BHU में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को लेकर जागरूकता शिविर, बालिकाओं को लगाया गया HPV टीका

वाराणसी : सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और एचपीवी टीकाकरण को लेकर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय कर्मचारी स्वास्थ्य संकुल में बुधवार को जागरूकता एवं टीकाकरण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पंजीकृत बालिकाओं को एचपीवी का टीका लगाया गया और वैक्सीन किट भी वितरित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर और टीकाकरण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना रहा।
टीकाकरण अभियान का शुभारंभ श्रीमती चारू चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि एचपीवी के बारे में सवाल पूछना, टीका लगवाना और नियमित स्वास्थ्य जांच कराना किसी संकोच का विषय नहीं है। यह स्वस्थ भविष्य की दिशा में जिम्मेदारी भरा कदम है। उन्होंने कम उम्र में एचपीवी टीकाकरण के महत्व पर जोर देते हुए इसे बालिकाओं के भविष्य के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण निवेश बताया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के साथ लोगों में स्वास्थ्य के प्रति विश्वास और जागरूकता विकसित करना भी आवश्यक है। टीकाकरण जैसी पहल बीमारी की रोकथाम के साथ लोगों में विश्वास पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
9 से 14 वर्ष की उम्र में टीकाकरण पर जोर
कर्मचारी स्वास्थ्य संकुल की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (प्रभारी) डॉ. नीति सिंह ने एचपीवी यानी ह्यूमन पैपीलोमा वायरस के बारे में जानकारी दी और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया। उन्होंने बताया कि एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर समेत कई प्रकार के कैंसर का कारण बन सकता है। संक्रमण से बचाव में समय पर टीकाकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने बताया कि एचपीवी टीकाकरण 9 वर्ष की आयु से कराया जा सकता है और 9 से 14 वर्ष की उम्र टीकाकरण के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस आयु वर्ग में सामान्यतः दो खुराक और 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र में चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार तीन खुराक की आवश्यकता हो सकती है। उन्होंने कहा कि एचपीवी के संपर्क में आने से पहले टीकाकरण कराने पर बेहतर सुरक्षा मिलती है।
डॉ. नीति सिंह ने नियमित स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग, एचपीवी को लेकर सही जानकारी, परिवार में खुले संवाद और भ्रांतियों को दूर करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि टीकाकरण संक्रमण से पहले बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम है, जबकि नियमित स्क्रीनिंग बीमारी के शुरुआती संकेतों की पहचान में मदद करती है।
विशेषज्ञों ने भी किया जागरूक
आईएमएस-बीएचयू के निदेशक प्रो. एस.एन. संखवार ने स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने लोगों से वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय जानकारी के आधार पर स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने की अपील की। सर सुंदरलाल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. पुनीत ने भी समय रहते जागरूक होने और बीमारी की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया।
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इस दौरान सुश्री आन्या ने बच्चों और विद्यार्थियों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं एचपीवी का टीका लगवाया है और पात्र बच्चों एवं विद्यार्थियों से भी टीकाकरण के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने बच्चों एवं विद्यार्थियों को एचपीवी टीका भी प्रदान किया।
कार्यक्रम में महिला महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रीता सिंह सहित स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ, शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।



