पीएम पर अजय राय की अभद्र टिप्पणी पर मचा घमासान, आरोप - प्रत्यारोप का दौर जारी...

वाराणसी : उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय द्वारा महोबा दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और महोबा एसपी के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करने की घटना के बाद काशी में सियासी घमासान मचा हुआ है. बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप - प्रत्यारोप का दौर जारी है. एक ओर भाजपाई आक्रोशित हैं वहीं कांग्रेसी भी पीछे नहीं हैं.
इसी क्रम में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा, काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष अनूप जायसवाल के नेतृत्व में स्थानीय नागरिक, अधिवक्ता और भाजपा कार्यकर्ता जिला मुख्यालय स्थित पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे. उन्होंने ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर, वाराणसी आलोक प्रियदर्शी से मिलकर अजय राय के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई.
अजय राय का पोस्टर जलाकर जताया आक्रोश
आक्रोशित लोगों ने जेसीपी को बताया कि अजय राय का कृत्य न केवल दुखद है, बल्कि यह समाज में असामाजिकता का प्रतीक भी है. उन्होंने अजय राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और विधिक कार्रवाई की मांग की. जेसीपी ने शिकायत पत्र का अवलोकन करने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया. कमिश्नर कार्यालय से बाहर आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और सभ्रांत जनों ने नारेबाजी करते हुए अजय राय का पोस्टर जलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया. इस अवसर पर अनूप जायसवाल ने कहा कि अजय राय की स्थिति अब राजनीति में हास्यास्पद हो चुकी है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति की गई अभद्रता ने कांग्रेस नेता के चरित्र को उजागर किया है.
अजय राय द्वारा महोबा में प्रधानमंत्री के प्रति की गई अभद्र टिप्पणी अमर्यादित और असामाजिकता का उदाहरण है. उन्होंने काशी की संस्कृति और जनता की भावनाओं पर कुठाराघात किया है. इस प्रकार के आचरण से अजय राय ने पिछड़े समाज का भी उपहास उड़ाया है, जो अत्यंत निंदनीय है. कार्यक्रम का संचालन विपुल कुमार पाठक ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन धीरेंद्र शर्मा, अधिवक्ता ने किया. इस कार्यक्रम में भाजपा काशी क्षेत्र के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
कांग्रेसियों ने कहा राजनीतिक साजिश
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से अजय राय पर मुकदमा दर्ज होने के बाद वाराणसी में इसे साजिश करार देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाया गया है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ महोबा में दर्ज एफआईआर की कड़ी निंदा करते हुए वाराणसी महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध और विपक्ष की आवाज को दबाने की साजिश बताया.
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की उत्तर प्रदेश सरकार अजय राय जैसे निर्भीक नेताओं से भयभीत हैं, जो जनता के मुद्दों को उठाते हैं. इसीलिए, लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को मुकदमों और प्रशासनिक दबाव के माध्यम से दबाने का प्रयास किया जा रहा है.
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अजय राय महोबा में एक छात्रा के साथ हुई दरिंदगी और दुष्कर्म की घटना के बाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे. प्रशासन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने तमाम बाधाओं के बावजूद परिवार से मुलाकात की और न्याय की मांग की. चौबे ने कहा कि जब सरकार अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटती है, तब विपक्ष का दायित्व बनता है कि वह पीड़ितों की आवाज बने. अजय राय ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई है. अजय राय ने ऐसे परिवारों के बीच जाकर उनका दुख साझा किया और युवाओं की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का कार्य किया. भाजपा सरकार को यह जनसंवाद पसंद नहीं आ रहा है, इसलिए अजय राय को निशाना बनाया जा रहा है.



