Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

बनारस लिट् फेस्ट - समाज से साहित्य, शिक्षा और कलाकार का अटूट संबंध

बनारस लिट् फेस्ट - समाज से साहित्य, शिक्षा और कलाकार का अटूट संबंध
Jan 31, 2026, 11:11 AM
|
Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : बनारस लिट् फेस्ट–4 के दूसरे दिन शनिवार को ज्ञान गंगा सभागार दरबार हाल में आयोजित साहित्य कला और समाज : बदलते संबंधों की पड़ताल विषयक परिचर्चा विचार, विमर्श और विवेकपूर्ण तर्कों का सजीव मंच बन गई. उपस्थित साहित्यकारों ने समकालीन समाज के बदलते स्वरूप में साहित्य और कला की भूमिका पर गहन मंथन किया. इसमें न्यू इंडिया के औचित्य पर सवाल उठाया, साथ ही समाज से साहित्य , शिक्षा और कथाकार के साथ अटूट संबंधों को भी रेखांकित किया.


FVEVF


रचना और आलोचना पर मंथन का दौर विकास कुमार झा से शुरू हुआ. उन्होंने अपनी बातों को एक ट्रेन यात्रा के किस्से से जोड़ते हुए रखा. साथ ही कहा– बाज़ारवाद से वर्तमान समाज को बचाने और संजोने का कार्य साहित्य और कला द्वारा ही संभव है. इसके साथ ही उन्होंने सभागार में मौजूद युवाओं की बड़ी संख्या पर खुशी व्यक्त की.

सत्र में प्रसिद्ध कवि एवं निबंधकार उदयन बाजपेयी ने कहा कि साहित्य मनुष्य के उस अंतस को छूता है, जो बदलता नहीं है. समाज में जो बदलता हुआ दिख रहा है, उसमें कुछ चीज ऐसी होती है, जो यथावत रहती है. उन्होंने इस संदर्भ में महाकवि कालिदास की रचनाओं का उल्लेख किया. उन्होंने शिक्षा के लिए बजट में 2% देने दुःख व्यक्त किया. साथ ही न्यू इंडिया के औचित्य पर सवाल दागा.


इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज के दौर में फैशन और राजनीति इंडस्ट्री चाहती है कि सभी एक जैसे हो, एक जैसा सोचे और एक जैसा ही व्यवहार करें. जब ऐसा होगा, तो समाज खत्म हो जाएगा. उन्होंने इस संदर्भ में कैंसर का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि यह चीजें आपकी खूबियों को खत्म कर रही है. इसके अलावा उन्होंने कहा, समाज को कैंसर होने से रोकने का काम सिर्फ कला और साहित्य ही कर सकती है.


कथाकार अशोक ने कहा कि वैश्वीकरण के बाद हुए बदलावों, तकनीकी, सोशल मीडिया और एआई आदि का प्रभाव पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि पहले की तरह साहित्य और कला के प्रति समाज के रुझान में बदलाव हुआ है. अब वो लगाव और वो समझदारी नजर नहीं आती, जो होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बदलते सामाजिक दौर में भी साहित्य हमें दिशा देता है और जीवन को समझने की दृष्टि प्रदान करता है.


पत्रकार और लेखक पंकज चतुर्वेदी ने साहित्य को प्रकृति से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं को कालिदास जैसे क्लासिक साहित्यकारों को पढ़ने की सलाह दी. उन्होंने इस बात से इंकार किया कि साहित्य विनाश को रोक सकता है, बल्कि इसमें जोड़ा कि साहित्य किसी विनाश का गवाह हो सकता है, उसका आख्यान प्रस्तुत कर सकता है और उसके माध्यमों को चिन्हित कर सकता है. साहित्य उसे ही बदल सकता है, जो बदलने के लिए प्रस्तुत हो या बदलाव के लिए तैयार हो. उन्होंने भी न्यू इंडिया पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस भारत का सपना भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद और महात्मा गांधी ने देखा था क्या न्यू इंडिया उससे अलग बनाना चाहते हैं? क्या इसमे सत्य, अहिंसा और करुणा की जगह होगी? न्यू इंडिया के मूल्य क्या होंगे? उन्होंने वर्तमान भारत पर कवि कुंवर नारायण के कविता की चंद पंक्तियां भी पढ़ी.


ALSO READ : कैंट स्‍टेशन के यार्ड में मैसूर एक्‍सप्रेस की बोगी पटरी से उतरी, जनहानि से इन्‍कार


प्रसिद्ध हिंदी कवयित्री, कथाकार और उपन्यासकार ममता कालिया ने कहा कि भारतीय समाज परंपरा और नवीनता दोनों को साथ लेकर चलता है. उन्होंने साहित्य को बदलते मानवीय संबंधों का दर्पण बताया और कलाकार की दुनिया को रंगरेज़ की दुनिया बताया, उनके अनुसार भारत निरंतरता में विश्वास करता है जो परंपराएँ पहले थीं, वे भी हमारे साथ हैं और जो आज बन रही हैं, वे भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं. सत्र का संचालन इरफान ने किया.

वाराणसी में 14 साल की छात्रा से छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग का आरोप
वाराणसी में 14 साल की छात्रा से छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग का आरोप
वाराणसी: वाराणसी में 14 साल की छात्रा से छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है, छात्रा के पिता ने एक युवक पर बेटी को परेशान करने और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है. पिता का आरोप है कि बेटी ने जब स्कूल की प्रधानाचार्य से इसकी शिकायत की तो उसकी मदद करने के बजाय स्कूल प्रबंधन ने उसका नाम ही काट दिया, मामले की शिकायत पर अब पुलिस और संबंधित विभाग से कार्रवाई की मांग की गई है.परिजनों के मुताबिक, छात्रा के साथ आरोपी युवक कथित तौर पर काफी समय से छेड़छाड़ कर रहा था. आरोप है कि वह छात्रा को परेशान करने के साथ ही उसे ब्लैकमेल भी करता था, इससे छात्रा मानसिक रूप से परेशान हो गई. छात्रा ने हिम्मत जुटाकर स्कूल की प्रधानाचार्य को पूरे मामले की जानकारी दी और मदद की गुहार लगाई.छात्रा के पिता का आरोप है कि शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय छात्रा का नाम स्कूल से काट दिया. उनका कहना है कि बेटी पहले ही कथित छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग से परेशान थी, ऐसे में स्कूल से नाम काटे जाने से परिवार की मुश्किलें और बढ़ गईं.परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. साथ ही स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई है, उनका कहना है कि शिकायत करने वाली नाबालिग छात्रा को सुरक्षा और सहयोग मिलना चाहिए था.ALSO READ: वरुणा जोन में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की बड़ी समीक्षा बैठक, डीसीपी ने दिए सख्त निर्देशमामले में पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की पूरी सच्चाई सामने आएगी. नाबालिग छात्रा से जुड़े मामले को देखते हुए उसकी पहचान गोपनीय रखी जा रही है.
वरुणा जोन में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की बड़ी समीक्षा बैठक, डीसीपी ने दिए सख्त निर्देश
वरुणा जोन में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की बड़ी समीक्षा बैठक, डीसीपी ने दिए सख्त निर्देश
वाराणसी. अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए वरुणा जोन में पुलिस अधिकारियों की क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन ने की। इसमें जोन के सभी सहायक पुलिस आयुक्त, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।बैठक में अपराध की रोकथाम, लंबित विवेचनाओं, वांछित एवं वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी सहित कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। डीसीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाए।वांछित और इनामी अपराधियों पर कसें शिकंजाडीसीपी ने वांछित, वारंटी एवं पुरस्कार घोषित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही हत्या, लूट, चोरी, वाहन चोरी, नकबजनी जैसे गंभीर अपराधों वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां प्रभावी गश्त और चेकिंग बढ़ाने को कहा गया।विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण पर जोरलंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक मामले की विवेचना साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी की जाए। निर्धारित 60/90 दिवस की समयावधि में विवेचनाओं का निस्तारण सुनिश्चित करने तथा अनावश्यक रूप से मामलों को लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए गए। विवेचनाओं में ई-साक्ष्य के प्रभावी उपयोग और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को विधिक प्रक्रिया के अनुरूप सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया।ALSO READ : वाराणसी में रोपवे परियोजना के काम में तेजी, मंडलायुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षणएनडीपीएस और निरोधात्मक कार्रवाई पर विशेष जोरअवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने तथा पूरे नेटवर्क और मादक पदार्थों के स्रोत का पता लगाने के निर्देश दिए गए। अपराध की रोकथाम के लिए आपराधिक प्रवृत्ति वाले एवं संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित कर धारा 111 बीएनएसएस के तहत नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया।महिला-बाल सुरक्षा और जनशिकायतों को प्राथमिकतामहिला एवं बाल अपराधों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के साथ स्कूल-कॉलेज, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर प्रभावी पुलिस मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। थानों पर आने वाले फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनकर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया गया।बैठक में रात्रि गश्त, पैदल गश्त और संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की चेकिंग बढ़ाने के साथ आगामी त्योहारों एवं महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए।बैठक के अंत में पुलिस उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी पूरी निष्ठा, तत्परता और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करें।
वाराणसी में रोपवे परियोजना के काम में तेजी, मंडलायुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षण
वाराणसी में रोपवे परियोजना के काम में तेजी, मंडलायुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षण
वाराणसी. में निर्माणाधीन रोपवे परियोजना को जल्द पूरा करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने गोदौलिया, गिरजाघर और रथयात्रा सहित विभिन्न रोपवे स्टेशनों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था, आर्ट वर्क और फिनिशिंग कार्यों का जायजा लिया।मंडलायुक्त ने गोदौलिया स्टेशन पर बोर्डिंग-डिबोर्डिंग के लिए चल रहे निर्माण कार्य को देखा। वहीं गिरजाघर स्टेशन पर बन रहे कंट्रोल रूम की प्रगति की जानकारी ली। रथयात्रा स्टेशन पर भी निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं से परियोजना के अलग-अलग हिस्सों की जानकारी लेते हुए कहा कि गोदौलिया, गिरजाघर समेत सभी स्टेशनों के बचे हुए कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। साथ ही नियमित स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करने और निर्माण में आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।मंडलायुक्त ने कहा कि रोपवे परियोजना वाराणसी की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और शहर में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया।ALSO READ : ऐढ़े में बनेगा आधुनिक पशु अस्पताल, खुशहाल नगर में बुजुर्गों के लिए बनेगी इंटरलॉकिंग सड़कगौरतलब है कि वाराणसी रोपवे परियोजना के तहत कैंट स्टेशन से रथयात्रा तक का कार्य पूरा हो चुका है। रथयात्रा से आगे के स्टेशनों पर अलाइनमेंट चेक का कार्य जारी है। परियोजना को नवंबर तक पूरा करने के लक्ष्य के साथ अंतिम तैयारियां तेजी से चल रही हैं।निरीक्षण के दौरान वाराणसी रोपवे की परियोजना निदेशक पूजा मिश्रा समेत रोपवे के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।