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बनारस लिटरेचर फेस्ट–4: डॉ. नीरजा माधव के ‘राइडिंग द टाइगर’ पर बौद्धिक संवाद”

बनारस लिटरेचर फेस्ट–4: डॉ. नीरजा माधव के ‘राइडिंग द टाइगर’ पर बौद्धिक संवाद”
Feb 01, 2026, 11:21 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : बनारस लिटरेचर फेस्टिवल–4 के तीसरे एवं अंतिम दिन रविवार को ताज गंगेज स्थित ज्ञान गंगा मंच (दरबार हॉल) बौद्धिक विमर्श की उजास से आलोकित हो उठा. अवसर था प्रख्यात लेखिका एवं साहित्यकार डॉ. नीरजा माधव के चर्चित उपन्यास ‘राइडिंग द टाइगर : शोध छात्र की डायरी’ पर केंद्रित संवाद सत्र का, जिसमें विश्वविद्यालयी जीवन की अंतर्धाराओं को विचारों की रोशनी में पढ़ा और परखा गया.


इस संवाद में प्रसिद्ध साहित्यकार एवं आलोचक प्रोफेसर सुरेंद्र प्रताप सिंह तथा हिंदी साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर प्रोफेसर इंदीवर ने उपन्यास के विविध पक्षों पर गंभीर दृष्टि डाली। सत्र का कुशल संचालन विशाल ने किया. आरंभ में बनारस लिट् फेस्ट के अध्यक्ष डॉ. दीपक मधोक ने मंचस्थ अतिथियों का सम्मान कर संवाद की गरिमामय शुरुआत की.इस अवसर पर श्रीमती भारती मधोक की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही.


संवाद सत्र में सर्वप्रथम लेखिका डॉ. नीरजा माधव ने उपन्यास की रचना–भूमि स्पष्ट करते हुए कहा कि आज का युवा दो स्पष्ट वर्गों में विभक्त दिखाई देता है. एक, जो पुश्तैनी दायित्वों को निभाने में संलग्न है, और दूसरा, जो सपनों की गठरी कंधे पर उठाए विश्वविद्यालयों की देहरी लांघता है. किंतु प्रवेश के साथ ही उसके सम्मुख चुनौतियां, असंतोष, आक्रोश और भविष्य की अनिश्चितता आकार लेने लगती है.उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद रोजगार को लेकर आश्वस्त न हो पाना आज के छात्र की सबसे बड़ी त्रासदी है.


उन्होंने कहा कि यद्यपि यह उपन्यास काशी हिन्दू विश्वविद्यालय को केंद्र में रखकर रचा गया है, किंतु वह किसी एक संस्था या एक छात्र की कथा नहीं, बल्कि देश–विदेश के विश्वविद्यालयों में पल रही व्यापक छात्र–चेतना का प्रतीकात्मक आख्यान है। इसमें विश्वविद्यालय के आंतरिक परिदृश्य, राजनीतिक हलचलों और वैश्विक संदर्भों को समेटने का ईमानदार प्रयास किया गया है.

प्रोफेसर इंदीवर ने उपन्यास पर अपने विचार रखते हुए कहा कि इसे पढ़ते हुए उन्हें निरंतर कौतूहल और विस्मय का अनुभव हुआ. यह कृति आज के विश्वविद्यालयों में घटित यथार्थ का निर्भीक और बिना आवरण का चित्र प्रस्तुत करती है। उन्होंने रेखांकित किया कि विश्वविद्यालय केवल ज्ञान का परिमार्जन नहीं करता, बल्कि युवा व्यक्तित्व का निर्माण करता है, उसके भविष्य की रूपरेखा गढ़ता है और इस प्रक्रिया में संस्थान तथा विद्यार्थी, दोनों की समान भूमिका होती है.

वहीं प्रोफेसर सुरेंद्र प्रताप सिंह ने इसे हिंदी साहित्य में एक विरल उपलब्धि बताते हुए कहा कि संभवतः यह पहला ऐसा हिंदी उपन्यास है, जिसने बीएचयू को प्रतीक बनाकर समूचे विश्वविद्यालयी तंत्र को उद्घाटित किया है. इस कृति के माध्यम से पाठक न केवल शैक्षणिक परिवेश, बल्कि देश–दुनिया के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य को भी समझने की कोशिश करता है.

उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. नीरजा माधव ने अपने विशिष्ट लेखकीय साहस और ईमानदारी के साथ व्यवस्था की विसंगतियों पर चोट की है.साथ ही यह संकेत भी दिया कि हमारे समाज में लिंग–भेद की जड़ें अब काफी हद तक कमजोर हुई हैं, जिसकी स्पष्ट झलक समकालीन लेखन, साहित्य और कला के क्षेत्र में दिखाई देती है.


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कुल मिलाकर, ‘राइडिंग द टाइगर’ न केवल एक उपन्यास है, बल्कि विश्वविद्यालयी जीवन की धड़कनों, संघर्षों और स्वप्नों का सशक्त दस्तावेज़ भी है जिसे बनारस लिट् फेस्ट–4 ने विचारोत्तेजक संवाद के माध्यम से पाठकों के समक्ष जीवंत कर दिया.

BHU में 7 साल पुराने जबड़े के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, पैर की हड्डी से बनाया नया जबड़ा
BHU में 7 साल पुराने जबड़े के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, पैर की हड्डी से बनाया नया जबड़ा
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय की ओरल एवं मैक्सिलोफेसियल सर्जरी (OMFS) इकाई ने जटिल सर्जरी कर 35 वर्षीय युवक को नई जिंदगी दी। युवक के निचले जबड़े में करीब सात वर्षों से एमेलोब्लास्टोमा ट्यूमर था, जिसके कारण उसके चेहरे की बनावट पूरी तरह बिगड़ गई थी। चिकित्सकों ने ट्यूमर से प्रभावित जबड़े को निकालकर मरीज के पैर की फिबुला हड्डी से नया जबड़ा तैयार किया।लखीमपुर खीरी निवासी युवक लंबे समय से चेहरे की असमानता से परेशान था। सामाजिक रूप से असहज महसूस करने के कारण वह लोगों के बीच जाने से भी हिचकिचाता था। कई जगह उपचार कराने के बावजूद स्थायी राहत नहीं मिलने पर उसे BHU में इलाज की सलाह दी गई।मरीज ने प्रो. अखिलेश कुमार सिंह की OPD में चेहरे पर सूजन और निचले जबड़े में असमानता की शिकायत के साथ संपर्क किया। जांच में निचले जबड़े में बड़ा एमेलोब्लास्टोमा पाया गया, जिसने जबड़े की सामान्य संरचना और चेहरे के आकार को काफी प्रभावित कर दिया था।करीब आठ घंटे चली जटिल सर्जरी में ट्यूमर से पूरी तरह प्रभावित निचले जबड़े के हिस्से को निकाल दिया गया। इसके बाद मरीज के दाहिने पैर से फिबुला हड्डी निकालकर उसे जबड़े के आकार में तैयार किया गया। माइक्रोवैस्कुलर तकनीक की मदद से फिबुला की रक्त वाहिकाओं को गर्दन की रक्त वाहिकाओं से जोड़ा गया, जिससे नए जबड़े में रक्त संचार स्थापित किया जा सके। इस प्रक्रिया को माइक्रोवैस्कुलर फ्री फिबुला फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन कहा जाता है।ALSO READ: तिरंगा यात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, भाजपा महानगर कार्यालय में जनप्रतिनिधियों की बैठकसर्जरी का नेतृत्व OMFS इकाई के प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने किया। टीम में प्रो. नरेश कुमार शर्मा, डॉ. श्वेता, डॉ. आशुतोष आर्या, डॉ. अंशु और डॉ. पूनम यादव शामिल रहीं। एनेस्थीसिया विभाग से प्रो. यशपाल सिंह, डॉ. तनवी आनंद और डॉ. दीपक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।ऑपरेशन BHU ट्रॉमा सेंटर के OMFS ऑपरेशन थिएटर में किया गया। सर्जरी के बाद मरीज के चेहरे की बनावट और समानता लगभग सामान्य हो गई है। उसके पैर में किसी तरह की महत्वपूर्ण कमजोरी नहीं है और वह सामान्य रूप से चल-फिर रहा है। लंबे समय से चेहरे की विकृति के कारण सामाजिक असहजता झेल रहे मरीज में अब आत्मविश्वास भी लौटा है।दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय के प्रमुख प्रो. एच.सी. बरनवाल ने इस जटिल और सफल शल्यक्रिया के लिए पूरी चिकित्सकीय टीम को बधाई दी।
तिरंगा यात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, भाजपा महानगर कार्यालय में जनप्रतिनिधियों की बैठक
तिरंगा यात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, भाजपा महानगर कार्यालय में जनप्रतिनिधियों की बैठक
वाराणसी: आगामी तिरंगा यात्रा को भव्य, ऐतिहासिक और प्रभावी बनाने की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी महानगर की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को गुलाब बाग स्थित महानगर कार्यालय में हुई.महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों और पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया.बैठक में तिरंगा यात्रा की तैयारियों, संगठनात्मक सहभागिता, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और यात्रा को व्यापक जनसहभागिता से जोड़ने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए यात्रा को सफल बनाने का संकल्प लिया.महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता, गौरव, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है. काशी की पावन धरती से निकलने वाली तिरंगा यात्रा राष्ट्र के प्रति समर्पण और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का काम करेगी.उन्होंने कहा कि यात्रा में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी. पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और युवा शक्ति मिलकर इसे जन-जन का अभियान बनाएंगे. उन्होंने कार्यकर्ताओं से व्यापक जनसंपर्क कर अधिक से अधिक लोगों को यात्रा से जोड़ने का आह्वान किया.तिरंगा यात्रा के महानगर संयोजक मधुकर चित्रांश ने यात्रा की तैयारियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी. साथ ही विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर पदाधिकारियों के साथ समन्वय किया गया.ALSO READ:ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी सफलता दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का नामजद आरोपी गिरफ्तारबैठक में क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया, जिला अध्यक्ष राम सकल पटेल, आयुष राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', महापौर अशोक कुमार तिवारी, प्रदेश राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक धर्मेंद्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक नीलकंठ तिवारी समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने तिरंगा यात्रा को राष्ट्रभक्ति, एकता और जनभागीदारी का भव्य उत्सव बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटने का संकल्प लिया.
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी सफलता दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का नामजद आरोपी गिरफ्तार
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी सफलता दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का नामजद आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी: कमिश्नरेट की थाना लोहता पुलिस ने युवती के साथ दुष्कर्म करने, अश्लील सामग्री भेजकर ब्लैकमेल करने और पैसे ऐंठने के गंभीर मामले में वांछित चल रहे नामजद अभियुक्त को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपी को मुढैला तिराहे के पास से धर दबोचा.वाराणसी पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत, सहायक पुलिस आयुक्त रोहनियां के नेतृत्व में लोहता पुलिस टीम को यह सफलता मिली.यह पूरा मामला 5 अगस्त 2026 का है, जब पीड़िता ने थाना लोहता पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत दी थी. शिकायत में बताया गया था कि अभियुक्त ने उसके साथ दुष्कर्म किया, मोबाइल पर अश्लील सामग्री भेजी, जान से मारने की धमकी दी और ब्लैकमेल करते हुए अवैध पैसों की मांग की. पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान संदीप कुमार मौर्या (उम्र करीब 28 वर्ष), पुत्र राजनारायण मौर्या, निवासी ग्राम कनक सराय, थाना कछवा, जनपद मिर्जापुर के रूप में हुई है. आरोपी के खिलाफ मु०अ०सं० 231/2026, धारा 64(1), 351(3), 308(2) बीएनएस (BNS) एवं 67 आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है.ALSO READ:पत्थर से हमला कर साड़ी कारीगर की हत्या दो घायल वारदात के बाद इलाके में मचा हड़कंप...इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में लोहता थानाध्यक्ष दिगम्बर उपाध्याय, उप-निरीक्षक अतुल कुमार सिंह, कांस्टेबल रत्नेश राय और रिक्रूट कांस्टेबल दुर्गेश कुमार यादव शामिल रहे.पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है.