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नदी में डूबकर किशोर की मौत, परिजनों ने काटा बवाल

नदी में डूबकर किशोर की मौत, परिजनों ने काटा बवाल
Apr 01, 2026, 01:42 PM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी के लोहता थाना क्षेंत्र के हैबतपुर गांव वरुणा नदी में नहाने गया एक किशोर डूब गया. वहां मौजूद एक व्यक्ति ने शोर मचाया लेकिन गहरे पानी के कारण नहीं बचाया जा सका. सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने एनडीआरएफ को सूचना दिया. मृतक आकाश कुमार 14 वर्ष पुत्र श्यामवृक्ष निवासी अयोध्यापुर बताया जा रहा हैं. घटना की सूचना पाकर परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है. घटना में कुछ अलग ही प्रकरण पता चल रहा है. आरोप है कि डुबाया गया और कपड़े में ईंट भरकर डूबा दिया गया था. साथ में नहाने वाले फरार हैं, परिजन गंभीर आरोप लगाए रहे हैं. मौके पर परिजन एनडीआरफ की टीम को बुलाने की मांग कर रहे है. फिलहाल पास पड़ोस के लोगों शव की तलाश नदी में कर रहे है.


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लोहता थाना क्षेत्र के अयोध्यापुर, कोटवा में ग्रामीणों द्वारा सड़क जाम किया गया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की जा रही है. अयोध्यापुर गांव में कोटवा लहरतारा रोड परिजनों ने शव रखकर चक्का जाम किया, जहां पीड़ित परिजनों का आरोप है कि आरोपी को गिरफ्तार करते हुए कार्रवाई की जाए. मामले की सूचना पर पहुंचे अपने पुलिस टीम के साथ एसीपी रोहनिया संजीव कुमार शर्मा ने मृतक के पिता से वार्ता किया और तहरीर की मांग कर कार्यवाही का आश्वासन दिया है.


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दरअसल, लोहता थाना क्षेत्र अंतर्गत हैबतपुर गांव में बुधवार को वरुणा नदी में एक किशोर की संदिग्ध परिस्थितियों में डूबकर मौत का मामला सामने आया है. घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, पुलिस से नोकझोंक हुई और चक्का जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया गया है. मृतक की पहचान आकाश के रूप में हुई है. परिजनों का आरोप है कि गांव का ही एक युवक उसे जबरन अपने साथ नदी में नहाने के लिए ले गया था, जबकि आकाश को तैरना भी नहीं आता था, आरोप है कि युवक उसे नदी की बीच धारा में ले गया और वहीं छोड़ दिया.


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आकाश मदद के लिए गुहार लगाता रहा, लेकिन उसे बचाने की कोशिश नहीं की गई. परिजनों का कहना है कि घटना के बाद आरोपी और उसके साथियों ने सबूत मिटाने के इरादे से आकाश के कपड़ों में ईंट बांधकर नदी में फेंक दिया. जिसके बाद करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद शव नदी से बरामद किया गया. शव मिलते ही परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया, उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर दी.

वाराणसी में तेज हवाओं के साथ बरसे बादल, गर्मी से मिली राहत
वाराणसी में तेज हवाओं के साथ बरसे बादल, गर्मी से मिली राहत
वाराणसी में शुक्रवार की दोपहर बाद अचानक मौसम का रूख बदल गया. सुबह से ही तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान थे, लेकिन दोपहर के बाद आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया. इस बदलाव ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं कुछ समय के लिए जनजीवन भी प्रभावित हुआ. शहर के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. तेज हवाओं के चलते कई जगह पेड़ों की डालियां भी टूटकर गिर गईं, हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है. अचानक हुई बारिश के कारण सड़कों पर चल रहे वाहन चालकों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कई लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों और छज्जों के नीचे खड़े नजर आए.तापमान में आई गिरावट बारिश के चलते बाजारों में भीड़ अचानक कम हो गई और यातायात की रफ्तार भी धीमी पड़ गई. कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ. हालांकि, बारिश ज्यादा देर तक नहीं चली, लेकिन इससे मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हुआ है. आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और बदलते मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी है.यह भी पढ़ें: पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, मामले की कार्रवाई में जुटी पुलिसस्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ती गर्मी और उमस के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा था. ऐसे में अचानक हुई बारिश ने राहत तो दी है, लेकिन मौसम के इस बदलाव ने लोगों को हैरान भी कर दिया. हालांकि बारिश ने किसानों के चेहरे पर शिकन बढा दी. गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है. वर्तमान में हो रही बेमौसम वर्षा/ चक्रवाती वर्षा के कारण जिन किसान भाइयों के फसल में क्षति हुई है, अगर उनके द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी फसल का बीमा कराया गया है, तो फसल क्षति के 72 घंटे के अंदर टोल फ्री नंबर-14447 पर सूचना दर्ज करा दें. अगर टोल फ्री नंबर पर सूचना देने में किसी प्रकार की कठिनाई हो रही हो तो जिला कृषि अधिकारी या उप कृषि निदेशक कार्यालय में लिखित रूप से सूचना दे दे, जिससे नियमानुसार फसल बीमा कंपनी के माध्यम से क्षतिपूर्ति प्रदान कराया जा सके
पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, मामले की कार्रवाई में जुटी पुलिस
पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, मामले की कार्रवाई में जुटी पुलिस
वाराणसी: चौबेपुर थाना क्षेत्र में कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव के जंगल में पेड़ से लटकता युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना के बाद पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई में जुट गई. इस बीच शुक्रवार की सुबह मृत युवक की शिनाख्त होने के बाद परिजनों में मातम पसर गया.बताते हैं कि कैथी स्थित जंगल में बबूल के पेड़ पर काले रंग के गमछे के सहारे एक युवक का शव लटका हुआ ग्रामीणों ने देखा. शव मिलने की सूचना जंगल में आग की तरह आसपास फैल गई. देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जुट गई. जितने मुंह उतनी बातें होने लगीं. पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की.कमाने के लिए निकला था मुंबई शुक्रवार को मृतक की पहचान संदीप पाण्डेय (25) पुत्र राणा प्रताप पाण्डेय, निवासी खरिहानी थाना तरवां, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई. परिजनों के अनुसार संदीप सुबह घर से नाराज होकर करीब एक हजार रुपये लेकर मुंबई कमाने जाने के लिए निकला था.मृतक अविवाहित था और तीन भाइयों में दूसरे स्थान पर था. उसके पिता खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं. घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया.कार्यवाहक थानाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.यह भी पढ़ें: BHU में दो छात्रों को हिरासत में लेने वाले मामले ने पकड़ा तूल, सड़क पर उतरे गुस्साए छात्रपुल से कूदने जा रही किशोरी को राहगीरों ने बचायाराजघाट पुल से गुरुवार की रात गंगा में कूदकर जान देने जा रही एक किशोरी को राहगीरों ने बचा लिया. इसके बाद उसे पुलिस को सौंपा गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार किशोरी राजघाट पुल पर पहुंची थी. पुल से गुजर रहे लोगों को आशंका हुई तो उसे पकड़ लिया. थाना प्रभारी आदमपुर विमल मिश्रा ने बताया कि किशोरी चंदौली की है. मां की डांट से नाराज होकर मालवीय पुल से कूदने के इरादे से आई थी. किशोरी के परिजनों को थाने बुलाया गया और समझाकर उन्हें सौंप दिया गया.
अटूट है राधा-कृष्ण का भक्ति-प्रेम, राधा के बिना कृष्ण आधा
अटूट है राधा-कृष्ण का भक्ति-प्रेम, राधा के बिना कृष्ण आधा
भक्ति ये केवल शब्द नहीं वो सुकुन, आनंद जैसा पल है, जो भी इसकी माया में डूब गया वो जीवन भर के लिए प्रभु श्री कृष्ण और प्यारी राधा रानी को समर्पित हो जाता है. भक्ति का ये रस जिसने में पिया, वो संसार की माया से जन्मों-जन्मांतर के लिए भूल जाता है. जी हां, भक्ति वो सब कुछ है जो इस संसार में रहकर भी वो सुकुन नहीं मिलता, जो श्री राधा रानी की भक्ति से मिलता है. क्योंकि, राधा रानी बड़ी ही करूणामयी है, दुनिया भले ही साथ छोड़ दें पर राधा रानी कभी अपने भक्तों का साथ नहीं छोड़ती फिर चाहे कुछ भी हो जाए, ऐसी हैं हमारी राधा रानी.मेरी भव बाधा हरो राधा इसी भक्ति में डूबे लेखक विनोद कुमार तिवारी ने बड़ी ही प्यारी बात अपने शब्दों में बयां की है, जी हां, उन्होंने लिखा... मेरी भव बाधा हरो राधा नागरी सोय, जा तन की झाईं परे श्याम हरित दुति होय, बिहारी कवि का यह दोहा महज एक स्तुति मात्र नहीं है, राधा जी को समझने का एक आधार भी है, बरसाना तथा बृज के कण कण राधा नाम से गुंजायमान हैँ, लगता है कि आज भी राधा रानी वृन्दावन में विराजमान हैँ.राधा के बिना कृष्ण आधाआज के इस भौतिकवादी युग में भी राधा नाम बहुत लोगों के अंदर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रहा है, युग बदले लोग आये और गये राधा जी का नाम अमर है, अनेक संतो को यह नाम प्रेरणा दे रहा है तथा संत जनों के मन को निरंतर प्रफुल्लित कर रहा है, जीवन में यदि कृष्ण को पाना है तो राधा जी के शरण में जाना ही होगा.राधा के बिना कृष्ण अधूरा हैँ यह सत्य जान लेने के बाद सारे भ्रम मिट जाते हैँ, कहते हैं क़ी राधा ही कृष्ण हैं और कृष्ण ही राधा हैं, या यूँ कहिये कि राधा के बिना कृष्ण आधा हैं, राधा जी का नाम युगों-युगों से अनंत लोगों को तार चुका है, आज भी जिसे कृष्ण को पाना है, उसे सर्व प्रथम राधा जी के शरण में जाना होगा, राधे राधे राधे श्यामइस आर्टिकल के लेखक विनोद कुमार तिवारी मुख्य आयकर आयुक्त (अवकाश प्राप्त) हैं।