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एड्स जागरूकता शिविर का आयोजन, दवा का हुआ वितरण

एड्स जागरूकता शिविर का आयोजन, दवा का हुआ वितरण
May 07, 2026, 12:21 PM
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Posted By Preeti Kumari

AIDS awareness camp organized, medicines distributed


वाराणसी: माता आनंदमयी अस्पताल में आज 07/05/2026 को प्रिज्मैटिक फाउंडेशन के तत्वाधान में एलजीबीटी (LGBT) समुदाय के लोगों द्वारा एचआईवी/एड्स जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया. इस स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य हाशिए पर रहने वाले समुदायों तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पंहुचाने के साथ ही विशेषकर शुगर, टी.बी., यौन संचारित रोगों (STDs) और एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना था. कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श और आवश्यक चिकित्सकीय जांच शामिल रही, साथ ही जरूरतमंद लोगों के बीच निःशुल्क दवाओं का वितरण भी किया गया.


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LGBT अधिकारों के लिए जागरूकता पर काम कर रहे सैम ने बताया कि सुरक्षित यौन व्यवहार, नियमित जांच, कंडोम के उपयोग और समय पर उपचार से हम स्वस्थ रह सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि एचआईवी अब एक प्रबंधनीय (manageable) स्थिति है, यदि समय पर पहचान और इलाज किया जाए. प्रिज्मैटिक फाउंडेशन से नीति ने शिविर में पंहुचे लोगों के बीच यौन स्वास्थ्य विषयक चर्चा की. विशेषकर LGBT समुदाय के युवाओं के बीच यौन संबंधो में आवश्यक सुरक्षा और जाँच इत्यादि के विषय में जानकारी दी.


उन्होंने शिविर में आए लोगो को सम्बोधित करते हुए बताया कि भारत में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के अनुसार: देश में लगभग 23–24 लाख लोग एचआईवी के साथ जीवन जी रहे हैं, वार्षिक अनुपात देखें तो संक्रमण के मामलों में कमी आ रही है. ध्यान देने का विषय है कि एलजीबीटी समुदाय, सेक्स वर्कर्स और इंजेक्शन ड्रग यूज़र्स—में संक्रमण की दर अपेक्षाकृत अधिक बनी हुई है. अन्य यौन संचारित रोग (जैसे सिफिलिस, गोनोरिया, क्लैमाइडिया) के मामले भी भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य की एक महत्वपूर्ण चुनौती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जागरूकता की कमी, सामाजिक कलंक (stigma) और नियमित जांच न कराना इसके प्रमुख कारण हैं.


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शिविर में उपस्थित अपोलो संस्था से सविता जी ने एचआईवी/एड्स से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं, उन्होंने संक्रमण के कारण, रोकथाम के उपाय, सुरक्षित व्यवहार, नियमित जांच की आवश्यकता तथा समय पर इलाज के महत्व पर विस्तार से चर्चा की. साथ ही प्रतिभागियों की व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्याओं पर परामर्श भी प्रदान किया गया. प्रिज्मैटिक फाउंडेशन के हेतवी ने बताया कि एलजीबीटी समुदाय अक्सर सामाजिक भेदभाव के कारण स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रह जाता है, ऐसे में इस प्रकार के शिविर बेहद महत्वपूर्ण हैं.


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माता आनंदमयी अस्पताल के प्रशासक श्री देवाशीष दास ने बताया कि उत्तर प्रदेश, जो जनसंख्या की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है, में एचआईवी का प्रसार राष्ट्रीय औसत के आसपास या उससे थोड़ा कम आंका गया है, लेकिन कुल मामलों की संख्या जनसंख्या के कारण बड़ी है. उपलब्ध सरकारी और सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुमानों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 1.5–2 लाख के बीच लोग एचआईवी के साथ जीवन जी रहे हैं.


वाराणसी जैसे बड़े शहरी-धार्मिक केंद्रों में पर्यटन , प्रवासी आबादी, असंगठित श्रम और जागरूकता की कमी के कारण STD और HIV की चुनौती बनी रहती है. स्थानीय स्तर पर सटीक सार्वजनिक डेटा सीमित है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और ART केंद्रों के अनुसार नियमित जांच और परामर्श सेवाओं की मांग बढ़ रही है, जो जागरूकता में वृद्धि का संकेत है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया और इस पहल की सराहना की. प्रतिभागियों ने इस तरह के और अधिक जागरूकता एवं स्वास्थ्य कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया.


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अंत में आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वास्थ्य और जागरूकता की पहुंच सुनिश्चित की जा सके. सभी का धन्यवाद ज्ञापन अनामिका ने किया. शिविर में मुख्य रूप से रूमान, श्रेया, अनुराग, आर्या, तानिया, कार्तिक, दक्ष, एलेक्स, चंदन, नैंसी, सुमन , साहिल, तैन आदि शामिल रहे.


वरुणा जोन में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की बड़ी समीक्षा बैठक, डीसीपी ने दिए सख्त निर्देश
वरुणा जोन में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की बड़ी समीक्षा बैठक, डीसीपी ने दिए सख्त निर्देश
वाराणसी. अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए वरुणा जोन में पुलिस अधिकारियों की क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन ने की। इसमें जोन के सभी सहायक पुलिस आयुक्त, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।बैठक में अपराध की रोकथाम, लंबित विवेचनाओं, वांछित एवं वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी सहित कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। डीसीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाए।वांछित और इनामी अपराधियों पर कसें शिकंजाडीसीपी ने वांछित, वारंटी एवं पुरस्कार घोषित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही हत्या, लूट, चोरी, वाहन चोरी, नकबजनी जैसे गंभीर अपराधों वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां प्रभावी गश्त और चेकिंग बढ़ाने को कहा गया।विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण पर जोरलंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक मामले की विवेचना साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी की जाए। निर्धारित 60/90 दिवस की समयावधि में विवेचनाओं का निस्तारण सुनिश्चित करने तथा अनावश्यक रूप से मामलों को लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए गए। विवेचनाओं में ई-साक्ष्य के प्रभावी उपयोग और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को विधिक प्रक्रिया के अनुरूप सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया।ALSO READ : वाराणसी में रोपवे परियोजना के काम में तेजी, मंडलायुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षणएनडीपीएस और निरोधात्मक कार्रवाई पर विशेष जोरअवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने तथा पूरे नेटवर्क और मादक पदार्थों के स्रोत का पता लगाने के निर्देश दिए गए। अपराध की रोकथाम के लिए आपराधिक प्रवृत्ति वाले एवं संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित कर धारा 111 बीएनएसएस के तहत नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया।महिला-बाल सुरक्षा और जनशिकायतों को प्राथमिकतामहिला एवं बाल अपराधों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के साथ स्कूल-कॉलेज, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर प्रभावी पुलिस मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। थानों पर आने वाले फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनकर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया गया।बैठक में रात्रि गश्त, पैदल गश्त और संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की चेकिंग बढ़ाने के साथ आगामी त्योहारों एवं महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए।बैठक के अंत में पुलिस उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी पूरी निष्ठा, तत्परता और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करें।
वाराणसी में रोपवे परियोजना के काम में तेजी, मंडलायुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षण
वाराणसी में रोपवे परियोजना के काम में तेजी, मंडलायुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षण
वाराणसी. में निर्माणाधीन रोपवे परियोजना को जल्द पूरा करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने गोदौलिया, गिरजाघर और रथयात्रा सहित विभिन्न रोपवे स्टेशनों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था, आर्ट वर्क और फिनिशिंग कार्यों का जायजा लिया।मंडलायुक्त ने गोदौलिया स्टेशन पर बोर्डिंग-डिबोर्डिंग के लिए चल रहे निर्माण कार्य को देखा। वहीं गिरजाघर स्टेशन पर बन रहे कंट्रोल रूम की प्रगति की जानकारी ली। रथयात्रा स्टेशन पर भी निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं से परियोजना के अलग-अलग हिस्सों की जानकारी लेते हुए कहा कि गोदौलिया, गिरजाघर समेत सभी स्टेशनों के बचे हुए कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। साथ ही नियमित स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करने और निर्माण में आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।मंडलायुक्त ने कहा कि रोपवे परियोजना वाराणसी की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और शहर में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया।ALSO READ : ऐढ़े में बनेगा आधुनिक पशु अस्पताल, खुशहाल नगर में बुजुर्गों के लिए बनेगी इंटरलॉकिंग सड़कगौरतलब है कि वाराणसी रोपवे परियोजना के तहत कैंट स्टेशन से रथयात्रा तक का कार्य पूरा हो चुका है। रथयात्रा से आगे के स्टेशनों पर अलाइनमेंट चेक का कार्य जारी है। परियोजना को नवंबर तक पूरा करने के लक्ष्य के साथ अंतिम तैयारियां तेजी से चल रही हैं।निरीक्षण के दौरान वाराणसी रोपवे की परियोजना निदेशक पूजा मिश्रा समेत रोपवे के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ऐढ़े में बनेगा आधुनिक पशु अस्पताल, खुशहाल नगर में बुजुर्गों के लिए बनेगी इंटरलॉकिंग सड़क
ऐढ़े में बनेगा आधुनिक पशु अस्पताल, खुशहाल नगर में बुजुर्गों के लिए बनेगी इंटरलॉकिंग सड़क
वाराणसी. नगर निगम क्षेत्र में पशु कल्याण और विकास कार्यों को गति देने के लिए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सोमवार को ऐढ़े स्थित गौशाला और खुशहाल नगर के पीछे निर्माणाधीन सीनियर केयर सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को पशुओं की चिकित्सा व्यवस्था बेहतर करने के साथ निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय से पूरा कराने के निर्देश दिए।ऐढ़े गौशाला में वर्तमान में कच्चे शेल्टर में संचालित पशु चिकित्सा व्यवस्था को आधुनिक पशु अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। नगर आयुक्त ने इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा। अस्पताल में आम नागरिकों को अपने पालतू पशुओं के इलाज की सुविधा भी मिल सकेगी। उन्होंने पशुओं के उपचार संबंधी सभी कार्य पशु कल्याण अधिकारी की निगरानी में कराने के निर्देश दिए।गौशाला में गर्मी से पशुओं को राहत देने के लिए टीन शेड के नीचे पर्याप्त संख्या में पंखे लगाने, बाउंड्रीवॉल के किनारे पौधरोपण करने और प्रवेश द्वार स्थित गार्ड रूम के पास खाली भूमि पर इंटरलॉकिंग कराने को कहा गया। पशुओं के आवागमन के लिए मैजिक वाहन उपलब्ध कराने तथा परिसर में इंटरलॉकिंग और ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।ALSO READ : नरहरि जयंती पर स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान ने किया निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरणइसके बाद नगर आयुक्त ने खुशहाल नगर के पीछे निर्माणाधीन सीनियर केयर सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने सेंटर तक पहुंचने वाले मार्ग को सुगम बनाने के लिए 15वें वित्त आयोग से तत्काल इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की हिदायत दी।निरीक्षण के दौरान पशुचिकित्साधिकारी डॉ. विजय अमृत राज, सहायक अभियंता, अवर अभियंता (सिविल) समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।