दालमंडी में ध्वस्तीकरण कार्रवाई में जुटा प्रशासन, दुकानदारों ने जताई नाराजगी

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में दालमंडी चौड़ीकरण अभियान काफी समय से चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मामले को लेकर एक बार फिर से वाराणसी की कमिश्नरेट पुलिस, लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है. जी हां, आज रविवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बुलडोजर दालमंडी के भीतर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने में जुटा हुआ है. जहां करीब 30 मकानों के ध्वस्तीकरण की योजना को ध्यान में रखते हुए सात दिनों तक ये प्रशासनिक कार्रवाई जारी रहेगी.

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में जुटा प्रशासन
दालमंडी में चल रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के दृष्टिकोण को देखते हुए चौक थाना के पुलिसकर्मियों के अलावा अतिरिक्त फोर्स लगाई जाने को तैयारी है. जिसे लेकर वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस में सहायक पुलिस आयुक्त डॉक्टर अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि रविवार को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच दालमंडी के मकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगी. तीन थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी की मौजूदगी में यहां के चिन्हित मकानों को गिराया जाएगा. दालमंडी में आवागमन कर रहे वाहनों को रविवार से बैरीकेटिंग लगाकर रोक दिया जाएगा. जिससे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में किसी प्रकार की कोई बाधा उत्पन्न ना हो.

ध्वस्तीकरण कार्रवाई से नाराज दुकानदार
जानकारी के मुताबिक, बनारस के मशहूर दालमंडी में बीते शनिवार की सुबह हर रोज की तरह बाजार खुला और दुकानदारों ने भी पहले के जैसे ग्राहकों का अपनी दुकान से खरीदारी करने के लिए तहे दिल से स्वागत किया. जहां दुकानदारों ने एक बार फिर से प्रशासन द्वारा की जा रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को गलत ठहराते हुए कहा कि आखिर कब तक उन्हें उजाड़ने का काम होगा.

यह भी पढ़ें: बीएचयू में ‘एग्री स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2026’ की शुरुआत, कृषि नवाचार पर मंथन
कोई बसाने वाला भी तो कभी सामने आएं. आखिर प्रशासन दालमंडी में बसी दुकानों को उजाड़ कर ना जाने कितनों का जीवन बर्बाद कर रही है. जिसका सहारा सिर्फ और सिर्फ ये दुकान है उसी सहारे को सरकार उनसे छिनने में लगी हुई है. ऐसे में हम मदद की गुहार लगाए भी तो किससे और कैसे.



