नहीं उतर रहा डोनाल्ड ट्रंप का भूत, जंग के बीच दवाओं पर लगा 100 फीसदी टैरिफ
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच महायुद्ध अभी भी जारी है. ये जंग किसी भी हाल में खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इन देशों के बीच छिड़ी जंग अभी खत्म नहीं हुआ कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते गुरुवार 2 अप्रैल को कुछ दवाइयों पर नया टैरिफ लगाने का आदेश दे दिया है. इसी के साथ ही उन्होंने धातुओं यानि (मेटल्स) पर लगने वाले टैरिफ के नियमों में भी जबरदस्त बदलाव किया है. हालांकि, उनका यह कदम उनके व्यापार एजेंडे को बढ़ावा देने में काफी मदद करेगा. इससे भी बड़ी बात तो यह है कि, इन नए टैरिफ का ऐलान उस 'लिबरेशन डे' के ठीक एक साल बाद किया है, जब उन्होंने लगभग सभी व्यापारिक पार्टनर देशों के साथ ट्रेड वॉर शुरू कर दी थी.

जानें क्या है ट्रंप का फैसला
दवाओं को लेकर
ट्रंप द्वारा दिए गए एक आदेश के तहत विदेश में बनी पेटेंट वाली दवाइयों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा. यह आदेश तब तक लागू होगा जब तक देश अमेरिका के साथ व्यापार जैसा समझौता करके कम दरें हासिल न कर लें, या फिर कंपनियां अमेरिका में फैक्ट्री बनाने का वादा न करें. ऐसे में व्याइट हाउस के अनुसार, बड़ी कंपनियों को 120 दिन का समय दिया जाएगा ताकि, वे अमेरिका में उत्पादन वापस लाने की योजना (रीशोरिंग प्लान) घोषित कर सकें. छोटी कंपनियों को 180 दिन का समय भी मिलेगा. जो कंपनियां अमेरिका में कारखाने बनाने का वादा करेंगी, उन पर 100 प्रतिशत की जगह 20 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा.

यह काम उन्हें ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के अंत तक पूरा करना होगा. मतलब साफ है कि, यूरोपीयन यूनियन, जापान, साउथ कोरिया और स्विट्जरलैंड को इस योजना से अलग रखा जाएगा. इन पर पहले से वॉशिंगटन के साथ हुए व्यापार समझौतों के कारण 15 प्रतिशत फार्मा टैरिफ लागू होगा. इसके अलावा जो दवा कंपनियां ट्रंप सरकार के साथ “मोस्ट फेवर्ड नेशन” का समझौता करेंगी और साथ ही अमेरिका में फैक्ट्री भी बनाएंगी, उन्हें इस कड़े फार्मा टैरिफ से छूट मिल सकती है.
मेटल्स को लेकर
अब जिन तैयार उत्पादों में स्टील, एल्यूमिनियम और कॉपर की बड़ी मात्रा होगी, उन पर पूरी कीमत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगेगा. पहले टैरिफ सिर्फ उन उत्पादों में मौजूद धातु की मात्रा के हिसाब से लगता था. इस बदलाव से यह चिंता बढ़ सकती है कि उपभोक्ताओं के लिए सामान महंगा हो जाएगा. यहां ध्यान रहे कि फरवरी में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने इन वैश्विक टैरिफ को रद्द कर दिया था, लेकिन ट्रंप अलग-अलग कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करके फिर से शुल्क लागू करने की कोशिश कर रहे हैं.

युद्ध अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि,अभी वो ईरान जंग को खत्म करने नहीं जा रहे हैं. क्योंकि, अमेरिकी सेना लक्ष्य हासिल करने के करीब है और अमेरिका अगले 2-3 सप्ताह तक ईरान पर 'बेहद कड़ा' प्रहार करेगा. लेकिन उससे पहले ये बता दें कि, एक महीने की जंग में अमेरिकी सेना ने ईरान की हालत इतनी खराब कर दी है कि अमेरिकी हमले में ईरानी नौसेना और एयरफोर्स तक तबाह हो चुके है. साथ ही उसके टॉप लीडर तक मारे जा चुके हैं.

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अपने इसी कार्रवाई पर डोनाल्ड ट्रंप ने खुद की बड़ाई करते हुए ये तक कह दिया कि, अमेरिका के इतिहास में आज-तक कोई भी राष्ट्रपति मेरे जैसा काम नहीं किया होगा. जो आज डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शासन काल में कर दिखाया है. वो मिडिल ईस्ट में की गई पिछली सरकारों की गलतियों को सुधार रहे हैं.


