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पहली बार बिजली की 903 मेगावाट रिकॉर्ड खपत, कटौती और ट्रिपिंग की बढ़ी समस्या

पहली बार बिजली की 903 मेगावाट रिकॉर्ड खपत, कटौती और ट्रिपिंग की बढ़ी समस्या
May 21, 2026, 10:47 AM
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Posted By Preeti Kumari

For the first time, 903 MW of electricity was consumed on record, increasing the problem of power cuts and tripping.


वाराणसी: भीषण गर्मी और लू के बीच बिजली खपत के सारे रिकॉर्ड टूट रहे हैं. जब से बिजली निगम बना है तब से अब तक पहली बार वाराणसी में 24 घंटे में 903 मेगावाट बिजली की रिकार्ड खपत हुई. इससे ट्रांसफॉर्मर और केबल जलने, ट्रिपिंग की समस्या बढ़ी है. आधा दर्जन ट्रांसफाॅर्मर भी जले. ट्रिपिंग की वजह से ही बुधवार की रात नौ बजे से एक बजे तक भगवानपुर, परेड कोठी, सरायनंदन, चौका घाट, कंदवा, खोजवां सहित आधे शहर की बिजली गुल रही. इससे पहले 19 मई को 897 मेगावाट बिजली की खपत हुई थी. बुधवार को खपत छह मेगावाट और बढ़ गई. गुरुवार को चौबेपुर बाजार में बिजली को लेकर जमकर प्रदर्शन किया गया. लोगों ने कटौती पर नाराजगी व्‍यक्‍त की.


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बिजली व्यवस्था पर दिखा गर्मी का असर


भीषण गर्मी का असर बिजली व्यवस्था पर दिखा है. दिन, रात बिजली कटौती हो रही है. ट्रांसफॉर्मर मरम्मत, नए ट्रांसफॉर्मर लगाने और तार बदलने के लिए दो महीने से अभियान भी चल रहा है. इसके बाद भी व्यवस्था ठीक नहीं हो पा रही. इस बीच विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बुधवार को भेलूपुर स्थित कार्यालय पर बिजली कर्मियों ने प्रदर्शन किया. संघर्ष समिति की ओर से जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय और मायाशंकर तिवारी आदि ने कहा कि भीषण गर्मी में प्रदेश की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है. बिजली निगम प्रबंधन कर्मियों का सहयोग लेने के बजाय उत्पीड़न और टकराव का रास्ता अपना रहा है जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना रवैया है. इस दौरान एसके सिंह, केके ओझा, कृष्णा सिंह मौजूद रहे.


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30 से ज्यादा कॉलोनियों की बिजली गुल


बुधवार को 24 घंटे में शहर के अलग-अलग स्थानों पर 5 ट्रांसफॉर्मर जल गए. इससे 30 से ज्यादा कॉलोनियों में बिजली गुल हो गई. शिवदासपुर में विद्यापीठ ब्लॉक के पास ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर की लीड में आग लग गई. अमरा खैरा में भी ट्रांसफॉर्मर में आग लग गई. कर्दमेश्वर-कंदवा में मंगलवार आधी रात से बिजली गुल रही. लोगों ने उपकेंद्र पर फोन किया, तो पता चला कि ट्रांसफॉर्मर में खराबी है. वहीं देर रात भिटारी में भी ट्रांसफाॅर्मर जल गया.


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यह भी पढ़ें: 43 केंद्रों पर लेखपाल भर्ती की परीक्षा कड़ी सुरक्षा में संपन्‍न, हजारों अभ्‍यर्थी हुए शामिल


कृष्णानगर, रानीपुर, शिवाजीनगर, परेड कोठी, महमूरगंज, चौकाघाट, नदेसर, धौसाबाद, सुभाषनगर, सेंट जॉन्स कॉलोनी, मड़ौली, लहरतारा, ककरमत्ता, चांदपुर, नाथुपुर, शिवदासपुर, कैंट, मंडुवाडीह बाजार, पांडेयपुर, शिवपुर, कंदवा, कर्दमेश्वरपुर, भगवानपुर, सामनेघाट, रामनगर, भिटारी, गणेशबाग कॉलोनी, बंगाली कॉलोनी, छित्तूपुर, बालाजी कॉलोनी में भारी दिक्‍कत का सामना करना पडा.

IIT BHU की पहल, अब जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाएगा हॉस्टल में बचा खाना
IIT BHU की पहल, अब जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाएगा हॉस्टल में बचा खाना
IIT BHU's initiative, leftover food in hostels will now be distributed to the needy.वाराणसी: आईआईटी बीएचयू के हॉस्‍टल के मेस में बचा अतिरिक्त भोजन अब आसपास के निर्धन व जरूरतमंद लोगों की भूख को शांत करेगा और प्लेटों में बचा हुआ खाद्य अपशिष्ट पशुओं का ग्रास बनेगा. संस्थान ने खाद्य अपशिष्ट के प्रभावी प्रबंधन के लिए एक अभिनव एवं सामाजिक रूप से उत्तरदायी पहल की है. इसका उद्देश्य न केवल परिसर में स्वच्छता सुनिश्चित करना है, बल्कि अतिरिक्त भोजन का सार्थक उपयोग कर जरूरतमंद लोगों तक उसे पहुंचाना भी है.संस्थान में 12 ब्‍वाएज एवं चार गर्ल्‍स हॉस्‍टल हैं, जहां लगभग 8,500 विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन प्रात: काल नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि में भोजन तैयार किया जाता है. इस विशाल व्यवस्था में खाद्य अपशिष्ट के सुव्यवस्थित एवं प्रभावी प्रबंधन के लिए काउंसिल आफ वार्डन्स (सीओडब्ल्यू) प्रो. राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में एक सुव्यवस्थित व्यवस्था लागू की गई है, जिसके अंतर्गत सभी हॉस्‍टलों से प्रतिदिन तीन बार खाद्य अपशिष्ट एकत्र किए जाते हैं, प्रात:काल का जलपान, दोपहर एवं रात्रि का भोजन.वेस्ट टू वेलफेयर' की अवधारणा होगी साकारअध्यक्ष, सीओडब्ल्यू कार्यालय ने इस कार्य के लिए स्थानीय एक एजेंसी को अधिकृत किया है जो तीनों समय मैजिक वाहन पर बचे हुए भोजन को ले जाते हैं. एजेंसी के लोग छात्रावास की रसोई में बचे अतिरिक्त एवं अप्रयुक्त भोजन को स्वच्छ एवं सुरक्षित तरीके से एकत्र कर छित्तूपुर, सीर गोवर्धन तथा बीएचयू परिसर के बाहर स्थित आसपास के बाईपास क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद एवं वंचित लोगों के बीच वितरित करते हैं जबकि प्लेटों से बचे हुए खाद्य अपशिष्ट को आसपास के डेरी और सुंदर बगिया में शूकर पालन करने वालों को पशुओं के चारे के रूप में बांट देते हैं.यह भूी पढ़ें: BHU-IMS के ईएनटी विभाग में आधुनिक सुविधाओं का उद्घाटनसंस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि यह एक आदर्श पहल है, जो अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है. यह पहल संस्थान की सतत विकास, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व एवं सामुदायिक सहभागिता की भावना को प्रतिबिंबित करती है तथा 'वेस्ट टू वेलफेयर' की अवधारणा को साकार करती है.
BHU-IMS के ईएनटी विभाग में आधुनिक सुविधाओं का उद्घाटन
BHU-IMS के ईएनटी विभाग में आधुनिक सुविधाओं का उद्घाटन
Inauguration of modern facilities in the ENT department of BHU-IMSवाराणसी: बीएचयू के आईएमएस स्थित कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विभाग में कई अत्याधुनिक एवं विशेषीकृत चिकित्सा सुविधाओं तथा उपकरणों का विस्‍तार किया गया. कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने इन सुविधाओं का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने सभी नवस्थापित इकाइयों एवं उपकरणों का विस्तृत निरीक्षण भी किया. प्रो. चतुर्वेदी ने अपने भ्रमण के दौरान मरीजों, चिकित्सकों एवं सहायक कर्मचारियों से संवाद कर प्रत्येक इकाई के उद्देश्य तथा कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे.विभाग में नवस्थापित सुविधाएंनवस्थापित सुविधाओं में ईएनटी वर्कस्टेशन, बी एंड के लेबोरेटरी, स्ट्रोबोस्कोपी यूनिट, सायलेंडोस्कोपी यूनिट, टेम्पोरल बोन लेबोरेटरी, ओटो एकॉस्टिक एमिशन (OAE) लैब तथा एएसएसआर (ASSR) लेबोरेटरी शामिल हैं. इन सुविधाओं से विभाग में मरीजों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं, डायग्नोस्टिक क्षमताओं, सर्जिकल प्रशिक्षण तथा शोध गतिविधियों को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ किए जाने की अपेक्षा है. इनमें विशेष रूप से ओएई एवं एएसएसआर लेबोरेटरी नवजात शिशुओं में श्रवण संबंधी समस्याओं की प्रारम्भिक पहचान में सहायक होंगी.जबकि बी एंड के लेबोरेटरी ईएनटी से जुड़ी विभिन्न बीमारियों के लिए विशेषीकृत डायग्नोस्टिक सहायता प्रदान करेगी. स्ट्रोबोस्कोपी यूनिट से वॉइस संबंधित जांच एवं क्लिनिकल सेवाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं सायलेंडोस्कोपी यूनिट लार ग्रंथियों में बनने वाली पथरी के उपचार हेतु न्यूनतम इनवेसिव तकनीक उपलब्ध कराएगी. टेम्पोरल बोन लेबोरेटरी को सर्जनों के लिए कान की संरचना एवं सर्जिकल तकनीकों के उन्नत प्रशिक्षण हेतु विकसित किया गया है.यह भी पढ़ें: पहली बार बिजली की 903 मेगावाट रिकॉर्ड खपत, कटौती और ट्रिपिंग की बढ़ी समस्याउद्घाटन कार्यक्रम के दौरान विभाग द्वारा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा तथा विशेषीकृत रोगी सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी रेखांकित किया गया. कार्यक्रम में चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एस.एन. संखवार, प्रो. संजय गुप्ता, संकाय प्रमुख, चिकित्सा संकाय, डॉ. राजेश सिंह, विभागाध्यक्ष, आणविक एवं मानव आनुवंशिकी विभाग, डॉ. रामेश्वर नाथ चौरसिया, न्यूरोलॉजी विभाग, प्रो. विश्वम्भर सिंह, ईएनटी विभाग, डॉ. संजीव कुमार गुप्ता, शल्य चिकित्सा विभाग, सहित छात्र, चिकित्सा कर्मी एवं तकनीशियन उपस्थित रहे.
पहली बार बिजली की 903 मेगावाट रिकॉर्ड खपत, कटौती और ट्रिपिंग की बढ़ी समस्या
पहली बार बिजली की 903 मेगावाट रिकॉर्ड खपत, कटौती और ट्रिपिंग की बढ़ी समस्या
For the first time, 903 MW of electricity was consumed on record, increasing the problem of power cuts and tripping.वाराणसी: भीषण गर्मी और लू के बीच बिजली खपत के सारे रिकॉर्ड टूट रहे हैं. जब से बिजली निगम बना है तब से अब तक पहली बार वाराणसी में 24 घंटे में 903 मेगावाट बिजली की रिकार्ड खपत हुई. इससे ट्रांसफॉर्मर और केबल जलने, ट्रिपिंग की समस्या बढ़ी है. आधा दर्जन ट्रांसफाॅर्मर भी जले. ट्रिपिंग की वजह से ही बुधवार की रात नौ बजे से एक बजे तक भगवानपुर, परेड कोठी, सरायनंदन, चौका घाट, कंदवा, खोजवां सहित आधे शहर की बिजली गुल रही. इससे पहले 19 मई को 897 मेगावाट बिजली की खपत हुई थी. बुधवार को खपत छह मेगावाट और बढ़ गई. गुरुवार को चौबेपुर बाजार में बिजली को लेकर जमकर प्रदर्शन किया गया. लोगों ने कटौती पर नाराजगी व्‍यक्‍त की.बिजली व्यवस्था पर दिखा गर्मी का असर भीषण गर्मी का असर बिजली व्यवस्था पर दिखा है. दिन, रात बिजली कटौती हो रही है. ट्रांसफॉर्मर मरम्मत, नए ट्रांसफॉर्मर लगाने और तार बदलने के लिए दो महीने से अभियान भी चल रहा है. इसके बाद भी व्यवस्था ठीक नहीं हो पा रही. इस बीच विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बुधवार को भेलूपुर स्थित कार्यालय पर बिजली कर्मियों ने प्रदर्शन किया. संघर्ष समिति की ओर से जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय और मायाशंकर तिवारी आदि ने कहा कि भीषण गर्मी में प्रदेश की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है. बिजली निगम प्रबंधन कर्मियों का सहयोग लेने के बजाय उत्पीड़न और टकराव का रास्ता अपना रहा है जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना रवैया है. इस दौरान एसके सिंह, केके ओझा, कृष्णा सिंह मौजूद रहे.30 से ज्यादा कॉलोनियों की बिजली गुलबुधवार को 24 घंटे में शहर के अलग-अलग स्थानों पर 5 ट्रांसफॉर्मर जल गए. इससे 30 से ज्यादा कॉलोनियों में बिजली गुल हो गई. शिवदासपुर में विद्यापीठ ब्लॉक के पास ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर की लीड में आग लग गई. अमरा खैरा में भी ट्रांसफॉर्मर में आग लग गई. कर्दमेश्वर-कंदवा में मंगलवार आधी रात से बिजली गुल रही. लोगों ने उपकेंद्र पर फोन किया, तो पता चला कि ट्रांसफॉर्मर में खराबी है. वहीं देर रात भिटारी में भी ट्रांसफाॅर्मर जल गया.यह भी पढ़ें: 43 केंद्रों पर लेखपाल भर्ती की परीक्षा कड़ी सुरक्षा में संपन्‍न, हजारों अभ्‍यर्थी हुए शामिलकृष्णानगर, रानीपुर, शिवाजीनगर, परेड कोठी, महमूरगंज, चौकाघाट, नदेसर, धौसाबाद, सुभाषनगर, सेंट जॉन्स कॉलोनी, मड़ौली, लहरतारा, ककरमत्ता, चांदपुर, नाथुपुर, शिवदासपुर, कैंट, मंडुवाडीह बाजार, पांडेयपुर, शिवपुर, कंदवा, कर्दमेश्वरपुर, भगवानपुर, सामनेघाट, रामनगर, भिटारी, गणेशबाग कॉलोनी, बंगाली कॉलोनी, छित्तूपुर, बालाजी कॉलोनी में भारी दिक्‍कत का सामना करना पडा.