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बरेका में कार्मिक विभाग और कर्मचारी परिषद के बीच समन्वय बैठक

बरेका में कार्मिक विभाग और कर्मचारी परिषद के बीच समन्वय बैठक
Aug 26, 2026, 10:35 AM
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Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी. बनारस रेल इंजन कारखाना में बुधवार को प्रशासन भवन स्थित कीर्ति कक्ष में कार्मिक विभाग और कर्मचारी परिषद के बीच समन्वय बैठक आयोजित की गई। प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, समस्याओं और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई।


बैठक में कर्मचारी परिषद के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न विषयों को प्रमुखता से उठाया। कार्मिक विभाग ने परिषद द्वारा रखे गए बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित शंकाओं का समाधान किया और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।


बैठक का उद्देश्य प्रशासन और कर्मचारियों के बीच संवाद एवं समन्वय को मजबूत करना तथा कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों का समाधानपरक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना रहा। इस दौरान कर्मचारियों की सुविधाओं, कल्याण और सेवा संबंधी विषयों पर भी चर्चा हुई।


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बैठक में उप मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री समीर पॉल, वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी श्री राजकुमार गुप्ता, वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी श्री एम. ए. अंसारी, सहायक कार्मिक अधिकारी श्री पीयूष मिंज, कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव श्री प्रदीप कुमार यादव तथा परिषद के सदस्य श्री अमित कुमार, श्री संतोष कुमार यादव, श्री नवीन कुमार सिन्हा और श्री सुशील कुमार सिंह सहित कार्मिक विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।


सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न बैठक में कर्मचारियों से जुड़े विषयों के समाधान के लिए आपसी संवाद, समन्वय और सहयोग को आगे भी जारी रखने पर जोर दिया गया।


गांडीव इंपैक्ट: 488 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में बदल गए जांच अधिकारी, अब एसीपी करेंगे मामले की जांच
गांडीव इंपैक्ट: 488 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में बदल गए जांच अधिकारी, अब एसीपी करेंगे मामले की जांच
वाराणसीः 488 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस की नियत को गांडीव डिजिटल के बेनकाब करने के बाद पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल की त्योरी चढ़ गई. उन्होंने पूरे मामले को संज्ञान लेते हुए जांच अधिकारी को बदल दिया. वाराणसी समेत देश के कई इलाके के लोगों के साथ हुई ठगी के इस मामले की जांच अब एसीपी साइबर क्राइम (सारनाथ) विनय कुमार करेंगे. इसके पहले जांच अधिकारी साइबर क्राइम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह रहे. जांच अधिकारी बदलने के बाद इस केस में क्या प्रगति आएगी यह तो आने वाले वक्त ही बताएगा.पीड़ितों ने विवेचक पर लगाए गंभीर आरोपगांडीव डिजिटल में खबर चलने के बाद मेडालिओन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड पर ठगी का आरोप लगाने वाले पीड़ितों ने पुलिस कमिश्नर को पत्र सौंपा. इसमें महेश प्रसाद ने बताया कि प्रकरण से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य उसके पास हैं. मेडेलियन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड के से जुड़े आनंद पांडे के माध्यम से कंपनी पर विश्वास करते हुए मार्च 2026 में दो लाख रुपये का निवेश किया था. कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद साक्ष्य को विवेचक उदयवीर के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए साइबर थाना जाता है, तो उसकी शिकायत एवं साक्ष्यों को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है. प्रार्थी को वर्तमान विवेचना के संबंध में गंभीर एवं वास्तविक आशंका उत्पन्न हो गई है कि वर्तमान विवेचक निष्पक्ष एवं स्वतंत्र रूप से विवेचना करने के स्थान पर कंपनी से जुड़े व्यक्तियों के प्रभाव में आकर मामले को समाप्त/रफादफा करना चाह रहे हैं. प्रार्थी को यह आशंका इसलिए भी है कंपनी से जुड़े व्यक्ति बार-बार थाने पर आकर विवेचना में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप करते दिखाई दे रहे हैं,पुलिस ने अभी तक नहीं किया किसी को गिरफ्तारसाइबर क्राइम पुलिस को 488 करोड़ रुपये के आर्थिक अपराध के मामले में सत्यजीत कुमार, कृष्ण गौर, राहुल देव रजक, आनंद पांडेय, अजीत पांडेय की तलाश ही. हालांकि साइबर क्राइम थाना में मुकदमा अज्ञात के खिलाफ दर्ज है लेकिन इनमें से एक आरोपित वाराणसी के बृजइंक्लेव कालोनी में रहने वाले आनंद पांडेय ने स्थानीय अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र भी दे दिया. साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इसका विरोध किया और इसे मामले संलिप्त बताया. अदालत ने उसकी जमानत अर्जी को खारिज भी कर दिया.अज्ञात के खिलाफ दर्ज है मुकदमा488 करोड़ रुपये की ठगी में शामिल कई लोगों के नाम सामने आ चुके हैं लेकिन वाराणसी की साइबर क्राइम थाना पुलिस के हाथ अभी उनके गिरेबां तक नहीं पहुंचे हैं. इस मामले में 45 दिन पहले अजीबो-गरीब तरीके का मुकदमा दर्ज किया था. वादी की ओर से तहरीर में आरोपितों के नाम देने के बावजूद मुकदमा अज्ञात के खिलाफ लिखा गया. किसी की गिरफ्तारी करने की बजाय पुलिस अभी तक सिर्फ केस डायरी भर रही है. इस मामले में कानून के लंबे हाथ छोटे हो जाने की वजह लेन-देन होने की खूब चर्चा हो रही.पुलिस की हीला-हवाली का गांडीव डिजिटल ने किया खुलासादिल्ली आधारित कंपनी मेडालिओन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड पर ठगी के आरोप के मामले में हो रही जांच में पुलिस की हीला-हवाली का खुलासा गांडीव डिजिटल ने किया था. बीते पांच जुलाई को वाराणसी के नागरी नाटक मंडली में अपना छठवां स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया था. इसमें मेयर अशोक तिवारी, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल समेत कई गणमान्य लोगों को अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था. कार्यक्रम शुरू ही हुआ था कि तभी कुछ निवेशक वहां पहुंचे और कंपनी के संचालकों पर फ्राड का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे. पुलिस ने पूरे कार्यक्रम को रुकवा दिया और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया था. लखनऊ के गोमती नगर के विभव खंड निवासी निवेशक मानवेंद्र तिवारी ने साइबर क्राइम थाना में कंपनी के संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया.ALSO READ : गौशाला में नौकर ने फांसी लगाकर दी जान, पुलिस जांच में जुटीपुलिस की केस डायरी में दर्ज है कंपनी का बड़ा खेलइस मामले में जांच करने वाले अधिकारी उदयवीर ने जो केस डायरी तैयार की है उसमें पूरा मामला 488 करोड़ का बताया है. केस डायरी के मुताबिक कंपनी से 18,580 लोग जुड़े थे. इनमें से 3750 सक्रिय रहे. कंपनी के कंप्यूटर से मिली जानकारी के अनुसार कंपनी ने कुल 488 करोड़ से अधिक की धनराशि एकत्र किया है जबकि निकासी बहुत कम हुई है. जो निवेशकों के रुपयों के गबन की ओर इशारा करता है. पुलिस की केस डायरी के अनुसार श्री मेडालिओन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी (सीइओ सत्यजीत कुमार द्वारा आभूषण व्यवसाय की आड़ में बड़ा मल्टीलेवल मार्केटिंग, पोजी व पिरामिड स्कीम चलाजा रहा है. कंपनी द्वारा आम जनता को आकर्षित करने के लिए अनुचित-अवास्तविक लाभ, कैशबैक और विदेश यात्रा का प्रलोभन दिया जा रहा है. कंपनी दस हजार की ज्वेलरी आनलाइन बुक कराने पर 20 महीने में 55 हजार कैशबैक, एक लाख दस हजार गोल्ड फंड देने का दावा करती है. पिरामिड व बाइनरी स्ट्रक्चर योजना में दो कस्टमर बाएं और दाएं बनाने का नियम लागू किया गया था. इनको डायरेक्ट बोनस, मैचिंग बोनस, फ्लैगशिप बोनस और रिवार्ड बोनस के जरिए आय दर्शाया गया था. कंपनी के लिए कस्टमर लाने वालों को पांच लाख से 250 करोड़ रुपये के टर्न ओवर, बिजनेस ट्रिप, कार, विला और फार्म हाउस जैसे बड़े-बड़े पुरस्कार देने का वादा किया गया था.
गौशाला में नौकर ने फांसी लगाकर दी जान, पुलिस जांच में जुटी
गौशाला में नौकर ने फांसी लगाकर दी जान, पुलिस जांच में जुटी
वाराणसी : शिवपुर थानांतर्गत परमानंदपुर क्षेत्र में एक नौकर ने गौशाला के टीन शेड में फांसी लगाकर जान दे दी. मकान मालिक की सूचना के बाद पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेते हुए अग्रिम कार्रवाई में जुट गई. मिली जानकारी के अनुसार परमानंदपुर निवासी सीआरपीएफ से सेवानिवृत शिव शंकर पांडेय अपने तीन तल के मकान के परिसर में ही एक ओर टीन शेड लगाकर गौशाला बनाए हुए हैं. करीब 20 दिन पूर्व उन्होंने बिहार के मधेपुरा निवासी सनोज शर्मा को अपने यहां गौशाला में गाय की सेवा कार्य करने के लिए नौकरी पर रखा था.शिव शंकर पांडेय ने बताया कि बुधवार की सुबह मृतक सनोज प्रतिदिन की भांति गाय को चारा देते हुए दूध लगाने वाले परमानंद पुर निवासी रामाशंकर के साथ मिलकर काम किया. जब मैं उसे नाश्ते के लिए खोजते-खोजते गौशाला के समीप पहुंचा तो देखा मृतक गाय को बांधने वाली रस्सी के सहारे टीन शेड के एंगल में फंदा लगाकर लटका हुआ था. पुलिस मामले की जांच कर रही है.ALSO READ : बारावफात जुलूस में फर्जी पास पर पुलिस का शिकंजा, कई वाहन रोके, पैदल भेजे गए लोगवरुणा नदी में मिला 45 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति का शव, शिनाख्त में जुटी पुलिसलोहता थाना क्षेत्र के ग्राम टडिया में बुधवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई जब वरुणा नदी के किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला. जानकारी के अनुसार दोपहर करीब एक बजे ग्राम प्रधान टडिया द्वारा सूचना दी गई कि वरुणा नदी के किनारे एक शव पड़ा है. सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी कोटवां सहित थानाध्यक्ष दिगम्बर उपाध्याय मय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. मौके पर ग्रामीणों व राहगीरों की भीड़ एकत्र हो गई. पुलिस ने शव को सुरक्षित नदी से बाहर निकलवाया. पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों व आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ कर मृतक की शिनाख्त का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली. मृतक की पुलिस द्वारा जामा तलाशी लेने पर उसके पास से बंद हालत में एक कीपैड मोबाइल फोन और फूलमनी पत्नी रामधनी, निवासी बरजी, नयेपुर, वाराणसी का आधार कार्ड बरामद हुआ है. पुलिस आधार कार्ड के आधार पर मृतक की शिनाख्त करने का प्रयास कर रही है.
बारावफात जुलूस में फर्जी पास पर पुलिस का शिकंजा, कई वाहन रोके, पैदल भेजे गए लोग
बारावफात जुलूस में फर्जी पास पर पुलिस का शिकंजा, कई वाहन रोके, पैदल भेजे गए लोग
वाराणसी : पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिवस के मौके पर वाराणसी के रेवड़ी तालाब से निकलने वाले बारावफात जुलूस को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सख्‍त रूख अपनाया. सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर चौकन्‍ना प्रशासन ने इस वर्ष जुलूस में सीमित संख्या में वाहनों को ही अनुमति दी है और अधिकृत वाहनों के लिए विशेष पास जारी किए गए. इसके बावजूद बिना अनुमति और कथित फर्जी पास के जरिए कुछ वाहनों के जुलूस में शामिल होने की सूचना पर एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार के नेतृत्व में होटल ब्रॉडवे के पास वाहनों की चेकिंग शुरू की गई.पुलिस टीम ने जुलूस में शामिल वाहनों को जारी सूची और पास के आधार पर चेक किया. चेकिंग के दौरान कुछ ऐसे वाहन मिले जिनके नंबर अधिकृत सूची में नहीं थे. पुलिस ने इन वाहनों को मौके पर रोक दिया और उनमें सवार लोगों को वाहन से उतरकर पैदल आगे जाने को कहा. पुलिस की चेकिंग लगातार जारी रही. जुलूस के मार्ग पर होटल ब्रॉडवे के पास पुलिसकर्मी वाहनों की सूची लेकर तैनात हैं. वाहनों के नंबर और पास का मिलान करने के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया जा रहा है. जिन वाहनों का नंबर सूची में नहीं है, उन्हें वहीं रोक दिया गया.ALSO READ : बरेका में कार्मिक विभाग और कर्मचारी परिषद के बीच समन्वय बैठकरेवड़ी तालाब से निकलने वाला मदहे सहाबा जुलूस प्रमुख धार्मिक जुलूसों में शामिल है. पिछले वर्षों में इसमें बड़ी संख्या में चार पहिया वाहन शामिल होते थे. इस बार प्रशासन ने वाहनों की संख्या सीमित रखने का फैसला किया है. जुलूस का मार्ग श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के सामने से भी गुजरता है. सावन के दौरान काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने भीड़, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए वाहनों की संख्या सीमित की है.