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परीक्षा के बाद इंतजार नहीं स्वयं को तैयार करने का समय, बेहतरी की ओर बढाएं कदम

परीक्षा के बाद इंतजार नहीं स्वयं को तैयार करने का समय, बेहतरी की ओर बढाएं कदम
Apr 01, 2026, 12:40 PM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: बोर्ड परीक्षाएं समाप्त हो गयीं हैं अब रिजल्ट के इंतजार में अधिकांश छात्र- छात्राऐं व अभिभावकों में बैचेनी देखी जा सकती है. लोगों के मन में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. इंतजार का समय न केवल लंबा होता है बल्कि बेचैन करने वाला भी होता है. बीएचयू के आईएमएस में वरिष्‍ठ परामर्शदाता डॉ मनोज कुमार तिवारी का कहना है कि अध्ययनों में पाया गया है कि बोर्ड परीक्षाओं तथा परिणाम घोषित होने के बीच 73% से 81% छात्र अपने परीक्षा परिणाम को लेकर तनाव ग्रस्त रहते हैं.


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रिजल्ट में क्या होगा सोचकर छात्र तनाव ग्रस्त हो जाते हैं, जबकि यही समय होता है, जब वे रिजल्ट की चिंता छोड़कर भविष्य में उन्हें क्या करना है, कैसे करना, अपने को तैयार करने पर ज्यादा फोकस करना चाहिए जिससे वे बेहतर भविष्य की ओर कदम बढा सकते हैं.


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तनाव कारक


असफलता का भय

उच्च अंक प्राप्त करने का दबाव # भविष्य अनिश्चितता

दूसरों से अंकों की प्रतिस्पर्धा

परिवार में उच्च सफलता का दबाव

सामाजिक दबाव

अति प्रतिस्पर्धापूर्ण वातावरण

लगातार इस बात पर विचार करना कि रिजल्ट क्या होगा

नकारात्मक रिजल्ट का बार-बार विचार आना

अपने गलत उत्तरों को बार-बार याद करना

सहपाठियों से लगातार रिजल्ट पर ही चर्चा करते रहना

सख्त मूल्यांकन का अफवाह

कैरियर की अनिश्चितता


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छात्र करें


रिलैक्स होकर उर्जा संग्रह करें:- महीनों की कड़ी मेहनत के बाद शरीर व मन को आराम दें, भरपूर नींद लें, परिजनों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताएं, अपनी पसंदीदा रिश्तेदारी जाऐं, शहर में रहते हैं तो गांव का सैर करें.

शौक को पुरा करें:- अगर कोई शौक है- डांस, खेल, पेंटिंग, संगीत, कुकिंग या फोटोग्राफी का तो इस समय उपयोग कर इन्हें पुरा करें.

हुनर को बढाऐ, कमजोरी को दूर करें:-

प्रतिस्पर्धा व तुलना भी जीवन का हिस्सा है. प्रतिस्पर्धा में अपनी ताकत तथा कमजोरियों को पहचान करना. अपनी ताकत को और अधिक मजबूत करना तथा कमजोरियों पर काबू पाने के लिए काम करने का यह बहुत ही उत्तम समय है इसके लिये विशेषज्ञ की सहायता ली जा सकती है.


नया कौशल सीखें: भविष्य के लिए तैयार होने के लिए डिजिटल मार्केटिंग, कंप्यूटर कोडिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग या कोई विदेशी भाषा सीख सकते हैं जो कैरियर सोचा है उसमें सहायक कौशलों का भी विकास कर सकते हैं.

कैरियर काउंसलिंग:- आगे की पढ़ाई के लिए विषय या कॉलेज का चयन करने का प्रयास करें इसमें मनोवैज्ञानिक से सलाह ले सकते हैं वे आपके रुचि, योग्यता, समय व संसाधनों के अनुसार चयन में सहायता कर सकते हैं.

स्वास्थ्य पर ध्यान:- यह समय अपने स्वास्थ्य में सुधार हेतु उपयोग किया जा सकता है. योग, मेडिटेशन, तैराकी या खेल में शामिल होकर अपनी फिटनेस में सुधार कर सकते हैं.

यात्रा करें:- दोस्तों या परिवार के साथ किसी शांत जगह पर यात्रा पर जाएं. यात्रा से मन शांत होने के साथ नयी जानकारी भी मिलती है.

किताबें पढ़ें:- अपने पाठ्यक्रम से हटकर अपनी मन पसंद की ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ें. रुचि हो तो धार्मिक व आध्यात्मिक पुस्तकों का अध्ययन कर सकते हैं इससे मन को शकुन मिलता है.

सीनियर से मार्गदर्शन लें:- अपने से वरिष्ठ सफल छात्रों से इस समय के उपयोग के लिए मार्गदर्शन लें. अपने मन:स्थिति को साझा कर असमंजस को दूर करें.

जूनियर्स की मदद करें:- जो छात्र इस साल बोर्ड की परीक्षा देने वाले हो उन्हें अपने अनुभव साझा करें और उनकी पढ़ाई में मदद करें. किसी की मदद करने से संतुष्टि व संतोष मिलता है.


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अभिभावकों को सलाह


इस समय आगे निकलने की होड़ ने बच्चों का तनाव स्तर बढ़ा रखा है. कई बच्चों को तो चिकित्सक तक की मदद लेनी पड़ती है. कुछ तनाव व अवसाद के कारण जान देने तक की सोचने लगते हैं. इस समय बच्‍चे अपने 10वीं व 12वीं कक्षा के बोर्ड के रिजल्‍ट का इंतजार कर रहे हैं. जिससे तनाव होना लाजमी है. इस समय अभिभावकों का बच्चों के प्रति सही दृष्टिकोण उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करता है.


बच्चों पर दबाव न डालें


बोर्ड रिजल्ट से पहले माता-पिता को अपने बच्चों से ज्यादा अंक लाने के बारे में बात करने से बचना चाहिए. ऐसा करने से छात्र तनावग्रस्त होते हैं. अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चे की मेहनत की सराहना करें और परिणाम से ज्यादा उनके प्रयासों व मेहनत पर बात करें.


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संवाद बनाए रखें


बच्चों से उनकी भावनाओं व चिंताओं के बारे में बात करें. उन्हें यह विश्वास दिलाएं कि आप हर परिस्थिति में उनके साथ हैं. अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चे की आलोचना न करें, उनकी बात सुनें। उन्हें अपनी भावनाएं व्यक्त करने का मौका दें.


तुलना न करें


बच्चों की तुलना सहपाठियों, भाई-बहनों या पड़ोसियों से न करें. इससे आत्मविश्वास कम होता है. हर बच्चे की अपनी अलग ताकत व कमजोरी होती है. बच्चों को ध्यान, गहरी सांस, रिलैक्सेशन अभ्यास, माइंडफुलनेस जैसे तनाव प्रबंधन तरीके सिखने में सहयोग करें. यह उन्हें परिणाम के दबाव से निपटने में मदद करेगा. उनके साथ खेलने, संगीत सुनने या पेंटिंग करने जैसी गतिविधि में शामिल हों.

नहीं उतर रहा डोनाल्ड ट्रंप का भूत, जंग के बीच दवाओं पर लगा 100 फीसदी टैरिफ
नहीं उतर रहा डोनाल्ड ट्रंप का भूत, जंग के बीच दवाओं पर लगा 100 फीसदी टैरिफ
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच महायुद्ध अभी भी जारी है. ये जंग किसी भी हाल में खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इन देशों के बीच छिड़ी जंग अभी खत्म नहीं हुआ कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते गुरुवार 2 अप्रैल को कुछ दवाइयों पर नया टैरिफ लगाने का आदेश दे दिया है. इसी के साथ ही उन्होंने धातुओं यानि (मेटल्स) पर लगने वाले टैरिफ के नियमों में भी जबरदस्त बदलाव किया है. हालांकि, उनका यह कदम उनके व्यापार एजेंडे को बढ़ावा देने में काफी मदद करेगा. इससे भी बड़ी बात तो यह है कि, इन नए टैरिफ का ऐलान उस 'लिबरेशन डे' के ठीक एक साल बाद किया है, जब उन्होंने लगभग सभी व्यापारिक पार्टनर देशों के साथ ट्रेड वॉर शुरू कर दी थी.जानें क्या है ट्रंप का फैसला दवाओं को लेकर ट्रंप द्वारा दिए गए एक आदेश के तहत विदेश में बनी पेटेंट वाली दवाइयों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा. यह आदेश तब तक लागू होगा जब तक देश अमेरिका के साथ व्यापार जैसा समझौता करके कम दरें हासिल न कर लें, या फिर कंपनियां अमेरिका में फैक्ट्री बनाने का वादा न करें. ऐसे में व्याइट हाउस के अनुसार, बड़ी कंपनियों को 120 दिन का समय दिया जाएगा ताकि, वे अमेरिका में उत्पादन वापस लाने की योजना (रीशोरिंग प्लान) घोषित कर सकें. छोटी कंपनियों को 180 दिन का समय भी मिलेगा. जो कंपनियां अमेरिका में कारखाने बनाने का वादा करेंगी, उन पर 100 प्रतिशत की जगह 20 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा.यह काम उन्हें ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के अंत तक पूरा करना होगा. मतलब साफ है कि, यूरोपीयन यूनियन, जापान, साउथ कोरिया और स्विट्जरलैंड को इस योजना से अलग रखा जाएगा. इन पर पहले से वॉशिंगटन के साथ हुए व्यापार समझौतों के कारण 15 प्रतिशत फार्मा टैरिफ लागू होगा. इसके अलावा जो दवा कंपनियां ट्रंप सरकार के साथ “मोस्ट फेवर्ड नेशन” का समझौता करेंगी और साथ ही अमेरिका में फैक्ट्री भी बनाएंगी, उन्हें इस कड़े फार्मा टैरिफ से छूट मिल सकती है.मेटल्स को लेकरअब जिन तैयार उत्पादों में स्टील, एल्यूमिनियम और कॉपर की बड़ी मात्रा होगी, उन पर पूरी कीमत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगेगा. पहले टैरिफ सिर्फ उन उत्पादों में मौजूद धातु की मात्रा के हिसाब से लगता था. इस बदलाव से यह चिंता बढ़ सकती है कि उपभोक्ताओं के लिए सामान महंगा हो जाएगा. यहां ध्यान रहे कि फरवरी में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने इन वैश्विक टैरिफ को रद्द कर दिया था, लेकिन ट्रंप अलग-अलग कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करके फिर से शुल्क लागू करने की कोशिश कर रहे हैं.युद्ध अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहाअमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि,अभी वो ईरान जंग को खत्म करने नहीं जा रहे हैं. क्योंकि, अमेरिकी सेना लक्ष्य हासिल करने के करीब है और अमेरिका अगले 2-3 सप्ताह तक ईरान पर 'बेहद कड़ा' प्रहार करेगा. लेकिन उससे पहले ये बता दें कि, एक महीने की जंग में अमेरिकी सेना ने ईरान की हालत इतनी खराब कर दी है कि अमेरिकी हमले में ईरानी नौसेना और एयरफोर्स तक तबाह हो चुके है. साथ ही उसके टॉप लीडर तक मारे जा चुके हैं.यह भी पढ़ें: वाराणसी में तेज हवाओं के साथ बरसे बादल, गर्मी से मिली राहतअपने इसी कार्रवाई पर डोनाल्ड ट्रंप ने खुद की बड़ाई करते हुए ये तक कह दिया कि, अमेरिका के इतिहास में आज-तक कोई भी राष्ट्रपति मेरे जैसा काम नहीं किया होगा. जो आज डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शासन काल में कर दिखाया है. वो मिडिल ईस्ट में की गई पिछली सरकारों की गलतियों को सुधार रहे हैं.
वाराणसी में तेज हवाओं के साथ बरसे बादल, गर्मी से मिली राहत
वाराणसी में तेज हवाओं के साथ बरसे बादल, गर्मी से मिली राहत
वाराणसी में शुक्रवार की दोपहर बाद अचानक मौसम का रूख बदल गया. सुबह से ही तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान थे, लेकिन दोपहर के बाद आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया. इस बदलाव ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं कुछ समय के लिए जनजीवन भी प्रभावित हुआ. शहर के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. तेज हवाओं के चलते कई जगह पेड़ों की डालियां भी टूटकर गिर गईं, हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है. अचानक हुई बारिश के कारण सड़कों पर चल रहे वाहन चालकों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कई लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों और छज्जों के नीचे खड़े नजर आए.तापमान में आई गिरावट बारिश के चलते बाजारों में भीड़ अचानक कम हो गई और यातायात की रफ्तार भी धीमी पड़ गई. कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ. हालांकि, बारिश ज्यादा देर तक नहीं चली, लेकिन इससे मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हुआ है. आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और बदलते मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी है.यह भी पढ़ें: पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, मामले की कार्रवाई में जुटी पुलिसस्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ती गर्मी और उमस के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा था. ऐसे में अचानक हुई बारिश ने राहत तो दी है, लेकिन मौसम के इस बदलाव ने लोगों को हैरान भी कर दिया. हालांकि बारिश ने किसानों के चेहरे पर शिकन बढा दी. गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है. वर्तमान में हो रही बेमौसम वर्षा/ चक्रवाती वर्षा के कारण जिन किसान भाइयों के फसल में क्षति हुई है, अगर उनके द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी फसल का बीमा कराया गया है, तो फसल क्षति के 72 घंटे के अंदर टोल फ्री नंबर-14447 पर सूचना दर्ज करा दें. अगर टोल फ्री नंबर पर सूचना देने में किसी प्रकार की कठिनाई हो रही हो तो जिला कृषि अधिकारी या उप कृषि निदेशक कार्यालय में लिखित रूप से सूचना दे दे, जिससे नियमानुसार फसल बीमा कंपनी के माध्यम से क्षतिपूर्ति प्रदान कराया जा सके
पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, मामले की कार्रवाई में जुटी पुलिस
पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, मामले की कार्रवाई में जुटी पुलिस
वाराणसी: चौबेपुर थाना क्षेत्र में कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव के जंगल में पेड़ से लटकता युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना के बाद पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई में जुट गई. इस बीच शुक्रवार की सुबह मृत युवक की शिनाख्त होने के बाद परिजनों में मातम पसर गया.बताते हैं कि कैथी स्थित जंगल में बबूल के पेड़ पर काले रंग के गमछे के सहारे एक युवक का शव लटका हुआ ग्रामीणों ने देखा. शव मिलने की सूचना जंगल में आग की तरह आसपास फैल गई. देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जुट गई. जितने मुंह उतनी बातें होने लगीं. पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की.कमाने के लिए निकला था मुंबई शुक्रवार को मृतक की पहचान संदीप पाण्डेय (25) पुत्र राणा प्रताप पाण्डेय, निवासी खरिहानी थाना तरवां, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई. परिजनों के अनुसार संदीप सुबह घर से नाराज होकर करीब एक हजार रुपये लेकर मुंबई कमाने जाने के लिए निकला था.मृतक अविवाहित था और तीन भाइयों में दूसरे स्थान पर था. उसके पिता खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं. घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया.कार्यवाहक थानाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.यह भी पढ़ें: BHU में दो छात्रों को हिरासत में लेने वाले मामले ने पकड़ा तूल, सड़क पर उतरे गुस्साए छात्रपुल से कूदने जा रही किशोरी को राहगीरों ने बचायाराजघाट पुल से गुरुवार की रात गंगा में कूदकर जान देने जा रही एक किशोरी को राहगीरों ने बचा लिया. इसके बाद उसे पुलिस को सौंपा गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार किशोरी राजघाट पुल पर पहुंची थी. पुल से गुजर रहे लोगों को आशंका हुई तो उसे पकड़ लिया. थाना प्रभारी आदमपुर विमल मिश्रा ने बताया कि किशोरी चंदौली की है. मां की डांट से नाराज होकर मालवीय पुल से कूदने के इरादे से आई थी. किशोरी के परिजनों को थाने बुलाया गया और समझाकर उन्हें सौंप दिया गया.