राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन में बरेका का परचम, प्रथम पुरस्कार से सम्मानित

वाराणसी - बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका), वाराणसी ने राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट, सृजनात्मक एवं प्रभावी कार्यान्वयन के क्षेत्र में एक और स्वर्णिम उपलब्धि अपने नाम की है. रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड द्वारा संचालित रेल मंत्री राजभाषा शील्ड/ट्रॉफी एवं चल वैजयंती पुरस्कार योजना (आधार वर्ष 2024) के अंतर्गत बरेका को आदर्श उत्पादन इकाई की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया.
रेलवे बोर्ड के राजभाषा निदेशालय द्वारा, यह प्रतिष्ठित सम्मान वर्ष 2024 के दौरान बरेका द्वारा हिंदी में किए गए उल्लेखनीय, गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी कार्यों के लिए प्रदान किया गया है. पुरस्कार स्वरूप बरेका को रेल मंत्री राजभाषा शील्ड के साथ 14 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई.
ALSO READ :BHU PhD एडमिशन: 1788 सीटों के लिए 10 हजार कॉल लेटर जारी, 4900 से ज्यादा उम्मीदवार होंगे शामिल
यह सम्मान आज अपराह्न 3:30 बजे, रेल भवन स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित रेलवे बोर्ड राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक के दौरान रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश कुमार द्वारा प्रदान किया गया. पुरस्कार बरेका के महाप्रबंधक सोमेश कुमार तथा मुख्य राजभाषा अधिकारी राम जन्म चौबे ने प्राप्त किया.
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बरेका के महाप्रबंधक सोमेश कुमार ने समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह पुरस्कार बरेका में राजभाषा हिंदी के निरंतर प्रयोग, प्रोत्साहन और प्रभावी कार्यान्वयन का सशक्त प्रमाण है. यह सम्मान भविष्य में हिंदी को कार्य-भाषा के रूप में और अधिक सुदृढ़ एवं व्यापक बनाने के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा.
बरेका परिवार ने इस उपलब्धि को सामूहिक प्रयासों, प्रतिबद्धता और सकारात्मक कार्यसंस्कृति का परिणाम बताते हुए राजभाषा नीति के प्रति अपनी अटूट निष्ठा एवं सतत् प्रयासों को दोहराया है.


