बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एड्स जागरूकता अभियान, दिए गए चिकित्सकीय परामर्श

वाराणसी : प्रिज्मैटिक फाउंडेशन के तत्वावधान में आज मंगलवार को पंचायत भवन, सलारपुर, वाराणसी में एड्स जागरूकता एवं निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का मुख्य उद्देश्य क्वीयर और ट्रांसजेंडर समुदाय के नेतृत्व में समाज में एचआईवी एवं एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना, एचआईवी से जुड़े भ्रम एवं भेदभाव को दूर करना तथा लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराना रहा. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आयोजित होने के कारण शिविर में मौसमी बीमारियों तथा बाढ़ के बाद होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की भी जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श दिए गए.
शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम द्वारा लोगों को एचआईवी/एड्स, यौन संचारित संक्रमण, सर्दी-जुकाम, बुखार तथा अन्य मौसमी बीमारियों के साथ-साथ बाढ़ के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं, दूषित पानी से होने वाले संक्रमण, त्वचा संबंधी समस्याओं और अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक किया गया. इच्छुक लोगों के लिए स्वैच्छिक एवं गोपनीय एचआईवी जांच, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण तथा चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई.

शिविर में उपलब्ध प्रमुख सेवाएं
- एचआईवी/एड्स एवं यौन संचारित संक्रमण के संबंध में जागरूकता
- निःशुल्क एवं गोपनीय एचआईवी जांच
- सामान्य स्वास्थ्य जांच
- मौसमी बीमारियों की जांच एवं उपचार संबंधी परामर्श
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं की जांच एवं चिकित्सकीय मार्गदर्शन
- दूषित पानी एवं जलभराव से होने वाले संक्रमणों से बचाव की जानकारी
- रक्तचाप एवं वजन की जांच
- आंखों की जांच
- निःशुल्क दवा का वितरण
- स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं मार्गदर्शन
- सुरक्षित व्यवहार एवं एचआईवी से बचाव के उपायों की जानकारी
- स्वास्थ्य संबंधी सूचना एवं जागरूकता सामग्री का वितरण
शिविर में ट्रांसजेंडर एवं क्वीयर समुदाय, महिलाओं, पुरुषों, युवाओं, किशोर-किशोरियों तथा अन्य समुदायों के लोगों को विशेष रूप से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया. आयोजकों ने कहा कि एचआईवी/एड्स को लेकर समाज में मौजूद डर, भ्रांतियों और भेदभाव को समाप्त करने के लिए जागरूकता और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है.
शिविर में विशेषज्ञों के रूप में डॉ. संजीव (जनरल फिजिशियन एवं स्वास्थ्य परामर्श एवं मार्गदर्शन), SSPG कबीरचौरा अस्पताल; डॉ. मनीषा राय (परामर्शदाता), सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र, SSPG कबीरचौरा अस्पताल; डॉ. मयंक कुमार (डी.आर. ओ.पी.टी. एवं वरिष्ठ नर्स प्रशिक्षण अधिकारी), माता आनंदमयी अस्पताल; और डॉ. संतोष यादव ने स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया. प्रिज्मैटिक फाउंडेशन की ओर से अनामिका ने कहा कि एचआईवी एक वायरस है जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है. समय पर जांच, चिकित्सकीय सलाह और उचित उपचार के माध्यम से एचआईवी के साथ स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है. इसलिए किसी भी व्यक्ति को एचआईवी को लेकर भय या सामाजिक बहिष्कार का सामना नहीं करना चाहिए.
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रूमान ने कहा कि एड्स का वर्तमान में पूर्ण इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन चिकित्सकीय देखरेख, समय पर जांच और उचित उपचार के माध्यम से एचआईवी के साथ लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है. इसलिए जागरूकता, समय पर जांच और सही चिकित्सकीय सलाह बेहद महत्वपूर्ण है. नीति ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है और समाज में किसी भी बीमारी या स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. “सबके लिए स्वास्थ्य, समान अधिकार और समान सम्मान” की भावना के साथ संस्था आगे भी ऐसे स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी. स्वास्थ्य शिविर में प्रमुख रूप से नैंसी, इकबाल, आदित्य कृष्णा, टैन, दुर्गा, सोनम, तनु, अनु, सैम, रागिनी, छोटी, शिवानी, प्यूष, बनी सहित दर्जनों क्वीयर और ट्रांस समुदाय के लोग और आस पास के गांव से सैकड़ों लोग शामिल रहे.



