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बीएचयू में लाइव साइंस शो ने छात्रों में जगाई विज्ञान की नई जिज्ञासा वैज्ञानिक प्रयोगों ने किया रोमांचित...

बीएचयू में लाइव साइंस शो ने छात्रों में जगाई विज्ञान की नई जिज्ञासा वैज्ञानिक प्रयोगों ने किया रोमांचित...
Jul 18, 2026, 02:45 PM
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Posted By gagan arora

वाराणसी: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता भवन में शनिवार को वाराणसी के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए लाइव वैज्ञानिक प्रयोगों पर आधारित आकर्षक साइंस शो का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान को आसान, रोचक एवं व्यवहारिक रूप में समझाना था। इस दौरान सैकड़ों विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक प्रयोगों को करीब से देखा और उनमें बढ़-चढ़कर भागीदारी की.


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे दैनिक जीवन में उसके व्यावहारिक उपयोग के साथ समझना जरूरी है. उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों में जिज्ञासा प्रयोगधर्मिता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.


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कुलपति ने हाल ही में कोलंबिया में आयोजित 55वें अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड में भारतीय टीम के सभी पांच प्रतिभागियों द्वारा स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में वाराणसी के विद्यार्थी भी ऐसे मंचों पर देश का नाम रोशन करेंगे.


भौतिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों में स्वाभाविक रूप से जिज्ञासा और रचनात्मकता होती है जिसे सही मार्गदर्शन और अनुकूल वातावरण के माध्यम से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है. उन्होंने बताया कि विभाग के आउटरीच कार्यक्रमों के तहत स्कूली विद्यार्थियों को नियमित रूप से प्रयोगशालाओं का भ्रमण कराया जाता है ताकि वे विज्ञान को प्रयोगों के माध्यम से समझ सकें.


विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. संजय कुमार ने कहा कि प्रभावी शिक्षा वही है जो किसी विषय के प्रति रुचि और जिज्ञासा से प्राप्त हो. उन्होंने विज्ञान शिक्षा में उपलब्ध व्यापक करियर संभावनाओं की चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को शोध और वैज्ञानिक नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.


पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान (आईईएसडी) के निदेशक प्रो. ए.एस. रघुवंशी ने विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और चिकित्सा के अलावा विज्ञान के क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी दी. वहीं, प्रबंध शास्त्र संस्थान के निदेशक प्रो. आशीष बाजपेयी ने विद्यार्थियों से इस अनुभव को अपनी सीखने की यात्रा का हिस्सा बनाने का आह्वान किया.


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कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा आयोजक संस्था आईआरओ वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक मनोहर कुमार द्वारा प्रस्तुत लाइव साइंस शो रहा. उन्होंने कई रोचक वैज्ञानिक प्रयोगों का प्रदर्शन कर विज्ञान के सिद्धांतों को बेहद सरल और मनोरंजक ढंग से समझाया. प्रयोगों के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और विज्ञान के प्रति अपनी जिज्ञासा को नए आयाम दिए.


बीएचयू में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि यदि विज्ञान को प्रयोगों और अनुभवों के माध्यम से पढ़ाया जाए तो यह विद्यार्थियों के लिए न केवल सरल बनता है बल्कि उनके भीतर शोध नवाचार और वैज्ञानिक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम भी बन सकता है.

सावन में युवा कांग्रेसियों ने निकाली भव्य शोभायात्रा, शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक
सावन में युवा कांग्रेसियों ने निकाली भव्य शोभायात्रा, शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक
वाराणसी : सावन मास के पावन अवसर पर लंका थाना अंतर्गत छित्तूपुर ग्राम सभा से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए भव्य शोभायात्रा निकाली. प्रदेश सचिव, युवा कांग्रेस पूर्वी उत्तर प्रदेश सिद्धार्थ केसरी के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु शामिल हुए. ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते श्रद्धालु छित्तूपुर से सीर गोवर्धन होते हुए शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे.शोभायात्रा के दौरान भगवान शंकर और माता पार्वती की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही. डीजे की धुन पर शंकर-पार्वती के स्वरूप में कलाकारों की प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया. पूरे रास्ते श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा. कांग्रेस के शहर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि सावन का महीना आस्था और भक्ति का पर्व है. ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों में आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश जाता है. उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को सावन मास की शुभकामनाएं दीं.रोहनिया विधानसभा प्रत्याशी राजेश्वर सिंह पटेल ने कहा कि शूलटांकेश्वर महादेव में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना भगवान शिव के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है. उन्होंने आयोजन में शामिल सभी कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं का आभार जताया.प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस पूर्वी उत्तर प्रदेश सिद्धार्थ केसरी ने कहा कि सावन के पावन अवसर पर यह यात्रा श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि आयोजन का उद्देश्य लोगों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना और आपसी सौहार्द को मजबूत करना है.ALSO READ : वाराणसी में ज्ञानवापी में जलाभिषेक को निकले शिवसैनिकों को पुलिस ने रोका, ह‍िरासत में ल‍ियाशोभायात्रा में महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, रोहनिया विधानसभा प्रत्याशी राजेश्वर सिंह पटेल, अवधेश पटेल, अभिषेक पटेल, विश्वजीत पटेल, आशीष पटेल, नितेश पटेल, महेश सिंह केशव केसरी आनंद केसरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे. मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शूलटंकेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की.
वाराणसी में ज्ञानवापी में जलाभिषेक को निकले शिवसैनिकों को पुलिस ने रोका, ह‍िरासत में ल‍िया
वाराणसी में ज्ञानवापी में जलाभिषेक को निकले शिवसैनिकों को पुलिस ने रोका, ह‍िरासत में ल‍िया
वाराणसी : सावन के अंतिम सोमवार को श्रृंगार गौरी में जलाभिषेक की मांग को लेकर शिव सेना के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला. इस जुलूस के गोदौलिया पहुंचते ही पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोक दिया. शिव सैनिक श्रीकाशी विश्वनाथ, श्रृंगार गौरी और ज्ञानवापी स्थित आदिविश्वेश्वर शिवलिंग पर जलाभिषेक की मांग कर रहे थे. शिव सेना के राज्य उप प्रमुख अजय चौबे ने कहा कि सावन भर मुस्लिम पक्ष को ज्ञानवापी में नमाज से रोकने की हिंदू पक्ष की मांग पर कोई रोक नहीं लगी, इसलिए शिव सैनिकों को भी जलाभिषेक की अनुमति दी जाए.अजय चौबे ने स्पष्ट किया कि जब तक ज्ञानवापी हिंदू पक्ष को नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. जिद पर अड़े शिवसैनिकों को दशाश्वमेध सर्किल के एसीपी डॉ अतुल अंजान त्रिपाठी ने गोदौलिया चौराहे से हिरासत में लेकर थाने भेजा. बाद में सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया. इस दौरान भवानी सेना की महिलाएं भी मौजूद रहीं.ALSO READ : मंडलीय चिकित्सालय में करोड़ो की एक्सरे मशीन बैटरी के अभाव में बंद, मरीजों को परेशानीपुलिस की कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन इस मामले में सख्त है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं करेगा. ज्ञात हो कि ज्ञानवापी मस्जिद और उसके आसपास का क्षेत्र लंबे समय से विवाद का केंद्र रहा है. हिंदू पक्ष का दावा है कि यह स्थल पहले एक मंदिर था, जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह एक मस्जिद है. सावन के महीने में जलाभिषेक की परंपरा को लेकर शिव सैनिकों का यह आंदोलन एक बार फिर से इस विवाद को ताजा कर सकता है. अजय चौबे ने कहा कि जब तक हिंदू पक्ष को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.
मंडलीय चिकित्सालय में करोड़ो की एक्सरे मशीन बैटरी के अभाव में बंद, मरीजों को परेशानी
मंडलीय चिकित्सालय में करोड़ो की एक्सरे मशीन बैटरी के अभाव में बंद, मरीजों को परेशानी
वाराणसी: मरीजों को बेहतर और त्वरित जांच सुविधा देने के लिए मंडलीय चिकित्सालय में उपलब्ध कराई गई करीब डेढ़ करोड़ रुपये की पोर्टेबल एक्सरे मशीन इन दिनों बैटरी के अभाव में बंद पड़ी है, अस्पताल में मशीन का इस्तेमाल नहीं होने से जरूरतमंद मरीजों को जांच के लिए दूसरी व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ रहा है. मामला सामने आने के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं और महंगे उपकरणों के रखरखाव पर सवाल उठने लगे हैं, एसएसपीजी मंडलीय जिला चिकित्सालय कबीरचौरा वाराणसी का प्रमुख सरकारी अस्पताल है.जानकारी के अनुसार, पोर्टेबल एक्सरे मशीन को इस उद्देश्य से रखा गया था कि ऐसे मरीजों की एक्सरे जांच आसानी से की जा सके, जिन्हें एक्सरे कक्ष तक ले जाना मुश्किल होता है. विशेष रूप से गंभीर, भर्ती और चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों के लिए पोर्टेबल मशीन काफी उपयोगी मानी जाती है. लेकिन बैटरी उपलब्ध न होने के कारण मशीन का संचालन प्रभावित है.अस्पताल में पहले भी एक्सरे से जुड़ी तकनीकी समस्याएं सामने आती रही हैं। हाल में डिजिटल एक्सरे मशीन का सर्वर डाउन होने से भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा था. ऐसे में अब महंगी पोर्टेबल मशीन के बंद होने से मरीजों की मुश्किल और बढ़ने की आशंका है.सबसे बड़ा सवाल यह है, कि करोड़ों रुपये के आसपास की लागत वाले चिकित्सा उपकरण की बैटरी जैसी आवश्यक वस्तु समय पर उपलब्ध क्यों नहीं कराई गई, यदि मशीन लंबे समय तक बंद रहती है तो इसका उद्देश्य ही प्रभावित होता है, और सरकारी संसाधनों के उपयोग पर भी सवाल खड़े होते हैं.ALSO READ : राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर वाराणसी में होगा 'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम, दो स्‍थानों पर आयोजनमरीजों और तीमारदारों की मांग है, कि अस्पताल प्रशासन तत्काल बैटरी की व्यवस्था कर मशीन को चालू कराए, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर एक्सरे जांच की सुविधा मिल सके। साथ ही महंगे चिकित्सा उपकरणों के नियमित रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए.