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वाराणसी में तेज हवाओं के साथ बरसे बादल, गर्मी से मिली राहत

वाराणसी में तेज हवाओं के साथ बरसे बादल, गर्मी से मिली राहत
Apr 03, 2026, 11:36 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी में शुक्रवार की दोपहर बाद अचानक मौसम का रूख बदल गया. सुबह से ही तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान थे, लेकिन दोपहर के बाद आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया. इस बदलाव ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं कुछ समय के लिए जनजीवन भी प्रभावित हुआ. शहर के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. तेज हवाओं के चलते कई जगह पेड़ों की डालियां भी टूटकर गिर गईं, हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है. अचानक हुई बारिश के कारण सड़कों पर चल रहे वाहन चालकों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कई लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों और छज्जों के नीचे खड़े नजर आए.


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तापमान में आई गिरावट


बारिश के चलते बाजारों में भीड़ अचानक कम हो गई और यातायात की रफ्तार भी धीमी पड़ गई. कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ. हालांकि, बारिश ज्यादा देर तक नहीं चली, लेकिन इससे मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हुआ है. आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और बदलते मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी है.


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यह भी पढ़ें: पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, मामले की कार्रवाई में जुटी पुलिस


स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ती गर्मी और उमस के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा था. ऐसे में अचानक हुई बारिश ने राहत तो दी है, लेकिन मौसम के इस बदलाव ने लोगों को हैरान भी कर दिया. हालांकि बारिश ने किसानों के चेहरे पर शिकन बढा दी. गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है.


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वर्तमान में हो रही बेमौसम वर्षा/ चक्रवाती वर्षा के कारण जिन किसान भाइयों के फसल में क्षति हुई है, अगर उनके द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी फसल का बीमा कराया गया है, तो फसल क्षति के 72 घंटे के अंदर टोल फ्री नंबर-14447 पर सूचना दर्ज करा दें. अगर टोल फ्री नंबर पर सूचना देने में किसी प्रकार की कठिनाई हो रही हो तो जिला कृषि अधिकारी या उप कृषि निदेशक कार्यालय में लिखित रूप से सूचना दे दे, जिससे नियमानुसार फसल बीमा कंपनी के माध्यम से क्षतिपूर्ति प्रदान कराया जा सके

नहीं उतर रहा डोनाल्ड ट्रंप का भूत, जंग के बीच दवाओं पर लगा 100 फीसदी टैरिफ
नहीं उतर रहा डोनाल्ड ट्रंप का भूत, जंग के बीच दवाओं पर लगा 100 फीसदी टैरिफ
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच महायुद्ध अभी भी जारी है. ये जंग किसी भी हाल में खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इन देशों के बीच छिड़ी जंग अभी खत्म नहीं हुआ कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते गुरुवार 2 अप्रैल को कुछ दवाइयों पर नया टैरिफ लगाने का आदेश दे दिया है. इसी के साथ ही उन्होंने धातुओं यानि (मेटल्स) पर लगने वाले टैरिफ के नियमों में भी जबरदस्त बदलाव किया है. हालांकि, उनका यह कदम उनके व्यापार एजेंडे को बढ़ावा देने में काफी मदद करेगा. इससे भी बड़ी बात तो यह है कि, इन नए टैरिफ का ऐलान उस 'लिबरेशन डे' के ठीक एक साल बाद किया है, जब उन्होंने लगभग सभी व्यापारिक पार्टनर देशों के साथ ट्रेड वॉर शुरू कर दी थी.जानें क्या है ट्रंप का फैसला दवाओं को लेकर ट्रंप द्वारा दिए गए एक आदेश के तहत विदेश में बनी पेटेंट वाली दवाइयों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा. यह आदेश तब तक लागू होगा जब तक देश अमेरिका के साथ व्यापार जैसा समझौता करके कम दरें हासिल न कर लें, या फिर कंपनियां अमेरिका में फैक्ट्री बनाने का वादा न करें. ऐसे में व्याइट हाउस के अनुसार, बड़ी कंपनियों को 120 दिन का समय दिया जाएगा ताकि, वे अमेरिका में उत्पादन वापस लाने की योजना (रीशोरिंग प्लान) घोषित कर सकें. छोटी कंपनियों को 180 दिन का समय भी मिलेगा. जो कंपनियां अमेरिका में कारखाने बनाने का वादा करेंगी, उन पर 100 प्रतिशत की जगह 20 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा.यह काम उन्हें ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के अंत तक पूरा करना होगा. मतलब साफ है कि, यूरोपीयन यूनियन, जापान, साउथ कोरिया और स्विट्जरलैंड को इस योजना से अलग रखा जाएगा. इन पर पहले से वॉशिंगटन के साथ हुए व्यापार समझौतों के कारण 15 प्रतिशत फार्मा टैरिफ लागू होगा. इसके अलावा जो दवा कंपनियां ट्रंप सरकार के साथ “मोस्ट फेवर्ड नेशन” का समझौता करेंगी और साथ ही अमेरिका में फैक्ट्री भी बनाएंगी, उन्हें इस कड़े फार्मा टैरिफ से छूट मिल सकती है.मेटल्स को लेकरअब जिन तैयार उत्पादों में स्टील, एल्यूमिनियम और कॉपर की बड़ी मात्रा होगी, उन पर पूरी कीमत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगेगा. पहले टैरिफ सिर्फ उन उत्पादों में मौजूद धातु की मात्रा के हिसाब से लगता था. इस बदलाव से यह चिंता बढ़ सकती है कि उपभोक्ताओं के लिए सामान महंगा हो जाएगा. यहां ध्यान रहे कि फरवरी में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने इन वैश्विक टैरिफ को रद्द कर दिया था, लेकिन ट्रंप अलग-अलग कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करके फिर से शुल्क लागू करने की कोशिश कर रहे हैं.युद्ध अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहाअमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि,अभी वो ईरान जंग को खत्म करने नहीं जा रहे हैं. क्योंकि, अमेरिकी सेना लक्ष्य हासिल करने के करीब है और अमेरिका अगले 2-3 सप्ताह तक ईरान पर 'बेहद कड़ा' प्रहार करेगा. लेकिन उससे पहले ये बता दें कि, एक महीने की जंग में अमेरिकी सेना ने ईरान की हालत इतनी खराब कर दी है कि अमेरिकी हमले में ईरानी नौसेना और एयरफोर्स तक तबाह हो चुके है. साथ ही उसके टॉप लीडर तक मारे जा चुके हैं.यह भी पढ़ें: वाराणसी में तेज हवाओं के साथ बरसे बादल, गर्मी से मिली राहतअपने इसी कार्रवाई पर डोनाल्ड ट्रंप ने खुद की बड़ाई करते हुए ये तक कह दिया कि, अमेरिका के इतिहास में आज-तक कोई भी राष्ट्रपति मेरे जैसा काम नहीं किया होगा. जो आज डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शासन काल में कर दिखाया है. वो मिडिल ईस्ट में की गई पिछली सरकारों की गलतियों को सुधार रहे हैं.
वाराणसी में तेज हवाओं के साथ बरसे बादल, गर्मी से मिली राहत
वाराणसी में तेज हवाओं के साथ बरसे बादल, गर्मी से मिली राहत
वाराणसी में शुक्रवार की दोपहर बाद अचानक मौसम का रूख बदल गया. सुबह से ही तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान थे, लेकिन दोपहर के बाद आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया. इस बदलाव ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं कुछ समय के लिए जनजीवन भी प्रभावित हुआ. शहर के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. तेज हवाओं के चलते कई जगह पेड़ों की डालियां भी टूटकर गिर गईं, हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है. अचानक हुई बारिश के कारण सड़कों पर चल रहे वाहन चालकों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कई लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों और छज्जों के नीचे खड़े नजर आए.तापमान में आई गिरावट बारिश के चलते बाजारों में भीड़ अचानक कम हो गई और यातायात की रफ्तार भी धीमी पड़ गई. कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ. हालांकि, बारिश ज्यादा देर तक नहीं चली, लेकिन इससे मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हुआ है. आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और बदलते मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी है.यह भी पढ़ें: पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, मामले की कार्रवाई में जुटी पुलिसस्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ती गर्मी और उमस के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा था. ऐसे में अचानक हुई बारिश ने राहत तो दी है, लेकिन मौसम के इस बदलाव ने लोगों को हैरान भी कर दिया. हालांकि बारिश ने किसानों के चेहरे पर शिकन बढा दी. गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है. वर्तमान में हो रही बेमौसम वर्षा/ चक्रवाती वर्षा के कारण जिन किसान भाइयों के फसल में क्षति हुई है, अगर उनके द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी फसल का बीमा कराया गया है, तो फसल क्षति के 72 घंटे के अंदर टोल फ्री नंबर-14447 पर सूचना दर्ज करा दें. अगर टोल फ्री नंबर पर सूचना देने में किसी प्रकार की कठिनाई हो रही हो तो जिला कृषि अधिकारी या उप कृषि निदेशक कार्यालय में लिखित रूप से सूचना दे दे, जिससे नियमानुसार फसल बीमा कंपनी के माध्यम से क्षतिपूर्ति प्रदान कराया जा सके
पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, मामले की कार्रवाई में जुटी पुलिस
पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, मामले की कार्रवाई में जुटी पुलिस
वाराणसी: चौबेपुर थाना क्षेत्र में कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव के जंगल में पेड़ से लटकता युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना के बाद पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई में जुट गई. इस बीच शुक्रवार की सुबह मृत युवक की शिनाख्त होने के बाद परिजनों में मातम पसर गया.बताते हैं कि कैथी स्थित जंगल में बबूल के पेड़ पर काले रंग के गमछे के सहारे एक युवक का शव लटका हुआ ग्रामीणों ने देखा. शव मिलने की सूचना जंगल में आग की तरह आसपास फैल गई. देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जुट गई. जितने मुंह उतनी बातें होने लगीं. पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की.कमाने के लिए निकला था मुंबई शुक्रवार को मृतक की पहचान संदीप पाण्डेय (25) पुत्र राणा प्रताप पाण्डेय, निवासी खरिहानी थाना तरवां, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई. परिजनों के अनुसार संदीप सुबह घर से नाराज होकर करीब एक हजार रुपये लेकर मुंबई कमाने जाने के लिए निकला था.मृतक अविवाहित था और तीन भाइयों में दूसरे स्थान पर था. उसके पिता खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं. घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया.कार्यवाहक थानाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.यह भी पढ़ें: BHU में दो छात्रों को हिरासत में लेने वाले मामले ने पकड़ा तूल, सड़क पर उतरे गुस्साए छात्रपुल से कूदने जा रही किशोरी को राहगीरों ने बचायाराजघाट पुल से गुरुवार की रात गंगा में कूदकर जान देने जा रही एक किशोरी को राहगीरों ने बचा लिया. इसके बाद उसे पुलिस को सौंपा गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार किशोरी राजघाट पुल पर पहुंची थी. पुल से गुजर रहे लोगों को आशंका हुई तो उसे पकड़ लिया. थाना प्रभारी आदमपुर विमल मिश्रा ने बताया कि किशोरी चंदौली की है. मां की डांट से नाराज होकर मालवीय पुल से कूदने के इरादे से आई थी. किशोरी के परिजनों को थाने बुलाया गया और समझाकर उन्हें सौंप दिया गया.