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राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन में बरेका का परचम, प्रथम पुरस्कार से सम्मानित

राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन में बरेका का परचम, प्रथम पुरस्कार से सम्मानित
Dec 26, 2025, 12:57 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका), वाराणसी ने राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट, सृजनात्मक एवं प्रभावी कार्यान्वयन के क्षेत्र में एक और स्वर्णिम उपलब्धि अपने नाम की है. रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड द्वारा संचालित रेल मंत्री राजभाषा शील्ड/ट्रॉफी एवं चल वैजयंती पुरस्कार योजना (आधार वर्ष 2024) के अंतर्गत बरेका को आदर्श उत्पादन इकाई की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया.

रेलवे बोर्ड के राजभाषा निदेशालय द्वारा, यह प्रतिष्ठित सम्मान वर्ष 2024 के दौरान बरेका द्वारा हिंदी में किए गए उल्लेखनीय, गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी कार्यों के लिए प्रदान किया गया है. पुरस्कार स्वरूप बरेका को रेल मंत्री राजभाषा शील्ड के साथ 14 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई.


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यह सम्मान आज अपराह्न 3:30 बजे, रेल भवन स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित रेलवे बोर्ड राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक के दौरान रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश कुमार द्वारा प्रदान किया गया. पुरस्कार बरेका के महाप्रबंधक सोमेश कुमार तथा मुख्य राजभाषा अधिकारी राम जन्म चौबे ने प्राप्त किया.

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बरेका के महाप्रबंधक सोमेश कुमार ने समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह पुरस्कार बरेका में राजभाषा हिंदी के निरंतर प्रयोग, प्रोत्साहन और प्रभावी कार्यान्वयन का सशक्त प्रमाण है. यह सम्मान भविष्य में हिंदी को कार्य-भाषा के रूप में और अधिक सुदृढ़ एवं व्यापक बनाने के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा.

बरेका परिवार ने इस उपलब्धि को सामूहिक प्रयासों, प्रतिबद्धता और सकारात्मक कार्यसंस्कृति का परिणाम बताते हुए राजभाषा नीति के प्रति अपनी अटूट निष्ठा एवं सतत् प्रयासों को दोहराया है.

दालमंडी में लंगड़ा हाफिज मस्जिद का कुछ हिस्‍सा कमेटी ने शुरू कराया तोड़ना, अंतिम चरण में परियोजना...
दालमंडी में लंगड़ा हाफिज मस्जिद का कुछ हिस्‍सा कमेटी ने शुरू कराया तोड़ना, अंतिम चरण में परियोजना...
वाराणसी : दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत सोमवार को लंगड़ा हाफिज मस्जिद परिसर में चिन्हित निर्माण हटाने का कार्य शुरू हुआ. प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच सहमति बनने के बाद कमेटी ने स्वयं मजदूरों के माध्यम से ध्वस्तीकरण कराया. इससे पहले प्रभावित 24 दुकानों को खाली कराकर नई दुकानों का निर्माण भी शुरू किया गया है, जहां व्यापारियों को स्थानांतरित किया जाएगा. प्रशासन ने पहले मस्जिद के प्रभावित हिस्से को चिन्हित किया था, जिसके बाद कई दौर की वार्ता हुई.इससे पहले करीमुल्ला बेग, निसारन, अली रजा खान, संगमरमर और रंगीले शाह मस्जिद की कमेटियां भी सड़क चौड़ीकरण में सहयोग करते हुए प्रभावित हिस्से हटा चुकी हैं. प्रशासन का कहना है कि परियोजना आपसी सहमति से आगे बढ़ाई जा रही है ताकि विकास कार्य समय पर पूरा हो सके. जानकारों का कहना है कि दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना अंतिम चरण में पहुंच गई है. अब केवल सात निर्माण हटाए जाने शेष हैं, जिनमें लंगड़ा हाफिज मस्जिद भी शामिल है. प्रशासन के अनुसार मस्जिद का कुछ हिस्सा मस्जिद कमेटी से जुड़े लोग स्वयं हटवा रहे हैं, जबकि शेष छह निर्माणों को पुलिस प्रशासन की निगरानी में जल्द ध्वस्त किया जाएग.अभियान के दौरान दो भवनों का ध्वस्तीकरण किया गया. इसके साथ ही एक दिन पहले तोड़े गए भवनों के बचे हुए हिस्सों को भी भारी मशीनों की मदद से हटाया गया. ध्वस्तीकरण के साथ-साथ मलबा हटाने का कार्य भी लगातार जारी है, ताकि सड़क निर्माण में किसी प्रकार की बाधा न आएदालमंडी चौड़ीकरण योजना के तहत कुल 187 निर्माण चिह्नित किए गए थे, जिनमें छह मस्जिदें भी शामिल हैं. अधिकांश निर्माण हटाए जा चुके हैं और अब परियोजना अपने अंतिम चरण में है.ALSO READ:हैरान कर देगा एटीएम से कैश उड़ाने का शातिराना अंदाज, छह ठग गिरफ्तार...प्रशासन का कहना है कि अभियान पूरा होने के बाद सड़क निर्माण का कार्य तेजी से शुरू कराया जाएगा. परियोजना के तहत 17.4 मीटर चौड़ाई में आधुनिक सड़क विकसित की जानी है. इसमें दोनों ओर पांच-पांच मीटर चौड़ी सड़क, 3.2-3.2 मीटर चौड़े फुटपाथ तथा दोनों तरफ आधा-आधा मीटर चौड़ी नालियों का निर्माण होगा. इसके अलावा बिजली, पेयजल और अन्य जनसुविधाओं की लाइनें फुटपाथ के नीचे भूमिगत की जाएंगी, जिससे भविष्य में बार-बार सड़क खोदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और यातायात भी बाधित नहीं होगा. पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि इसी महीने के अंत तक सड़क निर्माण शुरू करने की तैयारी है. इसके लिए पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है. ध्वस्तीकरण और मलबा हटाने का कार्य समानांतर रूप से चल रहा है, ताकि निर्माण कार्य बिना विलंब के शुरू कराया जा सके.
नरसिंह दास चौथी बार निर्विरोध उपसभापति निर्वाचित, बोले- शहर की जनसमस्याओं का समाधान पहली प्राथमिकता
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वाराणसी : नगर निगम की कार्यकारिणी में सोमवार को हुए उपसभापति के चुनाव में नरसिंह दास निर्विरोध चुन लिए गए. इससे पहले वह जुलाई 2024, जुलाई 2018 तथा दिसंबर 2020 में भी उपसभापति रह चुके हैं. इस प्रकार वार्ड नं. 96 (दशाश्वमेध) के पार्षद नरसिंह चौथी बार उपसभापति चुने गए हैं. सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी के सभागार में महापौर अशोक तिवारी की अध्यक्षता में उपसभापति के चुनाव की प्रक्रिया सोमवार दोपहर 12. 40 बजे शुरू हुई. इस दौरान महापौर ने कार्यकारिणी के सदस्यों से उपसभापति पद के प्रत्याशी के लिए प्रस्ताव मांगे.वार्ड नं 28 ( सरायनंदन) के पार्षद मदनमोहन तिवारी ने उपसभापति पद के लिए नरसिंह दास के नाम का प्रस्ताव रखा. इसका अनुमोदन कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने मेज थपथपा कर किया. इसके बाद महापौर ने उपसभापति पद पर नरसिंह दास के निर्विरोध निर्वाचित होने की घोषणा की. पटेल बिरादरी से आने वाले नरसिंह दास नगर निगम के सबसे वरिष्ठ और अनुभवी पार्षदों में गिने जाते हैं. नव-निर्वाचित उपसभापति नरसिंह दास ने कहा कि कहा कि पार्टी का भरोसा मेरे ऊपर रहा जो चौथी बार मुझे उपसभापति बनाया गया है. मेरी जिम्मेदारी है कि मै सभी पार्षदों को एक साथ लेकर चलूंगा. मेरी पहली प्राथमिकता है कि शहर में जनता को कोई समस्या न हो.Also read : सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह 29 जुलाई को, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी अध्यक्षतामैं सभी पार्षदों को साथ लेकर निष्पक्ष व ईमानदारी से कार्य करूंगा ताकि शहर की जनता को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े. संचालन संयुक्त नगर आयुक्त कृष्ण चंद ने किया. बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, कार्यकारिणी सदस्यों में प्रवीण राय, मदन मोहन तिवारी, अशोक मौर्या, माधुरी सिंह, सुशीला, इंद्रारानी, राजकपूर चौधरी, गोविंद प्रसाद सिंह, संजय कुमार केशरी, बलराम कन्नौजिया, संदीप रघुवंशी सहित अन्य उपस्थित रहे.
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह 29 जुलाई को, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी अध्यक्षता
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वाराणसी: सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह 29 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय के मुख्य भवन में आयोजित किया जाएगा। समारोह का शुभारंभ सुबह 9 बजे होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी।दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि भारत के प्रख्यात वैज्ञानिक, पद्मभूषण सम्मानित एवं भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (NSA) के अध्यक्ष प्रो. आशुतोष शर्मा होंगे। वे स्नातकों को संबोधित करते हुए दीक्षांत भाषण देंगे और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित करेंगे।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि समारोह में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के उपाधिधारियों को डिग्रियां एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और अन्य सम्मान भी दिए जाएंगे।विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार की माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गुलाब देवी समारोह में शामिल होंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और इसे गरिमामय एवं भव्य रूप देने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।Also read : हैरान कर देगा एटीएम से कैश उड़ाने का शातिराना अंदाज, छह ठग गिरफ्तार...सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय देश के प्रमुख संस्कृत विश्वविद्यालयों में शामिल है। वर्ष 1791 में संस्कृत पाठशाला के रूप में स्थापित इस संस्थान ने भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विश्वविद्यालय का यह 44वां दीक्षांत समारोह शिक्षा, संस्कृति और शोध की समृद्ध परंपरा का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।