फेसबुक पर सिल्क बेचने का झांसा देकर करता था ठगी, आरोपी गिरफ्तार...

वाराणसी : सोशल मीडिया पर सस्ते दाम में सिल्क के बंडल बेचने का लालच देकर देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों से लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले दीम अहमद को चौबेपुर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया. आरोपी फेसबुक पर फर्जी पहचान बनाकर ग्राहकों से पहले ऑनलाइन भुगतान कराता था और फिर न सामान भेजता था, न ही उनका फोन उठाता था. दीम अहमद डुबकिया चौबेपुर का निवासी है. प्रतिबिंब पोर्टल पर मिले संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान आरोपी का सुराग मिला. तकनीकी विश्लेषण, सीडीआर, सीएएफ, आईएमईआई और मोबाइल लोकेशन के आधार पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने गुलनाज अंसारी सिल्क नाम से फेसबुक आईडी बनाई थी, जिस पर सिल्क के बंडलों की आकर्षक तस्वीरें पोस्ट कर ग्राहकों को कम कीमत का लालच दिया जाता था.
ग्राहक से ऑनलाइन भुगतान के बाद वह न तो माल भेजता था और न ही संपर्क में रहता था. जांच में महाराष्ट्र के एक व्यक्ति से 56 हजार रुपये, पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति से 1.94 लाख रुपये की साइबर ठगी की पुष्टि हुई है. दोनों पीड़ितों ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी में प्रयुक्त स्मार्टफोन बरामद किया है. थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि आशंका है कि आरोपी ने इसी तरीके से कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है.
रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 76 हजार की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 76 हजार की ठगी के आरोपी लवकुश यादव को साइबर क्राइम सेल की प्रतिबिंब टीम और सारनाथ पुलिस ने सोमवार रात सारनाथ क्षेत्र से गिरफ्तार किया. आरोपी को सीजेएम कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया. थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी गाजीपुर के देवकली थाना क्षेत्र के महमूदपुर हथिनी का निवासी है. शिकायतकर्ता पूजा ने प्रतिबिंब पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी. पूजा ने आरोप लगाया कि लवकुश ने खुद को रेलवे कर्मचारी बताकर नौकरी का झांसा दिया. उसने 76 हजार रुपये ठगे. पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड और ग्राहक आवेदन प्रपत्र की जांच की. तकनीकी जांच में लवकुश की लोकेशन सारनाथ क्षेत्र में मिली.
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पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर लवकुश को चिह्नित किया और पूछताछ की. पूछताछ में उसने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने की बात स्वीकार की. उसके पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसका उपयोग धोखाधड़ी में किया गया था. थाना प्रभारी ने बताया कि साइ-वज्र अभियान चलाया जा रहा है. उद्देश्य ऑनलाइन साइबर शिकायतों का प्रभावी और त्वरित निस्तारण करना है. जनता से अपील की है कि वे नौकरी दिलाने का दावा करने वाले व्यक्तियों की पहचान जांचें. साइबर अपराध होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं.



