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अंबेडकर जयंती: बाबा साहेब का जीवन संघर्ष और दूरदृष्टि का अद्वितीय उदाहरण

अंबेडकर जयंती: बाबा साहेब का जीवन संघर्ष और दूरदृष्टि का अद्वितीय उदाहरण
Apr 14, 2026, 11:51 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर मंगलवार को चिकित्सा विज्ञान संस्थान स्थित के.एन. उडुप्पा सभागार में “बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अम्बेडकर: समावेशी भारत के निर्माण में शिक्षा, न्याय व समानता की भूमिका” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष और दूरदृष्टि का अद्वितीय उदाहरण है.


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उन्होंने कहा कि संविधान निर्माण में उनकी भूमिका ने देश को समान अवसर, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय का सशक्त आधार प्रदान किया. उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कठिन परिस्थितियों से निकलकर शिक्षा के माध्यम से अपना विशिष्ट स्थान बनाया. भारतीय संविधान के निर्माण में ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उनका योगदान देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा.


समाज विकास के लिए सकारात्मक आलोचना आवश्यक


प्रो. चतुर्वेदी ने “प्रैग्मैटिज़्म एवं कंस्ट्रक्टिव क्रिटिसिज़्म” पर बल देते हुए कहा कि समाज के विकास के लिए व्यावहारिक सोच और सकारात्मक आलोचना आवश्यक है. उन्होंने विद्यार्थियों के बीच बाबा साहेब के विचारों के व्यापक प्रसार हेतु क्विज एवं विशेष व्याख्यान आयोजित करने का भी सुझाव दिया. मुख्य अतिथि श्री मुकेश कुमार मेश्राम (आईएएस), अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि शिक्षा ही वास्तविक क्रांति का माध्यम है, जो विचारों के जरिए समाज को बदलती है. उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच, आत्मज्ञान और अपने सामर्थ्य को पहचानने की प्रेरणा दी तथा समावेशी समाज के निर्माण के लिए आत्मनिर्भरता और बड़े सपने देखने पर बल दिया.


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मुख्य वक्ता, प्रो. एम.पी. अहिरवार, विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, कला संकाय, बीएचयू, ने बाबा साहेब के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक योगदानों की चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें केवल एक वर्ग विशेष तक सीमित नहीं किया जा सकता. उन्होंने कृषि को उद्योग का दर्जा देने, संसाधनों के राष्ट्रीयकरण, महिला सशक्तिकरण तथा राष्ट्रीय एकता से जुड़े उनके विचारों को विस्तार से प्रस्तुत किया.


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विशिष्ट अतिथि, प्रो. एस.एन. संखवार, निदेशक, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, ने कहा कि बाबा साहेब के जीवन से अनुशासन, अध्ययनशीलता एवं कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा मिलती है. उन्होंने कहा कि केवल संगोष्ठियां आयोजित करने से आगे बढ़कर बाबा साहेब के विचारों को दैनिक जीवन में अपनाने की आवश्यकता है. कार्यक्रम के संयोजक प्रो. बी. राम, द्रव्यगुण विभाग, आयुर्वेद संकाय, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा संस्थान की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों की जानकारी दी.


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इस अवसर पर अर्हत फाउंडेशन (ARHAT Foundation) द्वारा समाज के वंचित वर्ग के 10 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई. कार्यक्रम में केन्द्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ की कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा उपस्थित रही. अंत में श्री जितेन्द्र कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया.

वाराणसी एयर शो: दूसरे दिन चरमराई यातायात व्यवस्था, शहर में लगा भीषण जाम, रहगीर परेशान
वाराणसी एयर शो: दूसरे दिन चरमराई यातायात व्यवस्था, शहर में लगा भीषण जाम, रहगीर परेशान
वाराणसी : एयर शो के दूसरे दिन शनिवार को शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई. विभिन्न मार्गों पर लागू डायवर्जन और वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध के चलते शहर के भीतर से लेकर बाहरी इलाकों तक कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही. सुबह करीब 9:30 बजे के बाद यातायात एडवाइजरी लागू होने के साथ ही प्रमुख सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने लगा. कुछ ही समय में कई मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम नागरिकों, राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा. शहर के अलग-अलग हिस्सों में यातायात नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे, लेकिन प्रतिबंधों के कारण बदले मार्गों पर वाहनों की संख्या बढ़ने से कई जगह जाम की समस्या बनी रही.हाईवे से शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध, रिंग रोड पर कतारएयर शो के मद्देनजर शहर में यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए हाईवे से शहर के अंदर वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया. इसके साथ ही गंगा घाटों की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी रोकी गई. इन प्रतिबंधों का असर शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख रास्तों पर दिखाई दिया. आजमगढ़-लालपुर रिंग रोड मार्ग पर सुबह से ही वाहनों का दबाव बना रहा और लंबी कतारों के चलते आवागमन प्रभावित हुआ. बसों, कारों और अन्य वाहनों को आगे बढ़ने में परेशानी हुई. यातायात व्यवस्था में बदलाव के कारण निर्धारित रास्तों से गुजरने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा, जिससे दूसरे मार्गों पर भी दबाव बढ़ने की स्थिति बनी. पहडिया-पांडेयपुर मार्ग, अंधरापुल, चौकाघाट समेत अन्‍य मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही.राजघाट पुल पर पाबंदी, सामनेघाट पुल पर अनुमतिपड़ाव चौराहे पर वाहनों की एंट्री बंद किए जाने से आसपास के मार्गों पर यातायात का सामान्य संचालन प्रभावित रहा. वहीं, राजघाट पुल पर वाहनों के साथ पैदल आवागमन भी बंद कर दिया गया. इस व्यवस्था के चलते पुल से होकर आने-जाने वाले लोगों को दूसरे रास्तों का उपयोग करना पड़ा. दूसरी ओर, सामनेघाट पुल पर केवल दोपहिया वाहनों को आवाजाही की अनुमति दी गई, जबकि अन्य वाहनों पर प्रतिबंध रहा. पुलों और प्रमुख संपर्क मार्गों पर लागू इन पाबंदियों के कारण यातायात का दबाव वैकल्पिक रास्तों की ओर बढ़ा. इससे शहर के कुछ हिस्सों में लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से अधिक समय लगा.ALSO READ : PET 2026 के अभ्यर्थियों के लिए रेलवे चलाएगा परीक्षा स्पेशल ट्रेन, 24, 29 और 31 अक्टूबर को मिलेगी सुविधासामनेघाट से लंका तक भीषण जामशहर के दक्षिणी हिस्से में सामनेघाट से लंका तक जाम की स्थिति बनी रही. मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगने से स्थानीय लोगों और इस रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी हुई. एयर शो के चलते लागू यातायात प्रतिबंधों और सीमित आवाजाही का असर इस क्षेत्र में भी देखने को मिला. लंका तथा आसपास के इलाकों की ओर जाने वाले लोगों को जाम के कारण देरी का सामना करना पड़ा. जिन मार्गों से सामान्य दिनों में वाहन सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच जाते हैं, वहां प्रतिबंधों के कारण यातायात की गति प्रभावित रही. सामनेघाट और लंका के बीच वाहनों का दबाव बढ़ने से इस क्षेत्र में आवागमन सुचारु बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहा.गोदौलिया और मैदागिन भी फुल शहर के प्रमुख व्यावसायिक और भीड़भाड़ वाले इलाकों गोदौलिया तथा मैदागिन की ओर भी यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी निगरानी करते रहे. इन क्षेत्रों में भीड़ और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया. एयर शो के कारण शहर में लागू प्रतिबंधों का असर केवल आयोजन स्थल के आसपास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के दूसरे हिस्सों में भी लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हुई. बाहर से वाराणसी आने वाले वाहन चालकों के साथ ही स्थानीय नागरिकों को भी बदले हुए यातायात मार्गों और प्रतिबंधों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा.
PET 2026 के अभ्यर्थियों के लिए रेलवे चलाएगा परीक्षा स्पेशल ट्रेन, 24, 29 और 31 अक्टूबर को मिलेगी सुविधा
PET 2026 के अभ्यर्थियों के लिए रेलवे चलाएगा परीक्षा स्पेशल ट्रेन, 24, 29 और 31 अक्टूबर को मिलेगी सुविधा
वाराणसी: PET 2026 की परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे की ओर से बलिया से कानपुर के बीच परीक्षा स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। यह ट्रेन 24, 29 और 31 अक्टूबर को संचालित होगी। इससे वाराणसी और आसपास के जिलों के अभ्यर्थियों को कानपुर पहुंचने में सहूलियत मिलेगी।गाड़ी संख्या 05153 बलिया-कानपुर अनारक्षित परीक्षा स्पेशल बलिया से रवाना होकर गाजीपुर सिटी होते हुए रात करीब 10 बजे वाराणसी सिटी पहुंचेगी। इसके बाद रात 10:30 बजे वाराणसी जंक्शन और रात 10:50 बजे बनारस स्टेशन से रवाना होगी। ट्रेन अगले दिन सुबह 6 बजे कानपुर स्टेशन पहुंचेगी।वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 05154 कानपुर-बलिया अनारक्षित परीक्षा स्पेशल 29 और 31 अक्टूबर के बाद 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होगी। यह ट्रेन कानपुर से दोपहर 12:55 बजे रवाना होकर रात 9:03 बजे बनारस स्टेशन पहुंचेगी। इसके बाद वाराणसी जंक्शन और वाराणसी सिटी होते हुए बलिया के लिए रवाना होगी और रात करीब 1:15 बजे बलिया पहुंचेगी।ALSO READ : पीएम मोदी के दौरे से पहले जगमगाई काशी, रंग-बिरंगी रोशनी से सजे शहर के प्रमुख स्थलरेलवे के अनुसार, इस ट्रेन में सामान्य द्वितीय श्रेणी के 10 कोच और एसएलआर के दो कोच समेत कुल 12 कोच लगाए जाएंगे। ट्रेन पूरी तरह अनारक्षित होगी, जिससे PET 2026 के अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान यात्रा में सुविधा मिलेगी।
पीएम मोदी के दौरे से पहले जगमगाई काशी, रंग-बिरंगी रोशनी से सजे शहर के प्रमुख स्थल
पीएम मोदी के दौरे से पहले जगमगाई काशी, रंग-बिरंगी रोशनी से सजे शहर के प्रमुख स्थल
वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 अक्टूबर को प्रस्तावित वाराणसी दौरे से पहले काशी को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। शहर के प्रमुख भवनों और ऐतिहासिक स्थलों पर आकर्षक लाइटिंग की गई है, जिससे काशी की खूबसूरती और भी निखर उठी है। रात के समय रोशनी से जगमगाते भवन लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अक्टूबर को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचेंगे। उनके दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हैं। इसी क्रम में शहर के विभिन्न हिस्सों को सजाया जा रहा है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर की गई सजावट शहर की सुंदरता में चार चांद लगा रही है।प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान वाराणसी में भारतीय वायु सेना का भव्य एयर शो भी आयोजित किया जाएगा। नमो घाट पर होने वाले इस एयर शो को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। आसमान में वायु सेना के विमानों के रोमांचक करतब देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।एयर शो और प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अन्य तैयारियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शहर में यातायात प्रबंधन और लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग अपनी तैयारियों में जुटे हैं।ALSO READ : एयर शो का दूसरा दिन, कड़ी धूप में भी नहीं डिगा उत्‍साह, ‘शौर्य की उड़ान’ देखने पहुंचे लोगकुल मिलाकर, प्रधानमंत्री के दौरे और वायु सेना के एयर शो को लेकर काशी में उत्साह का माहौल है। रोशनी से सजी काशी अब अपने खास मेहमानों के स्वागत के लिए तैयार नजर आ रही है।