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बड़े काम का एप, जिसकी मदद से यूपी पुलिस ने की पहली कार्रवाई, लुटेरों को पहुंचाया जेल

बड़े काम का एप, जिसकी मदद से यूपी पुलिस ने की पहली कार्रवाई, लुटेरों को पहुंचाया जेल
Mar 14, 2026, 10:01 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: यूपी पुलिस के लिए बडे काम का एक एप डेवलप हुआ है. इस एप का नाम यक्ष है और इसकी मदद से प्रदेश में पहली कार्रवाई सामने आई है. डीजीपी राजीव कृष्ण के सबसे बड़े नवाचार यक्ष एप ने फायरिंग और लूट के तीन आरोपियों को जेल पहुंचाया. वाराणसी रेंज की जौनपुर पुलिस ने तीन घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार किया. यक्ष एप पर अपराधियों का आंकड़ा फीड करने के दौरान वाराणसी रेंज की पूरे यूपी में पहली कार्रवाई है.


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कुछ संदिग्धों की पहचान की गई


बतादें कि 11 मार्च की रात 9 बजे जौनपुर के जफराबाद थाना क्षेत्र में जनसेवा केंद्र के संचालक प्रेमचंद्र यादव को गोली मारकर अपराधियों ने 90 हजार रुपये, बाइक और मोबाइल लूट लिए थे. यक्ष एप से पता लगाया गया कि घटनास्थल के आसपास कितने सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. जांच के लिए टीमें भेजी गईं और इन फुटेज में से कुछ संदिग्धों की पहचान की गई.


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घटना स्थल तक पहुंचने और घटना के बाद भागने के लिए अपराधियों की संभावित गतिविधियों का पता लगाया गया. अपराधियों के संभावित मार्गों के आधार पर तीन पुलिस थाना क्षेत्र (केराकत, चंदवक और गौरबादशाहपुर थाना) ऐसे थे, जहां से अपराधी आ सकते थे. यक्ष एप से इन तीन थाना क्षेत्रों में रहने वाले 232 अपराधियों का विवरण निकाला गया और अपराधियों के चेहरे पीड़ितों को दिखाए गए.


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कुछ ही घंटे में कार्रवाई


विश्लेषण के आधार पर कुछ ही घंटों में असलहे से लूटपाट करने वाले तीन अपराधियों व उनके पते, फोटो और आपराधिक इतिहास समेत की सटीक पहचान कर ली गई. यक्ष एप में अपराधियों की तीन कोणों से ली गई तस्वीरों का डेटा है, इसलिए पीड़ित ने अपराधियों की आसानी से पहचान कर ली. रात 9 बजे की घटना थी.


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एसएसपी जौनपुर कुंवर अनुपम सिंह, एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव, एएसपी गोल्डी गुप्ता और एएसपी (यूटी) श्रुष्टि जैन ने यक्ष एप की मदद से अपराध को खेल की तरह सुलझा लिया. यक्ष एप की एक बहुत ही रोचक विशेषता यह है कि प्रत्येक अपराधी को एक आपराधिक आईडी आवंटित की गई है, जिससे अब आपराधिक आईडी के आधार पर कई जिलों के बीच अपराधियों का विवरण साझा किया जा सकता है.


रजिस्टर नंबर आठ की खत्म हो गई उपयोगिता


वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया कि यक्ष एप यूपी पुलिस के सबसे बड़े नवाचारों में से है. खासियत यह है कि यह सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन की पहचान कर सकता है और सिर्फ एक क्लिक से किसी खास जिले या पुलिस स्टेशन के सभी अपराधियों का विवरण दे सकता है.


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अपराध पुस्तिका ले जाने की पुरानी परंपरा


घटनास्थल के क्षेत्र में अपराधों और अपराधियों का विवरण जानने के लिए घटनास्थल के गांव व कस्बे की ग्राम अपराध पुस्तिका ले जाने की पुरानी परंपरा अब एक तकनीकी समाधान से बदल गई है, जिसमें राज्यव्यापी अपराधियों का डेटा है. एक क्लिक पर अपराधियों का डेटा खुल जा रहा है. जौनपुर पुलिस ने यक्ष एप से लूट, फायरिंग की घटना का पर्दाफाश किया. अपराधियों की गिरफ्तारी में सफलता मिली है. - वैभव कृष्ण, डीआईजी रेंज, वाराणसी

वरुणा नदी के कायाकल्प का रोडमैप तैयार, रिवरफ्रंट संवारने को VDA-ONGC में समझौता...
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वाराणसी : काशी की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय पहचान से जुड़ी वरुणा नदी के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. वरुणा रिवरफ्रंट विकास परियोजना के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और ओएनजीसी के बीच 260.61 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए. ओएनजीसी अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) निधि से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का वित्तपोषण करेगी. इससे वरुणा नदी के तटों का सुनियोजित विकास होने के साथ काशी में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को नया आयाम मिलेगा.वीडीए सभागार में पिछले दिनों आयोजित कार्यक्रम में वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा और ओएनजीसी के सीएसआर प्रमुख नीरज कुमार बंसल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य वरुणा नदी को केवल स्वच्छ और संरक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि इसे आधुनिक रिवरफ्रंट के रूप में विकसित करना भी है. इसके तहत नदी तटों को हरित क्षेत्रों, पैदल पथ, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाओं, सार्वजनिक उपयोग के खुले स्थलों और अन्य आधुनिक शहरी सुविधाओं से विकसित किया जाएगा.परियोजना मंडलायुक्त एवं वीडीए अध्यक्ष एस. राजलिंगम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है. वहीं, ओएनजीसी के महाप्रबंधक अटल श्रीवास्तव ने इसे अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह परियोजना भारत सरकार के जल निकाय पुनर्जीवन मिशन की अवधारणा के अनुरूप है. इससे जल संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधुनिक सुविधाओं से युक्त काशी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नदी संरक्षण एवं शहरी विकास की प्राथमिकताओं को भी गति देगी.नदी तट का विकासपरियोजना के मुख्य उद्देश्य यह परियोजना काशी के शहरी सुंदरीकरण, पर्यावरण संरक्षण और नदी तट विकास पर केंद्रित है. इसका लक्ष्य पर्यटन संवर्धन और जनसुविधाओं का विस्तार करना भी है. ओएनजीसी सीएसआर से इस परियोजना को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. इसका उद्देश्य वाराणसी को एक आधुनिक, स्वच्छ और हरित नगर के रूप में स्थापित करना है.परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य तक सभी चरण तय समयबद्ध योजना के अनुसार पूरे किए जाएंगे.ALSO READ:काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...वरुणा नदी काशी की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है. लंबे समय से इसके संरक्षण और विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. यह परियोजना नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उसके किनारों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाएगी. - पुर्ण बोरा, वीडीए उपाध्यक्ष
काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...
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वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हॉस्‍टल के कमरों पर अवैध कब्‍जा खाली कराने मामला गरम हो गया है. बुधवार को छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने का विरोध करते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्‍यागी और अन्य अधिकारियों का घेराव किया. इस दौरान परिसर में काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा. हंगामे की स्थिति को देखते हुए परिसर में पुलिस तैनात की गई है.छात्रों का आरोप है कि उन्हें हॉस्टल से जबरन बाहर निकाला गया है. वे इस कार्रवाई को गलत और अन्यायपूर्ण बता रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई. मौके पर पुलिस प्रशासन भी पहुंच गया. पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया. कुलपति ने इस संबंध में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हॉस्टल में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाया जा रहा है. कुलपति ने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी काम सौ फीसदी सही नहीं होता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों को परेशानी आ रही है, उनकी जांच की जाएगी. उचित कार्रवाई करके समस्या का समाधान किया जाएगा.ALSO READ:पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया. उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बाहर किया गया. छात्रों ने इसे मनमाना और अन्यायपूर्ण कदम बताया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी. छात्रों ने हॉस्टल में रहने के अपने अधिकार पर जोर दिया. फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर अडे हुए हैं. कुलपति ने हॉस्टल खाली कराने की कार्रवाई को वैध ठहराया. उन्होंने बताया कि केवल उन लोगों को हटाया जा रहा है जो अवैध रूप से रह रहे हैं. कुलपति ने कहा कि यह व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है. उन्होंने प्रभावित छात्रों की शिकायतों की जांच का भरोसा दिया. कुलपति ने कहा कि उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
वाराणसी : लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में सत्यम नगर कॉलोनी में एक महिला से पता पूछने के बहाने सोने का टप्स झपटकर फरार हुए दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने 16 जून को महिला से घर के बाहर पता पूछने के बहाने बातचीत की और मौका पाकर कान से सोने का टप्स झपटकर फरार हो गए थे. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.फाइनेंस कंपनी में बेच दिया था टप्सपुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आराेपियों ने लूटा गया सोने का टप्स एक फाइनेंस कंपनी को बेच दिया था. बिक्री से मिले पैसों में से बचे हुए 8 हजार रुपये पुलिस ने बरामद किए हैं.पुलिस ने नकद के अलावा आरोपियों के कब्‍जे से दो मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है. लालपुर-पांडेयपुर पुलिस की कार्रवाई से झपटमारी की इस घटना का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.ALSO READ : कांग्रेस ने एसआईटी पर उठाए सवाल, जिला मुख्‍यालय पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा...लूट के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर कुंदन गौड़ को पुलिस ने लूट के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. आरोपी मुकदमा अपराध संख्या 458/2019 में धारा 392, 411 व 414 आईपीसी के तहत वांछित चल रहा था. पुलिस के अनुसार बुधवार लहरतारा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रवीण सचान ने टीम के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया. आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया.