भारत समाचार के पत्रकार को मिली आजीवन कारावास की सजा, जाने क्या है मामला

लखनऊ: उत्तर-प्रदेश के फतेहपुर में हुआ हत्या कांड का मामला अभी भी चर्चाओं का विषय बना हुआ है. साल 2009 में फतेहपुर थाना हथगांव वाले मामले में फतेहपुर की जिला अदालत अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है. जहां कोर्ट ने 17 साल पुराने एक चर्चित हत्या कांड में दोषी पाते हुए नकवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही अदालत ने भारत समाचार न्यूज़ चैनल से जुड़े पत्रकार सीमाब नक़वी को संबंधित धाराओं में दोषी मानते हुए जेल भेजने के आदेश भी दिए है. सीमाब नकवी को सजा मिलता देख पत्रकारों और राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है.

जानिए कब से चल रही सुनवाई
जानकारी के मुताबिक, यह मामला मुसं-219/2009 से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें लंबे समय से सुनवाई चल रही थी, लेकिन दोष सिद्ध ना होने के चलते ये मामला टलता जा रहा था, जो इतने सालों बाद जाकर इस मामले पर कोर्ट ने फैसला सुनाकर सीमाब नक़वी को जेल भेजने का फैसला सुनाया है. बताया जा रहा है कि सीमाब नक़वी राजधानी लखनऊ में पत्रकार के रूप में कार्यरत थे, इतना ही नहीं उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार से मान्यता भी प्राप्त थी. ऐसे में नकवी की सजा के बाद से अब ये सवाल उठने लगा है कि, गंभीर आपराधिक मुकदमे लंबित होने के बावजूद भी पत्रकार नकवी की मान्यता कैसे बरकरार रही. पत्रकार सीमाब नक़वी जैसे शातिर अपराधियों को कैसे यूपी सरकार द्वारा मान्या मिल गई ये काफी सोचने वाली बात हो जो हर किसी को हैरान कर रही है.
मामले में सजा सुनाए जाने के बाद संबंधित विभागों की भूमिका पर भी चर्चा तेज हो गई है. यह प्रकरण पत्रकारिता जगत और प्रशासनिक तंत्र, दोनों के लिए अहम माना जा रहा है. फिलहाल दोषी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है, मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल देखी जा रही है.

