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BHU के प्रोफेसर आशुतोष मोहन को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026

BHU के प्रोफेसर आशुतोष मोहन को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026
Aug 27, 2026, 04:44 AM
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Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के प्रोफेसर आशुतोष मोहन का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार (National Teachers’ Award) 2026 के लिए किया गया है। उन्हें 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा।


प्रो. आशुतोष मोहन को शिक्षा के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक के योगदान, डिजिटल शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन, शोध, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और अकादमिक नेतृत्व के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। उनके चयन को BHU के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।


डिजिटल शिक्षा और SWAYAM में अहम योगदान


प्रो. मोहन वर्तमान में राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के लिए INI-SWAYAM के राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने INI-SWAYAM प्लेटफॉर्म पर तीन MOOCs विकसित किए हैं, जिनमें दो पाठ्यक्रम जर्मनी के GIZ के सहयोग से तैयार किए गए हैं। उनके कार्य का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा को अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाना है।


BHU में वह NEP 2020 कोऑर्डिनेशन सेल के को-कन्वीनर भी हैं। इस भूमिका में उन्होंने विश्वविद्यालय में बहुविषयक,h लचीली, विद्यार्थी-केंद्रित और भविष्य उन्मुख शिक्षा व्यवस्था को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है।


100 से अधिक मास्टर विद्यार्थियों और 12 शोधार्थियों का किया मार्गदर्शन


प्रो. मोहन ने इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, BHU में मार्केटिंग मैनेजमेंट, कंज्यूमर बिहेवियर, सर्विसेज मार्केटिंग, रिसर्च मेथडोलॉजी और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे विषयों का अध्यापन किया है। उन्होंने 12 डॉक्टोरल स्कॉलर्स और 100 से अधिक मास्टर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया है। वर्तमान में वह IM(FMS)-BHU में प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।


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50 से अधिक शोध पत्र और छह पुस्तकें


प्रो. मोहन का शोध मुख्य रूप से सप्लाई एवं डिमांड चेन मैनेजमेंट और इसके मार्केटिंग मैनेजमेंट से संबंध पर केंद्रित है। उन्होंने रेफरीड जर्नल्स में 50 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं, जिनमें Scopus Q1 जर्नल्स भी शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने छह पुस्तकों का लेखन और संपादन किया है।


उन्होंने भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) जैसी संस्थाओं द्वारा समर्थित पांच प्रमुख बाहरी वित्त पोषित शोध परियोजनाएं भी पूरी की हैं।


उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत कड़ी


प्रो. मोहन ने शिक्षा को उद्योग की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया है। उन्होंने Apollo Hospitals, GAIL, NTPC, Power Grid, VSCL, CPRI और BSNL सहित विभिन्न संस्थानों के लिए कैंपस और इन-कंपनी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए हैं। वह BHU Management Review के मैनेजिंग एडिटर भी हैं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित जर्नल्स के समीक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं।


प्रो. मोहन ने MBA BHU से, Ph.D. दिल्ली विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से और D.Litt. इन मैनेजमेंट BHU से किया है। BHU से जुड़ने से पहले उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया के सेंटर फॉर मैनेजमेंट स्टडीज में भी सेवाएं दीं।


राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन पर प्रो. मोहन ने कहा कि उनके लिए शिक्षण केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और मूल्यों का विकास करते हुए उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने इस सम्मान को अपने शिक्षकों, विद्यार्थियों, सहकर्मियों, परिवार और BHU से मिले अवसरों का सामूहिक सम्मान बताया।


शिक्षक दिवस पर मिलने वाला यह सम्मान प्रो. मोहन की 25 वर्षों से अधिक की अकादमिक यात्रा, डिजिटल लर्निंग, शैक्षणिक सुधार, शोध और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान है।

वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसीःमासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ कैंट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में कैंट थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.परिजनों ने पुलिस को बताया कि 11 साल की बच्ची दूध लेने के लिए घर से बाहर गई थी. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सेना के हवालदार ने उसे अपने कमरे में बुलाया. कमरे के अंदर उसने बच्ची के साथ गलत हरकत शुरू कर दिया. घटना के बाद बच्ची वहां से अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई. बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए.उन्होंने मामले की जानकारी कैंट थाना पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया. पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. बच्ची और उसके परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है.ALSO READ:ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रसाथ ही पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी साक्ष्य जुटा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस और परिवार की ओर से बच्ची की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है.आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
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वाराणसीः इनलैंड वाटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने रामनगर में बंदरगाह के उत्तरी छोर पर चार बीघा क्षेत्र में बनने वाले शिप रिपेयरिंग सेन्टर की शुरुआत की है. इसके साथ ही वाराणसी देश का पहला शहर होगा जहां नदी में जलयानों की मरम्मयत की जाएगी.कार्यदायी संस्था लार्सन एन्ड टुब्रो जिओ स्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया है. यहां जहाजों को रिपेयर करने के लिए उत्त्तरी छोर पर एक वाटर चैनल बनाया जाएगा जहा जहाज नदी की मुख्य धारा से अंदर चैनल में रिपेयर होने के लिए आएंगे.कार्यदायी संस्था फिलहाल रिपेयर फैसिलिटी के प्लेटफार्म को बनाने का काम कर रही है उनके मुख्य अभियंता रमेश जोशी ने बताया कि प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है. बताया कि बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के लिए जल्दी ही काम शुरू करना पड़ा.ALSO READ: ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रइस बाबत उन्होंने बताया कि देश मे किसी भी नदी पर बनने वाला यह पहला शिप रिपेयरिंग सेंटर है. यहां कुछ जहाजों को क्रेन के माध्यम से ड्राई डाक सूखी सतह पर लाकर रिपेयर करने की सुविधा होगी। इसके साथ ही जहाज में पानी की सतह से ऊपर की खराबी को नदी में ही ठीक कर दिया जाएगा.बताया रि देश मे अभी तक शिप रिपेयरिंग सेन्टर समुद्रों के किनारे ही बनाये जाते है देश मे किसी नदी के ऊपर पहली बार शिप रिपेयरिंग सेन्टर बन रहा है. पहले जहाजों को रिपेयरिंग के लिए कोलकाता जाना होता था जो अब बनारस में भी संभव है.
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
वाराणसी। बालू परिवहन में ओवरलोडिंग और बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के वाहनों के संचालन को लेकर बनारस ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने प्रशासन और खनन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर ओवरलोड एवं बिना आवश्यक आईएसटीपी/वैध कागजात के बालू परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की।एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया और कार्रवाई की गई। अभियान का असर यह रहा कि कुछ समय तक ओवरलोड बालू वाहनों का संचालन काफी हद तक नियंत्रित रहा, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर ऐसे वाहनों के संचालन की शिकायतें सामने आने लगी हैं।ओवरलोडिंग से वैध ट्रक ऑपरेटरों को नुकसानएसोसिएशन के संरक्षक विजय सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग का सीधा असर निर्धारित क्षमता के अनुसार वाहन चलाने वाले ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। वैध तरीके से क्षमता के अनुरूप बालू परिवहन करने वाले वाहन संचालकों की लागत अधिक आती है, जबकि ओवरलोड वाहन कम लागत में अधिक माल पहुंचाकर अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं। इससे नियमों का पालन करने वाले ट्रक ऑपरेटरों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व की तरह नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाए तथा बालू लदे प्रत्येक वाहन के भार और दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाए।सड़क क्षति और राजस्व नुकसान की भी जताई आशंकाट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि ओवरलोडिंग का असर केवल परिवहन कारोबार तक सीमित नहीं है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों से सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। वहीं, नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बालू मंडी से जुड़े व्यापारियों ने ओवरलोडिंग के मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद प्रशासन और खनन विभाग से प्रभावी कार्रवाई के लिए पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।ALSO READ: BHU में शुरू हुआ रविवासरीय गीता प्रवचन, कुलसचिव बोले- विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव जरूरीमिलीभगत के आरोपों की जांच की मांगएसोसिएशन से जुड़े कुछ ऑपरेटरों ने ओवरलोड वाहनों को कथित रूप से पास कराने में बालू माफिया और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसोसिएशन ने प्रशासन से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरोप गलत पाए जाएं तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह, संरक्षक विजय सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह, राकेश सिंह, नीतेश सिंह, महामंत्री आनंद भूषण सिंह, उपमहामंत्री शुभांशु सिंह, मंत्री मुकुंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अजित कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग सिंह (गुड्डू सिंह), सचिव दीपू यादव समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।