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कृषि मंत्री ने की समीक्षा, बोले - कृषि वैज्ञानिक सब्जी उत्पादन सुधारने की दिशा में करें किसानों का सहयोग

कृषि मंत्री ने की समीक्षा, बोले - कृषि वैज्ञानिक सब्जी उत्पादन सुधारने की दिशा में करें किसानों का सहयोग
Feb 26, 2026, 11:21 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को वाराणसी में शहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) के प्रांगण में रक्त-चंदन के पौधरोपण के साथ वैज्ञानिकों के साथ समीक्षा बैठक की. इस अवसर पर उन्होंने प्रक्षेत्र भ्रमण किया और किसानों के साथ सब्जी बीजों की उपलब्धता, गुणवत्ता, सब्जी उत्पादन लागत कम करने के उपायों और तकनीकों की जानकारी ली. इस दौरान आधुनिक तकनीकों जैसे ग्राफ्टेड बैगन टमाटर (ब्रिमेटो) और आलू-टमाटर (पोमेटो) के उत्पादन की विधियों पर विस्तृत चर्चा की गई. किसानों तक तकनीकी पहुंच, इसके फायदे और लाभ के बारे में जानकारी दी गई. कृषि मंत्री ने इस तकनीक की सराहना करते हुए कहा कि इसे किसानों तक जल्दी से जल्दी पहुंचाना आवश्यक है. उन्होंने हाई टेक नर्सरी को भी किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया और एफपीओ नर्सरी के माध्यम से बीजों का उत्पादन कर किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया.


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बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने टमाटर की शेल्फ लाइफ बढ़ाने, सुखे पाउडर और एक्सपोर्ट को बढ़ाने वाली फसलों के विकास और जैविक खेती पर तेजी से कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने सूक्ष्मजीव जैव उर्वरक, बायोस्टिमुलेन्ट और बायोपेस्टिसाइड के संस्थान द्वारा विकसित उत्पादों का प्रदर्शन भी देखा. संस्थान में चल रहे अनुसंधान एवं विकास कार्यों, उन्नत सब्जी किस्मों, बीज उत्पादन, संरक्षित खेती, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, मूल्य संवर्धन तथा उद्यमिता विकास से जुड़ी पहलों की सराहना की.


उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों का खेत स्तर पर प्रभावी प्रसार, गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता, लागत घटाने वाली तकनीकें और बाजार से सीधा जुड़ाव किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. संस्थान को निर्देश दिए कि वह किसानों तक तकनीकों की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करे, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं पौध उपलब्ध कराए, निर्यातोन्मुख सब्जी फसलों की प्रजातियों का विकास करे, स्टार्ट-अप्स और एफपीओ के साथ साझेदारी बढ़ाए और युवाओं को कृषि-उद्यमिता से जोड़े.


समीक्षा बैठक में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने संस्थान की उपलब्धियों और किसानों के साथ किए जा रहे कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की. उन्होंने सब्जी निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किसानों को संसाधन और तकनीकी उपलब्ध कराने पर जोर दिया. आईसीएआर के सहायक महानिदेशक डॉ सुधाकर पांडेय ने संस्थान की गतिविधियों पर संक्षिप्त जानकारी दी.


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कृषि मंत्री ने आगामी रबी सत्र के लिए क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया और कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती को देखते हुए सब्जी उत्पादन प्रणाली में अधिक लचीलापन लाना होगा. उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों और शोध संस्थानों के मध्य समन्वय का एक प्रभावी माध्यम बताते हुए किसानों तक तकनीक हस्तांतरण की गति तेज करने पर बल दिया. बैठक में आईआईवीआर के वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों के साथ राज्य के कृषि विभाग एवं केवीके के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे. बैठक का संचालन डॉ. नीरज सिंह ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ए एन सिंह ने दिया.

BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर छात्र आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। शनिवार को विश्वविद्यालय के कला संकाय लॉन में आयोजित छात्र महापंचायत में छात्रसंघ बहाली और लोकतांत्रिक छात्र अधिकारों को लेकर चर्चा हुई। महापंचायत में शामिल छात्र-छात्राओं ने सर्वसम्मति से 29 अक्टूबर को छात्र मार्च निकालने और इसके बाद अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया।छात्र महापंचायत में तय किया गया कि 29 अक्टूबर को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से छात्रसंघ भवन तक मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर धरना शुरू किया जाएगा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन को संगठित और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।महापंचायत में छात्रों ने कहा कि छात्रसंघ विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने और उनके अधिकारों की आवाज उठाने के लिए एक मंच मिलता है। छात्रों के मुताबिक, लंबे समय से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग उठाई जा रही है। अब इस मांग को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।छात्रों ने विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों से 29 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उनका कहना है कि छात्र एकजुट होकर छात्रसंघ की बहाली की मांग को प्रभावी तरीके से उठा सकते हैं।ALSO READ : वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शवछात्र महापंचायत के इस फैसले के बाद बीएचयू में छात्रसंघ बहाली का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब 29 अक्टूबर को प्रस्तावित छात्र मार्च और उसके बाद शुरू होने वाले धरने पर सबकी नजर रहेगी।
वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
वाराणसी : आदमपुर थाना क्षेत्र के गोलाघाट में शनिवार को नगर निगम के सफाई कर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया. उसके शरीर पर चोटों के निशान को देखते हुए हत्‍या की आशंका जताई जा रही है. सूचना के बाद पुलिस शव को कब्‍जे में लेने के साथ अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है.वहीं क्षेत्र में मौत को लेकर तरह - तरह की चर्चा व्‍याप्‍त है. उसके चेहरे, सिर पर गंभीर जख्‍म के निशान मिले हैं.सफाईकर्मी के चचेरे भाई ने बताया कि बीती रात खाना खाकर वह अपने घर गोलाघाट चला गया था. इस बीच शनिवार की सुबह नमो घाट पर एयर शो के समय सफाई कर्मियों ने उसके न आने पर तलाश शुरू की. कुछ लोग उसके घर पहुंचे तो युवक का शव घर के अंदर खून से लथपथ हालत में मिला. फर्श पर खून फैला था. मृतक के शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान होने की बात सामने आई है.ALSO READ : वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोगघटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है. मामले में हत्या या दुर्घटना समेत किसी भी आशंका की पुष्टि नहीं हुई है. मृतक की पहचान विनोद कुमार के रूप में हुई है. घटना के कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा.
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी : काशी विद्यापीठ ब्लॉक के मंगलपुर गांव में लोग तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और प्लेटलेटस गिरने से परेशान हैं. एक महीने में गांव के 4 लोगों की मौत होने के बाद ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी का भय सता रहा है. सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची. लोगों की जांच हुई तो 10 लोगों में बुखार जैसे लक्षण मिले हैं. जिन लोगों की मौत हुई है, उसके पीछे परिजन डेंगू से मौत की बात कह रहे हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इन्कार किया है.जिला मलेरिया अधिकारी के अनुसार, टीम भेजकर जांच करने के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है. मंगलपुर गांव में अधिकांश लोगों को बुखार है. प्लेटलेटस भी कम होता जा रहा है. जमालूद्दीन (35), गुलाम रब्बानी (66), आयशा बेगम (52) और मद्दर बेगम (48) की मौत हुई है. परिजनों ने मौत की वजह डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियां बताई है. उनका कहना है कि जोड़ों में तेज दर्द, बुखार के साथ ही कई दिनों से प्लेटलेटस भी कम हो रहा था. नुरैन, तौफीक, सलाउद्दीन , जरदार, रामसुंदर पटेल बीमार हैं.परिजनों ने एएनएम को नहीं दी कोई जांच रिपोर्टजिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय का कहना है कि मंगलपुर गांव में कुछ लोगों के एक महीने के भीतर 4 मौत की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच कराई. 10 लोगों में बुखार और मौसमी बीमारी के लक्षण मिले हैं. जरूरी दवाइयां देने के साथ ही उन्हें जागरूक किया जा रहा है. जिन लोगों के मौत की सूचना मिली, उनके घर आशा, एएनएम को भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी गई तो परिजनों ने रिपोर्ट देने से मना कर दिया. डेंगू से मौत हुई है तो परिजन रिपोर्ट क्यों नहीं दे रहे हैं. यह समझ नहीं आ रहा है. एक बार फिर विभागीय टीम गांव में जाएगी.ALSO READ : वाराणसी में पीएम के दौरे को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, देखें पूरी लिस्टमंगलपुर गांव में टीम भेजकर जांच करवाई गई. परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोई रिपोर्ट नहीं दी है, जिससे लोगों के बीमार होने और मौत की वजह की सही जानकारी मिल सके. दो दिन का विशेष अभियान चलाकर लोगों के सेहत की जांच कराई जाएगी।.- डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ