बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, कब-तक मौन रहेगा यूनुस प्रशासन

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही हैं. ये घटना दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है. बांग्लादेश की अंतिरम सरकार मोहम्मद यूनुस की नाक के नीचे अब एक और हिंदू व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया गया है. ये दर्दनाक घटना को मयमनसिंह जिले में अंजाम दिया गया है. यहां के रहने वाले बृजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर कुछ लोगों ने उनकी हत्या कर दी है. मृतक बृजेंद्र बिस्वास बांग्लादेश के ग्रामीण अर्धसैनिक बल के सदस्य थे. मयमनसिंह वहीं जिला है जहां कुछ दिन पहले दीपू चंद्र दास नामक हिंदू युवक को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया था और फिर उसे पेड़ से बांधकर जिंदा जला दिया गया था. इस हैवानियत को पर कार्रवाई करने के बजाय यूनुस प्रशासन खड़ी-खड़ी देखती ही रह गई.

डॉक्टरों ने बृजेंद्र को किया मृत घोषित
बांग्लादेशी मीडिया मुताबिक, भालुका उपजिला के मेहराबारी इलाके में सुल्ताना स्वेटर्स लिमिटेड फैक्ट्री स्थित है. फैक्ट्री की सिक्योरिटी के लिए 20 अंसार सदस्यों को तैनात किया गया था. बृजेंद्र बिस्वास भी इनमें शामिल थे. बड़े ही अफसोस की बात है कि बृजेंद्र बिस्वास जब अपने साथी नोमान मियां के साथ बैठे थे, तभी नोमान ने दुश्मनी साधते हुए उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी. इस दौरान बृजेंद्र की बाईं जांघ पर गोली लगने से वो गंभीर रूप से घायल हो गये, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन स्थिति काफी गंभीर होने पर उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

एपीसी मोहम्मद ने खोली घटना की पोल
वहीं इस मामले में लबीब ग्रुप के प्रभारी अंसार मेंबर एपीसी मोहम्मद अजहर अली का कहना है कि घटना के वक्त दोनों के बीच कोई विवाद भी नहीं हुआ था. क्योंकि सभी एक साथ कमरे में बैठे हुए थे, तभी अचानक से नोमान ने अपनी शॉटगन बृजेंद्र की जांघ पर तानी और चिल्लाकर कहा कि गोली मार दूंगा. पर सभी को लगा कि ये मजाक था पर ये कहते देर नहीं कि उसने बंदूक का ट्रिगर दबाते ही वहां से भाग निकला. मामले की भनक लगते ही पुलिस प्रशासन ने आरोपी नोमान को फौरन धर-दबोच लिया. इसी के साथ ही पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है.



