मत, बनने जा रहा है शिप रिपेयरिंग सेंटर

वाराणसी में भी होगी पानी वाले जहाजों की मरम्‍मत, बनने जा रहा है शिप रिपेयरिंग सेंटर
Jun 06, 2026, 08:18 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : पानी वाले जहाजों को मरम्‍मत के लिए अब कोलकाता भेजने की जरूरत नहीं होगी. ऐसा इसलिए क्‍योंकि राष्ट्रीय जलमार्ग-एक पर गंगा के रास्ते अंतर्देशीय जल परिवहन और क्रूज पर्यटन को मजबूती मिलने जा रही है. भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आइडब्ल्यूएआइ) रामनगर मल्टी मोडल टर्मिनल पर करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक शिप रिपेयरिंग सेंटर (जहाज मरम्मत केंद्र) का निर्माण जून से शुरू करने जा रहा है.

परियोजना के लिए निर्माण क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एलएंडटी जियोस्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को वर्क आर्डर जारी कर दिया गया है. अब इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) माडल पर आधारित इस परियोजना को अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.


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गंगा पर बनने वाले इस आधुनिक शिप रिपेयर हब की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सितंबर 2025 में रखी गई थी. अब तक गंगा में चलने वाले छोटे-बड़े जहाजों, मालवाहक जलयानों और लग्जरी टूरिस्ट क्रूज को बड़ी तकनीकी खराबी या नियमित ओवरहालिंग के लिए महीनों का समय और लाखों रुपये खर्च कर कोलकाता ले जाना पड़ता था. बनारस के साथ पटना में भी यह सुविधा विकसित होने से जहाजों की खराब रहने की अवधि बेहद कम हो जाएगी, जिससे परिचालन लागत में भारी कमी आएगी.

हाल ही में आइडब्ल्यूएआइ टीम ने टर्मिनल की स्थिति देख चुकी है और निर्माण शुरू करने की सहमति दी है. यह परियोजना केंद्र सरकार के जल मार्ग विकास प्रोजेक्ट को गति देने और हल्दिया से प्रयागराज के बीच संचालित हो रहे देश के सबसे लंबे राष्ट्रीय जलमार्ग को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी.


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अंतरराष्‍ट्रीय मानक के अनुरूप होगा रामनगर टर्मिनल


जहाजों के सुचारू संचालन के लिए रामनगर टर्मिनल की तकनीकी क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार अपग्रेड किया जा रहा है. यहां रो-पैक्स जहाजों और अन्य जलयानों के लिए 'ड्राई डाक' क्षमता का विस्तार किया जा रहा है. इस उन्नत प्रक्रिया के तहत जहाजों को पानी से बाहर निकालकर सूखे स्थान पर खड़ा किया जाता है, जहां उनके निचले हिस्से की सफाई, जंक रोधी पेंटिंग और इंजन की बड़ी मरम्मत की जाती है. जलमार्ग के सुदृढ़ होने से भारी वाहनों और माल ढुलाई का लोड सड़कों से हटकर नदी मार्ग पर शिफ्ट होगा, जिससे जीटी रोड सहित अन्य राजमार्गों पर जाम की समस्या खत्म होगी. इससे पूर्वांचल और बिहार के इस पूरे बेल्ट में मरीन इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के सैकड़ों नए अवसर पैदा होंगे.

वाराणसी मंडल के रेलकर्मियों ने लौटाया यात्री का खोया पर्स,नकदी समेत सभी दस्तावेज मिले सुरक्षित...
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वाराणसी: पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के वाणिज्य कर्मचारियों ने ईमानदारी और तत्परता का परिचय देते हुए एक यात्री का खोया हुआ पर्स सुरक्षित लौटाकर मिसाल पेश की है। पर्स में ₹5,000 नकद के साथ एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और आधार कार्ड सुरक्षित रखे गए थे.मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव के नेतृत्व में कर्मयोगी मॉड्यूल से प्रशिक्षित वाणिज्य कर्मचारी यात्रियों को बेहतर और संवेदनशील सेवाएं प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं.रेलवे के अनुसार, 23 जुलाई को बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-8 पर स्थित स्टॉल संख्या-1819 के पास एक यात्री का पर्स मिला था. कर्मचारियों ने पर्स को सुरक्षित रखते हुए उसके वास्तविक स्वामी की पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू की.रविवार को संबंधित यात्री के बनारस स्टेशन पहुंचने पर उसने अपना यात्रा टिकट और पहचान पत्र प्रस्तुत किया. सत्यापन के बाद सीनियर टीई अमृत राय ने यात्री को उसका पर्स सकुशल सौंप दिया। पर्स में मौजूद नकद सहित सभी जरूरी दस्तावेज सुरक्षित मिले.also read:काशी विद्यापीठ में 'शैक्षणिक प्रवास' पत्रिका का लोकार्पण, 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री का हुआ प्रदर्शन.अपना खोया हुआ सामान वापस मिलने पर यात्री ने वाराणसी मंडल के वाणिज्य कर्मचारियों की ईमानदारी, त्वरित कार्रवाई और यात्री सेवा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए रेलवे प्रशासन का आभार व्यक्त किया.
काशी विद्यापीठ में 'शैक्षणिक प्रवास' पत्रिका का लोकार्पण, 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री का हुआ  प्रदर्शन.
काशी विद्यापीठ में 'शैक्षणिक प्रवास' पत्रिका का लोकार्पण, 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री का हुआ प्रदर्शन.
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में रविवार को शैक्षणिक और रचनात्मक उपलब्धियों का विशेष आयोजन हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह द्वारा सम्पादित 'शैक्षणिक प्रवास' पत्रिका का लोकार्पण किया. इसके साथ ही उनके निर्देशन में निर्मित 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री का प्रथम प्रदर्शन भी किया गया.डॉ. भगवान दास केंद्रीय पुस्तकालय के समिति कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. त्यागी ने पत्रिका और डॉक्यूमेंट्री से जुड़े सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि ये दोनों कृतियां विश्वविद्यालय के अन्य विभागों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेंगी. उन्होंने कहा कि 'शैक्षणिक प्रवास' केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की जिज्ञासा, अनुभव और सीख का सजीव दस्तावेज है. वहीं 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री विश्वविद्यालय की गौरवशाली विरासत, राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़े इतिहास और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती है.पत्रिका के सम्पादक डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि इसमें महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान, पर्यटन अध्ययन संस्थान, मनोविज्ञान विभाग तथा समाज कार्य विभाग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक भ्रमण, अध्ययन यात्राओं और व्यावहारिक अनुभवों को संकलित किया गया है. उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी मीडिया संस्थानों, संसद, न्यायालय, ऐतिहासिक स्थलों और समाज के बीच जाकर सीखते हैं, तब कक्षा की शिक्षा वास्तविक जीवन के अनुभव में बदल जाती है.कार्यक्रम में बताया गया कि डॉक्यूमेंट्री के लेखक डॉ. नागेन्द्र पाठक, डॉ. शिवजी सिंह और डॉ. अजय वर्मा हैं, जबकि वॉयस ओवर अनिरुद्ध पाण्डेय ने दिया है. इसमें पुलकित जायसवाल और समर प्रताप सिंह का भी सहयोग रहा.ALSO READ:राज्यपाल के वाराणसी दौरे को लेकर 27 से 29 जुलाई तक ट्रैफिक डायवर्जन, कई प्रमुख मार्गों पर रहेगा यातायात प्रतिबंध...कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभा शंकर मिश्र ने किया. इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा, डॉ. श्रीराम त्रिपाठी, डॉ. वैष्णवी शुक्ला, डॉ. चन्द्रशील पाण्डेय सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे.
राज्यपाल के वाराणसी दौरे को लेकर 27 से 29 जुलाई तक ट्रैफिक डायवर्जन, कई प्रमुख मार्गों पर रहेगा यातायात प्रतिबंध...
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वाराणसी: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के वाराणसी आगमन एवं भ्रमण कार्यक्रम को देखते हुए यातायात पुलिस कमिश्नरेट ने 27 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक विशेष यातायात डायवर्जन और प्रतिबंध लागू करने की एडवाइजरी जारी की है. वीवीआईपी के आगमन और प्रस्थान के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का आवागमन अस्थायी रूप से रोका जाएगा तथा वैकल्पिक मार्गों से यातायात संचालित किया जाएगा.यातायात पुलिस के अनुसार बाबतपुर एयरपोर्ट से लेकर हरहुआ, तरना, गिलट बाजार, भोजूबीर, गोलघर, पुलिस लाइन, चौकाघाट, तेलियाबाग, मलदहिया, इंग्लिशिया लाइन, साजन तिराहा, सिगरा, रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर, राजघाट, पड़ाव, रामनगर, आशियाना, मिंट हाउस, इंडिया होटल और नदेसर समेत विभिन्न प्रमुख चौराहों एवं मार्गों पर वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात प्रतिबंधित रहेगा.एडवाइजरी के अनुसार गिलट बाजार, भोजूबीर, पुलिस लाइन, ताड़ीखाना, चौकाघाट, मलदहिया, सिगरा, राजघाट और रामनगर क्षेत्र में वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा. वहीं सूजाबाद पुलिस चौकी क्षेत्र से वीवीआईपी मूवमेंट से तीन घंटे पहले सभी मालवाहक वाहनों का संचालन भी बंद रहेगा.ALSO READ:कैरम प्रतियोगिता में खिलाड़ियों में दिखाया कौशलयातायात पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही वीवीआईपी रूट पर यात्रा करें तथा वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करते हुए अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे और कार्यक्रम सकुशल संपन्न हो सके.सहायता के लिए संपर्क:ट्रैफिक कंट्रोल रूम: +91 78398 56994ट्रैफिक हेल्पलाइन: +91 73172 02020