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वाराणसी में लाइसेंस प्रक्रिया के विरोध में नाविक समाज ने बुलंद की आवाज, उठाई ये मांग...

वाराणसी में लाइसेंस प्रक्रिया के विरोध में नाविक समाज ने बुलंद की आवाज, उठाई ये मांग...
Jun 16, 2026, 12:14 PM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : गंगा में नौकायन से जुड़े पारंपरिक नाविकों के अधिकारों और रोजगार को लेकर मंगलवार को दशाश्वमेध घाट स्थित जल पुलिस चौकी के सामने निषाद (नाविक) समाज की एक महाबैठक आयोजित की गई. बैठक में सराय मोहाना, राजघाट, गायघाट, पंचगंगा, दशाश्वमेध, केदार, अस्सी और मदरवा समेत गंगा किनारे बसे विभिन्न क्षेत्रों के सैकड़ों नाविक और निषाद समाज के लोग शामिल हुए.


बैठक का मुख्य मुद्दा 'इनलैंड वॉटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया' (IWAI) द्वारा नावों के लाइसेंस बनाए जाने की प्रस्तावित प्रक्रिया का विरोध रहा. वक्ताओं ने कहा कि निषाद समाज पीढ़ियों से गंगा में नौकायन का कार्य करता आ रहा है और वाराणसी में नावों के लाइसेंस का नवीनीकरण एवं संचालन परंपरागत रूप से नगर निगम के माध्यम से होता रहा है. ऐसे में किसी अन्य संस्था द्वारा लाइसेंस व्यवस्था लागू किए जाने से नाविकों के समक्ष नई समस्याएं खड़ी हो सकती हैं.


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लाइसेंस न बनने से बढ़ी परेशानी


बैठक में शंभू निषाद ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 से नगर निगम द्वारा नावों के नवीनीकरण और नए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया बंद है. इसके कारण बड़ी संख्या में नाविकों की नावें बिना लाइसेंस संचालित नहीं हो पा रही हैं, जिससे उनके रोजगार और आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. नाविकों का कहना है कि गंगा पर निर्भर हजारों परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं.


नगर निगम से ही लाइसेंस जारी करने की मांग


निषाद समाज ने एक स्वर में कहा कि नावों के लाइसेंस की प्रक्रिया पहले की तरह नगर निगम के माध्यम से ही संचालित की जाए. समाज के प्रतिनिधियों का कहना था कि स्थानीय परिस्थितियों और नाविकों की समस्याओं को नगर निगम बेहतर ढंग से समझता है, इसलिए लाइसेंस व्यवस्था में किसी अन्य एजेंसी का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं होगा.


नाविकों के उत्पीड़न का आरोप


बैठक में मौजूद नाविकों ने प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि छोटी-छोटी बातों पर नाविकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाते हैं और नावों को सीज कर दिया जाता है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है. समाज ने ऐसी कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की.


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लाइफ जैकेट को लेकर उठाए सवाल


नाविकों ने कहा कि वे यात्रियों को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराते हैं, लेकिन कई यात्री यात्रा के दौरान जैकेट उतार देते हैं या पहनने से इनकार कर देते हैं. इसके बावजूद किसी दुर्घटना या जांच के दौरान पूरी जिम्मेदारी नाविकों पर डाल दी जाती है. बैठक में मांग की गई कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि केवल नाविकों को ही दंडित न किया जाए.


क्रूज और नावों के लिए अलग-अलग नियमों का विरोध


वक्ताओं ने आरोप लगाया कि छोटे नाविकों के लिए सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता है और उल्लंघन पर भारी चालान व कार्रवाई की जाती है, जबकि बड़े क्रूज जहाजों पर नियमों के पालन में समान कठोरता नहीं दिखाई देती. निषाद समाज ने इसे "दोहरा कानून" बताते हुए सभी के लिए समान नियम लागू करने की मांग की.


गोताखोरों को रोजगार देने की मांग


बैठक में निषाद समाज के कुशल गोताखोरों को पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभागों में रोजगार देने की मांग भी प्रमुखता से उठी. वक्ताओं ने कहा कि गंगा में डूबने या अन्य आपदाओं के समय निषाद समाज के गोताखोर हमेशा प्रशासन की सहायता करते हैं, इसलिए उनके अनुभव और कौशल का उपयोग सरकारी सेवाओं में किया जाना चाहिए.


आंदोलन की चेतावनी


बैठक के अंत में निषाद समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो समाज व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल लाइसेंस की नहीं, बल्कि हजारों नाविक परिवारों के सम्मान, रोजगार और अस्तित्व से जुड़ा मुद्दा है.


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बैठक में मौजूद लोगों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया. दशाश्वमेध घाट पर हुई इस महाबैठक ने गंगा किनारे बसे नाविक समाज की समस्याओं और उनकी मांगों को एक बार फिर प्रमुखता से सामने ला दिया है.

वाराणसी में रोपवे परियोजना के काम में तेजी, मंडलायुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षण
वाराणसी में रोपवे परियोजना के काम में तेजी, मंडलायुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षण
वाराणसी. में निर्माणाधीन रोपवे परियोजना को जल्द पूरा करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने गोदौलिया, गिरजाघर और रथयात्रा सहित विभिन्न रोपवे स्टेशनों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था, आर्ट वर्क और फिनिशिंग कार्यों का जायजा लिया।मंडलायुक्त ने गोदौलिया स्टेशन पर बोर्डिंग-डिबोर्डिंग के लिए चल रहे निर्माण कार्य को देखा। वहीं गिरजाघर स्टेशन पर बन रहे कंट्रोल रूम की प्रगति की जानकारी ली। रथयात्रा स्टेशन पर भी निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं से परियोजना के अलग-अलग हिस्सों की जानकारी लेते हुए कहा कि गोदौलिया, गिरजाघर समेत सभी स्टेशनों के बचे हुए कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। साथ ही नियमित स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करने और निर्माण में आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।मंडलायुक्त ने कहा कि रोपवे परियोजना वाराणसी की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और शहर में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया।ALSO READ : ऐढ़े में बनेगा आधुनिक पशु अस्पताल, खुशहाल नगर में बुजुर्गों के लिए बनेगी इंटरलॉकिंग सड़कगौरतलब है कि वाराणसी रोपवे परियोजना के तहत कैंट स्टेशन से रथयात्रा तक का कार्य पूरा हो चुका है। रथयात्रा से आगे के स्टेशनों पर अलाइनमेंट चेक का कार्य जारी है। परियोजना को नवंबर तक पूरा करने के लक्ष्य के साथ अंतिम तैयारियां तेजी से चल रही हैं।निरीक्षण के दौरान वाराणसी रोपवे की परियोजना निदेशक पूजा मिश्रा समेत रोपवे के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ऐढ़े में बनेगा आधुनिक पशु अस्पताल, खुशहाल नगर में बुजुर्गों के लिए बनेगी इंटरलॉकिंग सड़क
ऐढ़े में बनेगा आधुनिक पशु अस्पताल, खुशहाल नगर में बुजुर्गों के लिए बनेगी इंटरलॉकिंग सड़क
वाराणसी. नगर निगम क्षेत्र में पशु कल्याण और विकास कार्यों को गति देने के लिए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सोमवार को ऐढ़े स्थित गौशाला और खुशहाल नगर के पीछे निर्माणाधीन सीनियर केयर सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को पशुओं की चिकित्सा व्यवस्था बेहतर करने के साथ निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय से पूरा कराने के निर्देश दिए।ऐढ़े गौशाला में वर्तमान में कच्चे शेल्टर में संचालित पशु चिकित्सा व्यवस्था को आधुनिक पशु अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। नगर आयुक्त ने इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा। अस्पताल में आम नागरिकों को अपने पालतू पशुओं के इलाज की सुविधा भी मिल सकेगी। उन्होंने पशुओं के उपचार संबंधी सभी कार्य पशु कल्याण अधिकारी की निगरानी में कराने के निर्देश दिए।गौशाला में गर्मी से पशुओं को राहत देने के लिए टीन शेड के नीचे पर्याप्त संख्या में पंखे लगाने, बाउंड्रीवॉल के किनारे पौधरोपण करने और प्रवेश द्वार स्थित गार्ड रूम के पास खाली भूमि पर इंटरलॉकिंग कराने को कहा गया। पशुओं के आवागमन के लिए मैजिक वाहन उपलब्ध कराने तथा परिसर में इंटरलॉकिंग और ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।ALSO READ : नरहरि जयंती पर स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान ने किया निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरणइसके बाद नगर आयुक्त ने खुशहाल नगर के पीछे निर्माणाधीन सीनियर केयर सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने सेंटर तक पहुंचने वाले मार्ग को सुगम बनाने के लिए 15वें वित्त आयोग से तत्काल इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की हिदायत दी।निरीक्षण के दौरान पशुचिकित्साधिकारी डॉ. विजय अमृत राज, सहायक अभियंता, अवर अभियंता (सिविल) समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नरहरि जयंती पर स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान ने किया निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरण
नरहरि जयंती पर स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान ने किया निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरण
वाराणसी. संत शिरोमणि नरहरि जी के जन्मोत्सव के अवसर पर सोमवार को स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान के महिला प्रकोष्ठ की ओर से निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। गोविंदपुरा मोड़ चौराहे पर हुए आयोजन में श्रद्धालुओं, राहगीरों और स्थानीय लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया।फलाहारी प्रसाद में साबूदाना, आलू, फल और अन्य व्रत सामग्री शामिल रही। आयोजन के दौरान लोगों को प्रसाद वितरित करने के साथ संत नरहरि महाराज को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। सेवा कार्य में महिला प्रकोष्ठ के सदस्यों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सेवा भावना भी देखने को मिली।ALSO READ : लंबित प्रवेश प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग को लेकर छात्रों ने बीएचयू प्रशासन को सौंपा ज्ञापनकार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सरिता सर्राफ माधवी मिश्रा, शिखा शर्मा, प्रेमासेठ, सुनीता सोनी, कनक वर्मा, संगीता, सुनीता, विभा किरण वर्मा, सुनीता बेबी, श्रवण सेठ, विशाल सेठ, अरविंद सेठ, रवि सर्राफ, ईश्वर चंद वर्मा, कमल सेठ, विष्णुदयाल सेठ, रॉनिक वर्मा, आनंद वर्मा, संजय सर्राफ, सुनील सेठ, मनु सेठ, तन्नू सेठ और विवेक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।