वाराणसी की भीषण गर्मी में इंडोर पौधों का बढ़ा चलन, हरियाली से तलाश रहें राहत...

वाराणसी : प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी और तपती धूप ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है. दोपहर के समय सड़कें सूनी पड़ रही हैं और लोग घरों के अंदर रहने को मजबूर हैं. ऐसे मौसम में घर को ठंडा और सुकूनभरा बनाने के लिए वाराणसी में इंडोर पौधों का चलन बढ़ रहा है.
शहर की नर्सरियों में स्नेक प्लांट, मनी प्लांट, एलोवेरा, अरेका पाम और पीस लिली जैसे पौधों की मांग बनी हुई है. लोग इन्हें केवल सजावट के लिए नहीं बल्कि घर के माहौल में ताजगी और गर्मी के बीच राहत महसूस करने के लिए भी खरीद रहे हैं.
वाराणसी के नर्सरी संचालकों का कहना है कि इंडोर पौधे एसी या कूलर की तरह तापमान कम नहीं करते, लेकिन घर के अंदर हरियाली और नमी का एहसास बढ़ाकर वातावरण को अधिक आरामदायक बना देते हैं. बंद कमरों और फ्लैटों में पौधे होने से लोगों को प्राकृतिक माहौल और मानसिक सुकून महसूस होता है. खासकर मनी प्लांट और स्नेक प्लांट कम देखभाल में आसानी से बढ़ जाते हैं, जबकि एलोवेरा गर्मी में उपयोगी माना जाता है. अरेका पाम और पीस लिली जैसे पौधे घर की सुंदरता बढ़ाने के कारण भी लोगों की पसंद बने हुए हैं.
शहर की नर्सरियों पर हालांकि गर्मी का असर कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है. नर्सरी मालिकों के मुताबिक तेज धूप और लू के कारण ग्राहकों की आवाजाही पहले के मुकाबले कम हुई है, जिससे बिक्री प्रभावित हुई है. उन्होंने बताया कि वाराणसी में बिकने वाले कई इंडोर पौधे कोलकाता से मंगाए जाते हैं। परिवहन खर्च बढ़ने और गर्मी में पौधों को सुरक्षित लाने की चुनौती की वजह से इनके दाम भी बढ़ गए हैं. इसके बावजूद लोग अपने घरों को हराभरा और सुकूनभरा बनाने के लिए इंडोर पौधों की खरीद कर रहे हैं.
नर्सरी संचालकों का कहना है कि इंडोर पौधों की देखभाल बहुत मुश्किल नहीं है. इन्हें जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए और सीधे तेज धूप की बजाय हल्की रोशनी या खिड़की के पास रखना बेहतर रहता है. समय-समय पर पत्तियों की सफाई और मिट्टी की नमी का ध्यान रखने से पौधे लंबे समय तक स्वस्थ और हरे-भरे बने रहते हैं. वाराणसी की झुलसा देने वाली गर्मी के बीच इंडोर पौधे अब लोगों के लिए केवल शौक नहीं बल्कि घर में ताजगी और सुकून बनाए रखने का एक आसान विकल्प बनते जा रहे हैं.



