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BHU-IMS के ईएनटी विभाग में आधुनिक सुविधाओं का उद्घाटन

BHU-IMS के ईएनटी विभाग में आधुनिक सुविधाओं का उद्घाटन
May 21, 2026, 11:08 AM
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Posted By Preeti Kumari

Inauguration of modern facilities in the ENT department of BHU-IMS


वाराणसी: बीएचयू के आईएमएस स्थित कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विभाग में कई अत्याधुनिक एवं विशेषीकृत चिकित्सा सुविधाओं तथा उपकरणों का विस्‍तार किया गया. कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने इन सुविधाओं का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने सभी नवस्थापित इकाइयों एवं उपकरणों का विस्तृत निरीक्षण भी किया. प्रो. चतुर्वेदी ने अपने भ्रमण के दौरान मरीजों, चिकित्सकों एवं सहायक कर्मचारियों से संवाद कर प्रत्येक इकाई के उद्देश्य तथा कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे.


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विभाग में नवस्थापित सुविधाएं


नवस्थापित सुविधाओं में ईएनटी वर्कस्टेशन, बी एंड के लेबोरेटरी, स्ट्रोबोस्कोपी यूनिट, सायलेंडोस्कोपी यूनिट, टेम्पोरल बोन लेबोरेटरी, ओटो एकॉस्टिक एमिशन (OAE) लैब तथा एएसएसआर (ASSR) लेबोरेटरी शामिल हैं. इन सुविधाओं से विभाग में मरीजों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं, डायग्नोस्टिक क्षमताओं, सर्जिकल प्रशिक्षण तथा शोध गतिविधियों को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ किए जाने की अपेक्षा है. इनमें विशेष रूप से ओएई एवं एएसएसआर लेबोरेटरी नवजात शिशुओं में श्रवण संबंधी समस्याओं की प्रारम्भिक पहचान में सहायक होंगी.


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जबकि बी एंड के लेबोरेटरी ईएनटी से जुड़ी विभिन्न बीमारियों के लिए विशेषीकृत डायग्नोस्टिक सहायता प्रदान करेगी. स्ट्रोबोस्कोपी यूनिट से वॉइस संबंधित जांच एवं क्लिनिकल सेवाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं सायलेंडोस्कोपी यूनिट लार ग्रंथियों में बनने वाली पथरी के उपचार हेतु न्यूनतम इनवेसिव तकनीक उपलब्ध कराएगी. टेम्पोरल बोन लेबोरेटरी को सर्जनों के लिए कान की संरचना एवं सर्जिकल तकनीकों के उन्नत प्रशिक्षण हेतु विकसित किया गया है.


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उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान विभाग द्वारा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा तथा विशेषीकृत रोगी सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी रेखांकित किया गया. कार्यक्रम में चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एस.एन. संखवार, प्रो. संजय गुप्ता, संकाय प्रमुख, चिकित्सा संकाय, डॉ. राजेश सिंह, विभागाध्यक्ष, आणविक एवं मानव आनुवंशिकी विभाग, डॉ. रामेश्वर नाथ चौरसिया, न्यूरोलॉजी विभाग, प्रो. विश्वम्भर सिंह, ईएनटी विभाग, डॉ. संजीव कुमार गुप्ता, शल्य चिकित्सा विभाग, सहित छात्र, चिकित्सा कर्मी एवं तकनीशियन उपस्थित रहे.

शादी का झांसा देकर दरोगा पर लगाया शोषण का आरोप, सोशल मीडिया पोस्ट से मचा हड़कंप
शादी का झांसा देकर दरोगा पर लगाया शोषण का आरोप, सोशल मीडिया पोस्ट से मचा हड़कंप
Police officer accused of exploitation by promising marriage, social media post causes uproarवाराणसी: आदमपुर थाना क्षेत्र में तैनात एक दरोगा पर चंदौली जिले के धानापुर क्षेत्र की रहने वाली युवती ने शादी का झांसा देकर शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है. युवती ने सोशल मीडिया पर दारोगा की तस्वीर साझा करते हुए भावुक और आरोपों से भरा पोस्ट किया है, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है. युवती का आरोप है कि पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा पहले उसके संपर्क में आया और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं. उसके मुताबिक दारोगा ने शादी का भरोसा दिलाया और उसी विश्वास में वह उसके साथ रिश्ते में रही.पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर की गई न्याय की मांग युवती का कहना है कि दारोगा के कहने और भरोसे पर उसने अपने पति से तलाक तक ले लिया, लेकिन बाद में दरोगा शादी से मुकर गया. युवती ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि दरोगा ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी और अब उसे ही गलत साबित करने की कोशिश की जा रही है. उसने लिखा कि अगर उसके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए संबंधित दरोगा जिम्मेदार होगा. साथ ही उसने पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर न्याय की मांग करने की बात कही है.सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टचर्चा है कि आरोपी दरोगा फिलहाल आदमपुर थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी पर तैनात है. बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में उसकी दूसरी जगह शादी तय होने के बाद उसने युवती से दूरी बनानी शुरू कर दी. युवती का आरोप है कि जब उसने शादी की बात दोबारा उठाई तो उसे धमकाया गया और रिश्ता खत्म करने की बात कही गई. सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में युवती ने लिखा, “तू जहां तक जाएगा मैं तुझसे आगे तक जाऊंगी, मगर तेरी शादी नहीं होने दूंगी. जिस-जिस को लगता है ये साफ फेस का है, तो ये साफ फेस का नहीं है. इसने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी और फिर मुझे ही गलत ठहरा दिया.यह भी पढ़ें: चार भाषाओं में डिजिटल काशी टूरिज्म मैप, विश्वनाथ मंदिर न्यास ने की शुरुआतहालांकि, गुरुवार दोपहर तक पुलिस अधिकारियों की ओर से मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल होने के बाद लोग मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं. फिलहाल आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या पुलिस जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है.
चार भाषाओं में डिजिटल काशी टूरिज्म मैप, विश्वनाथ मंदिर न्यास ने की शुरुआत
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Vishwanath Temple Trust launches digital Kashi Tourism Map in four languagesवाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने चार भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, तमिल और तेलुगु में डिजिटल काशी टूरिज्म मैप की शुरुआत की है. ये मैप भक्तों को हेरिटेज साइट, काशी टूर प्लान, घाट, मंदिर के साथ पांच दिन के यात्रा टूर पैकेज, खान-पान की वास्तविक जानकारियां देगा. इसके लिए एक डिजिटल ट्रेवल गाइड बनाकर जारी किया गया है. इसमें काशी विश्वनाथ मंदिर से 100 मीटर यानी अन्नपूर्णा मंदिर से लेकर 300 किलोमीटर दूरी यानी चित्रकूट तक के पर्यटन स्थलों का विवरण दिया गया है. ये हैंड पिक्ड मैप यानी हाथ में आसानी से लेकर चला जा सकने वाला होगा.विश्वनाथ मंदिर की वेबसाइट पर ही एक टैब एक्सप्लोर काशी एंड मोर नाम से दिया गया है जिस पर क्लिक करके टूरिज्म मैप वेब पेज पर पहुंचा जा सकता है. इस वेब पेज पर सभी चार भाषाओं में तस्वीरों के साथ हाई रिजॉल्यूशन का मैप मिलेगा जिसे डाउनलोड करके मोबाइल में भी सुरक्षित रखा जा सकता है. इस मैप में बाबा विश्वनाथ धाम से लेकर काशी के हर एक तीर्थ और मंदिर तक पहुंचने की दिशा और दूरी दोनों ज्ञात करके दी गई है.काशी विश्वनाथ मंदिर के एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने वाला भक्त सिर्फ यहीं तक सीमित न रहे, इसलिए ये व्यवस्था दी गई है. मंडलायुक्त एस राजलिंगम के निर्देश पर तीन महीने में इसे तैयार किया गया है. हर भक्त के लिए अब काशी दर्शन में काफी सहूलियत होगी.राम मंदिर से लेकर लखनिया दरी को जानेंगे पर्यटकबनारस के आसपास मार्कंडेय महादेव मंदिर, अयोध्या के राम मंदिर, लखनिया दरी, चुनार किला, गंगा डॉल्फिन, मिर्जापुर का विंध्यवासिनी मंदिर, फॉसिल्स पार्क सोनभद्र, चंद्रप्रभा बांध, राजदरी झरना, प्रयागराज जैसे शहरों की दूरी का आंकड़ा और फोटो जारी किया गया है. इस व्यवस्था में भक्तों के पांच दिन के पांच पहर के टूर प्लान भी सुझाए गए हैं. पांच प्रहर में काशी को कैसे विजिट करें उसकी जानकारियां दी गई हैं. पुराने संस्थान और साहित्यकारों के घर आदि की जानकारियां भी प्लान में शामिल हैं.यह भी पढ़ें: IIT BHU की पहल, अब जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाएगा हॉस्टल में बचा खाना
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IIT BHU's initiative, leftover food in hostels will now be distributed to the needy.वाराणसी: आईआईटी बीएचयू के हॉस्‍टल के मेस में बचा अतिरिक्त भोजन अब आसपास के निर्धन व जरूरतमंद लोगों की भूख को शांत करेगा और प्लेटों में बचा हुआ खाद्य अपशिष्ट पशुओं का ग्रास बनेगा. संस्थान ने खाद्य अपशिष्ट के प्रभावी प्रबंधन के लिए एक अभिनव एवं सामाजिक रूप से उत्तरदायी पहल की है. इसका उद्देश्य न केवल परिसर में स्वच्छता सुनिश्चित करना है, बल्कि अतिरिक्त भोजन का सार्थक उपयोग कर जरूरतमंद लोगों तक उसे पहुंचाना भी है.संस्थान में 12 ब्‍वाएज एवं चार गर्ल्‍स हॉस्‍टल हैं, जहां लगभग 8,500 विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन प्रात: काल नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि में भोजन तैयार किया जाता है. इस विशाल व्यवस्था में खाद्य अपशिष्ट के सुव्यवस्थित एवं प्रभावी प्रबंधन के लिए काउंसिल आफ वार्डन्स (सीओडब्ल्यू) प्रो. राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में एक सुव्यवस्थित व्यवस्था लागू की गई है, जिसके अंतर्गत सभी हॉस्‍टलों से प्रतिदिन तीन बार खाद्य अपशिष्ट एकत्र किए जाते हैं, प्रात:काल का जलपान, दोपहर एवं रात्रि का भोजन.वेस्ट टू वेलफेयर' की अवधारणा होगी साकारअध्यक्ष, सीओडब्ल्यू कार्यालय ने इस कार्य के लिए स्थानीय एक एजेंसी को अधिकृत किया है जो तीनों समय मैजिक वाहन पर बचे हुए भोजन को ले जाते हैं. एजेंसी के लोग छात्रावास की रसोई में बचे अतिरिक्त एवं अप्रयुक्त भोजन को स्वच्छ एवं सुरक्षित तरीके से एकत्र कर छित्तूपुर, सीर गोवर्धन तथा बीएचयू परिसर के बाहर स्थित आसपास के बाईपास क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद एवं वंचित लोगों के बीच वितरित करते हैं जबकि प्लेटों से बचे हुए खाद्य अपशिष्ट को आसपास के डेरी और सुंदर बगिया में शूकर पालन करने वालों को पशुओं के चारे के रूप में बांट देते हैं.यह भूी पढ़ें: BHU-IMS के ईएनटी विभाग में आधुनिक सुविधाओं का उद्घाटनसंस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि यह एक आदर्श पहल है, जो अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है. यह पहल संस्थान की सतत विकास, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व एवं सामुदायिक सहभागिता की भावना को प्रतिबिंबित करती है तथा 'वेस्ट टू वेलफेयर' की अवधारणा को साकार करती है.